युवक ने लड़की को मारकर स्वयं को मारी गोली, लड़के की मौत, लड़की रिम्स रेफर
खलारी। खलारी थानाक्षेत्र अंतर्गत केडीएच कॉलोनी मैदान गेट के निकट शुक्रवार सुबह युवक ने एक लड़की को गोली मार दी। इसके बाद कॉलोनी स्थित अपने घर आकर अपने सिर में गोली मार लिया। लड़के की वहीं मौत हो गई। लड़की को गंभीर हालत में रिम्स भेजा गया है। घटना सुबह करीब 8.30 बजे की है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। युवक करीब 33 वर्षीय सुनील केवट उर्फ छोटू का कॉलोनी की ही पायल कुमारी (29 साल) से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। पायल केडीएच स्थित ‘राज चिल्ड्रेन’ स्कूल में पढ़ाती है। शुक्रवार सुबह अपने घर से स्कूल जा रही थी। इसी क्रम में सुनील ने उसे गोली मार दी। गोली लड़की के गर्दन में लगी है। इसके बाद वह अपने घर आया और अपने सिर में गोली मार लिया। वहीं उसकी मौत हो गई। इधर गंभीर रूप से घायल लड़की को पहले सीसीएल सेंट्रल अस्पताल डकरा लाया गया, फिर तत्काल रिम्स रेफर कर दिया गया। लड़का बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का रहने वाला था, खलारी में अपने रिश्तदार भाई के घर रहता था। लड़की का पिता सीसीएल कर्मी है। घटना को अंजाम देने से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर एक लोकल ग्रुप में डाला था, जिसमें बताया है कि क्यों गोली मारी। सूचना पाकर पहुंची खलारी थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
चतरा: बिहार सरकार के 50 हज़ार के इनामी कुख्यात अपराधी उत्तम यादव को पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने की सूचना है। हजारीबाग में सोना व्यापारी पर फायरिंग की जिम्मेदारी लेने वाला अपराधी आज सिमरिया थाना क्षेत्र के जबड़ा इलाके में पुलिस की कार्रवाई में मारा गया। उत्तम यादव टाइगर ग्रुप नामक गिरोह का सरगना था और उसके खिलाफ झारखंड-बिहार में दर्जनों मामले दर्ज थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन चतरा पुलिस के अधिकारी एनकाउंटर की पुष्टि से बच रहे हैं।
धनबाद, झारखंड। जिले के लोदना ओपी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बीसीसीएल कर्मी विवेक यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक बंद मकान से बरामद किया गया। शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में आ गए।
कैसे हुआ खुलासा?
बुधवार देर रात लोदना बाजार स्थित मछली पट्टी इलाके में बंद मकान से तेज दुर्गंध आने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर अंदर तलाशी ली, जहां विवेक यादव का शव बरामद हुआ।
मौके पर लोदना ओपी प्रभारी गौरव कुमार, सर्कल इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार और घनुवाडीह ओपी प्रभारी पंकज कुमार दल-बल के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
29 अगस्त से थे लापता
जानकारी के मुताबिक, विवेक यादव 29 अगस्त की शाम घर से निकले थे, उन्होंने परिवार से कहा था कि वे लोदना बाजार जा रहे हैं। इसके बाद वे वापस नहीं लौटे।
परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः घरवालों ने लोदना ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लगातार तलाश के बीच बुधवार रात बंद मकान से शव बरामद होने की खबर ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक के भाई राजनारायण यादव ने इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश बताया। उनका आरोप है कि विवेक की हत्या कर शव को छिपाया गया है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिवारजन शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगा।
पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और इलाके में सघन पूछताछ भी की जा रही है।
इलाके में दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद लोदना और आसपास के क्षेत्रों में भय और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से इलाके का माहौल खराब हो रहा है।
लोगों ने पुलिस से तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।
रांची, झारखंड। राजधानी में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (People’s Liberation Front of India) के नाम पर एक बिल्डर और एक जमीन कारोबारी से 50-50 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया है। धमकी इतनी गंभीर थी कि रकम नहीं देने पर जान से मारने की चेतावनी दी गई। पुलिस ने दोनों घटनाओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला: बिल्डर राजेश कुमार को जान से मारने की धमकी
यह घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र की है। बिल्डर राजेश कुमार, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय संयोजक भी हैं, को 1 सितंबर को उनके व्हाट्सएप नंबर पर धमकी भरा संदेश मिला।
संदेश में साफ लिखा था कि अगर पांच दिन के भीतर 50 लाख रुपये नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। धमकी मिलने के तुरंत बाद राजेश कुमार ने अरगोड़ा थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मोबाइल नंबर और संदेश की जांच के लिए टेक्निकल सेल को लगाया है।
दूसरा मामला: जमीन कारोबारी दीपक कुमार बने निशाना
इसी तरह का एक और मामला खेलगांव ओपी क्षेत्र से सामने आया है। यहां जमीन कारोबारी दीपक कुमार, जिनका कार्यालय मोराबादी, रांची में है, को धमकी भरे मैसेज मिले।
संदेश में लिखा था कि यदि 50 लाख रुपये नहीं दिए गए तो उनके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। रंगदारी की मांग पीएलएफआई के अमृत होरो के नाम पर की गई। दीपक कुमार ने भी तुरंत पुलिस से शिकायत की और एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
दोनों ही घटनाओं को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
धमकी देने वालों के मोबाइल नंबर और लोकेशन की साइबर सेल से जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
प्रशासन का दावा है कि व्यवसायियों और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बढ़ती वारदातें और व्यापारी वर्ग में चिंता
रांची में पिछले कुछ महीनों में रंगदारी और अपराध के मामले लगातार बढ़े हैं। बिल्डरों और जमीन कारोबारियों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद व्यापारी वर्ग में गहरी चिंता है। उनका कहना है कि अगर नामी लोग भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम कारोबारियों की स्थिति और मुश्किल हो जाएगी।
रांची में पीएलएफआई के नाम पर रंगदारी मांगने के ताजा मामले ने फिर से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाएं बता रही हैं कि अपराधी अब तकनीक का सहारा लेकर धमकी दे रहे हैं। पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वह जल्द से जल्द इन मामलों का खुलासा कर व्यापारियों और नागरिकों में विश्वास बहाल करे।
पेट्रोल फेंककर भागा आरोपी, लोगों ने पकड़ने की की कोशिश
