📌 गांडीव लाइव डेस्क:
नेशनल इंश्योरेंस डे पर विशेष पहल
नेशनल इंश्योरेंस डे के अवसर पर, उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। 28 जून से शुरू होने वाली इस पहल का उद्देश्य पॉलिसीधारकों को सशक्त बनाना है। बीमा शिकायत मंच, इंश्योरेंस समाधान ने ‘इनसा – द पार्टनरशिप ग्रोथ यात्रा’ का आयोजन किया है। यह एक राष्ट्रव्यापी रोड ट्रिप और जन जागरूकता अभियान है, जिसका मुख्य लक्ष्य पॉलिसीधारकों के बीच विश्वास और जागरूकता को बढ़ाना है।
यात्रा के प्रमुख शहर
यह यात्रा 28 जून से प्रारंभ होगी और इसमें मेरठ (15 जून), मुरादाबाद (16 जून), अलीगढ़ (17 जून), मथुरा (18 जून), आगरा (19 जून), कानपुर (20 जून), लखनऊ (21 जून), प्रयागराज (22 जून), और वाराणसी (23 जून) जैसे शहर शामिल होंगे।
ग्राउंड और डिजिटल गतिविधियाँ
यात्रा के दौरान, चयनित शहरों में ग्राउंड और डिजिटल दोनों प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें पार्टनर विजिट, इंटरैक्टिव नॉलेज सेशन, और Polifyx ऐप का लाइव डेमो शामिल है। यह ऐप बीमा शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सरल बनाता है। इसके साथ ही, ‘Know Your Policy’ (KYP) टूल का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो पॉलिसी की शर्तों को समझने में मदद करेगा।
यात्रा का उद्देश्य
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पॉलिसीधारकों को सही जानकारी प्रदान करना और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
सीईओ का बयान
इंश्योरेंस समाधान के सह-संस्थापक और सीईओ दीपक भुवनेश्वरी उनियाल ने कहा, “हम मानते हैं कि हर पॉलिसीधारक को एक निष्पक्ष और पारदर्शी बीमा यात्रा का हक है। हमारा मिशन बीमा को अधिक पारदर्शी, नैतिक और समावेशी बनाना है। ‘इनसा – द पार्टनरशिप ग्रोथ यात्रा’ के माध्यम से हम बीमा को सभी भारतीयों के लिए अधिक समझने योग्य और भरोसेमंद बनाना चाहते हैं। यह यात्रा ‘2047 तक सबके लिए बीमा’ के विज़न की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
शिकायतों का अध्ययन
हाल ही में 9,928 बीमा शिकायतों का अध्ययन किया गया, जिसमें 46% शिकायतें 25 से 38 वर्ष के मिलेनियल्स द्वारा दर्ज की गई थीं। सबसे बड़ी चिंता क्लेम रिजेक्शन की रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, कंपनी अपने KYP टूल का उपयोग कर रही है, जिसने अब तक 20,000 से अधिक वास्तविक बीमा शिकायतों का समाधान किया है और 2.5 लाख से अधिक पॉलिसीधारकों के साथ जुड़ाव स्थापित किया है।
इस यात्रा के माध्यम से, इंश्योरेंस समाधान ने शिकायत निपटान में 55% तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा है।

प्रातिक्रिया दे