टैग: गवर्नर रमेश बैंस

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची रांची

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची रांची

    एयरपोर्ट पर गवर्नर और सीएम ने किया स्वागत

    रांची। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आज भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारतीय एयरफोर्स के विशेष विमान से रांची पहुंची। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पर महामहिम का स्वागत झारखंड के गवर्नर रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुष्पगुच्छ देकर किया।

    एयरपोर्ट पर ही जवानों ने महामहिम द्रौपदी मुर्मू को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एयरपोर्ट से राष्ट्रपति श्री मुर्मू सेना के हेलीकॉप्टर में बैठकर खूंटी जिला के उलीहातू स्थित भगवान बिरसा मुंडा जन्मस्थली के लिए रवाना हो गई, जहां वह भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगी।

  • आज रात से बदल जाएगी ट्रैफिक व्यवस्था

    दुर्गा पूजा के लिए कल सुबह से लागू होगी नई ट्रैफिक प्लान

    रांचीः राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। रांची शहर में दो अक्टूबर से पांच अक्टूबर तक भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। सुबह आठ बजे से दूसरे दिन सुबह चार बजे तक शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा के मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। पूजा के दौरान शहर में कई स्थानों में अस्थायी पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं, शहर में 67 स्थानों पर ड्रॉप गेट रहेंगे। इस संबंध में राजधानी रांची की ट्रैफिक को व्यवस्थित करने को लेकर ट्रैफिक प्लान से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।


    ये है ट्रैफिक प्लान


    हजारीबाग रोड से लातेहार, पलामू, गढ़वा, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा जाने वाले वाहन इसी मार्ग से वापस आ सकेंगे।

    पिस्का मोड़ से हजारीबाग रोड जाने वाले वाहन तिलता चैक से रिंग रोड लॉ यूनिवर्सिटी होकर हजारीबाग रोड की ओर जाएंगे।

    जमशेदपुर, हजारीबाग आने जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग पर परिचालन करेंगे।

    गुमला, लोहरदगा, खूंटी से जमशेदपुर आने जाने वाले वाहन रिंग रोड सिठियो मार्ग पर चलेंगे।

    खूंटी की तरफ से हजारीबाग जाने वाले वाहन रामपुर, नामकुम, दुर्गा सोरेन चैक, टाटीसिलवे, खेलगांव, बूटी मोड़ मार्ग से चलेंगे।


    श्रद्धालुओं के लिये यहां रहेगी पार्किग की व्यवस्था



    स्टेशन रोड स्थित पूजा पंडाल के लिये आरआरबी कार्यालय से चुटिया थाना मोड़ के दोनों साईड

    हरमू चैक स्थित पूजा पंडाल के लिये हरमू मैदान में

    बरियातू हाउसिंग पूजा पंडाल बरियातू मैदान में

    कांके रोड स्थित सीएमपीडीआइ पूजा पंडाल कैंब्रियन स्कूल के पास

    डोरंडा-सुजाता चैक से मेन रोड स्थित पंडाल के लिये सैनिक मार्केट और जीइएल चर्च कांप्लेक्स

    फिरायालाल से बकरी बाजार पूजा पंडाल के लिए जिला स्कूल और बालकृष्ण मिशन चैक के पास

    डंगराटोली से सर्जना चैक जानेवाले वाहन मिशन चैक के पास और संत जॉन्स स्कूल के सामने

    लालपुर से कोकर जानेवाले वाहन साधु मैदान और बिजली ऑफिस

    खेलगांव से कोकर पूजा पंडाल के लिये रामलखन यादव कॉलेज परिसर

    कांके रोड से बकरी बाजार पंडाल के लिये न्यू मार्केट ऑटो स्टैंड

    पिस्का मोड़ से रातू रोड पूजा पंडाल आने वालों के लिये जायसवाल पेट्रोल पंप के सामने

    हरमू बाईपास से बकरी बाजार पूजा पंडाल के लिये बड़ा तालाब के पास।

  • विश्व में बढ़ा भारत का मान : गवर्नर

    रमेश बैस ने राजभवन में किया मोदी@20 पुस्तक का विमोचन

    रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव और उनकी लोकप्रियता सिर्फ देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विश्वव्यापी है। आज पूरा राष्ट्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन पूरे उत्साह के साथ मना रहा है। यह कहना था झारखंड के गवर्नर रमेश बैस का। राज्यपाल आज राज भवन में प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन पर आधारित “मोदी@ 20 पुस्तक” का विमोचन कर रहे थे। उक्त अवसर पर सांसद दीपक प्रकाश, सांसद आदित्य साहू, विधायक भानु प्रताप शाही, कुलपतिगण, प्रबुद्धजन एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। गवर्नर श्री बैस ने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से पूरे विश्व में भारत का गौरव एवं सम्मान बढ़ाया है।