रांची: झारखंड की राजधानी में शनिवार को दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात सामने आई। कांके और रातू थाना क्षेत्र के बॉर्डर इलाके में एक मनचले युवक ने एक युवती के चेहरे पर पेट्रोल फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना इलाके के एक चौक पर हुई, जहां आस-पास के लोग कुछ समझ पाते, आरोपी भाग निकला।
पहले फैली एसिड अटैक की अफवाह, अस्पताल में सामने आई सच्चाई
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। शुरुआत में अफवाह उड़ी कि लड़की पर एसिड फेंका गया है, जिससे लोग दहशत में आ गए। घायल युवती को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां शहर की प्रसिद्ध स्किन विशेषज्ञ डॉ भारती कच्छप ने उसका इलाज किया।
डॉक्टर ने बताया – सिर्फ ऊपरी स्किन लेयर डैमेज
डॉ भारती कच्छप ने स्पष्ट किया कि युवती के चेहरे पर एसिड नहीं, पेट्रोल फेंका गया था। उन्होंने बताया कि इंसानी स्किन के पांच लेयर होते हैं, जिनमें से सबसे ऊपरी लेयर को हल्का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि 1-2 दिन में लड़की पूरी तरह ठीक हो जाएगी और उसकी आंखें पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई नाराज़गी, दिया सख्त निर्देश
इस घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुस्से में रांची पुलिस को आदेश दिया कि हमलावर किसी भी कीमत पर बचना नहीं चाहिए। उन्होंने साथ ही स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को निर्देश दिया कि युवती को हर संभव बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए।
पुलिस जुटी छापेमारी में, आरोपी की तलाश जारी
मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही रांची पुलिस एक्शन में आ गई है। पुलिस संदिग्ध की पहचान में जुटी है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी की पहचान करने की कोशिश भी हो रही है।
युवती की हालत स्थिर, जल्द होगी पूरी तरह ठीक
डॉक्टरों के अनुसार युवती को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह घर पर आराम कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती कल तक पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी। इस मामले में CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके।
गुमला, झारखंड — झारखंड पुलिस ने शनिवार सुबह गुमला जिले के घने जंगलों में उग्रवादियों के खिलाफ जबरदस्त एक्शन लिया। घाघरा थाना क्षेत्र के लावादाग जंगल में हुए एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने तीन उग्रवादियों को मार गिराया। मारे गए उग्रवादियों में एक की पहचान हो चुकी है, जो कुख्यात JJMP का सब-जोनल कमांडर दिलीप लोहरा था।
क्या हुआ था घटनास्थल पर?
शनिवार सुबह गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और झारखंड जगुआर (Jharkhand Jaguar) की संयुक्त टीम ने घाघरा, बिशुनपुर और गुमला थाना क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही फोर्स जंगल के अंदर घुसी, अचानक गोलियों की आवाज गूंजने लगी।
दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई, जिससे पूरा जंगल थर्रा उठा। पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर में एनकाउंटर थम गया और जवानों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
तीन उग्रवादी ढेर, SLR समेत हथियार बरामद
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस को तीन उग्रवादियों के शव मिले। इन तीन में से एक की पहचान JJMP के खूंखार सब-जोनल कमांडर दिलीप लोहरा के रूप में हुई है। अन्य दो शवों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वे भी संगठन के सक्रिय सदस्य थे।
इसके अलावा, जवानों ने एनकाउंटर स्थल से SLR (Self-Loading Rifle) समेत कई हथियार और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की है।
गुमला SP का बड़ा बयान
गुमला एसपी हारिस बिन जमां ने इस ऑपरेशन को पुलिस के लिए बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि,
“हम लगातार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। आज की इस मुठभेड़ में हमें बड़ी सफलता मिली है। आगे भी ऐसे ऑपरेशनों से क्षेत्र को उग्रवाद मुक्त किया जाएगा।”
इलाके में अभी भी जारी है सर्च ऑपरेशन
फिलहाल पूरे लावादाग जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। पुलिस को आशंका है कि कुछ और उग्रवादी इलाके में छिपे हो सकते हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को तुरंत देने की अपील की गई है।
चाईबासा | 25 जुलाई 2025: झारखंड के चाईबासा जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। चक्रधरपुर प्रखंड के कियापता गांव में शनिवार सुबह ग्रामीणों को झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची जन्म के कुछ घंटे बाद ही बिना कपड़ों के झाड़ियों में फेंकी गई थी, जहां वह जोर-जोर से रो रही थी।
झाड़ियों से आई चीख, जिसने सबको झकझोर दिया
सुबह-सुबह जब कुछ ग्रामीण शौच के लिए बाहर निकले, तो उन्हें पास की झाड़ियों से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पहले तो उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब रोने की आवाज लगातार आने लगी, तो वे पास पहुंचे और आंखों के सामने का दृश्य देख स्तब्ध रह गए।
झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची, जो शायद कुछ घंटे पहले ही जन्मी थी, बिना किसी कपड़े के पड़ी थी।
समाजसेवी ने निभाई फरिश्ते की भूमिका
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने सक्रिय समाजसेवी सिकंदर जामुदा को सूचित किया। सिकंदर जामुदा तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्ची को अपने संरक्षण में लिया। प्राथमिक जांच में यह पता चला कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और हाल ही में उसका जन्म हुआ है।
ग्रामीणों का मानना है कि यह नाजायज संतान हो सकती है, जिससे छुटकारा पाने के लिए बेरहमी से उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया।
“कौन कर सकता है इतना निर्दयी काम?” – सिकंदर जामुदा
बच्ची को बचाने वाले सिकंदर जामुदा ने कहा:
“कोई मां-बाप कैसे अपने ही मासूम को इस हाल में छोड़ सकते हैं? यह सोचकर भी मन कांप उठता है। समाज में ऐसी घटनाएं केवल मानवता को शर्मसार नहीं करतीं, बल्कि हमारे सामाजिक ढांचे की विफलता भी उजागर करती हैं।”
फिलहाल बच्ची को उनके घर पर सुरक्षित रखा गया है, और उनकी देखरेख में उसकी पूरी तरह से देखभाल की जा रही है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
सिकंदर जामुदा ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की निर्ममता दोहराई न जा सके। गांव के लोग भी इस घटना से व्यथित हैं और बच्ची की सुरक्षा के साथ-साथ न्याय की मांग कर रहे हैं।
चाईबासा की यह घटना न केवल समाज को आत्ममंथन के लिए मजबूर करती है, बल्कि नवजात बेटियों के प्रति दृष्टिकोण पर भी गंभीर सवाल उठाती है। शुक्र है कि कुछ संवेदनशील नागरिकों और समाजसेवियों के चलते एक मासूम की जान बच गई। लेकिन यह सिस्टम और सोच दोनों को बदलने का वक्त है।
