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  • Todays Horoscope: मां लक्ष्मी की कृपा सभी राशियों पर सदैव बनी रहेगी

    Todays Horoscope: मां लक्ष्मी की कृपा सभी राशियों पर सदैव बनी रहेगी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    राशिफल तैयार करते समय ग्रहों और नक्षत्रों के साथ-साथ पंचांग की गणना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) ग्रह-नक्षत्र की चाल पर आधारित है, जिसमें 12 राशियों (मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन) का विस्तृत भविष्यफल बताया जाता है। यह राशिफल आज के दिन नौकरी, व्यापार, वित्त, पारिवारिक और मित्रता संबंधी मामलों, सेहत एवं संभावित शुभ-अशुभ घटनाओं का वर्णन करता है।

    आज का राशिफल पढ़कर आप अपनी दैनिक योजनाओं को सरलता से सफल बना सकते हैं। यह आपको बताएगा कि आज आपके सितारे आपके पक्ष में हैं या नहीं। साथ ही, आप किस प्रकार की चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और कौन से अवसर आपके लिए उपलब्ध हो सकते हैं।

    राशियों का दैनिक भविष्यफल

    मेष (Aries) 🔥

    **स्वभाव:** उत्साही
    **राशि स्वामी:** मंगल
    **शुभ रंग:** लाल
    आज परिवार में खुशियाँ आएँगी और आर्थिक स्थिति सकारात्मक रहने की संभावना है। संभव है कि कोई नया आय स्रोत जुड़ जाए। संतान की इच्छाएँ पूरी करने का अवसर मिलेगा, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर जीवनसाथी से बहस भी हो सकती है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और किसी से वाहन मांगकर न चलाएँ। शेयर बाजार में निवेश लाभकारी रहेगा।

    वृषभ (Taurus) 🌿

    **स्वभाव:** धैर्यवान
    **राशि स्वामी:** शुक्र
    **शुभ रंग:** हरा
    आज सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में मान-सम्मान बढ़ सकता है। जरूरतमंद की मदद का अवसर मिले, तो अवश्य करें। पारिवारिक संपत्ति से जुड़ी समस्याएँ उठ सकती हैं, इसलिए सतर्क रहें। किसी अजनबी पर भरोसा न करें और यदि आपने किसी को पैसा उधार दिया है, तो वह लौट सकता है।

    मिथुन (Gemini) 💡

    **स्वभाव:** जिज्ञासु
    **राशि स्वामी:** बुध
    **शुभ रंग:** सफेद
    आज घरेलू और बाहरी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें। खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मानसिक स्थिति में सुधार होगा। संतान से बहस हो सकती है, लेकिन आपकी मेहनत से वे खुश रहेंगे। पढ़ाई कर रहे छात्रों को ध्यान केंद्रित रहना होगा।

    कर्क (Cancer) 🌊

    **स्वभाव:** भावुक
    **राशि स्वामी:** चंद्र
    **शुभ रंग:** आसमानी
    आज का दिन मिश्रित फलदायक रहेगा। भागीदारी के काम में सुधार होगा, लेकिन योजना बनाकर चलें। सरकारी मामलों में ढिलाई से समस्याएँ बढ़ सकती हैं। पुराने मित्र से मिलने का मौका मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य में लापरवाही न करें।

    सिंह (Leo) 🌟

    **स्वभाव:** आत्मविश्वासी
    **राशि स्वामी:** सूर्य
    **शुभ रंग:** ग्रे
    आज वरिष्ठ सदस्यों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। फिर भी, बिजली के उपकरणों से सतर्क रहें। पारिवारिक मामलों में मिलकर निर्णय लें और सामाजिक पहचान बढ़ेगी।

    कन्या (Virgo) 🌹

    **स्वभाव:** मेहनती
    **राशि स्वामी:** बुध
    **शुभ रंग:** हरा
    शत्रुओं को पहचानने का समय है। स्वास्थ्य में गिरावट मानसिक चिंता बढ़ा सकती है। काम में सतर्कता रखें। प्रेम जीवन को संभालकर रखें।

    तुला (Libra) ⚖️

    **स्वभाव:** संतुलित
    **राशि स्वामी:** शुक्र
    **शुभ रंग:** पीला
    आज करियर के लिए सकारात्मक दिन है। परिवार में विवाह प्रस्ताव चर्चा का विषय बन सकता है। किसी समस्या का समाधान होगा, लेकिन तेज़ी में निर्णय न लें।

    वृश्चिक (Scorpio) 🦂

    **स्वभाव:** रहस्यमय
    **राशि स्वामी:** मंगल
    **शुभ रंग:** गुलाबी
    आज का दिन रोमांचक रहेगा। कार्यस्थल पर तकनीकी चुनौतियाँ आ सकती हैं। भाई-बहनों के साथ संवाद बढ़ाने की आवश्यकता है।

    धनु (Sagittarius) ✨

    **स्वभाव:** दयालु
    **राशि स्वामी:** गुरु
    **शुभ रंग:** ग्रे
    खतरनाक कार्यों से बचें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। किसी धार्मिक उत्सव में शामिल हो सकते हैं।

    मकर (Capricorn) 🪴

    **स्वभाव:** अनुशासित
    **राशि स्वामी:** शनि
    **शुभ रंग:** लाल
    आज का दिन शुभ संकेत लेकर आएगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और संतान की संगति पर ध्यान देना होगा।

    कुंभ (Aquarius) 🌈

    **स्वभाव:** मानवतावादी
    **राशि स्वामी:** शनि
    **शुभ रंग:** गोल्डन
    आज खर्चों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। सामाजिक कार्यों में सम्मान प्राप्त हो सकता है।

    मीन (Pisces) 💧

    **स्वभाव:** संवेदनशील
    **राशि स्वामी:** बृहस्पति
    **शुभ रंग:** आसमानी
    प्रतिद्धंद्वियों से सावधान रहें। छात्रों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करना होगा।

    इस प्रकार, आज का राशिफल भविष्य की चुनौतियों और अवसरों का समावेश करता है, जिससे आप अपने दिन को और भी सफल बना सकते हैं।

  • रामायण-रामलीला से सीखें: बच्चों को रामलीला दिखाएं, संस्कारों की गारंटी

    रामायण-रामलीला से सीखें: बच्चों को रामलीला दिखाएं, संस्कारों की गारंटी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    Dussehra 2025: राम को विजय वानर सेना के सहयोग से मिली. बच्चों को बताएं कि जीवन में अच्छे दोस्त और सही संगति का होना जरूरी है.

    रामायण-रामलीला के पाठ: बचपन से हम सभी सुनते आ रहे हैं कि बच्चों का मन एक कच्ची मिट्टी जैसा होता है, जिसे किसी भी आकार में ढाला जा सकता है। हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उनके बच्चे बड़े होकर समाज के लिए वरदान बनें, न कि श्राप। इसलिए, वे हमेशा यह कोशिश करते हैं कि अपने बच्चों को सही शिक्षा और संस्कार दें।

    हर बच्चे को यह पता है कि दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है। इसके पीछे की पौराणिक कथा बच्चों में अच्छे संस्कार डालने का एक प्रभावी साधन है। आजकल समाज में जो बुराई फैली हुई है, उसे देखकर हर माता-पिता चिंतित रहते हैं कि कहीं वे अपने बच्चों की परवरिश में कोई गलती न कर दें।

    राम, लक्ष्मण और सीता

    आज के बच्चे कई बार गलत रास्ता पकड़ लेते हैं। इस अवसर पर बच्चों को रामलीला दिखाएं और घर पर रामायण की कथा सुनाएं। इससे उनके जीवन का दृष्टिकोण बदल सकता है। हर पात्र से बच्चे कुछ ना कुछ सीखेंगे। कहानी सुनाना बच्चों को हमेशा पसंद आता है, जिससे वे जल्दी प्रभावित होते हैं। भगवान राम, लक्ष्मण और सीता जैसे आदर्श उनके व्यक्तित्व को और मजबूत बना सकते हैं।

    रामलीला देखने और रामायण पढ़ने के फायदे

    रामलीला देखने और रामायण पढ़ने से बच्चों को कई महत्वपूर्ण सीखें मिलती हैं। यह बताता है कि कठिनाइयों का सामना धैर्य, त्याग, आदर और सच्चाई के साथ करना चाहिए। माता-पिता अगर बच्चों को राम, लक्ष्मण, सीता और भरत जैसे पात्रों की कहानियों से अवगत कराते हैं, तो निश्चित रूप से उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    क्या सीख मिलती है?

