चंद्र कुमार बोस का तृणमूल कांग्रेस में शामिल होना
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने तृणमूल कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। उनका यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। चंद्र कुमार बोस पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सदस्य थे, लेकिन अब उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक टिप्पणीकारों के बीच विभिन्न राय व्यक्त की जा रही हैं।
टीएमसी की बधाई और चंद्र कुमार बोस की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस ने चंद्र कुमार बोस का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें कहा गया, “आज श्री ब्रात्या बसु और श्री कीर्ति आजाद की उपस्थिति में, चंद्र कुमार बोस का तृणमूल कांग्रेस परिवार में स्वागत किया गया। हमें विश्वास है कि उनका अनुभव बंगाल की जनता की सेवा में सहायक होगा।”
चंद्र कुमार बोस ने बीजेपी छोड़ने के अपने निर्णय पर कहा, “भाजपा का एजेंडा फूट डालो और राज करो है, जो संविधान के खिलाफ है। यह नीति मेरे दादा शरत चंद्र बोस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विचारों के विपरीत है। मैंने टीएमसी को एक समावेशी और धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के निकट पाया।” उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत की संभावना है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का विवरण
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को निर्धारित है। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में 294 सीटों के लिए तृणमूल कांग्रेस, बीजेपी, सीपीआई(M) और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है।

प्रातिक्रिया दे