नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आगामी टी20 विश्व कप टीम में शामिल नहीं किया गया है, इस पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डी विलियर्स ने अपनी बात रखी है। उन्होंने सिराज को “बदकिस्मत” बताते हुए कहा कि चयन में संतुलन एक महत्वपूर्ण कारण है।
मोहम्मद सिराज ने पिछले 16 महीनों में भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला। जून 2024 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें निरंतर खेलने का अवसर नहीं मिला। हालांकि, टेस्ट और वनडे में उनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है, विशेषकर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में वह भारत के प्रमुख गेंदबाजों में से एक थे।
टीम संतुलन का प्रभाव सिराज की अनुपस्थिति पर
एबी डी विलियर्स का मानना है कि सिराज की अनुपस्थिति का सबसे बड़ा कारण टीम का संतुलन है। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को पहले से चुन लिया गया था।
टीम प्रबंधन ने ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान कर सकें। उनकी राय में हर्षित राणा को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि वह आवश्यकता पड़ने पर बल्लेबाजी में भी मदद कर सकते हैं, जबकि सिराज पूरी तरह से एक विशेषज्ञ गेंदबाज हैं।
भारतीय टीम की स्पिन गेंदबाजी पर जोर
डी विलियर्स ने यह भी बताया कि मौजूदा भारतीय टी20 टीम का ध्यान तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाजी पर अधिक है। यदि पावरप्ले में तेज गेंदबाज सफलता हासिल करते हैं, तो इसे एक बोनस के रूप में देखा जाता है। टीम की रणनीति मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों के माध्यम से मैच को नियंत्रित करने की है।
हर्षित राणा के चयन पर विचार
हालांकि, डी विलियर्स ने हर्षित राणा के चयन को समझने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने माना कि नए गेंद से राणा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव सीमित है। फिर भी, बुमराह और अर्शदीप के साथ कुछ ओवर डालकर वह टीम को संतुलन दे सकते हैं।
2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में सिराज
डी विलियर्स ने स्पष्ट किया कि सिराज भले ही टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह वनडे योजनाओं में बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, सिराज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी में भारतीय टीम का एक मजबूत स्तंभ बने रहेंगे।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ
अंत में, एबी डी विलियर्स ने भारतीय गेंदबाजी की सराहना करते हुए इसे एक संतुलित और विजेता टीम जैसा बताया। अगर किसी मैच में बुमराह शांत रहते हैं, तो कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं हार्दिक पंड्या मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभाते हैं।

