श्रेणी: Religious

  • श्री श्याम मण्डल की आम सभा श्री श्याम मंदिर के सभागार में संपन्न हुई

    श्री श्याम मण्डल की आम सभा दिनांक 26 सितंबर सोमवार को अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर के सभागार में संपन्न हुई । सभा में बड़ी संख्या में सदस्यों ने भाग लिया , सभा की अध्यक्षता मण्डल के अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश बागला ने की , इस अवसर पर श्री बागला ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए 55 वें वार्षिक श्री श्याम महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सभी सदयों को बधाई दी । मंत्री श्री धीरज बंका ने महोत्सव हेतु गठित सभी उप समितियों के कार्यों के क्रमवार चर्चा की । सभा ने सभी उप समितियों के कार्यों पर विस्तृत चर्चा की एवं संतोष प्रकट किया साथ ही कोषाध्यक्ष श्री राजेश सारस्वत ने 55 वें श्री श्याम महोत्सव के आय-व्यय का पूर्ण विवरण सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया साथी इस अवसर पर मण्डल के संरक्षक श्री सुरेश चंद्र पोद्दार ने सदस्यों को संबोधित करते हुए मण्डल के विगत 55 वर्षों के स्वर्णम इतिहास की चर्चा करते हुए सदैव श्री श्याम प्रभु की सेवा में तत्पर रहने का आह्वान किया । उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंघानिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
    इस अवसर पर ओम जोशी , विवेक ढांढनीयां, प्रदीप अग्रवाल , विजय साबू , विकाश पाडिया , प्रमोद सारस्वत ( लल्लू ) , अरुण धनुका , प्रमोद बगड़ीया , ज्योति पोद्दार , जीतेश अग्रवाल , अमित जलान , गौरव परसरामपुरिया उपस्थित थे ।

  • रात 1.30 बजे स्टूडेंट्स का धरना खत्म, 6 दिन पढ़ाई बंद


    चंडीगढ़ । मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (उव) में पढ़ने वाली 60 से ज्यादा छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल करने के मामले में स्टूडेंट्स का धरना रात 1.30 बजे खत्म हुआ। रोपड़ रेंज के ऊकॠ गुरप्रीत भूल्लर और मोहाली के ऊउ अमित तलवार ने भरोसा दिया कि उनकी सभी मांगे मानी जाएंगी। यूनिवर्सिटी में अब 24 सितंबर तक नॉन टीचिंग डे घोषित कर दिया गया है। इस मामले से सहमी लड़कियों ने हॉस्टल खाली करने शुरू कर दिए हैं। उनके माता-पिता सुबह ही बेटियों को लेने पहुंच गए।
    इस मामले में आरोपी दो युवकों को हिमाचल पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इनमें लड़की ने जिस युवक की तस्वीर दिखाई थी, उसे शिमला के ढली से पकड़ा गया। उसका नाम रंकज वर्मा है। वहीं दूसरे आरोपी सन्नी मेहता को रोहड़ू से अरेस्ट किया गया। इससे पहले पंजाब पुलिस ने वीडियो बनाने वाली लड़की को गिरफ्तार किया था। लड़की •ाी शिमला के रोहड़ू की रहने वाली है। वो लड़कों को बहुत पहले से जानती है।
    देर शाम दोनों युवक पंजाब पुलिस को सुपुर्द कर दिए गए। सन्नी (23 साल) एक बेकरी में, तो रंकज (31 साल) ट्रेवल एजेंसी में काम करता है। रंकज मूल रूप से ठियोग के संधू क्षेत्र का है। इनसे अब वीडियो मंगवाने और उसे वायरल करने के मकसद के बारे में पूछताछ होगी।

    स्टूडेंट्स की मांग प्रशासन ने मानी
    सूत्रों के मुताबिक, स्टूडेंट्स ने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन से शनिवार रात हुए मामले की पारदर्शी जांच, शनिवार को हुए लाठीचार्ज की जांच, अस्पताल में भर्ती स्टूडेंट्स को मुआवजा देने, गर्ल्स हॉस्टल का टाइम 8:30 से बढ़ाकर 9:30 बजे तक करने और हॉस्टल के सभी वॉर्डन बदलने की मांग रखी है। दोनों पक्षों की ओर से स्टूडेंट्स को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। स्टूडेंट्स को शांत करने के लिए एंबुलेंस में अस्पताल भेजी गई स्टूडेंट को मौके पर लाया गया। हालांकि उसने अपना मुंह ढंक रखा था। दावा किया गया था कि घटना के बाद युवती ने सुसाइड करने की कोशिश की थी। हालांकि प्रशासन ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया है।

    पुलिस के इनकार पर भड़के स्टूडेंट्स
    रविवार सुबह मोहाली के एसएसपी विवेकशील सोनी और रोपड़ रेंज के डीआईजी गुरप्रीत सिंह भूल्लर मामले की जांच के लिए उव कैंपस पहुंचे। उव मैनेजमेंट के साथ-साथ इन दोनों अफसरों ने दावा किया कि किसी छात्रा का कोई वीडियो वायरल नहीं हुआ और स्टूडेंट्स को गलतफहमी हो गई थी। इसी बात से यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भड़क उठे। प्रदर्शनकारी छात्राओं के अनुसार, आरोपी लड़की खुद मान चुकी है कि उसने हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के वीडियो बनाकर अपने दोस्त को भेजे मगर पंजाब पुलिस कह रही है कि लड़की ने सिर्फ अपना वीडियो बनाया। इसके अलावा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कुछ अधिकारियों ने लड़कियों के कपड़ों को लेकर भी कमेंट किए। इससे उनमें नाराजगी है।

  • नहीं रहें शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

    99 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

    गांडीव रिपोर्टर । रांची

    देश की 4 प्रमुख पीठों में शामिल ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी का आज मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित गोटेगांव के समीप झोतेश्वर धाम में निधन हो गया। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने झोतेश्वर धाम परिसर में स्थित अपने आश्रम में अपरान्ह अंतिम सांस ली।

