एक समय की चमचमाती सितारा: सावित्री का संघर्ष
डेस्क। तेलुगु सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री सावित्री, जो कभी करोड़ों की सम्पत्ति रखती थीं, ने अपने जीवन में उतार-चढ़ाव देखे। 60 के दशक में सावित्री एक प्रमुख सितारा थीं, जिनका धन और शोहरत अपने समय के बड़े अभिनेताओं से भी ज्यादा था। उन दिनों उनकी खूबसूरती और टैलेंट ने उन्हें अद्वितीय बना दिया था। लेकिन, एक गलती ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया।
धन-संपत्ति और व्यक्तिगत जीवन का संघर्ष
सावित्री की जिंदगी में सफलता का कोई कमी नहीं थी। उनका एक शानदार घर, गाड़ियों का काफिला और असाधारण घटनाएं थीं, लेकिन उन्हें अपने पति से बेवफाई का सामना करना पड़ा। इस ट्रैजेडी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया और वे शराब की लत में पड़ गईं। इस लत ने धीरे-धीरे उनकी सारी सम्पत्ति छीन ली और वे तंगहाली में जीने को मजबूर हो गईं।
करियर की शुरुआत और चमक
सावित्री का फिल्मी करियर 1950 के दशक में शुरू हुआ था। उनके शौकिया जीवन में एक शादीशुदा अभिनेता जेमिनी गणेशन से प्रेम हुआ। फिल्म ‘मायाबाजार’ की सफलता के बाद उनके करियर में चार चाँद लग गए। लेकिन, जैसे ही उन्हें अपने सच्चे हालात का पता चला, उनकी सम्पत्ति बेनामी नामों में छुपी हुई थी। तब तक, जो सब कुछ उन्होंने कमाया था, वह लगभग खत्म हो चुका था।
अंतिम समय और बीमारी का सामना
सावित्री के पति की बेवफाई ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया। उन्हें शराब का सहारा लेना पड़ा, जिसका दुष्प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ा। 60 के दशक के अंत में उनकी सम्पत्ति पर आईटी की रेड पड़ी, जिसके कारण उन्हें और भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। अंत में, 47 वर्ष की आयु में, 1981 में उनका निधन हो गया, जब वे 19 महीने तक कोमा में रहीं।
बेटी का दुखद बयान
उनकी बेटी विजया चामुंडेश्वरी ने 2017 में कहा कि उनकी माँ को अस्पताल के बिस्तर पर देखना न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुखदायी था। यह उनकी यात्रा का दुखद अंत था, जिसने दिखाया कि कैसे सफलता और शोहरत अस्थायी हो सकती है।

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