    मोदी के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं बैस

    राज्यपाल ने कहा कि श्री मोदी के साथ उन्हें लंबे समय तक कार्य करने का अवसर मिला। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के पूर्व श्री मोदी छत्तीसगढ़ के प्रभारी हुआ करते थे। उनका काम करने का ढ़ंग जमीनी रहा। वे सदा देश की सोचते रहते थे। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न ही हैं कि उनकी पहल पर पूरा विश्व आज ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ मनाता है। योग समस्त विश्व को स्वस्थ एवं सुखी बनाने के सहज माध्यम के रूप में उभरा है। यह पूरी दुनिया को भारत का महान उपहार है। प्रधानमंत्री का मानना है कि जनसंवाद की प्रक्रिया के बिना जन भागीदारी अधूरी है, वे सदैव जनता से संवाद स्थापित कर उन्हें विकास के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने जनता के लिए कई लोक-कल्याणकारी योजनाएँ धरातल पर उतारा है। राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न नीतियों व योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री के द्वारा किए जा रहे प्रयासों में उनके संकल्प एवं उनकी दूरदर्शिता को निकट से देखा जा सकता है, चाहे वो खुले में शौच का मुद्दा हो या स्वच्छ भारत अभियान, जल जीवन मिशन हो या फिर वोकल फॉर लोकल, डिजिटल इंडिया हो या मेक इन इंडिया। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का आह्वान भारत के उत्थान का मूलमंत्र बन चुका है। जम्मू-कश्मीर में संवैधानिक सुधार प्रधानमंत्री जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से ही संभव हो सका है।

    युवाओं को पढ़नी चाहिए मोदी@20

    राज्यपाल ने मोदी@ 20 पुस्तक के संदर्भ में कहा कि यह पुस्तक अत्यंत उपयोगी है। युवा पीढ़ी को यह पुस्तक अवश्य पढनी चाहिए। यह किताब प्रधानमंत्री जी के विज़न को दर्शाती है। मेरी दृष्टि में, यह पुस्तक सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों का तो सदा पथ-प्रदर्शन करती ही रहेगी, साथ ही हमारे युवाओं के लिए प्रेरणादायक भी होगी। प्रस्तावना के बाद इस पुस्तक में पाँच खंड हैं। प्रत्येक अध्याय एक प्रख्यात विशेषज्ञ द्वारा लिखा गया है। शोबाना कामिनेनी, सुरजीत एस० भाला, गृह मंत्री अमित शाह, डॉ० शमिका रवि, उदय एस० कोटक, अनुपम खेर, अशोक गुलाटी, डॉ० देवी शेट्ठी, नंदन नीलेकणी, नृपेंद्र मिश्रा, सदगुरु, सुधा मूर्ति, अजित डोभाल और डॉ० एस जयशंकर द्वारा इस पुस्तक में आदरणीय प्राधानमंत्री जी के संदर्भ में काफी कुछ लिखा गया है।
    राज्यपाल महोदय ने कहा कि इस पुस्तक में माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने प्रधानमंत्री जी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए लिखा है कि मोदी जी ने निस्संदेह समाज में जो कुछ भी देखा, अनुभव किया और सीखा है, उससे शासन में उनकी नीतियाँ प्रभावित हुई हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान ऐसी अवधारनाएं थीं, जो प्रधानमंत्री जी के दिमाग में उनकी निरंतर यात्राओं के शुरुआती दिनों से घूम रहीं थीं। कृषि वैज्ञानिक अशोक गुलाटी ने कृषि क्षेत्र प्रबंधन पर लिखा है। प्रमुख चिकित्सा पेशेवर डॉ० देवी शेट्ठी कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में शासन की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करती है। हमने मानव इतिहास में अभूतपूर्व चुनौती का सामना किया। हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हमारा देश टीकाकरण के मामले में न केवल आत्मनिर्भर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की भी हमने सहायता की।
    सांसद श्री दीपक प्रकाश ने इस अवसर पर कहा कि यह पुस्तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक 20 वर्षों के सफर पर आधारित है जिसे विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा लिखा गया। उन्होंने कच्छ इलाके में भू-कम्प आने के बाद जिस प्रकार जनसेवा का कार्य किया, वह अद्वितीय है। उनके नेतृत्व में गुजरात में सामाजिक, आर्थिक, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की, पूरे देश में गुजरात मॉडल की सराहना होने लगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद वे देश के विकास हेतु सदा तत्पर रहते हैं। उनके विचारों में नेशन फ़र्स्ट की भावना सदा सब देख सकते हैं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा। कृषि क्षेत्र में उन्होंने क्रान्ति लाने का कार्य किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी द्वारा बहुत सशक्त एवं प्रभावशाली कदम उठाए गए। प्रधानमंत्री जी ने अपने जीवन में कर्म को प्रधानता दी। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने हर देशवासी का मान-सम्मान बढ़ाया।
    मंच संचालन विधायक श्री भानु प्रताप शाही ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री प्रेम मित्तल द्वारा किया गया।