    वे अपने जीवन के 98 वर्ष पूरे कर चुके थे। अंतिम समय में शंकराचार्य के अनुयायी और शिष्य उनके समीप थे। उनके बृह्मलीन होने की सूचना के बाद आसपास के क्षेत्रों से भक्तों की भीड़ आश्रम की ओर पहुंचने लगी।

    झोतेश्वर धाम सूत्रों के अनुसार स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की पार्थिव देह को पालकी में रखकर आज शाम को ही झोतेश्वर धाम में दर्शनार्थ रखा जाएगा। भक्त और अनुयायी उनके अंतिम दर्शन लाभ ले सकेंगे। अनुयायी कल यानी सोमवार को भी उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। बताया गया है कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को ही किए जाने की संभावना है।

  • श्री श्याम महोत्सव के तीसरे दिन प्रभु के दर्शन के लिए लगी लंबी कतार

    श्री श्याम मण्डल, रांची के चार दिवसीय 55 वें वार्षिक श्री श्याम महोत्सव के तीसरे दिन दिनांक 3 सितंबर 2022 को अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर के प्रांगण में भव्य एवं विराट मुख्य आयोजन आयोजित किया गया , इस अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया गया आकर्षक विद्युत सज्जा व विभिन्न तरह के फूलों की लड़ियों की सजावट हर दर्शनार्थी के मन को मोह रही थी ।

    कोलकाता के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा 10 दिनों के अथक परिश्रम से श्री श्याम दरबार को अत्यंत मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया । रजत सिंहासन पर विराजमान श्री श्याम प्रभु का अलौकिक श्रृंगार हर भक्तों के हृदय को आलोकित कर रहा था साथ ही इस अवसर पर वीर बजरंगबली एवं श्री शिव परिवार का भी अत्यंत मनभावन श्रृंगार किया गया ।


    रात्रि 9:00 बजे गणेश पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ मण्डल के संरक्षक श्री सुरेश चंद्र पोद्दार ने गणेश पूजन संपन्न कराई एवम मण्डल के अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश बागला ने उपस्थित भक्त समुदाय का स्वागत किया तथा इस अवसर पर मण्डल द्वारा प्रतिवर्ष निरंतर प्रकाशित होने वाली भजन पुस्तिका प्रेम पुष्प के 55 वें अंक का विमोचन मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी व श्री छगनलाल पटेल द्वारा किया गया । श्री पटेल ने उपस्थित सभी भक्तों का अभीवंदन करते हुए श्याम देव के चरणों में वंदन किया । मण्डल के अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश बागला द्वारा अष्ट प्रहर की अखण्ड ज्योत प्रज्वलित की गई अखण्ड ज्योत प्रज्वलित होते ही पूरे मंदिर परिसर हर्ष उल्लास में डूब गया ।


    श्री श्याम मंडल के सदस्यों द्वारा गाए जाने वाले 5 भजनों में सर्वप्रथम श्री गणेश वंदना श्री रमेश चंद्र सारस्वत , श्री गुरु वंदना श्री रमेश चंद्र सारस्वत , हनुमान वंदना श्री गोपी किशन ढांढनीयां, मातेश्वरी वंदना श्री ज्ञान प्रकाश बागला , शिव वंदना चंद्रप्रकाश बागला एवं श्री श्याम वंदना श्री सुरेश चंद्र पोद्दार के द्वारा गाया गया इसके साथ ही 24 घंटे की संगीत में संकीर्तन का शुभारंभ किया गया । इस अवसर पर श्री श्याम प्रभु को छप्पन भोग के अलावा विभिन्न प्रकार के मिष्ठान फल मेवा रबड़ी इत्यादि का भोग अर्पित किया गया ।

    संपूर्ण रात्रि श्याम प्रभु को सवामणी चढ़ाने वाले भक्तों का तांता लगा रहा साथ ही प्रभु के दर्शन के लिए लंबी कतार में कतार में होकर भक्त दर्शन कर रहे थे । इस अवसर पर देश के कोने-कोने से शाम भक्त रांची पधारे साथ ही प्रसिद्ध भजन गायक श्री चैतन्य दाधीच जयपुर ने एक से एक भक्तिमय भजन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को श्यामम्य बना दिया ।


    तुम पग पग पर समझाते हम फिर भी समझ ना पाते
    थारी कृपा से बाबा जीवन गुजारा जी
    जग म हंसाई म्हारी मत ना करवाज्यो जी
    बीती सुणावां थान अर्जी लगावां जी


    कहते हैं लोग तुझे तूं हारे का सहारा इत्यादि भजनों की लय पर भक्तगण झूम उठे साथ ही इस अवसर पर श्री श्याम प्रचार मण्डल केशवराम कॉटन मिल कोलकाता के सदस्यों द्वारा भजनों की अनुपम गंगा प्रवाहित की गई । मंदिर के निकट का पूरा क्षेत्र मेले के दृश्य उत्पन्न कर रहा था इस अवसर पर मण्डल के सदस्य बड़े विनम्र भाव से आये हुए भक्तजनों का बड़े विनर्म ही भाव स्वागत कर रहे थे ।


    आज के इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुदर्शन चितलांगिया , बालकिशन परसरामपुरिया , राकेश सारस्वत , मनोज ढांढनीयां , अजय साबू , अरुण धनुका , अजय रूंगटा , अमित जलान , लल्लू सारस्वत , गोविंद शर्मा एवम नितेश लाखोटिया का सहयोग रहा ।

    नोट – श्री श्याम महोत्सव के चौथे दिन दिनांक 4 सितंबर 2022 रविवार को प्रातः 7:00 बजे से श्री हरी सत्संग समिति द्वारा सुंदरकांड पाठ ।
    प्रातः 10:00 बजे से स्थानीय मण्डलियां श्री हनुमान मण्डल एवम श्री शिव भक्त मण्डल एवम गुमला से पधारे श्री श्याम मण्डल भजनों की गंगा बहाएंगे ।
    साथ ही कोलकाता से पधारे प्रसिद्ध भजन गायक श्री कृष्ण कुमार एवं धनबाद से पधारे श्री मनोज कुमार अपने भजनों का गंगा बहाएंगे ।

