नई दिल्ली: क्रिकेट प्रेमियों के लिए इस समय क्रिकेट का महाकुंभ जारी है। दर्शक हर दिन कई रोमांचक मैचों का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, सभी की नजर जहां सबसे अधिक भारत बनाम पाकिस्तान मैच पर थी, उसकी स्थिति को लेकर कुछ अनिश्चितताएं थीं। लेकिन अब पाकिस्तान सरकार ने इस मैच को खेलने की अनुमति दे दी है, जिससे इस पर उठ रहे सवालों का स्पष्ट उत्तर मिल गया है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का संदर्भ देते हुए कहा कि न तो वह और न उनकी सरकार भारत और आईसीसी की ‘धमकियों’ से भयभीत हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने काफी बातचीत और हंगामे के बाद अंततः सोमवार को मैच का आयोजन करने का निर्णय लिया।
आईसीसी की धमकियों से बेख़ौफ़ पाकिस्तान
मोहसिन नकवी अपने बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने भारत-पाकिस्तान मैच विवाद में सैन्य नेतृत्व का नाम लेकर सुर्खियाँ बटोरी हैं। उन्होंने बताया कि ‘न तो मैं भारत और आईसीसी की धमकियों से डरता हूं, और न ही पाकिस्तान सरकार, और जैसा कि आप जानते हैं, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर कभी नहीं डरते हैं।’ उनके इस बयान ने नई चर्चाओं का आधार बना दिया है।
मोहसिन नकवी ने आसिम मुनीर का नाम क्यों लिया?
यह सवाल उठता है कि मोहसिन नकवी ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर का नाम क्यों लिया, जबकि मामला क्रिकेट से संबंधित था। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वह इस क्रिकेट विवाद को नागरिक-सैन्य टकराव का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के हालिया इतिहास में एक महत्वपूर्ण सैन्य व्यक्तित्व हैं। मई 2025 में, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के साथ सीमा संघर्ष को देखते हुए, इस्लामाबाद मंत्रिमंडल ने उन्हें फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया, जो देश का सर्वोच्च सैन्य पद माना जाता है।

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