  • तीन बसों में भरकर छत्तीसगढ़ ले जाए जा रहे हैं झामुमो विधायक

    निशीकांत ने ट्वीट कर किया खुलासा

    रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों को तीन बसों में भरकर झारखंड से छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने यह ट्वीट कर झारखंड के राजनीति में फिर खलबली मचाने की कोशिश की है। निशिकांत दुबे की यह सूचना कितनी सही है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। इधर झामुमो सूत्रों से मिली सूचना के अनुसार थोड़ी देर में मुख्यमंत्री आवास में झामुमो के साथ ही कांग्रेस विधायकों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में गवर्नर द्वारा लिए गए फैसले की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर भी आपसी सहमति बनाने की कोशिश करेगी। जानकारी के अनुसार झामुमो की बैठक में जाने से पूर्व कांग्रेस के विधायक बिरसा चौक स्थित एक होटल में बैठक कर अपने आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

  • प्रेम प्रकाश को ईडी ने किया गिरफ्तार

    कल देर रात हुई गिरफ्तारी, आज कोर्ट में करेंगे पेश

    रांची। कभी बड़े-बड़े आईएएस, आईपीएस को अपनी उंगलियों पर नचाने वाला प्रेम प्रकाश आज खुद हिरासत में आ गया है। सत्ता के गलियारे में भारी हनक रखने वाले प्रेम प्रकाश को कल देर रात ईडी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है ‌ आज उसे ईडी कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी, ताकि इस मामले से जुड़े उसके कनेक्शन का पूरा पर्दाफाश किया जा सके।

  • प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ईडी का छापा

    माइंस घोटाले में ईडी की टीम कर रही है छापेमारी

    रांची। राजधानी में ईडी की टीम बड़ी कार्रवाई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध खनन से जुड़े मामले पर ई़डी की टीम दल-बल के साथ राजधानी रांची में 11 समेत देश के करीब 17 लोकेशन पर छापेमारी कर रही है। राजधानी के हरमू में ईडी की टीम पहुंची है जहां सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल रखा है। झारखंड के अलावे बिहार समेत देश के कई हिस्सों पर ईडी छापेमारी कर रही है।

  • …इस मिट्टी का अब कर्ज चुकाएं : हेमंत

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोराबादी में फहराया तिरंगा

    76 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का अभिभाषण

    प्यारे झारखण्डवासियों,
    जोहार!

    भगवान बिरसा मुण्डा एवं वीर सिद्धो कान्हू जैसे अनेक महान सपूतों की बलिदानी भूमि पर मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ और समस्त झारखण्डवासियों तथा देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।

    2. आज हम भारत की आजादी की 75वीं वर्षगाँठ पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आजादी के मतवाले अनेक वीर योद्धाओं के शहादत के बाद हमें यह आजादी नसीब हुई है।

    3. राष्ट्रीय पर्व की इस पावन बेला में मैं, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेदकर, डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह, सरदार पटेल सहित उन तमाम देशभक्तों के प्रति अपनी सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिनके कठिन संघर्ष, त्याग और बलिदान ने हमें आजादी दिलायी ।

    4. स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर मैं, झारखण्ड के वीर सपूतों धरती आबा बिरसा मुण्डा, वीर सिद्धो-कान्हू, बाबा तिलका मांझी, चांद-भैरव, बहन फूलो-झानों, वीर बुद्धु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, पाण्डेय गणपत राय, टिकैत उमराव, शहीद विश्वनाथ शाहदेव को भी नमन करता हूँ, जिनके संघर्ष की गौरव गाथा आज भी हमें साहस और संबल प्रदान करती है।

    5. देश के आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में लगे सेना के और पुलिस के वीर जवानों को भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देता हूँ और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण और बलिदान को सलाम करता हूँ।

    6. आजादी के बाद हमारे देश के नीति निर्माताओं ने कल्याणकारी राज्य के आदर्शों के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। मैं नमन करता हूँ देश के संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को, जिन्होंने आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए, उनको उनका हक दिलाने के लिए अथक प्रयास किया और इनके लिए संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की। महान एवं दूरदर्शी सोच रखने वाले बाबा साहेब ने कहा था कि राष्ट्रवाद तभी औचित्य ग्रहण कर सकता है जब लोगों के बीच जाति, नस्ल और रंग का भेद भुलाकर उनके बीच सामाजिक भाईचारा को सर्वोच्च स्थान दिया जाय।

