गौतम गंभीर ने हेड कोच पद से इस्तीफे की अफवाहों का खंडन किया

'चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीता...', गौतम गंभीर ने हेड कोच से इस्तीफा देने से किया इनकार, BCCI की ओर फेंकी गुगली | What did Gautam Gambhir say when asked about resigning from the head coach position?

गुवाहटी टेस्ट में भारत की हार, सीरीज 2-0 से साउथ अफ्रीका के नाम

गुवाहटी: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली गई दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला समाप्त हो गई है, जिसमें भारतीय टीम ने 2-0 से हार का सामना किया है। कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट के बाद गुवाहटी में भी टीम को पराजय मिली, जो टेस्ट क्रिकेट में भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। इस निराशाजनक पराजय ने भारतीय टीम के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठ रहे सवाल

इस हार के बाद सबसे अधिक सवाल भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठ रहे हैं। हाल के समय में टेस्ट फॉर्मेट में भारत का प्रदर्शन निरंतर गिर रहा है, विशेषकर घरेलू मैदान पर।

विजय प्रतिशत में गिरावट

गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद से भारतीय टीम का विजय प्रतिशत केवल 44% रह गया है। पिछले वर्ष 2024 में, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में 3-0 से सफाई दी थी, लेकिन अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-0 से हार का सामना करना पड़ा है। इस दौरान, टीम ने घरेलू धरती पर पांच टेस्ट मैच गंवाए हैं।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गंभीर

गुवाहटी टेस्ट की हार के बाद गौतम गंभीर ने मीडिया से बात की। जब उनसे हेड कोच पद से इस्तीफे का सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह बीसीसीआई का निर्णय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट महत्वपूर्ण है, और वे यहां अपनी जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट हैं।

‘आप जल्दी सब कुछ भूल जाएंगे’

गंभीर ने कहा कि वे इंग्लैंड में युवा टीम के साथ अच्छे परिणाम ला चुके हैं और यह सब लोग जल्दी भूल जाएंगे। उन्होंने अपने सफल अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि पिछले अनुभवों से टीम को सीखने का मौका मिलेगा।

‘टीम स्पोर्ट का यही अर्थ है’

गंभीर ने यह भी कहा कि इस हार का दोष सभी खिलाड़ियों और स्टाफ पर है। उन्होंने कहा कि टीम स्पोर्ट का यही मतलब है कि जीत और हार दोनों में एक साथ रहना चाहिए।

‘मैं बहाने नहीं बनाऊंगा’

गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया कि पिछले मैचों के अनुभवों की तुलना अब की टीम से करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कई युवा खिलाड़ी अभी भी अपने 15 से कम टेस्ट मैच खेल चुके हैं और उन्हें बेहतर होने का अवसर चाहिए। वे किसी बहाने का सहारा नहीं लेंगे और हमेशा जिम्मेदारी का अहसास रखेंगे।

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