Ranchi, 20 मई 2025 — झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को शराब घोटाले में शामिल होने के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है। चौबे वर्तमान में पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं। इससे पहले वे उत्पाद विभाग के सचिव रह चुके हैं।
आज सुबह लगभग 11 बजे, ACB की टीम ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद, शाम होते-होते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रांची सेंट्रल जेल शिफ्ट किया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान हुआ मेडिकल चेकअप
पूछताछ के दौरान चौबे की मेडिकल जांच भी करवाई गई। ACB कार्यालय में मौजूद मेडिकल टीम ने उन्हें पूरी तरह से चेकअप कर “फिट” घोषित किया। इसके तुरंत बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की गई।
2022 की नई शराब नीति से जुड़ा मामला
यह मामला साल 2022 में झारखंड में लागू हुई नई शराब नीति से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट को भारी लाभ पहुंचा।
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और व्यापारियों ने मिलकर:
झारखंड में शराब की सप्लाई का ठेका
कामगारों की व्यवस्था
होलोग्राम सिस्टम का ठेका हासिल कर लिया। इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ और अवैध कमाई की गई।
ACB और ED की कार्रवाई
27 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ ACB ने इस घोटाले में FIR दर्ज की थी।
FIR में विनय चौबे सहित 7 लोगों के नाम शामिल हैं।
इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए।
FIR में किनके नाम?
7 सितंबर 2024 को विकास कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर रायपुर में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत FIR दर्ज हुई थी। इसमें:
झारखंड के IAS विनय चौबे
छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा का नाम भी शामिल है।
क्या आगे होगा?
छत्तीसगढ़ ACB ने झारखंड सरकार से विनय चौबे और गजेंद्र सिंह के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन की अनुमति मांगी है। आगे की कार्रवाई इसी अनुमति के आधार पर होगी।
बोकारो जिले में उत्पाद विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पेटरवार थाना क्षेत्र के गागी बाजार मठ टोला में स्थित दो घरों से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। इस छापेमारी में नकली विदेशी शराब और ओरिजिनल बियर की कुल 414 बोतलें बरामद की गईं, साथ ही एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया।
🕵️♂️ कब और कहां हुई कार्रवाई
यह छापेमारी 30 अप्रैल 2025 को बेरमो अनुमंडल के पेटरवार थाना क्षेत्र, गागी बाजार के मठ टोला में की गई।
👮♂️ किसने की कार्रवाई
इस कार्रवाई का नेतृत्व उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर सन्नी तिर्की ने किया। गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने एक विशेष टीम गठित की और त्वरित कार्रवाई करते हुए दो घरों पर छापा मारा।
📦 कितनी मात्रा में शराब बरामद हुई
बियर की बोतलें: 141 (विभिन्न ब्रांड)
विदेशी शराब की बोतलें: 273 (नकली और विभिन्न ब्रांड)
🧍♂️ कौन पकड़ा गया और कौन फरार
गिरफ्तार: सूरज कुमार प्रसाद
फरार: सरयू प्रसाद (सूचना मिलते ही भाग निकले)
📢 कैसे मिली जानकारी
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि मठ टोला (गागी बस्ती) में कुछ लोग अवैध रूप से शराब का कारोबार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर सन्नी तिर्की के नेतृत्व में छापेमारी कर यह बड़ी सफलता हासिल की गई।
🔍 कार्रवाई की विस्तार से जानकारी
झारखंड सरकार और पुलिस प्रशासन की अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत यह कार्रवाई की गई। नकली और अवैध शराब न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि राज्य के राजस्व को भी नुकसान पहुंचाती है।
✅ मुख्य बिंदु (Highlights):
पेटरवार थाना क्षेत्र में भारी मात्रा में शराब बरामद
414 शराब की बोतलें जब्त
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार
नकली विदेशी शराब और ओरिजिनल बियर शामिल
उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई
📣 पाठकों के लिए सवाल:
क्या आपको लगता है कि अवैध शराब पर सख्त कानून और त्वरित सजा होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में साझा करें।
Pahalgam Terror Attack 2025 LIVE Updates: 28 पर्यटकों की हत्या से देश स्तब्ध, जम्मू-कश्मीर सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख देने का ऐलान किया
🔥 क्या हुआ है?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसारन वैली में मंगलवार को हुए भीषण आतंकी हमले में अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है। मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इस आतंकी हमले के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सरकारी एजेंसियों ने बुधवार को चार आतंकियों की तस्वीरें जारी की हैं जो इस हमले के पीछे बताए जा रहे हैं। इलाके को “मिनी स्विट्ज़रलैंड” कहा जाता है और यहां तक पहुंचने के लिए सिर्फ पैदल या घोड़े के ज़रिए ही जाया जा सकता है, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें आईं।
🛑 PM मोदी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का अपना दौरा बीच में छोड़ भारत वापसी की और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अपना विदेशी दौरा रद्द कर भारत लौटने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री का कानपुर दौरा रद्द कर दिया गया है। कानपुर के शुभम, जो इस हमले में मारे गए, को श्रद्धांजलि देने के तौर पर यह निर्णय लिया गया।
घटनास्थल ऊंचाई पर स्थित होने के कारण राहत कार्य बेहद कठिन हो गया था।
हेलीकॉप्टर की मदद से घायलों को नीचे लाया गया, वहीं स्थानीय लोगों ने टट्टुओं के जरिए घायलों को हॉस्पिटल तक पहुँचाया।
12 घायलों को पहलगाम अस्पताल में भर्ती किया गया, डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है।
🏛️ सरकार की ओर से मुआवजा
जम्मू-कश्मीर सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
गंभीर रूप से घायल लोगों को 2 लाख रुपये और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
🔍 राजनाथ सिंह और कैबिनेट कमेटी की बैठक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अजीत डोभाल और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के साथ बैठक की।
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक आज आयोजित होने की संभावना है, जिसमें सुरक्षा की स्थिति पर गहराई से चर्चा होगी।
🗨️ विपक्ष का हमला: संजय राऊत ने मांगा अमित शाह का इस्तीफा
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राऊत ने हमले के बाद गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग की।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा – “सुरक्षा भगवान भरोसे है, सरकारें गिराने में ही लगे रहते हैं!”