  • शिव चर्चा के संस्थापक श्री हरिन्द्रानंद का निधन

    सुबह 3:00 बजे छोड़ा नश्वर शरीर, बेटे अर्चित आनंद ने की पुष्टि

    रांची। शिव शिष्य परिवार के जनक स्वामी हरिंद्रानंद का आज सुबह 3:00 बजे निधन हो गया। यह जानकारी देते हुए उनके जेष्ठ पुत्र अर्चित आनंद ने बताया कि आज सुबह 3 बजे दिनांक -04/09/2022 को शिव शिष्यता के जनक और शिव चर्चा के संस्थापक साहब श्री हरीन्द्रानंद जी ने अपना शरीर त्याग दिया है। साहब का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थल A-17,SEC-2,HEC, DHURWA,(पुरानी विधानसभा के पीछे, गेट नंबर -1) राँची में आज सुबह 11 बजे से संध्या 5 बजे तक लोगों के दर्शनार्थ रखा जायेगा। पुनः कल यानि 05/09/2022 को सुबह 6 बजे से 11 अपराह्न तक लोगों के दर्शनार्थ रखा जायेगा।

  • श्री श्याम मंदिर से श्री श्याम प्रभु की विराट एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई

    रांची | श्री श्याम मंडल रांची के 55 वें वार्षिक श्री श्याम महोत्सव के दूसरे दिन दिनांक 2 सितंबर 2022 को अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर से श्री श्याम प्रभु की विराट एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई । शोभायात्रा अपराहन 4:00 बजे प्रारंभ हुई शोभायात्रा के आगे आगे बैंड की धुन के साथ सैकड़ों श्याम भक्त धर्म ध्वजा व विभिन्न देवताओं के जयकारों से अंकित बैनर लेकर चल रहे थे । शोभायात्रा में श्री कृष्ण लीला पर आधारित झांकियां सभी का मन मोह रही थी । श्री श्याम मंडल के सैकड़ों सदस्य अत्यन्त भक्ति भाव से भजन गाते हुए नाचते हुए शोभायात्रा के साथ चल रहे थे । काफी बड़ी संख्या में नर नारी श्री श्याम देव का जयकारा लगाते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए और इस अवसर पर दिव्य रथ पर श्री श्याम प्रभु का शीश का अलौकिक शृंगार किया गया ।


    श्री श्याम प्रभु नगर वासियों को आशीष लूटा रहे थे , जगह-जगह विभिन्न संस्थाओं वह भक्तों द्वारा शोभायात्रा पर पुष्प वृष्टि की गई । मार्ग में सैकड़ों भक्तों द्वारा दिव्य रथ पर विराजमान श्री श्याम प्रभु की आरती की गई तथा मार्ग के दोनों ओर वह मकानों व छतों पर शोभायात्रा का अवलोकन करने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी ।
    शोभायात्रा में शामिल भक्तों का जगह जगह पर भावभिना स्वागत किया गया पूरे मार्ग पर उपस्थित भक्तों के लिए श्याम प्रभु के दिव्य प्रसाद वितरण का समुचित व्यवस्था की गई थी। जिस मार्ग से यात्रा गुजर रही थी वातावरण पूर्णतया श्याममय हो रहा था । विभिन्न मार्गो का भ्रमण करते हुए शोभायात्रा श्री श्याम मंदिर रात्रि 8 बजे पहुंची जहां मंगल आरती व प्रसाद वितरण के पश्चात शोभा यात्रा का समापन हुआ ।
    आज के इस कार्यक्रम में मनोज सिंघानिया , राकेश मुरारका , सुनील मोदी , अशोक लाठ , पवन अग्रवाल , ज्ञान प्रकाश बागला , शिवरतन बियानी , अमित पोद्दार , विक्रम परसरामपुरिया , महेश सारस्वत , विकाश पाडिया , का विशेष सहयोग रहा ।

  • चार दिवसीय वार्षिक 55 वें श्री श्याम महोत्सव आज से हुआ शुभारम्भ

    श्री श्याम मण्डल , रांची का चार दिवसीय वार्षिक 55 वें श्री श्याम महोत्सव आज दिनांक 19 2022 को अत्यंत भक्ति एवं सेवा भाव की उद्दात भावना के साथ प्रारम्भ हुआ । महोत्सव के प्रथम दिन प्रातः 7:00 बजे से ही अग्रसेन पथ स्थित श्री श्याम मंदिर में बड़ी संख्या में मण्डल के सदस्यों का जमघट लगने लगा ।


    8:00 बजे हर्ष ध्वनि के बीच श्री श्याम प्रभु की दिव्य आरती के पश्चात पूरा मंदिर परिसर श्याम प्रभु के जयकारों से गूंज उठा । श्री श्याम प्रभु के गगनभेदी जयकारों के बीच मंडल के सदस्य अलग-अलग टोलियां बनाकर नर नारायण सेवा के लिए निकल पड़े । इस अवसर पर श्री श्याम मंडल द्वारा स्थापित श्री श्याम सेवा ट्रस्ट द्वारा विभिन्न सेवा प्रकल्पों का आयोजन किया गया , लगभग 50 सदस्यों का दल ने भक्ति भाव होकर सुकुरहुट्टू स्थित गौशाला में प्रार्थना किया गौशाला में लगभग 1500 गौ माता एवं गौवंश की अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया एवं गौवंश को को हरी सब्जी रोटी गुड़ चना इत्यादि सामग्री श्रद्धा सहित खिलाई गई।

    तत्पश्चात पूरे गौवंश माताओं के भाव से लग रहा था कि गौ माताएं सेवा से संतुष्ट होकर आशीर्वाद प्रदान कर रही है । श्री श्याम प्रभु के जयकारों से पूरा गौशाला परिसर गुंजायमान हो गया इस अवसर पर कांके डैम के निकट स्थित श्री श्री विद्या मंदिर लेखनी श्री श्याम मंडल व श्री श्याम सेवा ट्रस्ट के सदस्यों ने बच्चों को श्री श्याम प्रभु की महिमा बताते हुए श्री श्याम महोत्सव की जानकारी दी । तत्पश्चात सभी बच्चों को पठन-पाठन की सामग्री पुस्तके – कॉपी – पेंसिल – रबर – ड्राइंग बुक ब्लैक बोर्ड व टॉफी प्यार एवम स्नेह सहित भेंट की । सभी बच्चों ने प्रफुल्लित होकर श्याम देव का जय जयकार कर स्कूल परिसर को श्यामाम्य बना दिया ।