    • राम कितने बड़े राजा थे, फिर भी उन्होंने जीवन की कठिनाइयों का सामना किया। बच्चों को यह सिखाएं कि समस्याओं से भागना नहीं, बल्कि उनका साहस के साथ सामना करना चाहिए।
    • राम, लक्ष्मण और भरत ने रिश्तों को सत्ता से ऊपर रखा। यह बच्चों को रिश्तों की महत्वता को समझाने का सर्वोत्तम उदाहरण है।
    • कैकेयी जैसी गलत संगत ने पूरे राजपरिवार को दुख में डाल दिया। बच्चों को सिखाएं कि नकारात्मक व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए।
    • रावण, विद्वान होते हुए भी अहंकार के कारण नष्ट हुआ। बच्चों को समझाएं कि घमंड एक इंसान के सभी गुणों पर भारी पड़ सकता है।
  • सूर्यदेव की हर राशि पर बनी रहेगी कृपा

    सूर्यदेव की हर राशि पर बनी रहेगी कृपा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    राशिफल 2025 – अपने भविष्य के सितारे जानें 🌟

    राशिफल का महत्व केवल ग्रह-नक्षत्र के संचलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंचांग की गणना और विभिन्न ज्योतिषीय तत्वों पर भी निर्भर करता है। दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) विभिन्न राशियों, जैसे कि मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, और मीन का भविष्यफल पेश करता है। आज का राशिफल आपके नौकरी, व्यवसाय, पारिवारिक संबंध, स्वास्थ्य, और दिन भर में होने वाली शुभ एवं अशुभ घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।

    इस राशिफल को पढ़कर आप अपने दैनिक जीवन की योजनाओं को सफल बनाने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह आपके लिए यह बताएगा कि आज के दिन आपकी ग्रह दशा आपके पक्ष में है या नहीं, और किन चुनौतियों का सामना आपको करना पड़ सकता है।

    मेष (Aries) ♈

    स्वभाव: उत्साही
    राशि स्वामी: मंगल
    शुभ रंग: लाल

    आज का दिन आपकी लापरवाही के कारण समस्याएं बढ़ा सकता है। दोस्तों से कहासुनी की संभावना है, और किसी पुरानी गलती का पछतावा हो सकता है। वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिलेगा, लेकिन व्यापारिक मामलों में सावधानी अपेक्षित है।

    वृषभ (Taurus) ♉

    स्वभाव: धैर्यवान
    राशि स्वामी: शुक्र
    शुभ रंग: हरा

    आज आप अपनी आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। जीवनसाथी के लिए सरप्राइज उपहार लाने की योजना बना सकते हैं। परिवार में किसी सदस्य से कोई बुरी बात सुनने की संभावना है। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।

    मिथुन (Gemini) ♊

    स्वभाव: जिज्ञासु
    राशि स्वामी: बुध
    शुभ रंग: सफेद

    आज का दिन राजनीति में सक्रिय लोगों के लिए अनुकूल है। नौकरी में पदोन्नति की संभावनाएं हैं, लेकिन जिम्मेदारियों को गंभीरता से लें। छात्रों के लिए अध्ययन में मन लगेगा।

    कर्क (Cancer) ♋

    स्वभाव: भावुक
    राशि स्वामी: चंद्र
    शुभ रंग: आसमानी

    आज धार्मिक कार्यों में भागीदारी बढ़ सकती है। खानपान पर ध्यान दें, और आलस्य को त्यागें। स्वास्थ्य समस्याओं के कारण व्यस्तता बढ़ सकती है।

    सिंह (Leo) ♌

    स्वभाव: आत्मविश्वासी
    राशि स्वामी: सूर्य
    शुभ रंग: ग्रे

    आपको आज आय-व्यय में संतुलन बनाना होगा। कारोबार में सफलता की संभावना है। किसी पुराने ऋण की वसूली की संभावना बन रही है।

    कन्या (Virgo) ♍

    स्वभाव: मेहनती
    राशि स्वामी: बुध
    शुभ रंग: हरा

    आज अपने सहयोगियों में से किसी से आलोचना सुनने की संभावना है। नेतृत्व क्षमता में सुधार होगा। अपने व्यवसाय में नई योजनाएं शुरू कर सकते हैं।

    तुला (Libra) ♎

    स्वभाव: संतुलित
    राशि स्वामी: शुक्र
    शुभ रंग: पीला

    आज आपको जिम्मेदारियों का ध्यान रखना होगा। वित्तीय स्थिति में सुधार संभव है। शेयर बाजार में निवेश के लिए सचिव की सलाह लें।

    वृश्चिक (Scorpio) ♏

    स्वभाव: रहस्यमय
    राशि स्वामी: मंगल
    शुभ रंग: गुलाबी

    आज तर्क-वितर्क से बचें। पारिवारिक विवाह संबंधी बाधाएं दूर हो सकती हैं। व्यापार में वृद्धि संभव है।

    धनु (Sagittarius) ♐

    स्वभाव: दयालु
    राशि स्वामी: गुरु
    शुभ रंग: ग्रे

    आज समस्या समाधान के लिए स्थिरता बनाए रखें। घर में कोई नया सामान लाने की योजना बन सकती है।

    मकर (Capricorn) ♑

    स्वभाव: अनुशासित
    राशि स्वामी: शनि
    शुभ रंग: लाल

    आज का दिन लाभकारी रहने वाला है। नए संबंध बनाने का अवसर मिलेगा। यात्रा की योजना बन सकती है।

    कुंभ (Aquarius) ♒

    स्वभाव: मानवतावादी
    राशि स्वामी: शनि
    शुभ रंग: गोल्डन

    आज सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति को बेहतर करने की कोशिश करें। विद्यार्थी मानसिक बोझ से मुक्त होंगे।

    मीन (Pisces) ♓

    स्वभाव: संवेदनशील
    राशि स्वामी: बृहस्पति
    शुभ रंग: आसमानी

    आज आपके क्रिएटिव विचारों से सभी को प्रभावित करेंगे। पारिवारिक सदस्यों के साथ संबंध और मजबूत होंगे।

    यह राशिफल न केवल भविष्य के संभावित घटनाक्रम को दर्शाता है, बल्कि सही निर्णय लेने में भी मदद करेगा। अपने दिन को सफल ग्रहीय संयोगों के अनुसार व्यतीत करें।

  • “भैया, मेरे पति को बचा लो…” – पहलगाम की वादियों में गूंजती रहीं चीखें… 26 की मौत

    “भैया, मेरे पति को बचा लो…” – पहलगाम की वादियों में गूंजती रहीं चीखें… 26 की मौत

    जहां गूंजती थी हंसी, वहां अब पसरा मातम: बैसारन घाटी बना खूनी मैदान

    कश्मीर की वादियों को जन्नत कहा जाता है, लेकिन इस बार वहां की घाटियों से फूलों की महक नहीं, खून की बू आई। Pahalgam Attack ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हनीमून पर गया शुभम, जिसका अपराध सिर्फ उसका मजहब था, आतंकियों ने सिर में गोली मार दी — वो भी सिर्फ इसलिए कि वो हिंदू था

    📍क्या हुआ था बैसारन घाटी में?

    मंगलवार, दोपहर 3 बजे। मौसम सुहाना था, पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों संग खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मना रहे थे। तभी आर्मी की वर्दी पहने नकली जवान जंगल से निकलते हैं। किसी को शक नहीं हुआ… लेकिन अगले ही पल, पहचान पत्र देखे जाते हैं, नाम पूछे जाते हैं, और फिर मजहब जानकर बेरहमी से गोलियां चलाई जाती हैं।

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    🔥 पलभर में ‘जन्नत’ बना नर्क

    • 26 लोगों की मौत, जिनमें दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी शामिल हैं
    • 20+ घायल, जिनमें कई की हालत नाजुक
    • गोलियों की आवाज के साथ वादियों में गूंज उठीं चीखें
    • लोग जान बचाने के लिए पेड़ों, चट्टानों, और झाड़ियों में भागते रहे

    💔 ‘भैया मेरे पति को बचा लो’ – एक पत्नी की दिल दहला देने वाली पुकार

    एक महिला, जो अपने पति संग हनीमून मनाने आई थी, ने चीखते हुए कहा:

    “उन्होंने हमारे आईडी देखे, नाम पूछा… और फिर मेरे पति को सिर में गोली मार दी। भैया! प्लीज़ मेरे पति को बचा लो…”

    कश्मीर के सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक, बैसारन, अब इतिहास में दर्ज हो गया — एक खून से लथपथ कहानी के तौर पर।

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    🛑 क्यों नहीं थम रहे ऐसे Terror Attacks?

    TRF (The Resistance Front) ने ली हमले की जिम्मेदारी

    इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन TRF ने ली है। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे राजनीतिक और सामाजिक बदलावों से बौखलाकर उन्होंने यह कायराना हरकत की। लेकिन सवाल ये उठता है —

    कब तक निर्दोष पर्यटकों की पहचान और मजहब पूछकर गोलियां चलाई जाएंगी?कब तक हमारे जवान केवल वारदात के बाद पहुंचेंगे?क्या किसी खूबसूरत जगह पर हिंदू होना अब गुनाह है?

     यह भी पढ़े : दुआओं की जगह चीखें थीं और डर के बादल थे, क्योंकि धर्म के नाम पर मौत थी… (Pahalgam Terror Attack)


    🚁 कैसे पहुंचाई गई मदद?

    बैसारन घाटी तक कोई सीधी सड़क नहीं है। वहां केवल पैदल या टट्टुओं की मदद से पहुंचा जा सकता है। हमले के बाद:

    • सेना ने हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन तब तक
    • स्थानीय गाइड्स और टट्टू वाले घायल लोगों को अपने कंधों और टट्टुओं पर नीचे लाते दिखे

    🎥 वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग अपने जान की परवाह किए बिना, घायल पर्यटकों की मदद करते हैं।

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    ⚠️ क्या अब कश्मीर सिर्फ डर की घाटी है?