📸 आतंकियों की तस्वीरें जारी
सुरक्षा एजेंसियों ने जिन चार आतंकियों की तस्वीरें जारी की हैं, उनमें दो की पहचान स्थानीय युवकों के रूप में हुई है जबकि दो अन्य की राष्ट्रीय स्तर पर तलाश जारी है। इन आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए NIA और सेना का संयुक्त ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
📍 आगे की रणनीति क्या?
पूरे अनंतनाग जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
केंद्रीय एजेंसियां जल्द ही ऑपरेशन क्लीन अप शुरू करेंगी।
सभी होटल्स और होमस्टे की स्कैनिंग शुरू कर दी गई है।
🧵 निष्कर्ष
पहलगाम हमला एक बार फिर इस सच्चाई को उजागर करता है कि पर्यटक स्थल भी अब आतंकियों के निशाने पर हैं। सरकार के लिए यह समय है जब राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए।
🕯️ पहलगाम टेरर अटैक (Pahalgam Terror Attack) ने देश की आत्मा को झकझोर दिया है। बैसारन घाटी में हुए इस नरसंहार में सबसे डरावना सच ये है – आतंकियों ने लोगों का मजहब जानकर गोलियां चलाईं।
एक महिला चीखती रही – “भैया, मेरे पति को बचा लो, सिर में गोली मार दी… उन्होंने धर्म पूछा और फिर गोली मार दी…”
क्या यही वो कश्मीर है जहां हर कोई अमन और खूबसूरती देखने जाता है? क्या अब हिंदू होना गुनाह बन गया है?
🩸 ये हमला नहीं, खुलेआम धार्मिक नरसंहार था
📍पहलगाम की खूबसूरत घाटी में जब लोग छुट्टियों का आनंद ले रहे थे, तभी आतंकियों ने नकली आर्मी ड्रेस पहनकर पर्यटकों के बीच पहुंचकर पहचान पत्र मांगना शुरू किया। जैसे ही उन्हें हिंदू पहचान मिली, उन्होंने बिना देर किए गोलियां बरसा दीं।
26 मासूम जानें चली गईं
सिर में गोली लगी युवती की चीखें घाटी में गूंजती रहीं
दर्जनों घायल, कई की हालत नाजुक
TRF जैसे आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, पर सवाल ये है – क्या ये सरकार के लिए अब भी सिर्फ “जांच का विषय” है?
⚖️ कब तक बर्दाश्त करेंगे ये मजहबी आतंक?
जब देश में कोई एक भी अल्पसंख्यक पर हमले की खबर आती है, तो मानवाधिकार संगठन, फिल्मी सितारे, विदेशी पत्रकार – सब झंडा उठाए खड़े हो जाते हैं। लेकिन अब जब हिंदुओं को मजहब पूछकर मारा जा रहा है, तो चुप्पी क्यों?
👉 ये कोई एक घटना नहीं – पिछले कुछ सालों में कश्मीर में टारगेटेड किलिंग्स लगातार बढ़ी हैं। 👉 हिन्दुओं, कश्मीरी पंडितों, पर्यटकों को निशाना बनाना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
🔥 अब वक्त है एक्शन का – ये “कड़ी निंदा” नहीं, बदला मांगता है
✅ TRF और उसके जैसे सभी आतंकी संगठनों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना होगा। ✅ कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्पेशल इंटेलिजेंस और मिलिट्री ऑपरेशन ज़रूरी है। ✅ धार्मिक पहचान पर हमले को ‘घृणित अपराध’ घोषित कर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। ✅ देश के हर नागरिक को अब इस आतंक के खिलाफ आवाज उठानी होगी – ये सिर्फ कश्मीर का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत के हर व्यक्ति की सुरक्षा का सवाल है।
💔 आज बैसारन में खून बहा है, कल कोई और घाटी हो सकती है…
अगर अब भी हम चुप बैठे, तो अगली खबर आपके शहर से आ सकती है। 👉 सवाल ये नहीं है कि हमला कहां हुआ। 👉 सवाल ये है कि मजहब पूछकर जान लेना, हमारे देश में अब “नया सामान्य” बन रहा है।
जहां गूंजती थी हंसी, वहां अब पसरा मातम: बैसारन घाटी बना खूनी मैदान
कश्मीर की वादियों को जन्नत कहा जाता है, लेकिन इस बार वहां की घाटियों से फूलों की महक नहीं, खून की बू आई। Pahalgam Attack ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हनीमून पर गया शुभम, जिसका अपराध सिर्फ उसका मजहब था, आतंकियों ने सिर में गोली मार दी — वो भी सिर्फ इसलिए कि वो हिंदू था।
📍क्या हुआ था बैसारन घाटी में?