    आज के इस कार्यक्रम में मण्डल के संरक्षक श्री सुरेश चन्द्र पोद्दार , अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश बागला, उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंघानिया , मंत्री श्री धीरज बंका , गौरव परसुरामपुरिया , विवेक ढांडढनीयां, ज्योति पोद्दार , जीतेश अग्रवाल , राजेश सारस्वत , विकाश पाडिया , अशोक लाठ , शशि बागला, श्वेता बंका , डौली बागला का योगदान रहा ।

    विशेष 52 वें श्री श्याम महोत्सव के दूसरे दिन दिनांक 2 सितंबर 2022 को अग्रसेन पर स्थित श्री श्याम मंदिर से श्री श्याम प्रभु की भव्य शोभायात्रा शाम 4:00 निकाली जाएगी ।

  • श्री श्याम मंडल रांची का 55 वा 4 दिवसीय श्री श्याम महोत्सव 1 से 4 सितंबर तक


    रांची महानगर के प्राचीनतम धार्मिक संस्था श्री श्याम मंडल रांची का 55 वां चार दिवसीय श्री श्याम महोत्सव आगामी 1 सितंबर 2022 से 4 सितंबर 2022 तक अत्यंत धूमधाम से भक्ति पूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाएगा महोत्सव को सफल बनाने हेतु विगत 2 माह से मंडल के कुल सदस्य पूर्ण निष्ठा भाव से कार्य में लगे हुए हैं इस अवसर पर राज्य के बाहर से बड़ी संख्या में श्याम भक्त रांची पधार रहे हैं विगत 2 महीनों से अग्रसेन पर स्थित श्री श्याम मंदिर की साफ-सफाई व सजावट का कार्य चल रहा है श्री श्याम प्रभु वह सभी देवताओं का भव्य श्रृंगार करने के कार्य में कोलकाता से कुशल कारीगरों का 25 सदस्यीय दल विगत 10 दिनों से कड़ी लगन से कार्य में जुटा हुआ है कई प्रसिद्ध भजन गायक व भजन मंडलीया महोत्सव में भाग लेने के लिए पधार रही है जिसमें श्री चैतन्य दाधीच जयपुर व श्री कृष्ण कुमार कोलकाता प्रमुख है इस अवसर पर मंडल द्वारा निरंतर प्रकाशित भजन पुस्तिका प्रेम पुष्प के 55 अंक का विमोचन प्रसिद्ध समाजसेवी श्री छगनलाल जी पटेल करेंगे

  • नहीं रहें रामरतन सर्राफ

    रांची। राजधानी के प्रमुख समाजसेवी राम रतन सर्राफ का निधन हो गया है। वे लंबे समय तक सेवा भारती एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहे थे। समाजसेवा के क्षेत्र में इन्होंने राजधानी में काफी उल्लेखनीय कार्य किया था। उनके निधन पर राज्य के सांसद संजय सेठ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इनका निधन समाज के लिए बड़ी क्षति है। सेवा भारती एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से समाजसेवा के क्षेत्र में इन्होंने जो कार्य किया, वह अनुकरणीय है। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।

  • स्वामी ज्ञानवत्सल पहुंचे रांची, बताई उन्नति की राह

    इगो कम करें, एटिट्यूट बदलें, पॉजिटिव होता चला जाएगा लाइफ : स्वामी ज्ञान वत्सल

    रांची। कोई आदमी 100% परफेक्ट नहीं होता। सभी से गलती होती है या हो सकती है। आप अपनी कमियों को स्वीकार लें, आपका जीवन बदल जाएगा। यह कहना है अक्षरधाम मंदिर और बीएपीएस के सन्यासी सह प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर स्वामी ज्ञान वत्सल का। वे आज रांची गुजराती समाज द्वारा होटल ग्रीन एकर्स में आयोजित मोटिवेशनल सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर आदमी को यह सोचने की जरूरत है कि वह अपने हैबिट में क्या बदलाव लाए, जिससे लोग उसे आसानी से स्वीकार कर सके। यह स्वीकार्यता आपका परिवार के स्तर पर, कार्य स्थल पर अथवा समाज के स्तर पर होनी चाहिए। जब कोई परिस्थिति प्रतिकूल हो, जब आपकी अपेक्षा पूरी न हो, तो उस वक्त आप यह सोचें कि यदि सामनेवाले से आपको कोई हेल्प नहीं मिल पाया, तो कोई बात नहीं, आप अकेला अपने मंजिल के रास्ते पर आगे बढ़ जाए, क्योंकि भगवान ने आपके अंदर असीम शक्ति भरी है। आप अपनी मंजिल हासिल कर ही लेंगे।
    महोत्सव के लिए किया आमंत्रित : प्रमुख स्वामी महाराज की जन्मशती पर अहमदाबाद में 15 दिसंबर से 13 जनवरी तक जीवन उत्कर्ष महोत्सव मनाया जायेगा। 600 एकड़ में होने वाले कार्यक्रम में पांच करोड़ लोग शामिल होंगे। इसके लिए झारखंड के लोगों को प्रेम भरा निमंत्रण दे रहा हूं। कार्यक्रम में चंद्रकांत रायपत, आनंद मानिक, हरिश दोशी आदि मौजूद थे।

    लोगों तक सच्चाई पहुंचाए मीडिया
    गांडीव से बात करते हुए स्वामी ज्ञान वत्सल ने कहा कि मीडिया से संत समाज की अपेक्षा रहती है कि सच्चाई, सत्यता और सदगुण की बात आप लोगों तक पहुंचाए। यह जवाबदेही पत्रकारों, शिक्षकों और समाजिक सेवा के क्षेत्र में लगे लोगों की है।

