भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026: SAHI और BODH प्रोजेक्ट्स
भारत AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आगाज़ हो चुका है, जिसमें आज समिट का दूसरा दिन चल रहा है। इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजनाओं का शुभारंभ किया है। इनमें एक है स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रणनीति (SAHI) और दूसरा है स्वास्थ्य AI के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (BODH)। इनका लक्ष्य यह है कि AI का लाभ केवल बड़े शहरों के अस्पतालों तक सीमित न रह जाए, बल्कि यह भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के सभी स्तरों तक पहुंचे। आइए, इन दोनों प्रोजेक्ट्स का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
SAHI: AI के लिए दिशा निर्देश
SAHI एक प्रकार का ‘रूलबुक’ है, जो AI के लिए विशेष दिशा निर्देश प्रदान करता है। इसमें केवल प्रमुख सिद्धांतों या नैतिकताओं की बात नहीं की गई है, बल्कि यह स्पष्ट रूप से यह बताता है कि डेटा का प्रबंधन कैसे किया जाए और AI के मॉडल्स की वैलिडेशन किस प्रकार की जाए। SAHI का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब राज्य या निजी कंपनियां AI का उपयोग करें, तो वे सभी एक मानकीकृत, विश्वसनीय, और उत्तरदायी प्रणाली के भीतर कार्य करें।
BODH: मेडिकल एल्गोरिदम्स के लिए टेस्ट लैब
BODH का विकास IIT कानपुर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से किया है। यह एक ‘टेस्ट लैब’ के रूप में कार्य करता है, जहां डेवलपर्स अपने AI मॉडल्स को वास्तविक स्वास्थ्य डेटा के खिलाफ परीक्षण कर सकते हैं, बिना डेटा को सीधे देखे। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत एक डिजिटल सार्वजनिक संपत्ति भी है, जिसका उद्देश्य यह है कि केवल वह टूल्स ही जनता के सामने आएं, जो विश्वसनीय और सही तरीके से वैलिडेटेड हों।
अन्य AI टूल्स जो समिट में चर्चा का विषय रहे
इस समिट में केवल नीतिगत चर्चाएं ही नहीं बल्कि वास्तविक मैदान में काम कर रही तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया, जो ग्रामीण स्वास्थ्य को नया रूप दे रही हैं। इनमें से सबसे चर्चित था MadhuNetrAI, एक AI प्रणाली जो डायबिटीज के मरीजों की आंखों की स्क्रीनिंग करती है। इस प्रणाली की मदद से सामान्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता भी प्रारंभिक लक्षणों की पहचान कर सकते हैं।
एक अन्य प्रणाली है Cough Against TB (CA-TB) टूल, जो स्मार्टफोन से खांसी की आवाज रिकॉर्ड करके बताता है कि क्या मरीज को ट्यूबरकुलोसिस है। इसी सूची में जियो आरोग्य AI का भी नाम है, जो एक AI आधारित स्मार्ट मिरर है। मरीज इस मिरर के सामने खड़े होते ही, यह आंखों, त्वचा और चेहरे के विभिन्न संकेतों को स्कैन कर आवश्यक स्वास्थ्य डेटा एकत्र करता है। अंत में, AI इन जानकारियों को प्रोसेस करके एक प्रारंभिक स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार करता है।
विशेषताएँ
- SAHI: AI के लिए संपूर्ण दिशा निर्देश
- BODH: मेडिकल एल्गोरिदम्स के परीक्षण के लिए प्लेटफॉर्म
- MadhuNetrAI: डायबिटीज की आंखों की स्क्रीनिंग
- CA-TB: ट्यूबरकुलोसिस की पहचान के लिए AI टूल
- जियो आरोग्य AI: स्मार्ट मिरर स्वास्थ्य परीक्षण
प्रदर्शन और प्रदर्शन
हालिया समिट में प्रदर्शित तकनीकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि AI स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ावा दिया जा सकता है।

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