मंगलवार, दोपहर 3 बजे। मौसम सुहाना था, पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों संग खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मना रहे थे। तभी आर्मी की वर्दी पहने नकली जवान जंगल से निकलते हैं। किसी को शक नहीं हुआ… लेकिन अगले ही पल, पहचान पत्र देखे जाते हैं, नाम पूछे जाते हैं, और फिर मजहब जानकर बेरहमी से गोलियां चलाई जाती हैं।
🔥 पलभर में ‘जन्नत’ बना नर्क
26 लोगों की मौत, जिनमें दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी शामिल हैं
20+ घायल, जिनमें कई की हालत नाजुक
गोलियों की आवाज के साथ वादियों में गूंज उठीं चीखें
लोग जान बचाने के लिए पेड़ों, चट्टानों, और झाड़ियों में भागते रहे
💔 ‘भैया मेरे पति को बचा लो’ – एक पत्नी की दिल दहला देने वाली पुकार
एक महिला, जो अपने पति संग हनीमून मनाने आई थी, ने चीखते हुए कहा:
“उन्होंने हमारे आईडी देखे, नाम पूछा… और फिर मेरे पति को सिर में गोली मार दी। भैया! प्लीज़ मेरे पति को बचा लो…”
कश्मीर के सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक, बैसारन, अब इतिहास में दर्ज हो गया — एक खून से लथपथ कहानी के तौर पर।
🛑 क्यों नहीं थम रहे ऐसे Terror Attacks?
TRF (The Resistance Front) ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन TRF ने ली है। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे राजनीतिक और सामाजिक बदलावों से बौखलाकर उन्होंने यह कायराना हरकत की। लेकिन सवाल ये उठता है —
❓ कब तक निर्दोष पर्यटकों की पहचान और मजहब पूछकर गोलियां चलाई जाएंगी? ❓ कब तक हमारे जवान केवल वारदात के बाद पहुंचेंगे? ❓ क्या किसी खूबसूरत जगह पर हिंदू होना अब गुनाह है?
बैसारन घाटी तक कोई सीधी सड़क नहीं है। वहां केवल पैदल या टट्टुओं की मदद से पहुंचा जा सकता है। हमले के बाद:
सेना ने हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन तब तक
स्थानीय गाइड्स और टट्टू वाले घायल लोगों को अपने कंधों और टट्टुओं पर नीचे लाते दिखे
🎥 वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग अपने जान की परवाह किए बिना, घायल पर्यटकों की मदद करते हैं।
⚠️ क्या अब कश्मीर सिर्फ डर की घाटी है?
कश्मीर का नाम सुनते ही अब डर सताने लगा है। क्या वो घाटियां अब सिर्फ सियासत और खून की कहानियों में दफन होकर रह जाएंगी?
हम पूछते हैं:
🗣️ क्या धर्म के आधार पर की गई हत्या अब नया “नॉर्मल” है?
🗣️ क्या हनीमून पर गया एक हिंदू युवक जिंदा लौटने की उम्मीद भी नहीं कर सकता?
🗣️ क्या अब हमें अपने ID में लिखा “नाम” मिटा देना होगा, सिर्फ जिंदा रहने के लिए?
🧠 देश की ज़िम्मेदारी: अब मौन रहना अपराध है
यह हमला सिर्फ पहलगाम में नहीं हुआ, ये हमला हमारे भरोसे, आज़ादी, और मानवता पर हुआ है। अब वक्त आ गया है कि हम केवल दुख जताना बंद करें — अब हमें आवाज़ उठानी होगी।
✊ हमें एक ऐसे देश के लिए आवाज़ उठानी होगी जहां हर मजहब के नागरिक सुरक्षित महसूस करें, बिना डर के सफर कर सकें।
🔍 हमला किसने किया, कैसे किया – मुख्य जानकारी एक नजर में
जानकारी
विवरण
घटना
आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया
स्थान
बैसारन घाटी, पहलगाम, जम्मू-कश्मीर
समय
मंगलवार, दोपहर 3 बजे
मृतक
26 (2 विदेशी, 2 स्थानीय शामिल)
घायल
20+
आतंकी संगठन
TRF
हमला क्यों
पहचान और मजहब जानकर की गई फायरिंग
📣 अब वक्त है बोलने का, लिखने का, लड़ने का — शांति और न्याय के लिए
#PahalgamTerrorAttack, #JusticeForShubham, #StopTerrorism, #KashmirAttack — ये सिर्फ हैशटैग नहीं, एक क्रांति की शुरुआत होनी चाहिए। क्योंकि…
🩸 जब तक धर्म पूछकर गोली चलाई जाती रहेगी, तब तक हम सब असुरक्षित हैं।
छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के बगीचा क्षेत्र में उस वक़्त हड़कंप मच गया जब जंगल से एक महिला की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान कर पाना भी मुश्किल था। जांच में सामने आया कि महिला की पिटाई करके हत्या की गई थी और शव को सूखे पत्तों के ढेर के नीचे छुपा दिया गया था।
🔪 10वीं पत्नी बनी वहशत का शिकार
आरोपी की पहचान धुला राम (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सुलेसा गांव का रहने वाला है। हैरानी की बात ये है कि वह पहले भी नौ बार शादी कर चुका था, लेकिन हर बार उसकी पत्नियाँ उसके हिंसक और अमानवीय व्यवहार के चलते उसे छोड़ गईं।
इस बार उसने अपनी 10वीं पत्नी बसंती बाई पर शादी समारोह से चावल, तेल और साड़ी चुराने का आरोप लगाया और गुस्से में उसे बेहद क्रूरता से पीटकर मार डाला।
👣 कैसे सामने आई वारदात की सच्चाई?
