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  • आईपीएल की सफलता से चिंतित पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को दी धमकी

    आईपीएल की सफलता से चिंतित पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को दी धमकी

    पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में विवाद, विदेशी खिलाड़ियों का हटना

    नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 के आरंभ होने से पूर्व विदेशी खिलाड़ियों द्वारा लीग से हटने के मामले में विवाद बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लीग से अचानक नाम वापस लेना अनुबंध का उल्लंघन है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाल के दिनों में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी PSL को छोड़कर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का चयन कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, श्रीलंका के टी20 कप्तान दसुन शनाका, जिन्होंने पहले लाहौर कलंदर्स के साथ करार किया था, अब आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बन गए हैं।

    KKR से जुड़े ब्लेसिंग मुजरबानी

    जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने भी PSL को छोड़कर कोलकाता नाइट राइडर्स का हाथ थाम लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सीजन में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। कॉर्बिन बॉश ने मुंबई इंडियंस से जुड़कर PSL से खुद को अलग कर लिया था।

    मोहसिन नकवी की प्रतिक्रिया

    इस घटनाक्रम पर मोहसिन नकवी ने कहा कि PCB का कानूनी विभाग उन सभी मामलों की गहन जांच कर रहा है, जहां खिलाड़ियों ने PSL अनुबंध का उल्लंघन करते हुए दूसरी लीग का रुख किया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई संभावित है ताकि भविष्य में कोई भी खिलाड़ी ऐसा कदम न उठाए। हालांकि, नकवी ने आश्वासन दिया कि इन घटनाओं का PSL की प्रतिष्ठा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कई प्रमुख खिलाड़ी जैसे मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ और ग्लेन मैक्सवेल अब भी लीग का हिस्सा बनने के लिए तत्पर हैं, जिससे प्रतियोगिता का स्तर बना रहेगा।

    बिना दर्शकों के होगा PSL

    इस बीच, PCB ने PSL के प्रारंभिक चरण को बिना दर्शकों के आयोजित करने का निर्णय लिया है। लीग के मैच कराची और लाहौर में खेले जाएंगे, लेकिन स्टेडियम में दर्शकों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। PCB के अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार के खतरे से इनकार किया है। उनका कहना है कि सभी मैच सुरक्षित माहौल में आयोजित किए जाएंगे। लीग 26 मार्च से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी और आयोजन में किसी प्रकार की बाधा आने नहीं दी जाएगी।

  • पीसीबी ने बिना दर्शकों के PSL 2026 मैचों की घोषणा की

    पीसीबी ने बिना दर्शकों के PSL 2026 मैचों की घोषणा की

    पाकिस्तान सुपर लीग 2026: दर्शकों के बिना होगा आयोजन

    नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 का आगाज 26 मार्च से होने वाला है, लेकिन इस बार टूर्नामेंट का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों और ईंधन संकट के कारण, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस बार सभी मैच बिना दर्शकों के आयोजित किए जाएंगे, और मेज़बानी करने वाले शहरों की संख्या भी घटा दी गई है।

    ईंधन संकट का असर

    PCB के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने बताया कि देश में तेल की आपूर्ति में बाधा आ गई है, जिसके परिणामस्वरूप ईंधन की भारी कमी उत्पन्न हुई है। सरकार ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। ऐसे हालात में, यदि स्टेडियम में हजारों दर्शकों की मौजूदगी होती, तो यह स्थिति और बिगड़ सकती थी। इसलिए बोर्ड ने यह कड़ा निर्णय लिया है।

    बंद दरवाजों के पीछे खेले जाएंगे मैच

    यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद इसे लागू किया गया है। नकवी ने कहा कि जब जनता को यात्रा कम करने के लिए कहा जा रहा है, तब बड़े खेल आयोजनों में भीड़ जुटाना उचित नहीं होगा। इसलिए सभी मैच बंद दरवाजों के पीछे खेले जाएंगे।

    लाहौर और कराची तक सीमित हुआ टूर्नामेंट

    पहले PSL 2026 को छह शहरों में आयोजित करने की योजना थी, लेकिन अब इसे केवल लाहौर और कराची तक सीमित कर दिया गया है। इसके साथ ही, लाहौर में होने वाला उद्घाटन समारोह भी रद्द कर दिया गया है, ताकि खर्च और व्यवस्थाओं पर नियंत्रण रखा जा सके।