  • हिन्दू जागरण मंच ने पहाड़ी मंदिर मे निशुल्क सेवा शिविर लगाया

    हर वर्ष की भांती इस वर्ष भी हिन्दू जागरण मंच राँची महानगर श्रावण मास के प्रत्येक सोमवारी कों पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार पर सेवा कार्य लगया गया। जिसमे मुख्य रूप से श्रद्धालुओं के बीच दूध, बेलपत्र और अगरबत्ती आदी वितरित किया गया।

    हिंदू जागरण मंच के प्रांत उपाध्यक्ष सुजीत सिंह ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार पर हिंदू जागरण मंच का सेवा शिविर लगाया जाता है जिसमें भक्तों को निशुल्क दूध फूल अगरबत्ती वितरण किया जाता है सुबह 5:00 बजे से स्वयंसेवक बंधुओं भक्तों की सेवा कार्य में लगे हुए थे जिससे आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो भोले बाबा का दर्शन सबको प्राप्त हो इस व्यवस्था में प्रशासन के लोग भी पूरी तरह से मुस्तैद थे और अपनी सेवा कर दे रहे थे।

    इस मौके पर प्रान्त संरक्षक रत्नेश कुमार, प्रान्त उपाध्यक्ष सुजीत सिंह, महानगर संरक्षक राजेश चौधरी,महानगर अध्यक्ष चंदन मिश्रा, सोनू गुप्ता, नमन भारतीय,अमृत रमन,आशीष शर्मा, निखिल वर्मा,अमित कुमार,राजेश अग्रवाल, गणिता जी,राहुल गुप्ता, ऋषभ सिंह,राहुल राजपूत,सूरज चौधरी, विष्णु चौरसिया, अशोक पांडे, रोहित पांडे, अमित अग्रवाल, बिन्दा बरनवाल, सोनू बर्धवाज,रंजय वर्मा,रोशन कुमार, अर्पित सिंह, श्याम कुमार सेकरो कार्यकर्त्ता मौजूत थे। यह जानकारी महानगर मिडिया प्रभारी नमन भारतीय ने दी।

  • मां काली सेना नें पहाड़ी मंदिर मे निशुल्क सेवा शिविर लगाया

    मां काली सेना द्वारा सावन कि अंतिम सोमवारी को पहाड़ी मंदिर मे निशुल्क सेवा शिविर लगाया गया। सेवा शिविर मे 251 किलो गाय का दूध,बेलपत्र, फूल एवं अगरबत्ती आदी वितरण किया गया।

    जिसमे मुख्य रूप से उपस्थित सेना प्रमुख भोलू सिंह,सुमित तिवारी, शिल्पी कुमारी, जिया सिंह, प्रिया बर्मन, अमित सोनी, आशीष सोनी, करण सिंह, नमन भारतीय, रोहन सिंह, मोहित रजक, अर्जुन सिंह, आदी उपस्थित थे।

  • 12वीं दिन भोले बाबा के नाम से गुंजायमान हुआ पूरा देवघर

    राजकीय श्रावणी मेला, 2022 की दूसरी सोमवारी और मेले के 12 वें दिन अहले सुबह से ही मंदिर प्रांगण और आसपास के क्षेत्र बोल बम के नारों से गुंजयमान हैं।

    इसके अलावे प्रातः 03:50 बजे मंदिर का पट खुलते ही जलार्पण शुरू हो गया तथा कांवरियों की कतार तड़के सुबह कुमैठा तक पहुँच गयी हैं। इन शिवभक्तों की गूंज से रूट लाईन गुंजायमान है और सभी कांवरिया कतारबद्ध हो बाबा का जयघोष करते हुए निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। वही रुटलाइन में लगातार रात्रि से ही श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी लगातार उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री व वरीय अधिकारियों द्वारा की जा रही थी।

    इसके अलावे जलार्पण हेतु कतारबद्ध कांवरियों को कुमैठा, नंदन पहाड़, परमेश्वर दयाल रॉड, बरमसिया, बीएड कॉलेज, तिवारी चौक, शिवराम झा चौक, नेहरू पार्क से मानसिंघी फुट ओवर ब्रीज होते हुए बाबा मंदिर के गर्भ गृह में लगे अर्घा के माध्यम से जलार्पण कराया जा रहा है। साथ ही रूट लाईन के हर प्वाइंट पर श्रद्धालुओं के सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किये गये हैं।

  • यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक करती हैं स्वयं मां गंगा…

    रामगढ़ के टूटी झरना में है यह प्राचीन शिव मंदिर

    रांची : झारखंड के रामगढ़ में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान शंकर के शिवलिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं. मंदिर की खासियत यह है कि यहां जलाभिषेक साल के बारह महीने और चौबीस घंटे होता है. यह पूजा सदियों से चली आ रही है. माना जाता है कि इस जगह का उल्‍लेख पुराणों में भी मिलता है. भक्तों की आस्‍था है कि यहां पर मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.

    अंग्रेजों के जमाने से जुड़ा है इतिहास
    झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर को लोग टूटी झरना के नाम से जानते है. मंदिर का इतिहास 1925 से जुड़ा हुआ है और माना जात है कि तब अंग्रेज इस इलाके से रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे. पानी के लिए खुदाई के दौरान उन्हें जमीन के अन्दर कुछ गुम्बदनुमा चीज दिखाई पड़ा. अंग्रेजों ने इस बात को जानने के लिए पूरी खुदाई करवाई और अंत में ये मंदिर पूरी तरह से नजर आया.

    शिव भगवान की होती है पूजा
    मंदिर के अन्दर भगवान भोले का शिव लिंग मिला और उसके ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली. प्रतिमा के नाभी से आपरूपी जल निकलता रहता है जो उनके दोनों हाथों की हथेली से गुजरते हुए शिव लिंग पर गिरता है. मंदिर के अन्दर गंगा की प्रतिमा से स्वंय पानी निकलना अपने आप में एक कौतुहल का विषय बना है.

