भारत और बांग्लादेश के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप में विवाद
नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण मुकाबला आयोजित हुआ, जिसमें एक विवाद ने जन्म लिया। यह मैच जिम्बाब्वे के बुलावायो में खेला गया, जहां टॉस के समय दोनों टीमों के कप्तानों के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ। इस घटना ने खेल जगत में कई सवाल उठाए हैं।
हैंडशेक विवाद का उद्भव
दरअसल, बांग्लादेश के अंडर-19 कप्तान अजीजुल हकीम की तबीयत खराब होने के कारण वह टॉस के लिए नहीं आ सके। उनकी जगह उपकप्तान जावेद अबरार मैदान पर आए। दूसरी ओर, भारतीय टीम की कप्तानी आयुष म्हात्रे कर रहे थे। टॉस के बाद दोनों कप्तान अलग-अलग समय पर मीडिया से बात करने चले गए, जिससे हैंडशेक न हो सका।
BCB की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इस विवाद पर स्पष्ट किया है कि यह एक आकस्मिक चूक थी और इसका खेल भावना से कोई लेना-देना नहीं था। बोर्ड ने कहा कि इसे गंभीरता से लिया गया है और टीम प्रबंधन को उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को याद दिलाया कि बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करते समय खेल भावना और आपसी सम्मान का होना आवश्यक है।
राष्ट्रगान के समय भी दूरी
टॉस के बाद जब दोनों टीमों ने राष्ट्रगान के लिए मैदान में प्रवेश किया, तब भी खिलाड़ी एक-दूसरे से दूर रहे। आमतौर पर इस मौके पर खिलाड़ियों के बीच हाथ मिलाने की परंपरा होती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, जिससे दर्शकों और विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित हुआ।
खेल पर राजनीतिक तनाव का प्रभाव
यह विवाद केवल खेल तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है, जिसका प्रभाव खेल पर भी पड़ रहा है। विशेष रूप से आईपीएल से जुड़े विवाद और सुरक्षा के मुद्दों ने दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा की है।
क्रिकेट बोर्डों के बीच मतभेद
यह तनाव अंडर-19 मैच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के बीच आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के आयोजन पर भी मतभेद देखने को मिले। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को हस्तक्षेप करना पड़ा है।
युवाओं के खेल में गंभीरता का असर
अंडर-19 स्तर पर आमतौर पर खेल भावना और मित्रता का माहौल देखने को मिलता है, लेकिन इस मैच में हुआ अत्यंत चौंकाने वाला पाया गया। आयुष म्हात्रे और बांग्लादेशी कप्तान के बीच हाथ न मिलाने की घटना, यह दर्शाती है कि मौजूदा संदर्भों का असर युवा खिलाड़ियों पर भी पड़ रहा है।