    7. अमर शहीद भगत सिंह ने भी कहा था कि भारत में संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मुट्ठी भर शोषणकर्ता अपने हितों की पूर्ति के लिए सामान्य जनता के श्रम का शोषण करते रहेंगे। यह बात सही है कि देश के आदिवासी, पिछड़े एवं दलित वर्ग आजादी के बाद पिछले 75 वर्षों में सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से काफी सशक्त हुए हैं, लेकिन अभी भी हम ‘समतामूलक समाज’ की स्थापना के लक्ष्य से दूर हैं। मेरे विचार में हम तब तक इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकते जब तक हम व्यक्ति द्वारा व्यक्ति के शोषण को रोकने में सफल नहीं होंगे।

    8. हमारी सरकार गठन के बाद हमने यह लक्ष्य तय किया कि आजादी के संघर्ष में बलिदान देने वाले झारखण्ड के वीर सपूतों के सपनों का झारखण्ड बनायेंगे। जिन उम्मीदों को लेकर अलग झारखण्ड राज्य का निर्माण हुआ था, हम उनको पूरा करने के लिए मजबूत एवं ईमानदार प्रयास करेंगे। हमारी सरकार विकासमूल मंत्र, आधार लोकतंत्र के दृष्टिकोण के साथ एक सशक्त राज्य के निर्माण हेतु निरतंर पय्रत्नशील है।

    9. नवाचार सूचकांक में झारखण्ड का प्रदर्शन बेहतर हुआ है और हम कई पायदान आगे बढ़े हैं। स्वच्छता मानकों में भी हम कई राज्यों से बेहतर स्थिति में है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर राज्य में शिशु मृत्यु दर, कुपोषण तथा महिलाओं एवं बच्चों में व्याप्त एनीमिया में उल्लेखनीय रूप से कमी आयी है। हमारे नौनिहालों और गर्भवती माताओं के लिए अब राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और देखभाल सुनिश्चित हुआ है। जहाँ कई राज्यों में पेड़ों और जंगलों को काटे जाने से हरियाली कम हुई है वहीं हमारे राज्य ने वन संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वर्ष 2019 से वर्ष 2021 के बीच वन क्षेत्र में 110 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की है। राज्य में सड़क मार्ग, रेल मार्ग, वायुमार्ग और जल मार्ग का विस्तार हुआ है। राज्य में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के स्तर में उन्नयन हुआ है। ये सब राज्य के विकास के पथ पर अग्रसर होने के सूचक हैं। वहीं दूसरी तरफ युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करना और श्रमिकों का पलायन अभी भी राज्य के लिए चुनौती बनी हुई है।

    10. हमारी सरकार ने “झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021” गठित किया है। इस अधिनियम के तहत् प्रत्येक नियोक्ता चालीस हजार रुपये तक के मासिक वेतन वाले पदों के कुल रिक्ति के 75 प्रतिशत पद पर स्थानीय उम्मीदवारों को नियोजित करेगा। 16 जुलाई, 2022 को निजी क्षेत्र में स्थानीय नियोजन नीति की उद्घोषणा एवं नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर वितरण समारोह में करीब 11 हजार स्थानीय युवाओं को नियुक्ति हेतु ऑफर लेटर दिया गया है। स्थानीय युवाओं के लिए राज्य के भीतर ही रोजगार उपलब्ध कराने और पलायन को रोकने के लिए यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा।

    11. यह बात सही है कि वर्तमान स्थिति में हम राज्य से पलायन को पूरी तरह से रोक नहीं सकते, पर विपदा की स्थिति में हम अपने प्रवासी श्रमिकों को हरसंभव सहायता पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की आकस्मिकता अथवा विपदा की स्थिति में, चाहे वह देश में हो या देश के बाहर, उन तक तत्काल सहायता पहुँचाने तथा श्रमिकों की सुरक्षित घर वापसी की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। कई बार दुर्घटना आदि में श्रमिकों की मृत्यु हो जाती है। ऐसे मृत प्रवासी श्रमिक के आश्रितों को सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता राशि भी दी जा रही है। मैं मजदूर भाईयों को यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि हमारी सरकार हर कदम पर उनके साथ है।

    12. खनिज संसाधनों से परिपूर्ण और संभावनाओं से भरे हमारे राज्य में विकास को गति देने के लिए नई नीतियाँ बनाई गई है। इसी उद्देश्य से सेक्टर्स खासकर खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, खनिज तथा वस्त्र आधारित उद्योगों पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया गया है। श्रम आधारित उद्योगों के स्थापना से राज्य में रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे वहीं दूसरी तरफ नई एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों की स्थापना से औद्योगिक राज्य के रूप में झारखण्ड की पहचान फिर से स्थापित होगी।

    13. राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राँची में वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर का शिलान्यास किया गया है। वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर में अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार विशेषकर निर्यात संवर्धन से संबंधित तमाम गतिविधियाँ एक ही छत के नीचे संचालित होंगी। इस अवसर पर राज्य के उद्यमियों को ऋण एवं अन्य सुविधा प्रदान करने के लिए SIDBI और उद्योग विभाग के बीच MoU भी साईन किया गया है। वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर झारखण्ड की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने में अहम रोल निभाएगी।

