गोविंदा का जन्मदिन: मां की सेवा से सबका दिल जीत लिया, भतीजे का खुलासा

करियर के टॉप पर थे गोविंदा, जन्मदिन पर अपनी मां के लिए किया ऐसा काम सबकी आंखे हो गई नम, भतीजे का बड़ा खुलासा | Govinda Emotional Story Niece Vinay Anand Reveals Superstar Washed Mother Feet

गोविंदा: 90 के दशक का सबसे बड़ा एंटरटेनर

मुंबई: 90 के दशक में यदि किसी अभिनेता ने दर्शकों के दिलों पर राज किया, तो वे हैं गोविंदा। उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग, अद्भुत डांसिंग स्किल्स और अनोखा अंदाज उन्हें उस युग का सबसे बड़ा एंटरटेनर बनाता है। उनके सिनेमा में जाना मतलब था हंसी-मस्ती की गारंटी। लेकिन वर्तमान में गोविंदा अपनी पेशेवर जिंदगी से ज्यादा निजी जीवन को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इवेंट्स में उनकी परफॉर्मेंस के साथ-साथ पारिवारिक मामलों की खबरें भी आती रहती हैं। हाल ही में, उनके भांजे और अभिनेता विनय आनंद ने एक किस्सा बताया है जो सभी को भावुक कर गया।

पारिवारिक मूल्यों का सम्मान

विनय आनंद ने एक इंटरव्यू के दौरान साझा किया कि जब गोविंदा अपने करियर के शिखर पर थे, तब भी परिवार उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण था। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया, जब गोविंदा ने अपनी नानी के जन्मदिन पर उनके पैर धोए और उस पानी को श्रद्धा से पी लिया। यह सुनकर हर कोई दंग रह गया। विनय का कहना है कि यह पल उनके परिवार के लिए बहुत खास और भावनात्मक था। देश के बड़े स्टार होने के बाद भी, घर में गोविंदा एक आदर्श बेटे की भूमिका में हमेशा बने रहे।

मां के प्रति विशेष स्नेह

गोविंदा अपनी मां, निर्मला देवी के बेहद करीब माने जाते थे। उनकी पत्नी सुनीता आहूजा भी कई बार कह चुकी हैं कि गोविंदा जैसा बेटा हर मां को मिले। कहा जाता है कि गोविंदा ने अपनी मां की इच्छाओं का सम्मान करते हुए शादी का निर्णय लिया। परिवार के प्रति उनका सम्मान और समर्पण अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है।

डांस की नई परिभाषा

विनय आनंद ने आगे बताया कि जब गोविंदा अपने करियर के शीर्ष पर थे, तब अन्य कई अभिनेता जो डांस में पिछड़े हुए माने जाते थे, उन्होंने भी खुद को बेहतर बनाने का प्रयास किया। गोविंदा की शैली और ऊर्जा इतनी प्रेरणादायक थी कि अन्य कलाकार भी उनसे सीखने लगे। उनकी उपस्थिति ही फिल्मों की सफलता की गारंटी होती थी। 90 के दशक में उनका नाम ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता का प्रतीक था।

भावनात्मक रिश्ते और समझदारी

इंटरव्यू में विनय ने हल्की नाराजगी भी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने गोविंदा को फिल्मों और इवेंट्स के प्रस्ताव दिए, लेकिन उन्होंने कई बार मना कर दिया। विनय के अनुसार, उनके और गोविंदा के बीच लगभग 14 वर्ष का अंतर है और वह उन्हें पिता समान मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि मामा ने इतने मौके क्यों ठुकराए, क्योंकि वह उनकी निजी जिंदगी में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते थे।

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