    मां गंगा की जल धारा का रहस्‍य
    सवाल यह है कि आखिर यह पानी अपने आप कहा से आ रहा है. ये बात अभी तक रहस्य बनी हुई है. कहा जाता है कि भगवान शंकर के शिव लिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं स्वयं मां गंगा करती हैं. यहां लगाए गए दो हैंडपंप भी रहस्यों से घिरे हुए हैं. यहां लोगों को पानी के लिए हैंडपंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है बल्कि इसमें से अपने-आप हमेशा पानी नीचे गिरता रहता है. वहीं मंदिर के पास से ही एक नदी गुजरती है जो सूखी हुई है लेकिन भीषण गर्मी में भी इन हैंडपंप से पानी लगातार निकलता रहता है.

    दर्शन के लिए बड़ी संख्‍या में आते हैं श्रद्धालु
    लोग दूर-दूर से यहां पूजा करने आते हैं और साल भर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. श्रद्धालुओं का मानना हैं कि टूटी झरना मंदिर में जो कोई भक्त भगवान के इस अदभुत रूप के दर्शन कर लेता है उसकी मुराद पूरी हो जाती है. भक्त शिवलिंग पर गिरने वाले जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं और इसे अपने घर ले जाकर रख लेते हैं. इसे ग्रहण करने के साथ ही मन शांत हो जाता है और दुखों से लड़ने की ताकत मिल जाती है.

  • कोई लाख करे चतुराई….

    विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता:

    भगवान विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर गए। द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर खुद शिव से मिलने अंदर चले गए। तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा को देख कर गरुड़ मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर एक खूबसूरत छोटी सी चिड़िया पर पड़ी। चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ के सारे विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे।

    उसी समय कैलाश पर यम देव पधारे और अंदर जाने से पहले उन्होंने उस छोटे से पक्षी को आश्चर्य की द्रष्टि से देखा। गरुड़ समझ गए उस चिड़िया का अंत निकट है और यमदेव कैलाश से निकलते ही उसे अपने साथ यमलोक ले जाएँगे।

    गरूड़ को दया आ गई। इतनी छोटी और सुंदर चिड़िया को मरता हुआ नहीं देख सकते थे। उसे अपने पंजों में दबाया और कैलाश से हजारो कोश दूर एक जंगल में एक चट्टान के ऊपर छोड़ दिया, और खुद बापिस कैलाश पर आ गया।

    आखिर जब यम बाहर आए तो गरुड़ ने पूछ ही लिया कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी नजर से क्यों देखा था। यम देव बोले “गरुड़ जब मैंने उस चिड़िया को देखा तो मुझे ज्ञात हुआ कि वो चिड़िया कुछ ही पल बाद यहाँ से हजारों कोस दूर एक नाग द्वारा खा ली जाएगी। मैं सोच रहा था कि वो इतनी जलदी इतनी दूर कैसे जाएगी, पर अब जब वो यहाँ नहीं है तो निश्चित ही वो मर चुकी होगी।”

    गरुड़ समझ गये “मृत्यु टाले नहीं टलती चाहे कितनी
    भी चतुराई की जाए।”

    इस लिए कृष्ण कहते है।

    करता तू वह है ….. जो तू चाहता है
    परन्तु होता वह है …..जो में चाहता हूँ
    कर तू वह …..जो में चाहता हूँ
    फिर होगा वो …..जो तू चाहेगा ।

    जीवन के 6 सत्य:-

    1. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने खूबसूरत हैं ?
      ● क्योंकि..लँगूर और गोरिल्ला भी अपनी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं..
    2. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका शरीर कितना विशाल और मज़बूत है ?
      ● क्योंकि…श्मशान तक आप अपने आपको नहीं ले जा सकते….
    3. आप कितने भी लम्बे क्यों न हों , मगर आने वाले कल को आप नहीं देख सकते….
    4. कोई फर्क नहीं पड़ता कि , आपकी त्वचा कितनी गोरी और चमकदार है
      ● क्योंकि…अँधेरे में रोशनी की जरूरत पड़ती ही है…

    5 . कोई फर्क नहीं पड़ता कि ” आप ” नहीं हँसेंगे तो सभ्य कहलायेंगे ?
    ● क्यूंकि …” आप ” पर हंसने के लिए दुनिया खड़ी है ?

    1. कोई फर्क नहीं पड़ता कि ,आप कितने अमीर हैं ? और दर्जनों गाड़ियाँ आपके पास हैं ?
      ● क्योंकि…घर के बाथरूम तक आपको चल के ही जाना पड़ेगा…
      इसलिए संभल के चलिए … ज़िन्दगी का सफर छोटा है , हँसते हँसते काटिये !
  • बाबा वैद्यनाथ के दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री, पत्नी संग की पूजा-अर्चना

    देवघर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ आज बाबा वैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने बाबा भोलेशंकर की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्य की उन्नति, अमन-चैन, सुख -शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

  • मौसीबाड़ी से भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम संग लौटे अपने घर

    रांची। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा आज देर शाम 6:00 बजे तक संपन्न हो जाएगा। शाम 4:00 बजे मौसीबाड़ी से भगवान जगन्नाथ रथ पर सवार होकर अपना गृह वापसी करेंगे। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को मौसीबाड़ी में दर्शन करने के लिए सुबह से ही हजारों श्रद्धालु लगातार पहुंच रहे हैं। जगन्नाथपुर मंदिर समिति के प्रथम सेवक राहुल शाहदेव ने कहा कि शाम 6:00 बजे भगवान मुख्य मंदिर के लिए वापस हो जाएंगे। फिर इसी के साथ 10 दिनों का भव्य पूजा का समापन होगा। इसके साथ ही जगन्नाथपुर में लगने वाला मेला भी खत्म हो जाएगा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि कभी 9 दिन या फिर कभी-कभी 10 दिन पर भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा की वापसी होती है। इस वर्ष 10 दिनों के बाद वापसी हो रही है। क्योंकि 9वें दिन शनिवार था। इसी को देखते हुए मंदिर समिति के लोगों ने 10वें दिन घुरती रथ यात्रा का आयोजन करने का निर्णय लिया।