    कश्मीर का नाम सुनते ही अब डर सताने लगा है। क्या वो घाटियां अब सिर्फ सियासत और खून की कहानियों में दफन होकर रह जाएंगी?

    हम पूछते हैं:

    🗣️ क्या धर्म के आधार पर की गई हत्या अब नया “नॉर्मल” है?

    🗣️ क्या हनीमून पर गया एक हिंदू युवक जिंदा लौटने की उम्मीद भी नहीं कर सकता?

    🗣️ क्या अब हमें अपने ID में लिखा “नाम” मिटा देना होगा, सिर्फ जिंदा रहने के लिए?


    🧠 देश की ज़िम्मेदारी: अब मौन रहना अपराध है

    यह हमला सिर्फ पहलगाम में नहीं हुआ, ये हमला हमारे भरोसे, आज़ादी, और मानवता पर हुआ है। अब वक्त आ गया है कि हम केवल दुख जताना बंद करें — अब हमें आवाज़ उठानी होगी।

    ✊ हमें एक ऐसे देश के लिए आवाज़ उठानी होगी जहां हर मजहब के नागरिक सुरक्षित महसूस करें, बिना डर के सफर कर सकें


    🔍 हमला किसने किया, कैसे किया – मुख्य जानकारी एक नजर में

    जानकारीविवरण
    घटनाआतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया
    स्थानबैसारन घाटी, पहलगाम, जम्मू-कश्मीर
    समयमंगलवार, दोपहर 3 बजे
    मृतक26 (2 विदेशी, 2 स्थानीय शामिल)
    घायल20+
    आतंकी संगठनTRF
    हमला क्योंपहचान और मजहब जानकर की गई फायरिंग

    📣 अब वक्त है बोलने का, लिखने का, लड़ने का — शांति और न्याय के लिए

    #PahalgamTerrorAttack, #JusticeForShubham, #StopTerrorism, #KashmirAttack — ये सिर्फ हैशटैग नहीं, एक क्रांति की शुरुआत होनी चाहिए। क्योंकि…

    🩸 जब तक धर्म पूछकर गोली चलाई जाती रहेगी, तब तक हम सब असुरक्षित हैं।

  • होली 2025: जानिए होली कब है, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खास बातें

    होली 2025: जानिए होली कब है, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खास बातें

    होली 2025 का त्योहार इस साल 14 मार्च 2025 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। रंगों की होली से एक दिन पहले, होलिका दहन 13 मार्च 2025 (गुरुवार) को होगा। यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

    होली 2025 का शुभ मुहूर्त

    घटनादिनांकसमय
    होलिका दहन13 मार्च 2025शाम 6:17 बजे से रात 8:41 बजे तक
    रंगों की होली14 मार्च 2025पूरे दिन

    होली का धार्मिक महत्व

    होली का पर्व भक्त प्रह्लाद और होलिका की पौराणिक कथा से जुड़ा है। हिरण्यकश्यप की बहन होलिका ने प्रह्लाद को आग में जलाने का प्रयास किया, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद बच गए और होलिका भस्म हो गई। तभी से यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।(होली 2025 कब है)

    यह भी पढ़े: होली के दिन पदमा में झड़प मामले में 7 गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी


    होली की पूजा विधि

    • सुबह स्नान के बाद पूजा स्थान की सफाई करें।
    • होलिका व प्रह्लाद की प्रतीकात्मक मूर्ति बनाएं।
    • पूजा में रोली, अक्षत, गंगाजल, फूल, नारियल और मिठाई चढ़ाएं।
    • शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करें।
    • अग्नि में गेंहू, जौ और नई फसल की आहुति दें।
    • परिवार के साथ पारंपरिक गीत गाएं और होली की शुभकामनाएं दें।

    होली खेलने के खास टिप्स

    • हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करें।
    • आंखों और बालों की सुरक्षा के लिए गॉगल्स और टोपी पहनें।
    • रंग खेलने से पहले त्वचा पर नारियल या सरसों का तेल लगाएं।
    • पानी की बर्बादी से बचें और इको फ्रेंडली होली मनाएं।

    होली 2025 से जुड़े रोचक तथ्य

    1. मथुरा-वृंदावन की लठमार होली दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
    2. शांतिनिकेतन में बसंत उत्सव के रूप में होली मनाने की परंपरा है।
    3. बिहार और झारखंड में फगुआ गीत गाकर होली मनाने की खास परंपरा है।

    FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    होली 2025 कब है?

    14 मार्च 2025 को रंग वाली होली है और 13 मार्च 2025 को होलिका दहन है।

    होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या है?

    13 मार्च 2025 को शाम 6:24 बजे से रात 8:51 बजे तक।

    होली पर कौन-कौन से पकवान बनाए जाते हैं?

    गुझिया, ठंडाई, दही भल्ले, पापड़, चिप्स आदि।


  • जानिए महाकुंभ में रबड़ी वाले बाबा की कहानी

    जानिए महाकुंभ में रबड़ी वाले बाबा की कहानी

    महाकुंभ 2025 में महंत देवगिरी जी महाराज भी पहुंचे हैं, जिन्हें रबड़ी वाले बाबा के नाम से जानते हैं. ये बाबा प्रसाद में रबड़ी बांटते हैं, जिसे वे खुद ही तैयार करते हैं. देवगिरी जी महाराज महाकाली की उपासना करते हैं. उनका कहना है कि यह सेवा महाकुंभ में श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है.

    प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रबड़ी वाले बाबा भी चर्चा में हैं. ये बाबा महंत देवगिरी जी महाराज हैं, जो पिछले कई वर्षों से कुंभ मेलों में अपने विशेष प्रसाद रबड़ी का वितरण कर रहे हैं. देवगिरी महाराज ने बताया कि वे करीब 130 लीटर दूध से रबड़ी बनाते हैं, जिसे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भक्ति और श्रद्धा के साथ बांट देते हैं.

    बाबा की  रबड़ी का स्वाद बेहद खास होता है, क्योंकि इसमें वे बेहद कम शकर डालते हैं, ताकि लोग इसे बिना किसी  स्वास्थ्य चिंता के खा सकें. इस रबड़ी से डायबिटीज जैसी समस्याओं का कोई खतरा नहीं होता. बाबा ने बताया कि वे भगवती महाकाली के उपासक हैं. देवी की कृपा से उन्हें यह सेवा करने की प्रेरणा मिली. उनका सिद्धांत है कि वे श्रद्धालुओं को बैठकर रबड़ी खिलाते हैं.

    यह भी पढ़े… महाकुंभ में महिला नागा साधुओं से मिलें…

    देवगिरी महाराज मूल रूप से गुजरात से ताल्लुक रखते हैं. उनकी रबड़ी ने महाकुंभ में धूम मचा रखी है. उनके बोर्ड पर लिखा हुआ है, राबड़ी ने मचा दी धूम, श्री महंत रबड़ी वाले..’ बाबा का यह बोर्ड प्रसिद्ध हो चुका है. उनकी सेवा न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में प्यार और एकता का संदेश भी देती है.

    महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में जहां लाखों लोग स्नान करने पहुंचते हैं, इनमें तमाम श्रद्धालु देवगिरी महाराज के पास पहुंचकर दर्शन करते हैं और रबड़ी का स्वाद भी लेते हैं. महंत देवगिरी महाराज की यह सेवा महाकुंभ में अनोखी मिसाल पेश कर रही है.

  • महाकुंभ में महिला नागा साधुओं से मिलें…

    महाकुंभ में महिला नागा साधुओं से मिलें…

    Mahila Naga Sadhu in Kumbhmela: नागा साधु केवल पुरुष ही नहीं होते। महिला नागा साधु या तपस्वी महिलाएँ भी होती हैं जो अपना जीवन आध्यात्मिक खोज और सांसारिक अस्तित्व का पूर्ण त्याग करने के लिए समर्पित करती हैं।

    अपने पुरुष समकक्षों की तरह ही, महिला नागा साधु भी परिवार और भौतिक संपत्ति से सभी मोह-माया को त्यागकर तपस्वी जीवन अपनाती हैं। वे अपने पिछले जीवन से सब कुछ त्यागकर खुद को पूरी तरह से अपने आध्यात्मिक मार्ग पर समर्पित कर देती हैं।

    आउटलुक की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला नागा साधुओं के लिए दीक्षा प्रक्रिया पुरुषों की तरह ही कठोर होती है। उन्हें अपने गुरुओं के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करना चाहिए और धर्म में स्वीकार किए जाने से पहले गहन आध्यात्मिक परीक्षण और प्रशिक्षण से गुजरना चाहिए।

    दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजनों में से एक महाकुंभ मेला 13 जनवरी, 2025 को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ। लाखों श्रद्धालु सरस्वती, यमुना और गंगा नदियों के पवित्र संगम पर एकत्रित हुए हैं, पवित्र स्नान से मिलने वाले आशीर्वाद और शुद्धि की तलाश में।

    भक्तों की भीड़ में नागा साधु सबसे अलग दिखते हैं। राख से सने शरीर, घुंघराले बाल और कम कपड़ों के साथ ये साधु-संत दुनिया भर से आने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ये साधु-संत सिर्फ़ माला और माला पहनते हैं और अक्सर लकड़ी के पाइप पीते हैं।

    हालांकि ज़्यादातर ध्यान उनके पुरुष समकक्षों पर ही रहता है, लेकिन महिला नागा साधुओं या नागा साध्वियों का कम प्रसिद्ध लेकिन उतना ही आकर्षक समुदाय भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।

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  • महाकुंभ जाने वाली ट्रेन पर पथराव, जाने क्या है मामला…

    महाकुंभ जाने वाली ट्रेन पर पथराव, जाने क्या है मामला…

    Maha Kumbh Train stone pelting: ताप्ती गंगा एक्सप्रेस गुजरात के सूरत से बिहार के छपरा शहर जा रही थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रेन में सवार 45 फीसदी यात्री प्रयागराज महाकुंभ जा रहे थे. जब ट्रेन जलगांव रेलवे स्टेशन से रवाना हुई, तो 2-3 किलोमीटर आगे जाने के बाद पथराव की ख़बर आई है.

