विनोद खन्ना की न्यूड मेडिटेशन का रहस्य, दूसरी पत्नी का खुलासा

किस बात से टूटकर न्यूड होकर मेडिटेशन करने लगे थे विनोद खन्ना? दूसरी पत्नी ने सालों बाद किया चौंकाने वाला खुलासा | Why did Vinod Khanna start practicing nude meditation second wife reveals the reason

विनोद खन्ना की आध्यात्मिक यात्रा: साथी कविता खन्ना के खुलासे

नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता विनोद खन्ना की आध्यात्मिक खोज एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। उनकी दूसरी पत्नी, कविता खन्ना, ने हाल ही में उनके ओशो आश्रम में बिताए अनुभवों के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। कविता का कहना है कि विनोद ने केवल चकाचौंध की तलाश में नहीं, बल्कि आत्मिक शांति के लिए फिल्मों से दूरी बनाई थी। बचपन से जिज्ञासु रहने वाले विनोद ने उन मूल्यों की खोज की जो आज भी लोगों के लिए प्रेरणादायक हैं।

अध्यात्म की ओर झुकाव की शुरुआत

विनोद खन्ना का आध्यात्मिक झुकाव 17 साल की उम्र में तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक योगी की आत्मकथा पढ़ी। हालांकि, संन्यास लेने का उनका निर्णय उन पारिवारिक दुखों के बाद आया, जब उनके परिवार में एक के बाद एक कई मृत्यु हुईं। अपनी माँ के निधन के बाद गहरे सदमे में रहने वाले विनोद ने भौतिकवादी दुनिया को छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने ओशो के पास जाकर अपनी नई जीवन यात्रा की शुरुआत की।

ओशो आश्रम में माली का जीवन

राजनीशपुरम (ओरेगन) में विनोद खन्ना ने एक साधारण माली का कार्य किया। कविता बताती हैं कि ओशो का निवास स्थान अत्यंत व्यक्तिगत था और वहाँ केवल चुनी हुई हस्तियों को ही जाने की अनुमति थी। एक माली के रूप में विनोद को ओशो के करीब रहने का अवसर मिला। खासकर, ओशो के लिए बनाए गए लम्बे और शानदार चोगे उन पर पहले ही आजमाए जाते थे, क्योंकि उनकी कंधों की बनावट ओशो से मेल खाती थी।

गिरगांव चौपाटी पर ध्यान सत्र

विनोद की आध्यात्मिक आस्था इतनी प्रगाढ़ थी कि उन्होंने मुंबई की गिरगांव चौपाटी जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न्यूड मेडिटेशन सत्र में भाग लिया। कविता ने उस समय के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि लोग अपने कपड़े उतारकर एक घेरे में बैठकर ध्यान करते थे। भले ही यह सुनने में अजीब लगे, लेकिन कविता का मानना है कि विनोद वहाँ शारीरिक आकर्षण के लिए नहीं, बल्कि गहरे समर्पण के साथ आत्म-साक्षात्कार हेतु गए थे।

कैंसर से संघर्ष और फिल्मी करियर

विनोद खन्ना ने न केवल फिल्म उद्योग में बल्कि राजनीति में भी महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। हालांकि, वर्ष 2017 में कैंसर जैसी भयंकर बीमारी ने इस महान अभिनेता को हमसे छीन लिया। विनोद खन्ना ने अपने 50 वर्षों के करियर में कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उनकी अंतिम फिल्म ‘गन्स ऑफ बनारस’ थी, जो उनके निधन के तीन साल बाद यानी 2020 में प्रदर्शित हुई।

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