श्रेणी: Ranchi

  • मोरहाबादी मैदान में कार सीख रहे चालक का संतुलन बिगड़ा पुलिस कर्मी की मोटरसाईकिल को मारी टक्कर, बड़ा हादसा टला


    रांची। राजधानी के मोरहाबादी मैदान में सहायक पुलिस कर्मियों के आंदोलन के बीच एक बड़ा हादसा टल गया।

    मैदान में एक कार अनियंत्रित होकर सहायक पुलिस कर्मियों के कैंप की तरफ तेजी से जाने लगी, कार चालक ने स्पीड को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की इसके बावजूद एक पुलिसकर्मी की बाइक को कार ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
    मोरहाबादी मैदान के जिस हिस्से में कार चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया था, अगर वहां पर पुलिस की बाइक खड़ी नहीं होती तो कार सीधे सहायक पुलिस कर्मियों के कैंप में घुस जाती जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। पिछले साल आंदोलन के दौरान एक कार ने कई पुलिसकर्मियों को कुचल दिया था। जिसे देखते हुए इस बार आन्दोलनरत सहायक पुलिस कर्मियों ने उक्त स्थल को पाईप से घेरा कर दिया है। घटन के बाद आक्रोशित सहायक पुलिसकर्मी कार में तोड़फोड़ करते, उससे पहले से वहां मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और कार को जब्त कर टीओपी ले गए। टो कार में चालक के अलावा एक पुरुष और एक बच्चा बैठा था। कार चालक ने बताया कि उसने नई कार खरीदी है वह मैदान में सीखने आया था लेकिन उसका पैर ब्रेक के जगह स्टीयरिंग पर पड़ गया जिससे कार अनियंत्रित हो गई।

  • रांची – ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार महिला की मौत


    बच्चे सहित व दो को भर्ती कराया गया रिम्स में, हालत नाजुक
    नामकुम थाना के समीप हुई घटना, ट्रक को पुलिस ने एक किमी खदेड़ कर पकड़ा

    रांची। नामकुम थाना के नजदीक एक ट्रक ने स्कूटी को रौंद दिया। जिसमेंं एक महिला की मौत हो गयी, जबकि स्कूटी पर सवार एक अन्य महिला और एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गये। उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत नाजुक बतायी जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार एक स्कूटी पर दो महिलाएं एक बच्चे के साथ नामकुम से दुर्गा सोरेन चौक की ओर आ रही थीं। थाना के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने स्कूटी को धक्का मार दिया। इससे स्कूटी चला रही महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। वहीं एक महिला और बच्चे को गंभीर हालत में रिम्स में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला कांके थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। नामकुम थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो पाई है। घायल महिला और बच्चा बात करने की स्थिति में नहीं हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल से भाग रहे ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रक धक्का मारकर भागने की फिराक में था। लेकिन पुलिस की चौकसी की वजह से ड्राइवर को पुलिस ने एक किलोमीटर खदेड़ कर पकड़ लिया।

  • स्कूल बैग में खेला होबे…

    झारखंड शिक्षा परियोजना ने निकाला मनमाना टेंडर डॉक्यूमेंट
    सिर्फ दो ब्लैकलिस्टेड कंपनियां ही हो सकती है इसमें शामिल