    महाराष्ट्र के जलगांव रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रेन पर पथराव के मामले में FIR दर्ज की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. लेकिन ट्रेन के B6 कोच की खिड़की का शीशा टूट गया है. बताया गया कि ये ट्रेन प्रयागराज में भी रुकती है और इस ट्रेन में कुंभ मेले (Prayagraj Kumbh 2025) में जाने वाले भी काफ़ी यात्री हैं. एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें यात्री ट्रेन में हुए नुक़सान को लेकर चिंता जता रहे हैं. (Maha Kumbh Train stone pelting)

    ताप्ती गंगा एक्सप्रेस पर पथराव की ये घटना सामने आई है. ट्रेन गुजरात के सूरत से बिहार के छपरा शहर जा रही थी. ऐसे में जब ट्रेन जलगांव रेलवे स्टेशन से रवाना हुई, तो 2-3 किलोमीटर आगे जाने के बाद पथराव की ख़बर आई. कुंभ मेले में जाने वाले कई यात्रियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. साथ ही, रेलवे रेलवे अधिकारियों से ट्रेनों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.

    प्रयागराज ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के B6 कोच में ये घटना हुई. इसमें 13 लोग -महिलाएं, बच्चे और श्रद्धालु- सवार थे. ट्रेन में क़रीब 45 फ़ीसदी लोग महाकुंभ के लिए प्रयागराज जा रहे थे. मध्य रेलवे और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया,

    मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने तत्काल कार्रवाई की और ट्रेन पर चार टीमें तैनात की गईं. इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई गई है.

    घटना के बाद जलगांव रेलवे पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने और उसे पकड़ने की कोशिश जारी है. ताप्ती गंगा एक्सप्रेस कुंभ मेले में जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक लोकप्रिय ट्रेन है. ऐसे में अधिकारियों ने यात्रियों को आश्वासन दिया है कि ट्रेन के मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे. जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके. (Maha Kumbh Train stone pelting)

    13 जनवरी की सुबह ट्रेन प्रयागराज से रवाना हो चुकी है. रेलवे पुलिस CCTV फ़ुटेज की जांच कर रही है. बताते चलें, महाकुंभ का ये संस्करण 13 जनवरी से 26 फ़रवरी तक चलेगा. जिसके आकर्षण का बड़ा केन्द्र बनने की उम्मीद है.

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  • प्रयागराज महाकुंभ आरम्भ, 80 लाख श्रद्धालु लगा चुके हैं आस्था की डुबकी…

    प्रयागराज महाकुंभ आरम्भ, 80 लाख श्रद्धालु लगा चुके हैं आस्था की डुबकी…

    Prayagraj Kumbh Mela: संगम नगरी प्रयागराज में सोमवार पौष पूर्णिमा पर शाही स्नान के साथ महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो गयी है। घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ना शुरू हो गया है। इस बार महाकुंभ में करीब 40 से 45 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है।, महाकुंभ शुरू होने से पहले ही रविवार को लाखों श्रद्धालुओं ने यहां गंगा स्नान किया। 12 वर्षों पर लगने वाला महाकुंभ मेले में पहुंचे करीब 80 लाख लोग अब तक संगम तट पर आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सुबह से ही प्रयागराज के घाटों पर भारी भीड़ लगी हुई है। महाकुंभ को देखते हे श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। बता दें कि यह महाकुंभ 144 सालों बाद आया है और बेहद खास माना जा रहा है। महाकुंभ का पहला शाही स्नान 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के दिन किया जाएगा। (Prayagraj Kumbh Mela)

    प्रयाग में इस बार आस्था और आधुनिकता का संगम भी देखा जा रहा है। प्रशासनिक व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा के साथ पहली बार प्रयाग आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाओं की भरमार मिलेगी। इस बार कुंभ भव्य, दिव्य, डिजिटल और सुरक्षित हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गयी है। लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की बात की जाये तो ठहरने के लिए टेंट सिटी, आवागमन के लिए सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसें, खाने-पीने के लिए लंगरों की अनगिनत व्यवस्थाएं, सुरक्षा और देखभाल के लिए एनडीआरएफ की टीमों के साथ वाटर एम्बुलेंस की व्यवस्था, सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए AI जैसी सुरक्षा व्यवसथा जैसी अनगिनत सुविधाएं श्रद्धालुओं को मिल रही हैं। (Prayagraj Kumbh Mela)

    योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई

    महाकुंभ के आग़ाज पर उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने सभी को बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा ‘पौष पूर्णिमा की बधाई! विश्व के विशालतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम ‘महाकुम्भ’ का आज से तीर्थराज प्रयागराज में शुभारंभ हो रहा है।

    सीएम ने आगे लिखा कि अनेकता में एकता की अनुभूति के लिए और आस्था एवं आधुनिकता के संगम में साधना एवं पवित्र स्नान के लिए पधारे सभी कल्पवासियों, पूज्य सन्तों और श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। माँ गंगा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें। महाकुम्भ प्रयागराज के शुभारंभ एवं प्रथम स्नान की मंगलमय शुभकामनाएं। सनातन गर्व-महाकुम्भ पर्व। (Prayagraj Kumbh Mela)

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  • Aaj Ka Rashifal 11 january: आख़िर कैसा रहेगा आपके आज का दिन…

    Aaj Ka Rashifal 11 january: आख़िर कैसा रहेगा आपके आज का दिन…

    Aaj Ka Rashifal: आज का राशिफल यानि 11 जनवरी 2025, शनिवार का भविष्यफल विशेष है. देश के प्रसिद्ध भविष्यवक्ता और कुंडली विश्लेषक डॉ. अनीष व्यास से जानते हैं आपका दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal).

    मेष राशि (Aries Aaj Ka Rashifal)-

    आज आपका दिन बढ़िया रहेगा.  कुछ महत्वपूर्ण लोगों से कॉन्टैक्ट हो सकता है. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा. आपके अधूरे काम पूरे हो सकते हैं. अपने व्यक्तित्व के दम पर आप कुछ लोगों को अपने फेवर में कर सकते हैं, जिसका पूरा फायदा आपको मिलेगा.

    वृषभ राशि (Taurus Aaj Ka Rashifal)-

    मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे. ख़र्च करते वक़्त ख़ुद आगे बढ़ने से बचें, नहीं तो आप खाली जेब लेकर घर लौटेंगे. ज़िद्दी बर्ताव न करें, इसके चलते दूसरे आहत महसूस कर सकते हैं. रोमांस में अपने दिमाग़ का उपयोग भी करें, क्योंकि प्यार हमेशा अन्धा होता है.

    मिथुन राशि (Gemini Aaj Ka Rashifal)-

    बिजनेस में अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. पार्टनर से आपको सहयोग मिल सकता है. पार्टनर का सुझाव आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. आपको अचानक धन लाभ हो सकता है। फंसा हुआ पैसा भी वापस मिल सकता है.

    कर्क राशि (Cancer Aaj Ka Rashifal)-

    अगर आप अपनी रचनात्मकता को बढ़ाना चाहते हैं तो आज का दिन बहुत ही अच्छा है. आपकी व्यापारिक यात्रा लाभदायक रहेगी, प्रतिष्ठा बढ़ेगी. नौकरी व निवेश से लाभ होगा. कार्य का निष्पादन योजना अनुसार नहीं कर पाएंगे.

    सिंह राशि (Leo Aaj Ka Rashifal)-

    आज आपका दिन मिला-जुला रहेगा. आप अपनी वर्तमान स्थिति से संतुष्ट रह सकते हैं. बच्चों के साथ आपका समय बेहतर बीतेगा. पैसों से जुड़े बड़े फैसले थोड़ा सोच समझकर लें. दाम्पत्य जीवन में थोड़ा तनाव बढ़ सकता है.

    कन्या राशि (Virgo Aaj Ka Rashifal)-

    काम के बीच-बीच में थोड़ा आराम करें और देर रात तक काम न करें. इस बात में सावधानी बरतें कि आप किसके साथ आर्थिक लेन-देन कर रहे हैं. उस रिश्तेदार को देखने जाएं, जिसकी तबियत काफ़ी समय से ख़राब है.

