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    ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर राजनीतिक विवाद, दिल्ली इवेंट में 30 महिलाएं पेश

    द केरल स्टोरी-2: विवादों में घिरी फिल्म

    नई दिल्ली: फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ का सीक्वल, ‘द केरल स्टोरी-2- गोज बियॉन्ड’, विवादों के केंद्र में है। पहले भाग के समय भी इस फिल्म को लेकर उग्र विरोध हुआ था, और इसे प्रोपेगंडा मूवी कहा गया था। अब जब इसका दूसरा भाग रिलीज होने वाला है, केरल कांग्रेस ने भी इस फिल्म का विरोध शुरू कर दिया है, और इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह राज्य की छवि को गलत तरह से प्रस्तुत करती है।

    धर्मांतरण पर आधारित कथानक का विवाद

    निर्माताओं, विपुल अमृतलाल शाह और निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह, का कहना है कि फिल्म वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। इसके विपरीत, मुस्लिम संगठनों और कांग्रेस का आरोप है कि फिल्म एक विशेष समुदाय की छवि को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने के लिए बनाई गई है। फिल्म का प्रदर्शन 27 फ़रवरी, 2026 को होने वाला है, लेकिन इस विरोध को देखते हुए इसकी रिलीज संदिग्ध नजर आ रही है।

    विशेष आयोजन में महिलाओं की सहभागिता

    फिल्म की रिलीज से पहले, निर्माताओं ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं को आमंत्रित किया जो देश के विभिन्न हिस्सों से आई थीं। ये महिलाएं अपनी जीवन घटनाएं साझा कर रही थीं। निर्माताओं का कहना है कि इन कहानियों के माध्यम से वे वास्तविकता को दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं।

    कांग्रेस द्वारा की गई कड़ी आलोचना

    इस आयोजन के तुरंत बाद, केरल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर तगड़ा जवाब दिया। उन्होंने फिल्म की टीम पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेश की गई 30 महिलाओं में से एक भी केरल की नहीं थी और यह स्पष्ट है कि फिल्म केवल केरल की छवि को धूमिल करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि ‘बीफ खाने’ का मुद्दा उठाया जा रहा है, तो भाजपा ऐसी फिल्में गोवा या पूर्वोत्तर राज्यों पर क्यों नहीं बनाती।

    अदालती कार्यवाही और भविष्य की स्थितियां

    निर्माता विपुल शाह और उनकी टीम फिल्म को वास्तविकता से प्रेरित मानते हैं, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह राज्य विशेष को गलत तरीके से चित्रित कर रही है। फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए कई याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, और केरल उच्च न्यायालय स्वतंत्र रूप से इस फिल्म को देखने के बाद अपना निर्णय सुना सकता है।