    कक्षा एक से आठ तक के 37.78 लाख बच्चों में बंटना है बैग

    गांडीव ब्रेकिंग
    रांची। झारखंड शिक्षा परियोजना (जेईपीसी) ने सरकारी स्कूल के बच्चों के बीच मुफ्त बांटने केलिए स्कूल बैग का टेंडर निकाला है। लगभग 57 करोड़ के इस टेंडर के निकलने के पहले ही खेल शुरु हो चुका है। शिक्षा परियोजना द्वारा आठ सितंबर 2021 को निकाले गये इस टेंडर में देश की मात्र दो कंपनियां ही शामिल हो सकती हैं। कारण, इस टेंडर में ऐसे-ऐसे शर्त डाले गये हैं, जिनको पूरा करना देश की बैग मैनुफैक्चरिंग कंपनियों या बैग ट्रेडिंग कंपनियों के लिए संभव ही नहीं है। टेंडर डॉक्यूमेंट में जेईपीसी न तो पूरा सेंट्रल गाइडलाइन को फॉलो कर रही है, न ही स्टेट गाइडलाइन को पूरा का पूरा फॉलो किया गया है।
    डिमांड बढ़ा तो टर्नओवर क्यूं घटा
    इससे पहले 2019 में लगभग 50 करोड़ के बैग का टेंडर जेईपीसी ने जारी किया था। तब टेंडर में 80 करोड़ के टर्नओवर की डिमांड की गयी थी, इस बार लगभग 57 करोड़ के बैग के लिए मात्र 50 करोड़ के टर्नओवर की मांग की गयी है। 2019 में पिछले तीन साल तक औसत टर्नओवर 80 करोड़ मांगा गया था, जबकि इस बार पांच साल तक प्रत्येक साल 50 करोड़ का टर्नओवर मांगा जा रहा है। यह सीवीसी गाइडलाइन का भी उल्लंघन है। सीवीसी गाइडलाइन के अनुसार दो साल तक टेंडर वैल्यू का डेढ़ गुणा टर्नओवर होना चाहिए।
    15 करोड़ के सिंगल आर्डर पर भी सवाल
    जेईपीसी ने टेंडर में 15 करोड़ के सिंगल आर्डर का शर्त लगाया है। यह सिंगल आर्डर पिछले पांच साल में कम से कम तीन आर्डर होना चाहिए। हालांकि, वर्ष 2019 के टेंडर डॉक्यूमेंट में टोटल बैग के 10 फीसदी का सप्लायर होना शर्त था। इस बार जो शर्त लगाया गया है, वह देश की महज दो कंपनियां ही पूरी कर सकती है, जो दोनों कंपनियां एक ही मालिक की हैं। इससे साफ लगता है कि जेईपीसी ने टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार करने में इन दोनों कंपनियों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य पहले से तय कर रखा था।

  • अधिकारियों की लापरवाही से गई विनोद की जान

    देवकमल हॉस्पिटल में हुई मौत

    देवकमल हॉस्पिटल इलाज का खर्च लगभग ₹70000 छोड़ा।

    रिम्स में हो रहा है पोस्टमार्टम

    पंडरा थाने में दोषियों के खिलाफ परिजनों ने दर्ज कराया बयान

    झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने बिशनपुरा पी. एस. एस भवनाथपुर गढ़वा में कार्यरत विद्युत कर्मी विनोद कुमार कि आज देवकमल हॉस्पिटल में मौत को लेकर काफी आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषी अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष श्री अजय राय ने बताया कि बीसनपुरा क्षेत्र के एसडीओ सुभाष प्रसाद यादव ने बिना किसी ट्रेनिंग के बिनोद कुमार को काम पर रख लिया था, 12 अक्तूबर को इसका काम के दौरान एक्सीडेंट हुआ और इसे देवकमल हॉस्पिटल रांची में एडमिट किया गया था ।


    इस सम्बंध में जब इनके परिजन भवनाथपुर थाना में एफ आई आर दर्ज कराने गए तो इनका एफआईआर दर्ज नही किया गया ।अजय राय ने बताया कि इस संबंध में हमने सुबह देवकमल हॉस्पिटल जाकर वहां के डॉक्टर से मिलकर इसके हालात के बारे में जानने का प्रयास किया साथ ही पलामू एरिया बोर्ड के जीएम संजय कुमार और गढ़वा के अधीक्षण अभियंता से भी बात कर उचित इलाज कराने की बात कही है मगर उन लोगों की तरफ से कोई संतोषजनक पहल नहीं हो पाई। आखिरकार विनोद ने आखरी सांस कल 15 अक्तूबर को दोपहर 2:30 बजे ली इसके डेथ के बाद हमने कई बार पलामू जीएम और गढ़वा ए.सी को फोन किया मगर वह फोन उठा नहीं रहे। विनोद के छोटे भाई शैलेश कुमार ने श्रमिक संघ को जानकारी दी कि पिछले 10 दिन पहले एसडीओ सुभाष प्रसाद यादव ने ₹150,000 कर प्रति आवेदक से उक्त रकम लेकर लगभग 10 लड़कों को उस पीएसएस में रखा था और बिना किसी ट्रेनिंग कराए ही उनसे काम लेने लगा इसी क्रम में यह दुर्घटना पिछले 12 अक्तूबर को हुई है। दुर्घटना के बाद विनोद कुमार के इलाज को लेकर जो सहयोग होना चाहिए था वह कहीं दूर दूर तक नहीं हुआ उल्टा एसडीओ परिजनों का फोन उठाना भी बंद कर दिये।