  • पतंग देती है जीवन की बड़ी सीख

    एक बार एक शिष्य ने अपने गुरू से पुछा- गुरुदेव ये सफल जीवन क्या होता है?
    गुरु शिष्य को पतंग उड़ाने ले गए, शिष्य गुरु को ध्यान से पतंग उड़ाते देख रहा था।
    थोड़ी देर बाद शिष्य बोला- गुरुदेव ये धागे की वजह से पतंग अपनी आजादी से और ऊपर की ओर नहीं जा पा रही है। क्या हम इसे तोड़ दे? ये और ऊपर चली जायेगी।
    गुुरु ने धागा तोड़ दिया, पतंग थोड़ा सा ऊपर गई और उसके बाद लहरा कर नीचे आई और अनजान जगह पर जा कर गिर गई।
    तब गुरु ने शिष्य को जीवन का दर्शन समझाया। बेटे जिंदगी में हम जिस ऊंचाई पर है। हमें अकसर लगता है कि कुछ चीजें जिनसे हम बंधे हैं, वह हमें और ऊपर जाने से रोक रही है, जैसे घर, परिवार, अनुशासन, माता-पिता, गुरु और समाज; हम उनसे आजाद होना चाहते हैं।
    वास्तव में यही वो धागा होते हैं, जो हमे उस ऊंचाई पर बना के रखते हैं। इन धागों के बिना हम एक बार तो ऊपर जायेंगे परन्तु बाद में हमारा वो ही हश्र होगा, जो बिन धागे की पतंग का हुआ।

    शिक्षा:-
    जीवन में यदि तुम ऊंचाई पर बने रहना चाहते हो तो, कभी भी इन धागों से रिश्ता मत तोड़ना, धागे और पतंग जैसे जुड़ाव के सफल संतुलन से मिली ऊंचाई को ही सफल जीवन कहते हैैं।

  • AYODHYA RAM MANDIR CONSTRUCTION : अयोध्या श्रीराम के भव्य मंदिर में लगेगा झारखंड का तांबा

    पूर्वी स‍िंहभूम मुसाबनी स्‍थि‍त आईसीसी से भेजी गई 13.190 मीट्रिक टन कॉपर की पहली खेप

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    Ghatshila : अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण कार्य में ताम्रनगरी की कॉपर स्ट्रिप्स के उपयोग को लेकर जारी प्रतीक्षा समाप्त हो गई. रविवार की रात दस बजे कॉपर स्ट्रिप्स की पहली खेप मऊभण्डार स्थित हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की यूनिट इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) से अयोध्या श्रीराम मंदिर निर्माण स्थल के लिए रवाना हुई. कॉपर स्ट्रिप्स का उपयोग श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान दो स्टोन को आपस में जोड़ने में होना है. रविवार को 13.190 मीट्रिक टन कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स अयोध्या भेजी गई है. कंटेनर में 221 पैकेट में लगभग 35 हजार 360 कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स की पहली खेप की सप्लाई की गई है. कॉपर स्ट्रिप्स की शेष सप्लाई अप्रैल के प्रथम सप्ताह में होगी. इससे पूर्व श्रीकृष्ण मंदिर के पुजारी निरंजन मिश्रा ने कंटेनर में रखी कॉपर स्ट्रिप्स की विधि-विधान से पूजा की

    आईसीसी के ईडी समरजीत दे ने नारियल फोड़कर कंटेनर को अयोध्या के लिए रवाना किया. ईडी समरजीत दे ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि एचसीएल की घाटशिला स्थित इकाई आईसीसी से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए कॉपर की सप्लाई की जा रही है. कॉपर स्ट्रिप्स की यह पहली खेप भेजी जा रही है. जल्द ही दूसरी खेप की सप्लाई होगी. उन्होंने बताया कि करीब 27 हजार मीट्रिक टन यानि 70 हजार पीस की सप्लाई होनी है जिसमें से आधी सप्लाई की गई है. मान्यता प्राप्त यूनियन के अध्यक्ष बीएन सिंहदेव एवं महासचिव ओमप्रकाश सिंह ने भी इसे ताम्रनगरी के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए सभी को शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर ईडी समरजीत दे, एजीएम (ईएस) जेपी मिश्रा, एजीएम (सिविल) एके गुप्ता, विनोद कुमार, एमके ओझा, यूनियन अध्यक्ष बीएन सिंहदेव, महासचिव ओमप्रकाश सिंह, सहायक सचिव एनके राय, घाटशिला कॉपर मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष सच्चिदानन्द त्रिपाठी, धालभूम कॉन्ट्रैक्टर्स वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव राकेश दूबे, प्रशांत सिंह, भाजपा के पूर्व प्रत्याशी लखन मार्डी, मण्डल अध्यक्ष राहुल पांडेय, उपाध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, सिद्धार्थ शर्मा, हीरा सिंह, विक्रम साव, सूजन मन्ना, जन्मेजय बारीक, सुरेश मुखी, केन्द्रीय अखाड़ा समिति के अध्यक्ष रूपेश दूबे, संयुक्त सचिव मंतोष मण्डल, आशीष बागति, श्याम, प्रदीप समेत कई अन्य भी उपस्थित थे.