घटना के 5 दिन बाद, गांववालों ने पास के जंगल से तेज़ सड़ांध महसूस की। जब जांच की गई तो उन्हें एक आंशिक रूप से सड़ी हुई लाश मिली, जिसे पत्तों से ढकने की कोशिश की गई थी। चेहरा इतनी बुरी तरह बिगड़ चुका था कि उसे पहचानना संभव नहीं था।
🚨 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपी?
जांच के दौरान मिले सबूतों और गवाहों के आधार पर धुला राम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह पहले ही अपने वैवाहिक रिश्तों को लेकर शक और मानसिक तनाव में था। चोरी के शक ने उसमें एक बार फिर छूट जाने का डर पैदा किया और गुस्से में आकर उसने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
😡 घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर उठते सवाल
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे कुछ हिंसक प्रवृत्ति के लोग समाज में खुले घूमते हैं, और कैसे महिलाएं शादी के नाम पर शोषण और प्रताड़ना का शिकार होती हैं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पिछले वैवाहिक जीवन में भी कोई आपराधिक घटनाएं तो नहीं हुईं।
🚌 यात्रियों से भरी बस पर हमला, बस ड्राइवर की मौके पर मौत
राजधानी पटना से बेतिया जा रही सिंह ट्रैवल्स की एक बस सोमवार रात गोलियों की आवाज से दहल गई। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के मसौढ़ी मोड़ पर तीन से चार हमलावरों ने अचानक बस पर फायरिंग कर दी। इस हमले में बस चालक दुष्यंत मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री को पैर में गोली लगने से गंभीर चोटें आई हैं।
💥 4 अपराधी, 5 राउंड फायरिंग और पलभर में दहशत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने अचानक बस को टारगेट किया और करीब 4 से 5 राउंड फायरिंग की। गोली चलते ही चीख-पुकार मच गई। बस में बैठी सवारियों में भगदड़ की स्थिति बन गई। घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और मौके की नजाकत को देखते हुए घायल यात्री को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
🔍 टारगेटेड मर्डर की आशंका, फोरेंसिक टीम कर रही जांच
सिटी एसपी पूर्वी रामदास ने बताया कि यह हमला सामान्य क्राइम नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या लग रही है। अपराधियों ने बिल्कुल सटीक तरीके से बस को घेरा और ड्राइवर को निशाना बनाते हुए फायरिंग की। घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
😨 3 महीने पहले भी इसी कंपनी के कंडक्टर की हुई थी हत्या!
चौंकाने वाली बात यह है कि इसी सिंह ट्रैवल्स की एक अन्य बस के कंडक्टर को भी कुछ महीने पहले गोली मार दी गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं—क्या यह किसी गैंग की साजिश है? या फिर कंपनी से जुड़े किसी पुराने विवाद का खूनी अंजाम?
🚨 पुलिस अलर्ट पर, रूट पर बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद रामकृष्ण नगर इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। यात्रियों और स्थानीय लोगों में भारी दहशत है। बस स्टैंड और हाइवे रूट पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। इस वारदात ने राजधानी में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
📸 वीडियो और फोटो सबूत जुटा रही है पुलिस
“हम हर ऐंगल से जांच कर रहे हैं। शुरुआती सबूतों से साफ है कि ड्राइवर ही टारगेट था। अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है।” — रामदास, सिटी एसपी, पूर्वी पटना
🧠 क्या कहती है यह घटना?
बिहार में सड़क सुरक्षा और क्राइम कंट्रोल को लेकर यह एक चेतावनी भरा संकेत है।
यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बार-बार ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर हमले होने से गैंगवार की आशंका भी जताई जा रही है।
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उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के मऊ कस्बे में रविवार की रात एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष संदीप त्रिपाठी के 17 वर्षीय बेटे आदित्य त्रिपाठी को पुलिस ने चौराहे पर जमकर पीट दिया। बताया जा रहा है कि पिटाई इतनी बर्बर थी कि उसका एक हाथ तक टूट गया। मामला सामने आते ही BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर दिया और देर रात तक जमकर हंगामा हुआ।
हार्न बजाने पर भड़की पुलिस, युवक को सड़क पर पीटा
आदित्य त्रिपाठी अपने एक दोस्त के साथ किसी निमंत्रण से लौट रहा था। मऊ कस्बे के एक चौराहे पर बारात की भीड़ लगी थी, जिससे ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। जब उसने रास्ता बनाने के लिए हार्न बजाया, तो पास में तैनात पुलिसकर्मियों को यह नागवार गुज़रा। आरोप है कि पहले पुलिसकर्मियों ने युवक को डांटा और फिर देखते ही देखते हाथापाई शुरू कर दी।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस वालों ने आदित्य को पकड़कर डंडों और बेल्ट से पीटना शुरू कर दिया। पीटते हुए उसे थाने ले जाया गया, जहां पर भी बुरी तरह से मारा गया। इस हमले में उसका एक हाथ टूट गया।
थाने पर जमा हुई भीड़, BJP नेताओं ने किया विरोध
जैसे ही खबर फैली कि पुलिस ने BJP नेता के बेटे की बेरहमी से पिटाई की है, पूरे कस्बे में गुस्सा फैल गया। बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता और स्थानीय लोग थाने पर जमा हो गए। पूर्व विधायक आनंद शुक्ला भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
करीब दो घंटे तक हंगामे के बाद SP अरुण कुमार सिंह को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए SI हरीशंकर राम और कांस्टेबल प्रवीण पांडे को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच ASP को सौंपी गई है।
पुलिस और BJP नेता दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है। BJP नेता संदीप त्रिपाठी ने पुलिस पर अपने नाबालिग बेटे के साथ बर्बरता का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने पलटवार करते हुए BJP नेता और उनके बेटे पर थाने में हंगामा करने और सिपाही को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है।
CCTV फुटेज की जांच की जा रही है, जिसमें पुलिस का दावा है कि BJP नेता ने खुद थाने के अंदर सिपाही को थप्पड़ मारा था। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर दी गई है और अब मामला दो FIR के रूप में दर्ज हो चुका है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल, जनता में आक्रोश
यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सिर्फ हार्न बजाना इतना बड़ा अपराध है कि किसी बच्चे की हड्डी तोड़ दी जाए? इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
लोग यह भी पूछ रहे हैं कि अगर BJP नेता का बेटा होते हुए ये हाल है, तो आम जनता के साथ क्या सुलूक होता होगा? यह घटना पुलिस के अंदर जवाबदेही और संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है।
जांच जारी, लेकिन भरोसा डगमगाया
फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने जांच का आश्वासन जरूर दिया है, लेकिन परिवार और समर्थकों में नाराज़गी कायम है। लोगों को अब यह डर सता रहा है कि न्याय मिलेगा भी या नहीं। जिस तरह एक नाबालिग पर पुलिस ने इस तरह से हाथ उठाया, वह लोकतंत्र और कानून व्यवस्था दोनों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।
✊ आपकी राय?
