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  • मोहम्मद सिराज के टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चयन पर एबी डिविलियर्स की प्रतिक्रिया

    मोहम्मद सिराज के टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चयन पर एबी डिविलियर्स की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आगामी टी20 विश्व कप टीम में शामिल नहीं किया गया है, इस पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डी विलियर्स ने अपनी बात रखी है। उन्होंने सिराज को “बदकिस्मत” बताते हुए कहा कि चयन में संतुलन एक महत्वपूर्ण कारण है।

    मोहम्मद सिराज ने पिछले 16 महीनों में भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला। जून 2024 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें निरंतर खेलने का अवसर नहीं मिला। हालांकि, टेस्ट और वनडे में उनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है, विशेषकर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में वह भारत के प्रमुख गेंदबाजों में से एक थे।

    टीम संतुलन का प्रभाव सिराज की अनुपस्थिति पर

    एबी डी विलियर्स का मानना है कि सिराज की अनुपस्थिति का सबसे बड़ा कारण टीम का संतुलन है। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को पहले से चुन लिया गया था।

    टीम प्रबंधन ने ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान कर सकें। उनकी राय में हर्षित राणा को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि वह आवश्यकता पड़ने पर बल्लेबाजी में भी मदद कर सकते हैं, जबकि सिराज पूरी तरह से एक विशेषज्ञ गेंदबाज हैं।

    भारतीय टीम की स्पिन गेंदबाजी पर जोर

    डी विलियर्स ने यह भी बताया कि मौजूदा भारतीय टी20 टीम का ध्यान तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाजी पर अधिक है। यदि पावरप्ले में तेज गेंदबाज सफलता हासिल करते हैं, तो इसे एक बोनस के रूप में देखा जाता है। टीम की रणनीति मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों के माध्यम से मैच को नियंत्रित करने की है।

    हर्षित राणा के चयन पर विचार

    हालांकि, डी विलियर्स ने हर्षित राणा के चयन को समझने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने माना कि नए गेंद से राणा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव सीमित है। फिर भी, बुमराह और अर्शदीप के साथ कुछ ओवर डालकर वह टीम को संतुलन दे सकते हैं।

    2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में सिराज

    डी विलियर्स ने स्पष्ट किया कि सिराज भले ही टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह वनडे योजनाओं में बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, सिराज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी में भारतीय टीम का एक मजबूत स्तंभ बने रहेंगे।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ

    अंत में, एबी डी विलियर्स ने भारतीय गेंदबाजी की सराहना करते हुए इसे एक संतुलित और विजेता टीम जैसा बताया। अगर किसी मैच में बुमराह शांत रहते हैं, तो कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं हार्दिक पंड्या मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभाते हैं।

  • एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की कप्तानी की MS धोनी से की तुलना

    एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की कप्तानी की MS धोनी से की तुलना

    नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रसिद्ध बल्लेबाज एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की टेस्ट कप्तानी के बारे में एक दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि बवुमा ने सबको चौंका दिया है और उनकी कप्तानी की शैली महेंद्र सिंह धोनी से बहुत मिलती-जुलती है।

    यह जानकारी भी महत्वपूर्ण है कि बवुमा ने अपनी कप्तानी में अब तक कोई भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। इसी वजह से डी विलियर्स ने उनकी कप्तानी की तुलना धोनी से की और उन्हें एक शांत कप्तान बताया।

    डी विलियर्स को विश्वास नहीं था

    2023 में जब बवुमा को दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया, तब एबी डी विलियर्स इस निर्णय को लेकर संशय में थे। उस समय दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम कठिन परिस्थिति में थी। बवुमा का बल्लेबाजी औसत भी लगभग 30 था, जिसके चलते कई लोगों को लगा कि यह एक जोखिम भरा कदम है।

    एबी ने यह स्वीकार किया कि पहले कुछ वर्षों तक वे भी इस फैसले पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों से इस विषय पर लंबे समय से चर्चा कर रहा था। शुरू में, मुझे यह कहने में संकोच होता था कि मुझे यह निर्णय सही लग रहा है।”

    धोनी जैसी शांत कप्तानी

    डी विलियर्स ने बवुमा की तुलना सीधे-सादे एमएस धोनी से की। उन्होंने कहा कि बवुमा का कद भले ही छोटा है और स्वभाव शांत है, लेकिन ड्रेसिंग रूम में उनकी बातों को पूरा सम्मान मिलता है।

    उन्होंने कहा, “बवुमा कभी जोर से नहीं बोलते, वे शांत रहते हैं, लेकिन जब बोलते हैं, तो सभी सुनते हैं। यही स्थिति धोनी की भी थी। धोनी भी कम बोलते थे, लेकिन उनकी हर बात का महत्व होता था।”

    भारत को उसके घर में 2-0 से हराया

    हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी जमीन पर टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया। यह किसी विदेशी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कोलकाता और गुवाहाटी की चुनौतीपूर्ण पिचों पर बवुमा ने पहले बल्ले से योगदान दिया और फिर कप्तानी करते हुए टीम को शानदार जीत दिलाई। दूसरे टेस्ट में टीम को 408 रनों के बड़े अंतर से जीत मिली।