    कंटेनर चालक को फूलमाला पहनाकर एवं मुंह मीठा करा किया रवाना

    एचसीएल-आईसीसी कारखाना से कॉपर स्ट्रिप्स की पहली खेप की सप्लाई के दौरान यूनियन एवं भाजपा नेताओं ने कंटेनर चालक मुकेश गिरी को फूलमाला से लाद दिया. चालक समेत कारखाना में मौजूद सभी लोगों को लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया गया. लखन मार्डी ने कहा कि यह इस क्षेत्र के लिए खुशी एवं गर्व की बात है की श्रीराम मंदिर निर्माण में ताम्रनगरी के कॉपर स्ट्रिप्स का उपयोग हो रहा है. उन्होंने कहा कि कंटेनर रवाना करने में शामिल होना भी सभी के लिए सौभाग्य की बात है

    एचसीएल-आईसीसी के कॉपर की 99.9 फीसदी है शुद्धता, एलएंडटी कम्पनी ने दिया है आर्डर

    अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद से भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. श्रीराम मंदिर निर्माण कार्य प्रतिष्ठित एलएंडटी कम्पनी करा रही है. मंदिर निर्माण में घरेलू कॉपर का उपयोग होना है. यही कारण है कि एलएंडटी कम्पनी ने कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स के लिए पब्लिक सेक्टर यूनिट एचसीएल की मऊभण्डार स्थित इकाई इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) से संपर्क स्थापित किया. एचसीएल-आईसीसी की अपनी एक विशिष्ट पहचान है जिसके कॉपर की शुद्धता 99.9 फीसदी तक की है. एलएंडटी कम्पनी की ओर से एचसीएल-आईसीसी से करीब 70 हजार 500 कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स की डिमांड की गई है. इसका अनुमानित वजन 27 हजार मीट्रिक टन है. हालांकि अनुमानित भार में 10 फीसदी तक की कमी या अधिकता भी हो सकती है. एलएंडटी कम्पनी ने कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स की लंबाई 250 एमएम, चौड़ाई 32 एमएम तथा थिकनेस 5 एमएम की डिमांड की है. समान साइज की कॉपर कैथोड स्ट्रिप्स कटिंग के लिए एचसीएल प्रबंधन की ओर से मऊभण्डार के मेसर्स विश्वामित्र कंस्ट्रक्शन को टेंडर दिया गया था जिसके प्रोप्रराइटर मदन उपाध्याय है. कैथोड कटिंग के लिए इंजीनियर इन चीफ की जिम्मेदारी एजीएम एके गुप्ता को सौंपी गई जिनके देखरेख में सभी कार्य किये जा रहे है. एक माह के दरम्यान कॉपर कैथोड की कटिंग कम्प्लीट कर रविवार को स्ट्रिप्स की पहले खेप की सप्लाई की गई है.

  • बसंत पंचमी पर तीन शुभ योगों के संगम से बन रहा है त्रिवेणी योग : 5 फरवरी को मानेगा सरस्वती पूजा

    आज के दिन प्रातः 6 42 से पंचमी आरंभ होने से दिनभर किया जाएगा माता सरस्वती का पूजन।

    सिद्ध योग होने से पूजा का और ज्यादा प्रभाव बढ़ जाएगा। आज के दिन रवियोग और यायीजययोग होने से साधना और सिद्धि का अनुपम समय होगा।

    विद्या आरम्भ और अक्षराआरम्भ का बहुत ही अच्छा मुहूर्त है।

    सुबह 06:42 तक भद्रा होने से पूजन इसके बाद किया जाना चाहिए।

    त्रिवेणी योग में मनाई जाएगी वसंत पंचमी, सिद्ध, साध्य और रवि योग के संगम की वजह से ये बसंत पंचमी शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले लेने और शिक्षा शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है.
    ज्ञान विज्ञान की सिद्धिदात्री माँ शारदा की आराधना माघ शुक्ल पक्ष पंचमी को की जाती है। माँ सरस्वती सनातन धर्म की वैदिक,पौराणिक, सतोगुण महाशक्ति एवं प्रमुख त्रिदेवियों मे से एक है।प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य प्रणव मिश्रा ने बताया कि धर्म शास्त्रों के अनुसार देवी सरस्वती को प्रकृति ,शक्ति एवं ब्रह्मज्ञान-विद्या आदि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। माघ शुक्ल पंचमी जिसे श्रीपंचमी या बसंतपंचमी के नाम से जाना जाता है इस दिन माता सरस्वती की विशेष रूप से पूजा अर्चना की जाती है। इस बार सरस्वती पूजा 5 फरवरी दिन शनिवार को बसंत पंचमी होगा। समस्त पाप, दुःख, कष्ट, अज्ञानता को दूर करने वाली माता सरस्वती को बीना वाणी, शारदा, वागेश्वरी , वेदमाता, शुक्लवर्ण,शुक्लाम्बरा, वीणा-पुस्तक-धारिणी तथा श्वेतपद्मासना कई नामों से संबोधित किया गया है।

                                  माता का स्वरुप - माँ सरस्वती के मुस्कान से उल्लास तेज मुख है। श्वेत वस्त्र धारण की हुई है। दो हाथों में वीणा पकड़े हुए है जो कलात्मकता का प्रतीक है और एक हाँथ में वेदग्रंथ और दूसरे हाँथ में स्फटीकमाला है जिससे ज्ञान और ईशनिष्ठा-सात्त्विकता का बोध होता है।उनका  वाहन हंसराज सौन्दर्य एवं मधुर स्वर का प्रतीक है।      

    सरस्वती मंत्र :
    इन मंत्र का जाप करने से माता सरस्वती जल्द प्रसन्न होती हैं और मनोवांछित फल प्रदान करती हैं।

    या कुंदेंदु तुषार हार धवला या शुभ्र वृस्तावता।
    या वीणा वर दण्ड मंडित करा या श्वेत पद्मसना।।
    या ब्रह्माच्युत्त शंकर: प्रभृतिर्भि देवै सदा वन्दिता।
    सा माम पातु सरस्वती भगवती नि:शेष जाड्या पहा।।1।।

    सरस्वती महाभागे विद्या कमल लोचन ।
    विश्वरूपी विषालाक्षी विद्या देहू नमोस्तुते ।।
    पूजन विधि – इस दिन सुबह नित्य कर्म से निवृत हो शुद्ध वस्त्र धारण कर विद्या की देवी मां सरस्वती को विधि पुर्वक हल्दी, कुमकुम, रोली, सिंदूर, चन्दन, पुष्प, अक्षत , धुप-दीप से पूजन करना चाहिए। फिर वाद्य यंत्र व किताबों को मां के समक्ष रखकर पूजा-अर्चना करनी चाहिए उनकी वंदना कर माँ सरस्वती से अपने अच्छे ज्ञान-बुद्धि, सुख- संवृद्धि की कामना करनी चाहिए।