क्या पुलिस को इतनी छूट मिलनी चाहिए कि वह बिना वजह आम लोगों पर हाथ उठा दे? क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच हो पाएगी? नीचे कमेंट करके हमें अपनी राय जरूर बताएं।
लड़की पक्ष का आरोप- “9.50 लाख नकद और गहनों के बाद भी किया धोखा”, पुलिस से की शिकायत
रांची: रांची के खादगढ़ा स्थित तैलिक वैश्य भवन में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब एक शादी के ठीक पहले दूल्हा और उसका पूरा परिवार मंडप से अचानक फरार हो गया। यह मामला 20 अप्रैल 2025 को चतरा जिले की एक युवती की शादी से जुड़ा है, जिसमें वर पक्ष पर 9.50 लाख रुपये नकद और दहेज लेकर शादी से मुकरने का आरोप लगा है।
🎯 क्या है पूरा मामला?
चतरा जिले के अमगांवा गांव निवासी एक युवती की शादी तय हुई थी रांची के सुनील कुमार प्रजापति से। शादी के लिए रांची में तैलिक वैश्य भवन में मंडप सज चुका था, बारात भी धूमधाम से पहुंच चुकी थी। लेकिन जब फेरों की बारी आई, दूल्हा और उसका परिवार अचानक गायब हो गया।
लड़की के पिता का आरोप:
शादी से पहले ही दिए गए थे ₹9.50 लाख नकद
साथ ही सोने के गहने और अन्य दहेज की सामग्री भी दी गई
फेरों से ठीक पहले शोर-शराबा और गाली-गलौज के बाद पूरा वर पक्ष भाग गया
🚨 पुलिस को दी गई लिखित शिकायत
पीड़ित पिता दशरथ प्रजापति ने सुखदेव नगर थाना, रांची में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि यह सब पूर्व नियोजित साजिश थी, जिसमें उनकी बेटी के साथ और पूरे परिवार के साथ धोखा किया गया।
इन लोगों को बताया जिम्मेदार:
दूल्हा सुनील कुमार प्रजापति
उसकी मां कावेरी देवी
बहनें कविता देवी और बबिता देवी
बहनोई सनोज और शुभम
बड़े भाई अनिल प्रजापति
⚖️ क्या कहती है लड़की का परिवार?
पीड़ित पक्ष का कहना है कि:
“हमने लड़की की शादी के लिए सारी तैयारियां कर रखी थीं। लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन फेरे शुरू होने से पहले ही लड़के वाले फरार हो गए। यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, हमारी इज्जत के साथ भी खिलवाड़ है।”
परिवार ने दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी, और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराओं में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
📣 पुलिस का क्या कहना है?
सुखदेव नगर थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🔚 निष्कर्ष:
ये मामला न केवल दहेज प्रथा की काली सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग शादी को भी एक धंधा बना चुके हैं। अब देखना यह है कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या नहीं।
📍 रांची/जमशेदपुर – झारखंड में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जमशेदपुर में बीती रात करनी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
🔴 नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साधा सरकार पर निशाना
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस घटना को लेकर गहरा दुख जताया और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“जमशेदपुर में करनी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह प्रदेश अध्यक्ष विनय सिंह की गोली मारकर हत्या किये जाने की दुखद सूचना प्राप्त हुई है। झारखंड के प्रमुख शहर अब अपराध का गढ़ बन चुके हैं।”
🚨 “पुलिस वसूली में व्यस्त, अपराधी बेलगाम” – मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि:
“पुलिस प्रशासन का कार्य अब केवल कोयला और बालू लदे ट्रकों तथा दोपहिया वाहनों से अवैध वसूली तक सीमित रह गया है। राजधानी रांची की हालत पहले से ही जगजाहिर है और अब जमशेदपुर भी उसी राह पर है।”
📢 कड़ी कार्रवाई की मांग
बाबूलाल मरांडी ने जमशेदपुर पुलिस से मांग की कि वे इस हत्याकांड के अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी करें और कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि जनता में भरोसा बहाल हो सके।
📌 पृष्ठभूमि: क्या झारखंड की कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है?