    तुला राशि (Libra Aaj Ka Rashifal)-

    आपको मेहनत से सफलता मिलेगी। आपकी इच्छाएं पूरी भी हो जाएंगी। प्रमोशन मिलने के पूरे चांस भी बन रहे हैं। किसी भी तरह का मौका न जाने दें। आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको जरूरी मदद मिलती जाएगी.

    वृश्चिक राशि (Scorpio Aaj Ka Rashifal)-

    आज लोग आपसे प्रभावित हो सकते हैं। नए लोगों से दोस्ती के योग बन रहे हैं.  घर-परिवार में अपनों के लिए कुछ अच्छा सोचेंगे तो कुछ बेहतर करने की प्रेरणा जगेगी. पढ़ाई लिखाई में भी मन लगेगा. अपनी वाणी और व्यवहार को संयमित रखना आपके ही हित में है.

    धनु राशि (Sagittarius Aaj Ka Rashifal)-

    आज आप व्यावहारिक रहेंगे. इस राशि के जो लोग कंट्रक्शन का कार्य कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ा फायदा होगा.संतान पक्ष से आपको कोई खुशखबरी मिलेगी. करियर में आपको सफलता मिलेगी. किसी मित्र से मिलने उसके घर जायेंगे.

    मकर राशि (Capricorn Aaj Ka Rashifal)-

    आज का दिन ठीक-ठाक रहेगा. जब सेहत से जुड़ा मामला हो तो ख़ुद को अनदेखा नहीं करना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए. अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें. आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा.

    कुंभ राशि (Aquarius Aaj Ka Rashifal)-

    आपको करियर संबंधी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है. दुश्मनों पर आप हावी रहेंगे. पुराने विवाद भी सुलझाने की कोशिश करेंगे और स्थिति अपने फेवर में कर लेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा है. कुछ उलझे हुए मामले सुलझ सकते हैं.

    मीन राशि (Pisces Aaj Ka Rashifal)-

    आज नए कार्य करने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. कोई नया काम शुरू करने से पहले संबंधित अनुभवी व्यक्ति से सलाह कर लें. आपकी लव लाइफ के लिए यह बेहद चुनौतीपूर्ण दिन हो सकता है.

  • Dhanteras कल, संध्या काल में होगी कुबेर की पूजा

    Dhanteras कल, संध्या काल में होगी कुबेर की पूजा

    रांची। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को Dhanteras मनाया जाएगा। इसे धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। 29 अक्टूबर को बुध के गोचर से धनतेरस पर लक्ष्मी नारायण योग बनेगा, जिसे बहुत ही शुभ माना जा रहा है।

    मंगलवार को सुबह से देर रात तक खरीदारी का मुहूर्त है। इस दिन सोना, चांदी, वाहन, जमीन, घर इलेक्ट्रॉनिक्स आदि खरीदना सुख और समृद्धि का कारक माना गया है। पंडित मनोज पांडेय ने सोमवार को बताया कि अथर्ववेद में बताया गया है कि धन्वन्तरि भगवान विष्णु के तेरहवें अवतार हैं। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार धनतेरस के दिन अभिजीत मुहूर्त दिन के 11.42 बजे से 12.27 बजे तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 1.56 से 2.41 तक है। कुंभ लग्न दोपहर 1.29 बजे से 3 बजे तक है। वहीं, वृष लग्न शाम 6.07 बजे से 8.04 बजे तक है। दोपहर से प्रदोष काल 12.36 बजे से शाम 5.33 बजे तक में वाहन जैसे चलायमान सामग्री लेने का शुभ मुहूर्त है। उन्होंने ने बताया कि संध्या काल में धन के देवता कुबेर की पूजा होगी।
    Dhanteras के दिन ऐश्वर्य में वृद्धि की कामना से भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की विधिवत पूजा की जाएगी। यह पूजा संध्या काल स्थिर वृष लग्न में 6.19 से रात 8.15 बजे के बीच की जाएगी।

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    राशि के अनुसार करें Dhanteras की खरीदारी

    मेष : सोने और पीतल के बर्तन के साथ मिट्टी का दीपक और लड्डू लेना शुभ है। वस्तुएं खरीदना शुभ।
    वृषभ : चांदी, हीरा और बर्तन खरीदना चाहिए।
    वृश्चिक : आभूषण, मिट्टी- तांबे के बर्तन, लोहे की बनी वस्तु
    मकर :चांदी के सिक्के , झाडू, बर्तन और गोमती चक्र खरीदना चाहिए।
    सिंह : जमीन, फ्लैट, सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदना शुभ रहेगा।
    कुंभ : धनतेरस में चांदी और स्टील से निर्मित बर्तन लेने चहिए।
    कन्या: कांसे से निर्मित ह्यबर्तन, हाथी-दांत से बनी वस्तुएं आदि।
    तुला : श्रृंगार और साज सज्जा की वस्तुएं खरीदना शुभ।
    मीन : धनतेरस चांदी के बर्तन और सिक्के, तांबे के बर्तन और झाडू लेना चहिए।

  • Gyanvapi Survey: मिली ASI को शिवलिंग से लेकर हनुमान तक की मुर्तिया… देखें सबूत

    Gyanvapi Survey: मिली ASI को शिवलिंग से लेकर हनुमान तक की मुर्तिया… देखें सबूत

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से पांच लोगों को ज्ञानवापी परिसर पर 839 पन्नों की सर्वेक्षण रिपोर्ट मिली है। रिपोर्ट में कई बातें सामने आईं. जनार्दन रुद्र और विश्वेश्वर के शिलालेख ज्ञानवापी परिसर में पाए जाते हैं। महामुक्ति मंडपम रिपोर्ट में कहा गया है. शिवलिंग के साथ कृष्ण हनुमान और विष्णु की मूर्तियाँ मिलीं। 2 सितंबर 1669 को कथित तौर पर मंदिर को नष्ट कर दिया गया था। प्रारंभिक मंदिर के स्तंभों का उपयोग मस्जिदों में किया जाता था। बेसमेंट S2 में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ हैं।

    यह एक संगमरमर की शिला है जिस पर  “राम” अंकित हैं। इसकी लंबाई 15.5 सेंटीमीटर, चौड़ाई नौ सेंटीमीटर और मोटाई दो सेंटीमीटर है।

    यह तीन हिस्सों में मिली हनुमान की मूर्ति है, जो मार्बल की बनी हुई है। इसकी लंबाई 36 सेंटीमीटर, चौड़ाई 23 सेंटीमीटर और मोटाई दो सेंटीमीटर है। पहले हिस्से में इनके सिर पर मुकुट है। दूसरे हिस्से में दाएं हाथ में गदा धारण किए नजर आ रहे हैं, जबकि बांया हाथ टूटा हुआ है। गले में माला है, कमर बंध है और पीछे शॉल है। तीसरे हिस्से में बांया पैर टूटा हुआ नजर आ रहा है।

    यह भगवान कृष्ण की मूर्ति है, जो सेंटस्टोन से बनी हुई है। इसकी लंबाई 15 सेंटीमीटर, चौड़ाई आठ सेंटीमीटर और मोटाई पांच सेंटीमीटर है। मूर्ति का सिर नहीं है और दोनों हाथ भी टूटे हुए हैं। लेकिन दांया कंधा ऊपर की ओर उठा हुआ दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इनकी संरचना के आधार इस मूर्ति को भगवान कृष्ण का माना गया है। इनके गले में माला और यज्ञोपवीत है इसके अलावा नीचे धोती है।

    यह एक मकर है, जो पत्थर का बना है। इसकी लंबाई 42 सेंटीमीटर, ऊंचाई 24 सेंटीमीटर और चौड़ाई 12 सेंटीमीटर है। इसके शरीर पर मछली की तरह उकेरे गए निशान हैं। इसका मुंह ऊपर की और खुला हुआ है और इसकी पूंछ टूटी हुई है।

    यह हनुमान की मूर्ति है, जो मार्बल की बनी हुई है। इसकी लंबाई 21.5 सेंटीमीटर, चौड़ाई 16 सेंटीमीटर और गोलाई पांच सेंटीमीटर है। मूर्ति में हनुमान का बांया पैर घुटने से मुड़ा हुआ है और दांया पैर जमीन पर टिका हुआ है।  

    यह एक महिला की मूर्ति है, जो टेराकोटा की बनी हुई है। रिपोर्ट में इसे आधुनिक काल का बताया गया है। इसकी लंबाई 8 सेंटीमीटर, चौड़ाई 5.5 सेंटीमीटर और गोलाई 2.5 सेंटीमीटर है। मूर्ति में महिला पैर मोड़कर बैठी हुई नजर आ रही है।

    यह भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति है। जिसे सेंडस्टोन से बनाया गया था। इसकी लंबाई 27 सेंटीमीटर, चौड़ाई 17 सेंटीमीटर और मोटाई 15 सेंटीमीटर है। मूर्ति के ऊपरी दाएं हाथ में गदा है और निचला दांया हाथ के हथेली टूटी हुई है। ऊपरी बाएं हाथ में चक्र है और निचले बाएं हाथ में शंख है।