    14. हमारी सरकार द्वारा राज्य को Tourist destination के रूप में स्थापित करने के लिए नई पर्यटन नीति, 2021 अधिसूचित की गई है। इस पर्यटन नीति में राज्य में पर्यटन क्षेत्र में निवेश पर विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन दिये जाने का प्रावधान है।

    15. इसके साथ ही राज्य एवं राज्य के बाहर से आने वाले पर्यटकों को सभी आवश्यक सुविधाएँ मुहैय्या कराने के लिए पर्यटक स्थलों एवं उसके आस-पास आधारभूत संरचना का निर्माण कराया जा रहा है।

    16. राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए विभिन्न नियुक्ति एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन तथा संशोधन की कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की गयी है।

    17. मैंने सभी विभागों को स्पष्ट निदेश दिया है कि राज्य सरकार के अधीन रिक्त पदों को तेजी से भरने की कार्रवाई की जाय। राज्य निर्माण के बाद पहली बार हमने अनुमंडल कृषि पदाधिकारी के पद पर युवकों/युवतियों को नियुक्त किया है। राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में खाली पदों को हम भर चुके हैं। विभिन्न विश्वविद्यालयों में व्याख्याता के पद पर नियुक्ति पूर्ण कर ली गयी है एवं कुछ जगह नियुक्ति की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। JPSC का नियमावली गठन करने के साथ-साथ हमने रिकॉर्ड 251 दिनों में विभिन्न विभागान्तर्गत 11 सेवाओं के कुल 252 रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया है।

    18. सरकारी कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने के सम्बन्ध में मैंने वादा किया था। इस सम्बन्ध में कैबिनेट से प्रस्ताव भी पारित हो चुका है। SOP निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, शीघ्र ही इसे पूर्णरुपेण लागू कर दिया जायेगा।

    19. झारखण्ड सरकार राज्य के खिलाड़ियों को हर प्रकार की सुविधा देने के लिए दृढ़संकल्पित है। राज्य में खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु नई खेल नीति बनाई गई है। सरकार की ओर से खिलाड़ियों को समुचित सहयोग मिल सके, इसके लिए राज्य में पहली बार जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन सब से राज्य में एक बेहतर माहौल तैयार हुआ है, जिससे खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर कर सामने आयी है और राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फलक पर झारखण्ड की प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

    20. पिछले दिनों Commonwealth Games, 2022 में राज्य की युवा खिलाड़ी लवली चौबे और रूपा रानी तिर्की ने लॉन बॉल प्रतिस्पर्द्धा में भारतीय टीम को गोल्ड मेडल दिलाकर देश और झारखण्ड को गौरवान्वित किया है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी कांस्य पदक जीता है। झारखण्ड की बेटियाँ सलीमा टेटे, निक्की प्रधान एवं संगीता कुमारी इस विजेता टीम का हिस्सा थी। इसके पहले भी सलीमा टेटे एवं निक्की प्रधान ने ओलंपिक में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सबका दिल जीता है। आज हमारे राज्य के कई खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्द्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड का नाम रौशन कर रहे हैं।

    21. ”सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय“ के सिद्धांत को लक्ष्य कर हमने की शुरुआत की है जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हमारे वृद्ध, निराश्रित महिलाएं एवं दिव्यांगजनों को सम्मान से जीवन जीने का हक प्राप्त हो सके। प्रारम्भ होने के बाद अब तक लगभग 12 लाख लाभुकों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है।

    22. राज्य के 29 हजार से अधिक गाँवों में करीब 35 लाख परिवारों को सखी मंडलों से जोड़ा जा चुका है। इन सखी मंडलों को 3700 करोड़ (तीन हजार सात सौ करोड़) रूपये से ज्यादा की राशि चक्रीय निधि के रूप में उपलब्ध करायी गई है। पलाश ब्राण्ड अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के द्वारा उत्पादित एवं संग्रहित उत्पादों को अलग पहचान मिली है तथा लोगों के द्वारा इन उत्पादों को काफी पसंद किया जा रहा है। सखी मंडल के उत्पादों को राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित कर सखी मंडलों की अच्छी आमदनी सुनिश्चित की जा रही है।

