वनप्लस की फीकी होती चमक
2014 में वनप्लस वन के लॉन्च के साथ ही एक नई टेक कंपनी की कहानी शुरू हुई थी, जिसने अपने “नेवरसेट्ल” स्लोगन और फैन-ओरिएंटेड मार्केटिंग से सभी का ध्यान खींचा। हालांकि, 2024 में कंपनी की वैश्विक शिपमेंट्स में 20% से अधिक की गिरावट आई, जिससे बिक्री संख्या 17 मिलियन से घटकर केवल 13-14 मिलियन यूनिट्स रह गई।
भारत और चीन में सबसे बड़ा झटका
भारत और चीन, जहां वनप्लस की लगभग तीन-चौथाई बिक्री होती थी, ने सबसे अधिक नुकसान सहा है। IDC के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कंपनी का मार्केट शेयर 32% से गिरकर सिर्फ 3.9% रह गया है। इसके अलावा, 4,500 से अधिक स्टोर्स बंद किए गए हैं और कई राज्यों में वनप्लस का नाम बेचना बंद कर दिया गया है। चीन में भी मार्केट शेयर 2% से लुड़ककर 1.6% तक पहुँच गया।
क्या ओप्पो की कंपनी है वनप्लस?
जी हाँ, वनप्लस ओप्पो इलेक्ट्रॉनिक्स की एक सहायक कंपनी है, जो खुद BBK इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा है। वीवो और रियलमी भी इसी समूह के तहत आते हैं। यद्यपि वनप्लस ने अपनी अलग पहचान बनाई है, लेकिन यह ओप्पो के साथ कई संसाधनों, सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग में साझेदारी रखती है। इसके चलते ओप्पो का वनप्लस पर महत्वपूर्ण नियंत्रण होता है।
ओप्पो का कंट्रोल और कैंसेल्ड प्रोडक्ट्स
हाल के रिपोर्टों से पता चलता है कि अब निर्णय स्थानीय टीमों द्वारा नहीं ले जाते, बल्कि सभी फैसले सीधे चीन से होते हैं। जैसे कि वनप्लस ओपन 2 फोल्डेबल और वनप्लस 15s जैसे प्रमुख लॉन्च को रद्द कर दिया गया है, जिससे कंपनी की प्रोडक्ट रणनीति पर गंभीर असर पड़ा है।
यूरोप और अमेरिका में कटौती
केवल एशियाई बाजार में ही नहीं, बल्कि यूरोप और उत्तर अमेरिका में भी वनप्लस की उपस्थिति को कम किया जा रहा है। कई टीमों का आकार छोटा किया गया है और संचालन सीमित हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इसे “ब्रांड ऑन द वर्ज ऑफ कोलैप्स” के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
वनप्लस यूजर्स का क्या होगा?
ओप्पो ने यह वादा किया है कि मौजूदा वनप्लस उपयोगकर्ताओं को भविष्य में सुरक्षा अपडेट्स और वारंटी सपोर्ट प्राप्त होता रहेगा। लेकिन एक सवाल यह है कि जब मौजूदा मॉडल्स का सपोर्ट समाप्त हो जाएगा, तो क्या वनप्लस का नाम भी खत्म हो जाएगा?

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