    यह एक हाथी के शरीर का हिस्सा है, जो सेंडस्टोन से बनाया गया है। इसकी लंबाई-चौड़ाई 13-13 सेंटीमीटर और गोलाई 10 सेंटीमीटर है। 

    यह एक महिला की खंडित मूर्ति है, जो टेराकोटा की बनी है। इसकी ऊंचाई आठ सेंटीमीटर, चौड़ाई तीन सेंटीमीटर और मौटाई सात सेंटीमीटर है। इसने साड़ी और आभूषण पहना हुआ है। सिर साड़ी के पल्लू ढका है।

    यह सात टोकन मिले हैं, जो धातु के हैं। रिपोर्ट में इसे आधुनिक काल के बताए गए हैं और इसका व्यास 3.1 सेंटीमीटर है।

    यह एक टूटा हुआ शिवलिंग है, जो मार्बल का है। इसकी लंबाई पांच सेंटीमीटर है।

    यह एक शीशे का पेंडेंट है। जिसे आधुनिक काल का बताया गया है। इसकी लंबाई और चौड़ाई दो सेंटीमीटर है। यह ज्यामितीय आकार में है और इसके दोनों और छेद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इसे एक आभूषण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता होगा।

    यह एक योनिपट्ट है, जो मार्बल का बना है। इसकी चौड़ाई आठ सेंटीमीटर है और मोटाई 1.5 सेंटीमीटर है। इसके केंद्र से शिवलिंग टूटा हुआ है। 

    यह एक योनिपट्ट है, जो सेंडस्टोन का बना है। यह 21 सेंटीमीटर ऊंचा, छह सेंटीमीटर चौड़ा और इसका व्यास 14 सेंटीमीटर है। इस पर एक सांप की आकृति है और आगे से यह खंडित है।

    यह एक गदा है, जिसका निचला हिस्सा टूटा हुआ है। यह सेंडस्टोन का बना हुआ है। इसकी लंबाई नौ सेंटीमीटर और व्यास 10.3 सेंटीमीटर है।

    ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर तेलगू और कन्नड़ लिपि में लेख लिखी हुई नजर आ रही हैं। 

  • Ganesh Chaturthi 2023: विघ्नहर्ता का आगमन…

    Ganesh Chaturthi 2023: विघ्नहर्ता का आगमन…

    गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, भारत में सबसे व्यापक रूप से मनाए जाने वाले हिंदू त्योहारों में से एक है। यह हाथी के सिर वाले देवता भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है, जिन्हें बाधाओं को दूर करने वाले और शुरुआत के देवता के रूप में जाना जाता है। यह जीवंत और आनंदमय त्योहार देश भर के लाखों भक्तों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है।

    भगवान गणेश की कथा:
    भगवान गणेश के जन्म की कहानी दिलचस्प और प्रतीकात्मक दोनों है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती, स्नान की तैयारी करते समय, हल्दी के पेस्ट से एक लड़के को पैदा करती थीं। फिर उसने उसमें जान फूंक दी और उसे अपने कक्ष का संरक्षक नियुक्त कर दिया। जब भगवान शिव, पार्वती के पति, लौटे और लड़के (जिन्होंने उन्हें नहीं पहचाना) ने उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया, तो एक भयंकर युद्ध हुआ जिसमें भगवान शिव ने लड़के का सिर काट दिया। पार्वती के दुःख को देखकर शिव ने उनके पुत्र के लिए नया सिर खोजने का वादा किया। गहन खोज के बाद, लड़के के शरीर से एक हाथी का सिर जोड़ा गया, जिससे भगवान गणेश का अनोखा रूप सामने आया।


    गणेश चतुर्थी कई कारणों से बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाई जाती है:

    1. बाधाओं को दूर करने वाला
      भगवान गणेश बाधाओं को दूर करने वाले और सौभाग्य लाने वाले देवता के रूप में पूजनीय हैं। भक्तों का मानना है कि किसी भी महत्वपूर्ण प्रयास से पहले उनका आशीर्वाद लेने से सफलता और आसान यात्रा सुनिश्चित होती है।
    2. शुरुआत के देवता
      उन्हें शुरुआत का देवता भी माना जाता है, जो उन्हें कलाकारों, लेखकों, छात्रों और नए उद्यम शुरू करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक आवश्यक देवता बनाता है। एक फलदायी शुरुआत सुनिश्चित करने और किसी भी प्रारंभिक बाधा को दूर करने के लिए उनकी दिव्य कृपा मांगी जाती है।
    3. बुद्धि और बुद्धिमत्ता का प्रतीक
      गणेश का हाथी का सिर ज्ञान, बुद्धिमत्ता और विवेकशील बुद्धि का प्रतीक है। यह सही और गलत के बीच अंतर करने के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग करने के महत्व को दर्शाता है।
    4. एकता और सद्भाव
      यह त्यौहार जाति, पंथ और धर्म की बाधाओं को पार करके लोगों को एक साथ लाता है। समुदाय उत्सव मनाने, साझा करने और उत्सव में भाग लेने के लिए एक साथ आते हैं।


    गणेश चतुर्थी का उत्सव आमतौर पर दस दिनों तक चलता है, जिसमें सबसे भव्य उत्सव पहले और आखिरी दिन होते हैं। मुख्य अनुष्ठानों में शामिल हैं:

    1. गणपति स्थापना
      पहले दिन, भक्त भगवान गणेश की छोटी से लेकर आदमकद तक की मिट्टी की मूर्तियाँ घर लाते हैं। इन मूर्तियों को घरों और सार्वजनिक पंडालों (पूजा के लिए बनाई गई अस्थायी संरचनाएं) में बड़ी श्रद्धा के साथ स्थापित किया जाता है।
    2. प्रार्थना और प्रसाद
      भक्त भगवान को प्रार्थना, फूल, मिठाइयाँ और विभिन्न व्यंजन चढ़ाते हैं। मोदक, एक मीठी पकौड़ी, भगवान गणेश का पसंदीदा माना जाता है और एक आवश्यक प्रसाद है।
    3. आरती और भजन
      पूरे त्योहार के दौरान, भगवान गणेश की स्तुति में आरती (भक्ति गीत) और भजन (धार्मिक भजन) गाए जाते हैं। इनसे आध्यात्मिक वातावरण बनता है और भक्ति की भावना बढ़ती है।
    4. विसर्जन
      अंतिम दिन, मूर्तियों को भव्य जुलूसों में नदियों, झीलों या समुद्र में विसर्जित करने के लिए ले जाया जाता है। यह भक्तों की परेशानियों और अशुद्धियों को दूर करते हुए भगवान गणेश के प्रस्थान का प्रतीक है।

    पर्यावरण-अनुकूल उत्सव:
    हाल के वर्षों में, त्योहार के पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ी है। कई समुदाय अब प्राकृतिक मिट्टी से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों का चयन कर रहे हैं और सजावट के लिए पानी में घुलनशील रंगों का उपयोग कर रहे हैं। स्थिरता की ओर यह बदलाव पर्यावरण को संरक्षित करने के सामूहिक प्रयास को दर्शाता है।

    गणेश चतुर्थी एक ऐसा त्योहार है जो भक्ति, एकता और बुराई पर अच्छाई की जीत का उदाहरण देता है। यह लोगों को उत्सव और पूजा में एक साथ लाता है, समुदाय और आध्यात्मिक विकास की भावना को बढ़ावा देता है। पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाकर, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारे ग्रह का सम्मान करते हुए यह पोषित परंपरा फलती-फूलती रहे।

    जैसे-जैसे हम उत्सव में डूबते हैं, आइए हम भगवान गणेश की शिक्षाओं को भी आगे बढ़ाएं – ज्ञान के साथ बाधाओं को दूर करना, आत्मविश्वास के साथ नई शुरुआत करना और अपने जीवन के सभी पहलुओं में एकता और सद्भाव की तलाश करना। गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ!

  • Doranda में हुई भव्य गंगा आरती

    Doranda में हुई भव्य गंगा आरती

    श्रावण पूर्णिमा के शुभ अवसर पर Doranda Button Talab में हुआ आयोजन, देखें तस्वीर…

    Ranchi : श्रावण पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आज डोरंडा स्थित बटन तालाब परिसर में पहली बार भव्य श्री गंगा आरती का आयोजन किया गया।श्री राम सेवा संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से राँची सांसद Sanjay Seth, वरिष्ठ भाजपा नेता Kunal Ajmani, समाजसेवी विजय कुशवाहा, साधू यादव व संस्था के मुख्य संरक्षक Jitendra Singh के साथ सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।


    संस्था के अध्यक्ष कृष्णा मिश्रा ने कहा कि श्री गंगा आरती कार्यक्रम आयोजन एक महत्वपूर्ण उद्देश्य शहर में स्थित जलाशयों का संरक्षण व उसकी स्वच्छता के प्रति लोगो को जागरूक करना है। साथ ही जो असमर्थ लोग बनारस जाकर श्री गंगा आरती नही देख सकते हैं उनको कार्यक्रम दिखाना है। कार्यक्रम के सफ़ल आयोजन में अभिषेक चौबे, नीतीश पाण्डेय, माहि राय,सतीश सिंह, आकाश कुमार, सूरज गिरी, गुड्डू सिंह समेत दर्जनों लोग का सहयोग रहा।

  • हिमाचल से आ रही हैं बाढ़ की डराने वाली तस्वीरें, यूपी में 34 लोगों की मौत हो गई

    हिमाचल से आ रही हैं बाढ़ की डराने वाली तस्वीरें, यूपी में 34 लोगों की मौत हो गई

    उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की घटानाओं को चलते 10 लोगों की मौत हुई है. वहीं अगर पिछले दो से तीन दिन में 34 लोगों की मौत की बात करें तो आकाशीय बिजली गिरने से 17, पानी में डूबने से 12 और 5 लोगों की मौत भारी बारिश की वजह से हुई है.