    23. ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी और पिछड़ापन दूर करने में मनरेगा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2020 में हमारी सरकार ने मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से चार महत्वपूर्ण योजनाओं यथा- ’बिरसा हरित ग्राम योजना’, ’नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना’, ’वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना’ तथा ’दीदी बाड़ी योजना’ का शुभारम्भ किया गया था। उक्त सभी योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। ’बिरसा हरित ग्राम योजना’ के अन्तर्गत इस वर्ष लगभग 21 हजार एकड़ भूमि में फलदार वृक्ष लगाये जा रहे हैं। ’नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना’ के तहत जलछाजन सिद्धांत को अपनाते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 20 हजार योजनाओं को पूर्ण किया गया है तथा लगभग 81 हजार योजनाओं पर कार्य जारी है। ’वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना’ के तहत् 140 खेल मैदान का निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 2487 खेल के मैदान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य की लगभग 05 लाख महिलाओं को ’दीदी बाड़ी योजना’ से लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है। मनरेगा में राज्य सरकार द्वारा अपनी निधि से राशि की व्यवस्था करते हुए अब दैनिक मजदूरी के रुप में 237/- रुपयों का भुगतान कर रही है।

    24. हमारे किसान भाई दिन रात मेहनत मजदूरी कर फसल उगाते हैं और राज्य के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कृषि के विकास एवं किसानों की खुशहाली के लिए हमारी सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। कृषि ऋण के बोझ से दबे राज्य के छोटे एवं सीमान्त किसानों को राहत पहुँचाने के लिए वर्ष 2020 से झारखण्ड राज्य कृषि ऋण माफी योजना संचालित की जा रही है। इस योजना अन्तर्गत अब तक कुल पंद्रह सौ उनतीस करोड़ रुपये की राशि तीन लाख तिरासी हजार एक सौ दो कृषकों के ऋण खाते में ट्रांसफर की गई है।

    25. किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु अब तक 4 लाख 28 हजार नये KCC आवेदन स्वीकृत करते हुए पन्द्रह सौ तिरासी करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। किसानों के प्रशिक्षण हते समेकित बिरसा ग्रामिण विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला की शुरूआत की गई है। सरकार द्वारा किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करायी जा रही है।

    26. पिछले खरीफ वर्ष 2021-22 में राज्य में 74.16 लाख टन खाद्यान्न फसल का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। वर्तमान खरीफ मौसम में सामान्य से कम वर्षा होने की रिपोर्ट मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा इस पर सतत् निगरानी रखी जा रही है। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए हमनें केन्द्र सरकार से झारखण्ड के लिए विशेष पैकेज की माँग की है। झारखण्ड राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कृषि उत्पादन में आर्थिक नुकसान की भरपाई हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 से झारखण्ड राज्य फसल राहत योजना संचालित की जा रही है। इस वर्ष भी राज्य में वर्षा कम हुई हैव ऐसे में हम फसल राहत योजना के तहत तत्काल 100 करोड़ की राशि की व्यवस्था कर रहे हैं।

    27. झारखण्ड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का पावर हाउस बनाने के लिए “झारखण्ड सौर ऊर्जा नीति, 2022” लागू की गई है। हमने वर्ष 2027 तक सौर ऊर्जा से 4000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। राज्य के गिरिडीह शहर को “सोलर सिटी” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा देवघर, सिमडेगा, गढ़वा एवं पलामू में 20-20 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर पार्क की स्थापना की कार्रवाई की जा रही है। राज्य में आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ कम करने हेतु 100 यूनिट तक की खपत करने वाले सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली प्रदान करने का निर्णय हमारी सरकार ने लिया है। राज्य के शहरी क्षेत्र को हरा-भरा बनाए रखने के लिए एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट बिजली मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

    28. राज्य सरकार शिक्षा के प्रति सजग और संवेदनशील है। राज्य सरकार के प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोतर सुधार हो रहा है। इस वर्ष राज्य में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम उत्साहवर्द्धक रहा है। मैट्रिक बोर्ड में पंचानवे दशमलव छः प्रतिशत छात्र/छात्रायें सफल हुए हैं जो अब तक का सर्वाधिक परिणाम प्रतिशत रहा है। विद्यालयों में शिक्षक एवं प्रयोगशाला सहायक आदि के 37000 पद रिक्त हैं। इन पदों पर नियुक्ति हेतु विशेष अभियान चलाकर अगले 6 माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने हेतु कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। स्कूलों में आई॰सी॰टी॰ लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। राज्य में जिला स्तर पर 80 उत्कृष्ट विद्यालयों एवं प्रखंड स्तर पर 305 आदर्श विद्यालयों की स्थापना पर तेजी से कार्य जारी है।

    29. 15 नवम्बर से राज्य के युवाओं के लिए ‘CM-SARTHI’ योजना प्रारंभ की जा रही है जिसके तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ प्रोत्साहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाएगा। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए बच्चों के समक्ष आर्थिक परेशानी पैदा न हो इसके लिए हम ‘गुरूजी-स्चूडेंट क्रेडिट कार्ड’ योजना लेकर आ रहे हैं।

    30. उच्च शिक्षा को और बेहतर एवं सर्वसुलभ बनाने के लिए ’झारखण्ड खुला विश्वविद्यालय’ एवं ’पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय’ की स्थापना की गई है। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त 2,716 (दो हजार सात सौ सोलह) पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना झारखण्ड लोक सेवा आयोग को भेज दी गई है तथा नियुक्ति की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