हाल के हफ्तों में जमशेदपुर, रांची, धनबाद और गिरिडीह से लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं।
विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था नहीं बल्कि माफियाओं और अवैध कारोबारियों को संरक्षण देना बन गई है।
🕯️ करनी सेना में शोक की लहर
विनय सिंह की हत्या की खबर के बाद करनी सेना के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा आक्रोश और शोक है। संगठन ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की मांग की है।
⚖️ निष्कर्ष:
झारखंड में कानून व्यवस्था की लगातार गिरती स्थिति आम नागरिकों के लिए खतरे की घंटी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार और प्रशासन इस घटना को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या अपराधियों को जल्द सजा दिला पाएंगे।
बोकारो, झारखंड – झारखंड के बोकारो जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सुरक्षा बलों के बड़े अभियान में अब तक 9 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। यह मुठभेड़ सोमवार सुबह लालपनिया थाना क्षेत्र के लुगू पहाड़ इलाके में शुरू हुई थी, जहां झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक के दस्ते से भिड़ंत मुठभेड़ 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस के जवानों की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही थी। प्रारंभिक सूचना में 5 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई थी, लेकिन अब ताजा अपडेट के अनुसार 9 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली ‘विवेक’ के दस्ते से जुड़े थे।
सर्च ऑपरेशन अब भी जारी, हथियारों का जखीरा बरामद मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कई अत्याधुनिक हथियार, देसी बम, डेटोनेटर, कारतूस, नक्सली साहित्य और दवाइयां बरामद की गई हैं। जंगल और पहाड़ी इलाकों में अब भी कुछ नक्सलियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है, इसलिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
बड़ी सफलता मान रहा है पुलिस महकमा पुलिस मुख्यालय ने इस ऑपरेशन को बड़ी कामयाबी बताया है। अधिकारियों के अनुसार यह न केवल नक्सलियों की ताकत को कमजोर करने वाला है, बल्कि भविष्य में उनके मनोबल को भी तोड़ने वाला साबित होगा। डीजीपी अजय कुमार सिंह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई बेहद अहम है।
स्थानीय लोगों में राहत और भरोसा इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में राहत की भावना देखी जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है ताकि नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
📍 लुगू पहाड़ की तलहटी में सुबह 5:30 बजे से चल रही भीषण मुठभेड़
बोकारो, झारखंड: झारखंड के बोकारो जिले में नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया गया है। लालपनिया क्षेत्र के लुगू पहाड़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ चल रही है, जिसमें अब तक 8 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
झारखंड पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 209 COBRA कमांडो और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन के तहत यह कार्रवाई की। अब तक 5 शव बरामद किए जा चुके हैं, और भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी जब्त किए गए हैं।
🧠 इनामी नक्सली विवेक का दस्ता बना निशाना
सूत्रों के अनुसार, यह मुठभेड़ एक करोड़ के इनामी नक्सली विवेक के दस्ते के साथ हो रही है। इस दस्ते की गुप्त सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
इसी दौरान लुगू पहाड़ की तलहटी में सुबह करीब 5:30 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला।
झारखंड पुलिस ने पुष्टि की है कि मुठभेड़ अभी समाप्त नहीं हुई है। जंगलों और पहाड़ियों की तलाशी जारी है और संभावना है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है।
झारखंड पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कहा है कि यह मुठभेड़ नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी है और इससे संगठन को भारी नुकसान हुआ है।
कंकड़बाग में ट्रैफिक पुलिस की दबंगई आई सामने, बाइक सवार से मांगे ₹1000, नहीं देने पर की पिटाई
पटना (बिहार): एक ओर जहां ट्रैफिक पुलिस का काम होता है नियमों का पालन करवाना, वहीं राजधानी पटना के कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ पर वर्दीधारी SI ने कानून को ताक पर रख कर बीच सड़क पर एक युवक की जमकर पिटाई कर दी। यह मामला अब तेज़ी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश है।
😠 बाइक सवार जय विक्रांत से DL मांगा, न देने पर मांगने लगे ₹1000
घटना के अनुसार, युवक जय विक्रांत कुमार बाइक से जा रहा था तभी रोको-टोको अभियान के तहत उसे ट्रैफिक पुलिस ने रोका। कागज चेक करने के बाद SI ने ड्राइविंग लाइसेंस (DL) मांगा, जो उस समय युवक के पास नहीं था।
💸 पीड़ित युवक का आरोप:
ट्रैफिक पुलिस SI ने ₹1000 घूस की डिमांड की।
पैसा नहीं देने पर मारपीट शुरू कर दी।
युवक ने हाथ जोड़कर माफी मांगी लेकिन SI नहीं रुका।
📹 वर्दी की आड़ में पिटाई, पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत
इस मारपीट की घटना के बाद जय विक्रांत कुमार ने कंकड़बाग थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का कहना है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी की बदसलूकी और मारपीट से वह मानसिक रूप से काफी आहत है।
👮 SP अपराजिता लोहान ने दिए जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही पटना ट्रैफिक एसपी अपराजिता लोहान ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अगर आरोप सही पाए गए तो दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🧑⚖️ कानून की रक्षा करने वाले ही अगर कानून तोड़ें, तो न्याय कहां मिलेगा?
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की जवाबदेही और शक्ति के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आम आदमी की गलती पर घूस मांगना और मारपीट करना उचित है?
मैक्लुस्कीगंज में अवैध कोयला तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस ने जब्त किए वाहन – आरोपी फरार
मैक्लुस्कीगंज (रांची): गुप्त सूचना पर मैक्लुस्कीगंज पुलिस ने गुरुवार देर रात हैसालोंग गांव में ईंट भट्ठा के पास छापेमारी कर अवैध कोयला लोड करते ट्रक और जेसीबी को जब्त किया है। पुलिस की यह कार्रवाई अवैध कोयला तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
🚓 रात 1:30 बजे चली पुलिस की दबिश, मौके से भागे आरोपी
पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार साव के अनुसार, रात्रि लगभग 1:30 बजे जब टीम शिवपूजन साहू उर्फ डब्बू के ईंट भट्ठा के पास पहुंची, तो वहां भारी मात्रा में अवैध कोयला ट्रक में लोड किया जा रहा था, जिसे जेसीबी मशीन से चढ़ाया जा रहा था।
🕵️♂️ जांच अधिकारी नियुक्त, सोनू का नाम फिर से चर्चा में
अनुसंधान की जिम्मेदारी सहायक अवर निरीक्षक दिनेश कुमार मंडल को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, सोनू नामक व्यक्ति लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध कोयले की तस्करी कर रहा है। पुलिस अब उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
⚠️ लगातार बढ़ रही है तस्करी की घटनाएं
मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में अवैध कोयले का धंधा अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।