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  • अंडर-19 विश्व कप: भारतीय टीम को बड़ा नकद पुरस्कार घोषित किया BCCI ने

    अंडर-19 विश्व कप: भारतीय टीम को बड़ा नकद पुरस्कार घोषित किया BCCI ने

    नई दिल्ली: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम ने फिर से देश का मान बढ़ाया है। अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों के विशाल अंतर से हराते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब छठी बार अपने नाम किया।

    इस शानदार उपलब्धि के बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और चयन समिति के लिए कुल 7.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि देने की घोषणा की है।

    BCCI सचिव का बयान

    बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने जानकारी दी कि जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले गए इवेंट में खिताब जीतने वाली टीम को यह इनाम प्रदान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनाम की राशि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और चयन समिति के बीच कैसे वितरण की जाएगी, इस पर अभी विचार किया जा रहा है। इस राशि का कुल आंकड़ा 7.5 करोड़ रुपये ही रहेगा। बीसीसीआई, जो दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में से एक है, अपने उभरते खिलाड़ियों को सदा प्रोत्साहित करता है।

    भारत का शानदार प्रदर्शन

    पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन अत्यंत बेहतरीन रहा। टीम ने हर मैच में आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया और फाइनल में भी दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 411 रनों का विशाल स्कोर बनाया। इंग्लैंड, बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ गया और भारत ने मैच को आसानी से अपने नाम कर लिया।

    वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक प्रदर्शन

    इस ऐतिहासिक जीत के नायक 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की कमाल की पारी खेली। इस पारी में वैभव ने 15 चौके और 15 छक्के जड़े। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने मैच का पूरा रुख भारत की ओर मोड़ दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार दिए गए। पुरस्कार प्राप्ति के बाद वैभव ने कहा कि टीम ने फाइनल में बिना किसी अतिरिक्त दबाव के खेलने का निर्णय लिया था, जो जीत की मुख्य वजह बनी।

    ICC द्वारा इनाम न मिलने का कारण

    यह जानना जरूरी है कि अंडर-19 विश्व कप जीतने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ओर से कोई नकद इनाम नहीं दिया जाता। इस टूर्नामेंट के तहत खिलाड़ियों को केवल मेडल मिलते हैं। दरअसल, आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के विकास का मंच मानता है, बजाय पैसों से जुड़ी प्रतियोगिता के। इसी कारण भारत को आईसीसी की तरफ से कोई इनामी राशि नहीं मिली।

  • बेन मेयस ने अंडर-19 विश्व कप में इंग्लैंड के लिए स्थापित किया नया रिकॉर्ड

    बेन मेयस ने अंडर-19 विश्व कप में इंग्लैंड के लिए स्थापित किया नया रिकॉर्ड

    अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: बेन मेयस ने बनाए नए रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच जारी है। इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच हुए मैच में युवा खिलाड़ी बेन मेयस ने इंग्लिश टीम के लिए एक अनोखा इतिहास रचा है। मेयस ने मात्र 65 गेंदों में अपना शतक पूरा करके इंग्लैंड के लिए सबसे तेज अंडर-19 शतक लगाने का कीर्तिमान स्थापित किया। हालांकि, वह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तोड़ने से केवल 2 रन की कमी से चूक गए।

    बेन मेयस की 191 रन की पारी

    इस मैच में बेन मेयस ने 117 गेंदों में 191 रन की अद्भुत पारी खेली। उनकी पारी में 8 छक्के और 18 चौके शामिल थे। वह श्रीलंका के बल्लेबाज विरान चामुदिथा का नज़दीक पहुँच गए, जिन्होंने जापान के खिलाफ 192 रन बनाए थे। अगर मेयस 2 रन और बना लेते, तो यह रिकॉर्ड उनके नाम पर होता।

    हसिथा बोयागोड़ा के रिकॉर्ड की समानता

    बेन मेयस की 191 रन की पारी अब अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास की सबसे बड़ी पारियों में से एक बन गई है। इससे पहले यह रिकॉर्ड हसिथा बोयागोड़ा के नाम था, जिन्होंने 2018 में केन्या के खिलाफ 191 रन बनाए थे। मेयस ने इस तरह उनके रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

    इंग्लिश टीम ने टॉस गंवाया

    मैच की शुरुआत में इंग्लैंड की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। प्रारंभिक चरण में इंग्लैंड को थोड़ा संघर्ष करना पड़ा और टीम ने 12 रन पर बेन डॉकिन्स का विकेट खो दिया। इसके बाद, बेन मेयस और जोसेफ मूर्स ने पारी को मजबूती प्रदान की। इन दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 188 रन की विशाल साझेदारी हुई, जिससे टीम 200 रन के पार पहुंची।

    अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाना

    अंतिम ओवरों में मेयस ने राल्फी अल्बर्ट के साथ तेजी से रन बनाना जारी रखा। इंग्लैंड की टीम ने 6 विकेट पर 404 रन का विशाल कुल स्कोर खड़ा किया। बेन मेयस की यह पारी इंग्लैंड की जीत की आधारशिला साबित हुई और इसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।