    31. राज्य में सड़कों का जाल बिछाना हमारा लक्ष्य है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ बैठक कर राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ का प्रस्ताव रखा गया था। राज्य सरकार के प्रयासों से 08 बड़ी सड़क परियोजनाओं पर सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है, जिसके तहत् लगभग 30,000 करोड़ की लागत से 1570 कि0मी0 फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा । इसके अलावा “भारतमाला” के तहत स्वीकृत अन्य सड़कों और राज्य सरकार द्वारा स्टेट हाईवे के निर्माण पर भी तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। रांची एवं अन्य महत्वपूर्ण शहरों में फ्लाई ओवर का निर्माण भी कराया जा रहा है ताकि शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके।

    32. राज्य सरकार के द्वारा राज्य के हर कोने के लोगों की समस्या को सुनने एवं उन्हें दूर करने के उद्देश्य से ‘आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम संचालित किया गया जिसमें 35 लाख से अधिक समस्याओं को सुनने के पश्चात् उनका निराकरण किया गया। सरकार शीघ्र ही इस अभियान के द्वितीय चरण को प्रारम्भ करने जा रही है ।

    33. राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2020 में अनुसूचित जनजाति के 10 छात्र/छात्राओं को विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु मरड. गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का आरम्भ किया गया था। वित्तिय वर्ष 2022-2023 से इस योजना का विस्तार करते हुए अनुसूचित जनजाति के अलावा अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को भी इस योजना से लाभान्वित किये जाने का निर्णय लिया गया है। कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं के शिक्षा में कोई व्यवधान न हो, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत् इन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत 24 लाख छात्र/छात्राओं को 282 करोड़ रुपये की राशि एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत 4 लाख छात्र/छात्राओं को 301 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है।

    34. असंतुलित विकास और प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ के कारण आज समूचा विश्व जलवायु संकट एवं ग्लोबल वार्मिंग जैसे गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। जल, जंगल और जमीन से जुड़ी हमारी समृद्ध परम्परा और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने की हमारी जीवन शैली सम्पूर्ण मानव जाति को जीने की सच्ची राह दिखाता है।

    35. हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए प्रगतिशील सोच के साथ विकास के राह पर आगे बढ़ना होगा। भारत की सबको साथ लेकर चलने वाली संस्कृति ही भारतीय राष्ट्रवाद की बुनियाद है। इसमें नफरत और अलगाव के लिए कोई जगह नहीं है। मैं राज्य के युवाओं को विशेष रूप से कहना चाहता हूँ कि युवा शक्ति अपनी रचनात्मक और सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग झारखण्ड के नव निर्माण के लिए करें। मुझे पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर झारखण्ड को एक समृद्ध, खुशहाल एवं विकसित राज्य बनाने में जरूर सफल होंगे।

    इन दो पंक्तियों के साथ मैं, अपनी बातों को विराम देना चाहूँगा
    – “आओ मिलकर नया देश बनायें,
    भारतवासी होने का हम फर्ज निभायें।
    प्यार है हम सबको इस मिट्टी से,
    इस मिट्टी का अब कर्ज चुकायें।।

  • तिरंगा उल्टा कर मना रहे अमृत महोत्सव….

    बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के अधिकारी का कारनामा
    रांची। आजादी के अमृत महोत्सव पर एक और जहां देशभर में तिरंगे को अभूतपूर्व सम्मान दिया जा रहा है, वहीं अपने झारखंड में एक अधिकारी उल्टा तिरंगा लगाकर अपनी गाड़ी दौड़ा रहा है। यह बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कांके का।

    गाड़ी में लहरा रहा था उल्टा तिरंगा
    यूनिवर्सिटी के बिरसा कृषि अनुसंधान केन्द्र गोरियाकरमा हजारीबाग में पदस्थापित डिप्टी डायरेक्टर सीड्स एंड फार्म्स की यह बोलेरो गाड़ी है। बताया जा रहा है कि श्री निवास गिरी की गाड़ी में उल्टा तिरंगा बांधकर चलाया जा रहा था, जिसे देख स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई और बाद में इसे सीधा किया गया। स्थानीय लोगों ने गाड़ी का वीडियो भी बना लिया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।

  • गवर्नर पहुंचे रिम्स, झारखंड के जल पुरुष का जाना हाल

    रिम्स पहुंचकर रमेश बैस इलाजरत पद्मश्री सिमोन उरांव से मिले
    शीध्र स्वास्थ्य होने की कामना, कहा सेहत में हो रहा है सुधार