    पूरे उत्तर भारत में जारी भारी बारिश (Torrential Rain) के बीच उत्तर प्रदेश में 34 लोगों की मौत की खबर आई है. ये मौतें पिछले दो से तीन दिन में हुई हैं. बारिश के अलावा बिजली गिरने की वजह से भी लोगों की जान गई है. इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मृतकों के घरवालों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. आर्थिक सहायता के तौर पर प्रत्येक पीड़ित घरवालों को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे.

    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश और बिजली गिरने की घटानाओं को चलते 10 लोगों की मौत हुई है. वहीं अगर पिछले दो से तीन दिन में 34 लोगों की मौत की बात करें तो आकाशीय बिजली गिरने से 17, पानी में डूबने से 12 और 5 लोगों की मौत भारी बारिश की वजह से हुई है.

    रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अभी तक मानसून सीजन के दौरान 11 फीसदी अधिक बरसात हो चुकी है. इसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. इसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है. मौसम विभाग के डेटा के मुताबिक, प्रदेश के 75 में से 68 जिलों में बरसात हुई है.

    क्या है वजह?

    दरअसल, भारी बारिश ने पूरे उत्तर भारत का हाल बेहाल कर रखा है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से बाढ़ के खौफनाक दृश्य सामने आ रहे हैं. वहीं मैदानी इलाकों में स्थित शहर भी जलभराव से जूझ रहे हैं. दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और चंडीगढ़ की सड़कों पर जमा पानी ने लोगों को परेशान कर रखा है.

    इस बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले 24 घंटे के लिए लोगों से घर में रहने की अपील की है. हिमाचल प्रदेश में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. इसी तरह की अपील पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी की है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के एक साथ मिल जाने की वजह से उत्तर भारत में इतनी भीषण बारिश हो रही है.

  • प्रभु जगन्‍नाथ, आज भक्‍तों को देंगे दर्शन, कल जाएंगे मासी बाड़ी

    प्रभु जगन्‍नाथ, आज भक्‍तों को देंगे दर्शन, कल जाएंगे मासी बाड़ी

    रांची। रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर में पंद्रह दिनों तक अज्ञातवास में रहने के बाद आज भगवान दर्शन देंगे। इस मौके पर विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। चार जून को भगवान अज्ञातवास में चले गए थे। आज उनका भव्य नेत्रदान होगा।

    मंदिर मंडप में शाम के 4:30 बजे भगवान बाहर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। इसके बाद अगले दिन यानी 20 जून को भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा शाम के चार बजे निकाली जाएगी और भक्त भगवान का रथ खींचते हुए उन्हें मौसीबाड़ी पहुंचाएंगे। यहां दस दिनों तक रहने के बाद 29 जून को वे अपने धाम लौटेंगे। इसे घुरती रथ कहा जाता है।

    पंद्रह दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा भक्तों के बीच आएंगे। इससे पूर्व संध्या चार बजे नेत्रदान अनुष्ठान पूर्ण होगा। धार्मिक विधान के अनुसार पंद्रह दिनों के एकांतवास के दौरान भगवान जगन्नाथ सहित भाई-बहन का विशेष शृंगार किया जाता है। अंतिम दिन नेत्र का शृंगार किया जाता है। इसे ही नेत्रदान कहा जाता है।

    मान्यता है कि ज्‍येष्‍ठ की गर्मी में प्रभु इतना ज्यादा स्नान कर लेते हैं कि वे बीमार पड़ जाते हैं। पंद्रह दिनों तक उनका उपचार किया जाता है। स्वस्थ होते हैं तो वे अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। अनुष्ठान के दौरान भव्य रूप से 108 दीपों की आरती होगी। पूजा-अर्चना के बाद गुड़ की बुंदिया और मालपुआ का भोग लगाया जाएगा।

    मारवाड़ी सहायक समिति रथयात्रा मेले में 1913 से सहयोग कर रही है। इस बार समिति के प्रवक्ता संजय सर्राफ एवं मनीष लोधा को जगन्नाथपुर रथ मेला का प्रभारी नियुक्त किया गया। आज चार बजे नेत्र उत्सव में भगवान का पुष्प शृंगार एवं प्रसाद (मालपुआ) का भोग वितरण समिति की ओर से किया जाएगा।

    20 जून मंगलवार को रथयात्रा के दिन संपूर्ण मंदिर परिसर में फूलों का अलौकिक शृंगार, रथ का शृंगार किया जाएगा। इसके बाद महाभोग लगाया जाएगा, जिसमें बुंदिया, भुजिया पेड़ा, मीठा पुलाव रहता है। साउंड एंव लाइट की व्यवस्था की गई है। विष्णु सहस्त्रनाम के पाठ का आयोजन एवं 251 किलो बुंदिया का भोग लगाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए शिविर में चना एवं पानी की व्यवस्था की गई है।

    मंगलवार को प्रभु मंदिर प्रांगण में ही सुबह छह बजे से भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर में इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। सैकड़ों स्वयं सेवक के साथ पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगी। इसके बाद से ही दस दिवसीय मेले का भी शुभारंभ हो जाएगा।

    यहां पड़ोसी राज्यों से भी कलाकार, दुकानदार, झूले वाले आते हैं। राज्य के विभिन्न जिलों से भी दुकानदार यहां दुकान लगाते हैं। पहली बार मेले की नीलामी 75 लाख में की गई है इसलिए छोटे दुकानदार काफी परेशान हैं। हालांकि, मेला सज गया है। मंगलवार से दस दिनों तक काफी चहल-पहल रहेगी।

  • आ रहे हैं बागेश्वर बाबा राजधानी रांची ?

    आ रहे हैं बागेश्वर बाबा राजधानी रांची ?

    वर्तमान समय के सबसे चर्चित कथावाचकों में से एक बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों में होने के बाद जल्द ही रांची में होने वाली है। राजधानी रांची और झारखंड के बागेश्वर सरकारप्रेमी लगातार इस प्रयास में लगे हैं कि रांची में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार को हरी झंडी मिल जाए।

    गौरतलब है कि बागेश्वर सरकार के कार्यक्रम का आयोजन अगले महीने राजधानी दिल्ली में होने जा रहा है। प्रबंधन समिति और कार्यक्रम के आयोजक रवि गुप्ता ने बागेश्वर धाम सरकार के आगामी कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 05 से 08 जुलाई तक पूर्वी दिल्ली के रामलीला उत्सव ग्राउंड, आईपी एक्शटेंशन में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा।

    इस तीन दिवसीय हनुमंत कथा के दौरान 03 दिवसीय यज्ञ का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं 07 जुलाई को बहुचर्चित दिव्य दरबार का आयोजन होगा, जबकि 08 जुलाई को 21 कन्याओं का सामूहिक विवाह कार्यक्रम होना तय हुआ है।
    बता दें कि पिछले दिनों पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी का बिहार में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया था, जिसमें 10 लाख श्रोताओं की रिकॉर्ड भीड़ पहुंची थी। इसके बाद उनका कार्यक्रम मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात में भी हुआ, वहां भी लाखों की संख्या में बागेश्वर धाम सरकार के भक्त पहुंचे थे जिसे देखते हुए दिल्ली के कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।

    बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर मध्य प्रदेश के बाबा (Bageshwar Baba) धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कई महीने से राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में हैं। टीवी चैनलों पर उनके दावे गूंज रहे हैं। इस समय सोशल मीडिया पर धाम में 125 जोड़े के सामूहिक विवाह की तस्वीरें वायरल हैं। खुद CM शिवराज सिंह चौहान बेटियों को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पिछले दिनों पूर्व सीएम कमलनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हाथ जोड़कर बात करने वाली तस्वीरें भी आपने देखी होंगी।

    पिछले एक महीने में फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां उनके दरबार में हाजिरी लगा चुकी हैं। आस्था से इतर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। कोई बिना कुछ कह कैसे मन की बात जान लेता है? क्या यह जादू है, चमत्कार है, ईश्वर कृपा है या क्या है? जब बागेश्वर बाबा के दावे चारों तरफ गूंजने लगे तो समाज से ही कुछ लोग आगे आए और उन्होंने कहा कि इसमें कोई चमत्कार नहीं बस माइंड गेम है।

    बाबा को चुनौती देने वालों की भी चर्चा होने लगी। आप भी जानना चाहते होंगे कि मराठी पगड़ी में युवा जोश के साथ जो 26-27 साल के बाबा मुस्कुराते हुए सनातन धर्म की बातें कर रहे हैं, उन पर सवाल उठाने वाले ये लोग कौन हैं? ऐसे 1-2 नहीं, कुल पांच लोगों का यहां हम जिक्र करेंगे जिन्होंने बागेश्वर बाबा के बारे में अपना अलग दावा किया है।

