टैग: एबी डिविलियर्स

  • फाइनल से पहले तेज गेंदबाज ने न्यूजीलैंड को चुनौती दी

    फाइनल से पहले तेज गेंदबाज ने न्यूजीलैंड को चुनौती दी

    नई दिल्ली: आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पूर्व, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने न्यूजीलैंड के बारे में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि न्यूजीलैंड इस बार फाइनल में जीतने में असफल रहता है, तो उसे ‘चोकर्स’ का लेबल मिल सकता है। स्टेन का मानना है कि भारत के घरेलू मैदान पर उसे हराना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।

    रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पराजित करके फाइनल में अपनी जगह बनाई है। यह न्यूजीलैंड का टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा फाइनल है।

    ‘चोकर्स का टैग मिल सकता है’

    स्टेन ने कहा कि सामान्यतः ‘चोकर्स’ शब्द का उपयोग दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए किया जाता है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार, न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका की तुलना में अधिक वर्ल्ड कप फाइनल खेले हैं। यदि न्यूजीलैंड इस बार भी जीतने में असफल होता है, तो उसे ‘चोकर्स’ का टैग अवश्य दिया जाना चाहिए। टीम 2019 के वनडे वर्ल्ड कप, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप, और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुँची थी, लेकिन तीनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।

    ‘भारत को हराना आसान नहीं’

    डेल स्टेन ने एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान यह भी कहा कि न्यूजीलैंड के प्रशंसक उनकी बात का बुरा न मानें, लेकिन इस बार जीत जरूरी है। उन्होंने हलके-फुल्के मजाक में कहा कि अगर न्यूजीलैंड इस बार भी फाइनल में हार जाता है, तो वह आधिकारिक तौर पर उन्हें ‘चोकर्स’ का टैग दे देंगे। हालांकि, उन्हें न्यूजीलैंड की टीम पसंद है, लेकिन भारत को हराना आसान नहीं होगा।

    ‘असाधारण प्रदर्शन की जरूरत’

    400 से अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले स्टेन ने कहा कि फाइनल में भारत का पलड़ा भारी दिखता है। उनके अनुसार, भारत अपने घरेलू मैचों में एक मजबूत टीम है, और न्यूजीलैंड को उसे हराने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। स्टेन का यह भी मानना है कि भारत तब ही हार सकता है जब टीम से कुछ बड़ा गलत हो जाए।

    न्यूजीलैंड का यात्रा

    न्यूज़ीलैंड ने 2000 में आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी जीतने के बाद कई बार फाइनल तक का सफर तय किया है। लेकिन इनमें से केवल एक बार वह खिताब जीतने में सफल रहा है, जब उसने 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था। अब देखना यह है कि अहमदाबाद में होने वाले फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड अपना इतिहास बदलने में सफल होता है या भारत एक और आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम करता है।

  • हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक का शानदार शतक, इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराया

    नई दिल्ली: इंग्लैंड के कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में एक दमदार शतक लगाकर नया इतिहास रच दिया। यह मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में सम्पन्न हुआ, जहां ब्रूक ने पांचवे स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस पारी ने इंग्लिश टीम के कप्तान के रूप में उनकी क्षमता को और भी उजागर किया।

    ब्रूक ने केवल 66 गेंदों में नाबाद 136 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 9 छक्के लगाए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने महज 57 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जो बतौर कप्तान इंग्लैंड के लिए सबसे तेज वनडे शतक बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इयोन मोर्गन के नाम था, जिन्होंने 2019 में अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा किया था।

    धीमी शुरुआत, फिर रनों की बरसात

    ब्रूक की शुरुआत काफी सावधानी से हुई। एक समय वह 39 गेंदों पर 46 रन बना चुके थे। इसके बाद उन्होंने तेजी पकड़ी और अगले 27 गेंदों में ही 90 रन निपटा दिए। इंग्लैंड की पारी के अंतिम ओवरों में ब्रूक ने पूरी तरह से श्रीलंकाई गेंदबाजों को मात दी। आखिरी 69 रनों में से 68 रन उन्होंने अकेले ही बनाए, जिससे गेंदबाज पूरी तरह से बेबस दिखाई दिए।

    आखिरी 10 ओवरों में अकेले ठोके 101 रन

    मैच के अंतिम 10 ओवरों में उन्होंने अकेले 101 रन बनाए। जबकि 40 ओवर के रूप में उनका स्कोर साधारण दिख रहा था, लेकिन 50 ओवर तक आते-आते उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स की बारिश कर दी। इस प्रकार, ब्रूक का नाम उन बल्लेबाजों की सूची में जुड़ गया है, जिन्होंने डेथ ओवरों में असाधारण प्रदर्शन किया है।

    डिविलियर्स का रिकॉर्ड अब भी कायम

    वनडे क्रिकेट में 41 से 50 ओवर के बीच सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब भी एबी डिविलियर्स के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इस फेज में 121 रन बनाए थे। रोहित शर्मा और जोस बटलर जैसे दिग्गज भी इस सूची में शामिल हैं। अब हैरी ब्रूक ने भी इस विशेष क्लब में अपनी जगह बना ली है।

    रूट और ब्रूक की बड़ी साझेदारी

    ब्रूक ने जो रूट के साथ चौथे विकेट के लिए 113 गेंदों में 191 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान रूट ने 47 गेंदों में 46 रन बनाए और अंत में 108 गेंदों पर नाबाद 111 रन बनाए। जैकब बेथेल ने भी 65 रन का योगदान दिया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 357 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।