हॉर्मुज़ संकट: 22 भारतीय जहाज़ अब भी जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं

Hormuz crisis: 22 Indian ships still stranded in the Strait

पश्चिमी खाड़ी में स्थिति का अपडेट 🌊

युद्धग्रस्त होर्मुज जलडमरूमध्य से राहत की कुछ सकारात्मक खबरें मिली हैं, लेकिन संकट अभी भी जारी है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर नंदा देवी ने मंगलवार तड़के सुरक्षित रूप से भारत में दस्तक दी है। वहीं, 22 भारतीय जहाज अब भी पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।

सुरक्षित पहुंचा एलपीजी टैंकर

पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि नंदा देवी सुबह लगभग 2:30 बजे कांडला पोर्ट पहुंचा। इससे पहले, यह सोमवार को मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच चुका था। इन दोनों टैंकरों में कुल 92,712 टन एलपीजी लदा था, जो देश की एक दिन की आवश्यकता के बराबर है।

फंसे हुए जहाज और नाविकों की संख्या ⚓

वर्तमान में, पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक यात्रा कर रहे हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग इनके मामले की लगातार निगरानी कर रहा है और जहाज मालिकों तथा भारतीय राजनयिक मिशनों के साथ मिलकर काम कर रहा है। पहले इस क्षेत्र में कुल 28 भारतीय जहाज मौजूद थे, और कुछ जहाज अब सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

पूर्वी क्षेत्र से राहत की खबर 🛢️

इस बीच, एक क्रूड ऑयल टैंकर यूएई के फुजैरा पोर्ट से सुरक्षित बाहर निकल चुका है और यह भारत की ओर बढ़ रहा है, जिसमें 80,800 टन कच्चा तेल लदा है। वहीं, जग प्रकाश नामक अन्य जहाज ओमान से गैसोलीन लेकर अफ्रीका की दिशा में बढ़ चुका है और उसने सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार कर लिया है।

खतरे के कारण ❗

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य का मार्ग व्यावहारिक रूप से बाधित हो गया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे यहाँ तनाव का असर सीधा शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहा है।

हालांकि कुछ जहाज सुरक्षित लौट आए हैं, फिर भी 22 भारतीय जहाजों और सैकड़ों नाविकों की सुरक्षित वापसी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार और संबंधित एजेंसियां सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

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