    रांची। बेड़ो निवासी पद्मश्री जलपुरुष सिमोन उरांव को लकवा की शिकायत के बाद रिम्स में भर्ती किया गया है। अस्पताल के साइकोलॉजी विभाग के दूसरे तल्ले पर स्थित न्यूरोलॉजी वार्ड में उनका इलाज डॉ गोविंद माधव की देखरेख में चल रहा है। आज सिमोन उरांव से मिलने राज्यपाल रमैश बैस रिम्स पहुंचे। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उनका हाथ थाम कर उन्हें अपनी उपस्थिति का एहसास दिलाया। राज्यपाल ने कहा कि आप जल्द स्वस्थ होंगे। राज्यपाल ने उनके परिजनों से इलाज की व्यवस्था को लेकर जानकारी ली है। राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि जैसे ही मुझे जानकारी मिली की पद्मश्री सिमोन उरांव को लकवा मार दिया है। मैं उनसे मिलने के लिए रिम्स पहुंच गया। उन्होंने कहा कि दो दिन के इलाज में उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह जल्द स्वास्थ्य होकर हम सबके बीच आए। मौके पर रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ हिरेंद्र बिरुआ, चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, डीन डॉ विवेक कश्यप सहित विभाग के चिकित्सक मौजूद थे।

    पद्मश्री सिमोन उरांव की सेहत में हो रहा सुधार
    वही पद्मश्री सिमोन उरांव का इलाज कर रहे न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ गोविंद माधव ने कहा कि चक्कर आने के बाद उनकी आवाज लड़खाने लगी थी। वह बोल भी नहीं पा रहे थे। उनका दाहिना हाथ और दाहिना पैर कमजोर हो कर काम करना बंद कर दिया था। यह समस्या बीपी बढ़ने के कारण हुई। ब्रेन में ब्लड क्लॉट कर गया था। जिस कारण स्ट्रोक की समस्या हुई। उन्होंने कहा कि सिटी स्कैन कराने के बाद इलाज शुरू किया गया है। अगले दो-तीन दिनों में सेहत में और सुधार होगा। जिसके बाद उन्हें निरंतर दवाइयां लेनी पड़ेगी।

  • प्राइवेट यूनिवर्सिटी पर गिरेगी गाज, गवर्नर ने दिया निर्देश

    रांची। राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों की वस्तुस्थिति की शीघ्र जाँच करने का निदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी निजी विश्वविद्यालय यू.जी.सी. एवं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनकी मान्यता रद्द करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारम्भ करें। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि राज्य में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक में पाया गया था कि इनकी स्थिति ठीक नहीं है और उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को अति शीघ्र यू.जी.सी. एवं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करने एवं आधारभूत संरचना विकसित करने का निदेश दिया था।
    राज्यपाल ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्रदान करने के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि उसके पास पर्याप्त भूमि, भवन एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध है। पूर्व के नियम जिसमें यह वर्णित था कि संचालन के 3 वर्ष में अपना भवन एवं आधारभूत संरचना की उपलब्धता में संशोधन करने हेतु एक मॉडल एक्ट निर्माण करने के लिए आदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रहित में निजी विश्वविद्यालयों को संचालन के लिए सभी अहर्ताओं का पालन करना जरूरी है।
    राज्यपाल ने झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट निर्माण की अद्यतन समीक्षा करते हुए कहा कि दिनांक 23 मई, 2022 को आहुत बैठक में भी इसे अमल में लाने का निदेश दिया गया था। राज्यपाल महोदय को अवगत कराया गया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट निर्माण की संचिका कार्मिक विभाग में है, शीघ्र ही यह निर्मित हो जाएगा। राज्यपाल महोदय ने नीलांबर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का हस्तांतरण की अद्यतन समीक्षा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को शीघ्र ही भवन हस्तांतरित करें।


    राज्यपाल द्वारा झारखंड खुला विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक स्टैच्यूट का गठन करने का निदेश दिया गया। वर्ष 2010-2018 अवधि के लिए स्टैच्यूट के गठन की अद्यतन समीक्षा के क्रम में कहा गया कि इस संबंधी संचिका में वित्त विभाग की सहमिति प्राप्त कर ली गई है। वर्ष 2018 में गठित स्टैच्यूट में संशोधन के संदर्भ में भी चर्चा की गई और इसे जल्द ही मंजूरी दे दी जायेगी।
    राज्यपाल महोदय ने यह भी कहा कि झारखंड खुला विश्वविद्यालय के पास काम करने की कोई जगह नहीं है तो अगस्त माह से कैसे अधिकारी काम करेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैम्पस में एक भवन है जो किसी उपयोग में नहीं है, उसकी जल्द से जल्द आवश्यक मरम्मत करके उसे 3-4 माह के अंदर झारखंड खुला विश्वविद्यालय को दिया जाय ताकि वहां से उनका कार्य सुचारु रूप से चलाया जा सके।
    गवर्नर आज राज भवन में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा श्री के०के० खंडेलवाल, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।