    कोई इन्हें दिमाग पढ़ने वाले तो कोई जादूगर के रूप में जानता है। आगे बढ़ने से पहले जान लीजिए कि विराट कोहली, आमिर खान, ऋतिक रोशन जैसे सितारों के दिमाग को पढ़कर करन सिंह को काफी प्रसिद्धि मिली। उनके कई वीडियो वायरल हो चुके हैं। करन सिंह विराट से कोई एक नाम दिमाग में सोचने के लिए कहते हैं। वह बोलते हैं कि वह आपको बॉलिंग कर रहा है। आप उस पर शॉट खेलते हैं। कमेंटेटर नाम लेता है। ये सब कोहली मन में दोहराते हैं और करन पहला अक्षर बताते हैं। यही नहीं, वह मोबाइल में लिखकर लोगों को दिखाते भी हैं लेकिन कोहली को नहीं बताते। इसके बाद वह कोहली से पूछते हैं तो उन्होंने भी वही नाम लिया जो करन ने पहले ही लिख रखा था- पीयूष नागपाल। आसपास के लोग चिल्ला पड़ते हैं।

    बाबा बागेश्वर की चर्चा होने लगी तो करन ने टीवी डिबेट में उन्हें चुनौती दे डाली। कुछ लोग उन्हें गालियां भी देने लगे। लेकिन इस पर बात तो होनी चाहिए कि क्या यह जादू है या कोई स्किल? करन कहते हैं कि मैं किसी के भरोसे को तोड़ नहीं रहा और न ही सवाल कर रहा हूं। वह बस इतना कहना चाहते हैं कि आपको सवाल पूछना चाहिए। अंधभक्त नहीं बनना चाहिए। उनका साफ तौर पर कहना है कि इसमें महामानव जैसी कोई बात नहीं है। सब ट्रिक्स, मनोस्थिति, मन के विश्लेषण की बात है। ज्यादातर एक्सपर्ट भी कहते हैं कि लोगों के बॉडी मूवमेंट, अपीयरेंस, बोलने पर जवाब देने की स्टाइल से बहुत कुछ नोटिस हो जाता है। इसे वे न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP) कहते हैं। इसमें विजुअल क्लू की मदद से ब्रेन को पढ़ा जाता है।

    गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जो कि बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर हैं, उनके लिए लोगों में जितना क्रेज देखा जा रहा है, उतना शायद ही किसी बाबा के लिए देखा गया होगा। बागेश्वर धाम सरकार सनातन धर्म को सर्वोपरि मानते हैं और उनका कहना है कि भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना है, जिससे सनातन धर्म की रक्षा हो सके। अपने बयानों को लेकर धीरेंद्र शास्त्री अकसर सुर्खियों में रहते हैं।

  • UP के मंदिरों में तोड़ फोड़

    UP के मंदिरों में तोड़ फोड़

    उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर में स्थापित भगवान के मूर्तियों को तोड़ दिया । इसके बाद वहां के लोगों और हिंदूवादी समूहों में आक्रोश का माहौल देखने को मिला । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंच गई।
    आइए जानते हैं पूरा मामला …

    यूपी के बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र ग्राम बलार में कुछ असामा जिक तत्वों ने
    गांव के चार मंदिरों पर धावा बोल भगवान के करीब दर्जनों प्रतिमाओं को तोड़ दिया और वहां से फरार हो गए। इसकी जानकारी जब भक्तों और ग्रामीणों को मिली तो वहां चारों तरफ आक्रोश का माहौल बना हुआ है.

    हिंदू एक्शन आर्मी के अध्यक्ष अमित तोमर की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गांव में 100 वर्ष पुराना मंदिर है। सुबह जब भक्त वहां पूजा करने पहुंचे तो दंग रह गए क्यों कि वहां के चार मंदिरों के मूर्तियों को तोड़ दिया गया था । इसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे गां व में फैल गया , जिसके बाद ग्रामीणों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा का माहौल बन गया ।


    घटना की जानकारी मिलते ही एसपी (SP) सिटी सुरेन्द्रनाथ तिवारी , एसडीएम सदर, सीओ सिकंदरा बाद, गुलाबी कोतवाली प्रभारी , निरी क्षक सभी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और जांच की । लोगों ने पुलिस से पुनः मूर्तियों को लगा ने के साथ ही इस मामले में शामिल सभी लोगों का पता लगा कर जल्द से जल्द इन पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही । इसके बाद एसडीएम सदर ने बताया कि मंदिर को सील कर दिया गया है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। साथ ही गुलावठी एसएचओ ( SHO) को जल्द से जल्द कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने कहा की पुलिस जल्द से जल्द असामाजिक लोगों का पता लगा कर उसे जेल भेज देगी ।

  • उज्जैन में आंधी-बारिश से गिरी महाकाल लोक की मूर्तियां, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक

    उज्जैन में आंधी-बारिश से गिरी महाकाल लोक की मूर्तियां, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर लगी रोक

    मध्यप्रदेश के उज्जैन में बिगड़े मौसम का असर महाकाल लोक पर भी पड़ा है। आंधी के कारण महाकाल लोक की कुछ मूर्तियां गिर गईं। घटना रविवार शाम 4 बजे की बताई जा रही है।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सप्तऋषि की मूर्तियां गिरी हैं। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल रोक दिया गया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नए परिसर ‘महाकाल लोक’ का लोकार्पण किया था।

    आज जिस समय आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ उस समय वहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल लोक में मौजूद थे। रविवार होने से वैसे ही भक्तों की संख्या ज्यादा ही थी। हादसे में कई श्रद्धालु बाल-बाल बचे।

    महाकाल लोक के बनने के बाद उज्जैन में दर्शनार्थियों की संख्या दोगुनी हो गई थी।

  • सुहागिनों ने अपने पति की लम्बी आयु के लिए की बट सावित्री पूजा

    सुहागिनों ने अपने पति की लम्बी आयु के लिए की बट सावित्री पूजा

    रांची | राजधानी समेत पूरे राज्य में महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए शुक्रवार को वट सावित्री का व्रत रखा है। इसी क्रम में महिलाओं ने उपवास रखा और शुक्रवार सुबह बरगद के पेड़ के पास पूजा-पाठ की। फिर इसकी परिक्रमा भी की।

    इसी क्रम में सुहागिनों ने पूजा की। उन्होंने पूजा-पाठ कर पेड़ की परिक्रमा की। फिर पेड़ के चारों ओर सुहागिनों ने कलेवा बांधा और पति की लंबी उम्र की कामना की। वे अब अगले दिन उपवास तोड़ेंगी।

    शास्त्र के अनुसार, सावित्री ने अपने पति सत्यवान के जीवन को यमराज (मृत्यु के देवता) से वापस मांग लिया था। तभी से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना से यह व्रत करती हैं। पति के जीवन से परेशानी दूर करने की मन्नत मांगती हैं।

    आधुनिकता के नाम पर एक तरफ भारतीय सनातन समाज में कुछ लोग अपनी भाषा,संस्कृति, धर्म और परंपरा को छोड़ रहे है. दूसरी तरफ आज भी कुछ लोग अपनी भाषा, संस्कृति, धर्म और परंपराओ को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. इसी सिलसिले में जेठ महीने की शुक्ल अमावस्या तिथि को वट सावित्री की पूजा की जाती है. शुक्रवार को उक्त तिथि पर सनातनी विवाहित महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु की कामना के लिए पूजा की. सती सावित्री ने इसी दिन व्रत और तपस्या के बल पर यमराज को संतुष्ट करके अपने पति सत्यवान को पुनर्जीवित किया था.

  • बट सावित्री पूजा के दौरान बरगद पेड़ में लगी आग

    बट सावित्री पूजा के दौरान बरगद पेड़ में लगी आग

    अगरबती जलाने के क्रम में माचिश से मोली में लगी आग, मची अफरातफरी

    चतरा। बट सावित्री पूजा के अवसर पर आज पूरे शहर में महिलाएं पूजा अर्चना में लीन है। महिलाएं जगह जगह स्थित बरगद के पेड़ में जलाभिषेक और मोली धागा बांध कर अपने सुहाग की सलामति की कामनाएं ईश्वर से कर रही है। बट सावित्री पूजा के दौरान शहर में एक आगलगी की घटना हुई। हलांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बताया जाता है कि शहर के गंदौरी मंदिर में वट सावित्री पूजा स्थल पर पूजा अर्चना के दौरान आग लगने से कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। जिस बरगद पेड़ के नीचे सुहागिनें पूजा कर रहीं थी, उसी पेड़ की जड़ में अचानक आग लग गई। पेड़ के तने पर सुहागिनें मौली धागा लपेट कर अटल सुहाग की कामना कर रही थी। इसी दौरान अगरबत्ती जलाते वक्त किसी महिला से धागे में आग लग गई। देखते ही देखते आग मौली धागा से ऊपर की ओर पहुंच गई। आसपास के लोगों ने तुरन्त तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाल्टी के सहारे आग पर पाया काबू पाया। स्थानीय लोगों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।