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  • IPL 2026 में KKR को मिला बड़ा झटका, तेज गेंदबाज आकाश दीप बाहर

    IPL 2026 में KKR को मिला बड़ा झटका, तेज गेंदबाज आकाश दीप बाहर

    नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 की शुरूआत से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की चुनौतियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। टीम के प्रमुख गेंदबाज हर्षित राणा पहले ही चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। अब, आकाश दीप के IPL 2026 से बाहर होने की खबर भी सामने आई है।

    चोट के चलते आकाश दीप इस वर्ष के आईपीएल में भाग नहीं ले पाएंगे। इसके अतिरिक्त, विदेशी तेज गेंदबाज मथीषा पथिराना भी अभी तक पूरी तरह से फिट नहीं हो पाए हैं, जिससे टीम की गेंदबाजी की स्थिति कमजोर हो गई है।

    आकाश दीप का आईपीएल से बाहर होना

    सूत्रों के अनुसार, आकाश दीप चोट के कारण पूरे आईपीएल 2026 सीजन से अनुपस्थित रहेंगे। इस बात की पुष्टि टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने की है। उन्होंने कहा कि आकाश दीप का इस बार टूर्नामेंट में भाग न लेना टीम के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।

    गौरतलब है कि केकेआर ने उन्हें मिनी ऑक्शन में उनके आधार मूल्य 1 करोड़ रुपये में खरीदा था। टीम प्रबंधन को आशा थी कि हर्षित राणा की अनुपस्थिति में आकाश दीप तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन अब यह योजना अधूरी रह गई है।

    आकाश दीप का आईपीएल करियर

    आकाश दीप का आईपीएल करियर अब तक ज्यादा लंबा नहीं रहा है। उन्होंने 2022 में अपना डेब्यू किया और अब तक कुल 14 मैच खेल चुके हैं। इन मैचों में उन्होंने 10 विकेट हासिल किए हैं, जबकि उनकी इकॉनमी 11.82 रही है, जो अपेक्षाकृत महंगी मानी जाती है। पिछले सीजन में वह लखनऊ की टीम का हिस्सा थे, जहाँ उन्होंने 6 मैचों में 3 विकेट लिए थे। उनकी चोटें हमेशा उनके करियर में बाधा डालती रही हैं, जिसके कारण वह किसी भी सीजन में सभी मैच नहीं खेल पाए।

    KKR को झटका

    फिलहाल, आकाश दीप बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में अपनी चोट से उबरने के लिए रिहैब कर रहे हैं। उनकी चोट की गंभीरता के बारे में आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वह इस सीजन में वापसी नहीं कर पाएंगे। केकेआर ने 18 मार्च से कोलकाता में अपना प्री-सीजन कैंप आरम्भ किया था, लेकिन आकाश दीप इसमें शामिल नहीं हो सके।

  • ICC ने BCB की मांग ठुकराई, बांग्लादेश के पास बचे दो विकल्प

    ICC ने BCB की मांग ठुकराई, बांग्लादेश के पास बचे दो विकल्प

    नई दिल्ली: 2026 टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, लेकिन बांग्लादेश की स्थिति अभी भी अस्पष्ट है। आईपीएल से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के बाहर होने के बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। बीसीबी ने यह सुझाव दिया कि भारत में होने वाले उनके मुकाबले सुरक्षा कारणों से श्रीलंका में आयोजित किए जाएं।

    ‘खिलाड़ियों की सुरक्षा की चिंता’

    बीसीबी ने दावा किया है कि भारत में उनके खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, जिसके चलते उन्होंने ग्रुप स्टेज के मैचों को भारत की बजाय श्रीलंका में करने का अनुरोध किया है। रिपोर्टों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। आईसीसी की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में कोई गंभीर सुरक्षा खतरा नहीं है। सुरक्षा जोखिम को ‘लो टू मॉडरेट’, यानी सामान्य स्तर का बताया गया है, जो किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए सामान्य बात है।

    आईसीसी का दृष्टिकोण

    आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि उन्हें ऐसी कोई ठोस वजह नहीं मिली है, जिसके आधार पर मैचों को भारत से स्थानांतरित किया जा सके। हालांकि, इस मामले में अभी तक आईसीसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। 2026 टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन 7 फरवरी से होने जा रहा है और सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

    बीसीबी और आईसीसी के बीच बातचीत

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को बीसीबी और आईसीसी के बीच इस मुद्दे पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। टूर्नामेंट के शुरू होने में कम समय रह गया है, लेकिन बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपने रुख पर अड़े हुए हैं। इस बैठक में बीसीबी ने एक बार फिर अपने ग्रुप स्टेज के मैचों को भारत से श्रीलंका में कराने का आग्रह किया।

    बांग्लादेश का अडिग रुख

    बीसीबी की ओर से इस बैठक में अध्यक्ष मोहम्मद अमीनुल इस्लाम, उपाध्यक्ष मोहम्मद शखावत हुसैन और निदेशक नजमुल आबेदीन सहित कई अधिकारी शामिल हुए। सभी ने अपनी ‘सुरक्षा चिंताओं’ को फिर से दोहराया और अपनी स्थिति को मजबूत किया।

    टूर्नामेंट का शेड्यूल

    आईसीसी ने जवाब देते हुए कहा कि टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है और सभी टीमें उसी अनुसार तैयारी कर रही हैं। आईसीसी ने बीसीबी से इस विषय पर फिर से विचार करने की अपील की है। हालांकि, बीसीबी की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनके रुख में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और वे आईसीसी के साथ बातचीत जारी रखेंगे।

    इस मामले का समाधान नहीं निकलने से स्पष्ट हो गया है कि आईसीसी, बांग्लादेश की मांग पर विचार करने के मूड में नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि टूर्नामेंट शुरू होने में कम समय बचा है। होटलों की बुकिंग, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के वीजा, यात्रा, और अन्य व्यवस्थाएं पहले ही पूरी की जा चुकी है। ऐसे में अचानक शेड्यूल में बदलाव करना लगभग असंभव है।

    बांग्लादेश के सामने विकल्प

    अब बांग्लादेश के पास केवल दो विकल्प हैं। पहला, वह तय शेड्यूल के अनुसार भारत में अपने मैच खेले। दूसरा, वह टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले ले। यदि बांग्लादेश अपने नाम वापस लेता है, तो आईसीसी उसकी जगह किसी और टीम को शामिल कर सकती है, लेकिन इतनी कम समय में यह भी आसान नहीं होगा। ऐसा माना जा रहा है कि आईसीसी बांग्लादेश से अपना निर्णय बदलने का अनुरोध करती रहेगी, और यदि किसी टीम को मौका मिलता है, तो स्कॉटलैंड को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।