रांची | सीएम हेमंत सोरेन के पूर्व प्रधान सचिव और पूर्व गृह सचिव सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ऑफिस पहुंचे. जिसके बाद ईडी अरुण एक्का से पूछताछ शुरू कर दी है. इस संबंध में ईडी द्वारा राजीव अरूण एक्का को दूसरा समन जारी कर 27 मार्च को ईडी ऑफिस में उपस्थित होने कहा गया था. इससे पहले उन्हें ईडी ने समन भेजकर 15 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्होंने ईडी से पत्राचार कर 24 मार्च तक का समय देने के लिए आग्रह किया था.
राजीव अरुण एक्का पर आरोप है कि उनका नेताओं और नौकरशाहों के काले धन के निवेशक विशाल चौधरी से घनिष्ठ संबंध है. भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने बीते दिनों एक वीडियो क्लिप जारी कर आरोप लगाया था कि वे सरकारी फाइलें भी विशाल के घर में निपटाते थे. विशाल चौधरी के पास जो डिजीटल साक्ष्य मिले हैं, उसमें कई अफसरों से पैसे वसूली की पुष्टि हुई है. यही वजह है कि राजीव अरुण एक्का को पूजा सिंघल से जुड़े केस में ही ईडी ने समन किया है.
ईडी ने 24 मई 2022 को विशाल चौधरी के ठिकाने पर ही छापेमारी की थी. इसके अलावा ईडी ने राजीव अरुण एक्का के बहनोई निशिथ केशरी के ठिकानों पर भी छापा मारा था. ईडी विशाल चौधरी के अरगोड़ा और अशोक नगर रोड नंबर- 6 स्थित आवास में जब छापेमारी करने पहुंची थी, तब उसने गेट खोलने से पहले अपना आइफोन कचरे में फेंक दिया था. ईडी ने उस मोबाइल को जब्त किया था. विशाल चौधरी के डिजिटल साक्ष्य के विश्लेषण में ही ईडी को यह सबूत मिला है कि राजीव अरुण एक्का का विशाल चौधरी से घनिष्ठ संबंध था.

प्रातिक्रिया दे