    अजय राय ने बताया कि देवकमल हॉस्पिटल ने बिनोद कुमार के इलाज की राशि लगभग 70 हजार रुपये छोड़ दिये है जिसके उपरांत पंडरा थाना ओपी में पोस्टमार्टम के पूर्व विनोद के बड़े भाई शैलेश कुमार ने दोषियों के खिलाफ बयान दर्ज कराई है।( प्राथमिकी की प्रति संलग्न) तत्पश्चात उसका पोस्टमार्टम रिम्स में हो रहा है । उन्होंने इस संबंध में झारखंड ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी श्री अविनाश कुमार को कल 15 अक्तूबर को व्हाट्सएप मैसेज के तहत सारी जानकारी उपलब्ध करा दी है। अजय राय ने कहा कि इस पूरे मामले में जो भी दोषी हैं उसके ऊपर कारवाई हो और मृतक के परिजनों को मुआवजा के साथ साथ सरकारी नौकरी दी जाए यह मांग झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ करता है।

  • दुपट्टे को फंदा बना कर दी पत्नी की हत्या, पति गिरफ्तार

    शराब पी कर अक्सर करता था पत्नी व बच्चों से मारपीट

    गांडीव रिपोर्टर

    रांची। नामकुम के महुआ टोली में बोआस कच्छप ने अपनी पत्नी रश्मि कच्छप को दुपट्टे का फंदा लगा कर हत्या कर दी। इस संबध में मृतका की बहन रेनु तिग्गा ने बपने बहनोई बोआस कच्छप के खिलाफ नामकुम थाना में हत्या का मामला दर्ज कराया है। इधर घटना की सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी पति बोआस कच्छप को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायतकर्ता रेनु तिग्गा के मुताबिक वृहस्पतिवार की देर रात करीब एक बजे नशे में चूर बोआस अपनी पत्नी से झगड़ा कर रहा था। वह बराबर पत्नी से शराब पीने के लिए पैसे की मांग करता था। पत्नी से पैसा नहीं मिलने पर वह उसके साथ मारपीट करता रहता था । वृहस्पतिवार की रात शराब के लिए पैसे मांगने के कारण दोनों में झगड़ा शरू हुआ उसके बाद रात करीब दो बजे बोआस ने रश्मि की हत्या कर दी।

    दो बच्चियों के सिर से उठ गया मां का साया

    बोआस और रश्मि की शादी सात साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही वह शराब में डूबा रहने लगा था। इस बीच रश्मि दो बेटियों की मां बन गयी। बाप बनने के बाद बोआस को  घर परिवार की फिक्र नहीं थी। मां की मौत के बाद दोनों बच्चियों के सिर से मां का साया उठ गया।

  • महा अष्टमी के दिन राजधानी के पंडालों में उमड़ी भीड़

    नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:
    महा अष्टमी के दिन राजधानी के पंडालों में उमड़ी भीड़ रांची। नवरात्र के महा अष्टमी के दिन आज पूजा पंडालों और मंदिरों में श्रद्धालुओंं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए मंदिरों में कतार में नजर आए। दुर्गा बाड़ी में आज सुबह कन्या पूजा हुआ, तो वहीं संघी पूजा भी हुआ। दोपहर बाद पंडालों में भी लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लंबे समय बाद पूजा आयोजन को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण और गाइडलाइन को लेकर पूजा आयोजन समितियों के द्वारा सुरक्षा के पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ से पूजा स्थल के आसपास जाम की स्थिति बनी रही।