    टिकट की राशि वापस की जाएगी

    PCB ने यह स्पष्ट किया है कि जिन दर्शकों ने पहले से टिकट खरीदे हैं, उन्हें उनकी पूरी राशि वापस की जाएगी। इसके अलावा, फ्रेंचाइजी को भी खाली स्टेडियम से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि हालात सामान्य होने पर भविष्य में पूर्ण स्तर पर आयोजन किया जाएगा।

    PSL का शेड्यूल जारी

    पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, जिसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। यह लीग 26 मार्च से शुरू होकर 3 मई तक चलेगी, जिसमें कुल 44 मुकाबले होंगे। इस सीजन की विशेषता यह है कि पहली बार आठ टीमें इसमें भाग लेंगी।

    पॉइंट्स टेबल में शीर्ष चार स्थान पर रहने वाली टीमें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करेंगी। टूर्नामेंट का फाइनल 3 मई को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति ने मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए फाइनल के लिए रिजर्व डे भी निर्धारित किया है, ताकि बारिश की स्थिति में मुकाबले को बिना बाधा पूरा किया जा सके।

  • पाकिस्तानी क्रिकेटर सरफराज अहमद ने अचानक संन्यास की घोषणा की

    पाकिस्तानी क्रिकेटर सरफराज अहमद ने अचानक संन्यास की घोषणा की

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सरफराज अहमद ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर को समाप्त करने का निर्णय लिया है। लगभग दो दशकों तक पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़े रहने के बाद, सरफराज का यह फैसला उनके यादगार करियर का अंत दर्शाता है।

    कराची में जन्मे सरफराज ने सभी तीन क्रिकेट प्रारूपों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने करियर में 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 मैच खेले। इन मैचों में उन्होंने 6164 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। विकेटकीपर के रूप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जहाँ उन्होंने 315 कैच और 56 स्टंप आउट के मामले दर्ज किए।

    सरफराज की कप्तानी में एतिहासिक रिकॉर्ड

    सरफराज अहमद ने कप्तान के रूप में पाकिस्तान की टीम की कमान 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों में संभाली। उनकी कप्तानी में, पाकिस्तान ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर-1 स्थान पाया। इसके साथ ही, उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने टी20 इंटरनेशनल में लगातार 11 सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा, उन्होंने छह बार विरोधी टीमों को क्लीन स्वीप करने में सफलताएँ हासिल की।

    2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब

    सरफराज के करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ICC चैंपियंस ट्रॉफी की जीत रही। इंग्लैंड के ओवल मैदान पर खेले गए फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 180 रन से हराकर यह खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ, सरफराज पाकिस्तान के पहले कप्तान बने, जिन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया। इसके पहले उन्होंने 2006 में ICC अंडर-19 विश्व कप की ट्रॉफी भी जीती थी, जिससे वह जूनियर और सीनियर दोनों स्तर पर आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान बन गए।

    लॉर्ड्स में शतक का कारनामा

    सरफराज की कप्तानी में पाकिस्तान टीम में कई उदीयमान खिलाड़ियों को मौका मिला, जिनमें बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, हसन अली, इमाम-उल-हक, फखर जमान, शादाब खान और फहीम अशरफ शामिल हैं। इसके अलावा, सरफराज के नाम टेस्ट क्रिकेट में एक ही मैच में 10 कैच लेने का रिकॉर्ड भी है, जिसे उन्होंने 2019 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में प्राप्त किया। वह पाकिस्तान के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जिन्होंने लॉर्ड्स पर वनडे शतक बनाया।

    2007 में किया था वनडे डेब्यू

    साल 2007 में सरफराज ने वनडे क्रिकेट के जरिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट में अपना आखिरी मैच खेला। संन्यास की घोषणा करते हुए, सरफराज अहमद ने बताया कि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि 2006 के अंडर-19 विश्व कप से लेकर 2017 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने तक का सफर उनके लिए विशेष रहा है। सरफराज ने अपने साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों के समर्थन के प्रति आभार जताया और कहा कि पाकिस्तान की कप्तानी करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।

  • टी20 विश्व कप से बाहर होने पर पाक खिलाड़ियों ने कोच पर आरोप लगाए

    टी20 विश्व कप से बाहर होने पर पाक खिलाड़ियों ने कोच पर आरोप लगाए

    नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के प्रदर्शन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्य कोच माइक हेसन के कामकाज और व्यक्तिगत व्यवहार पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ खिलाड़ियों ने उनके रवैये के खिलाफ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    विश्व कप में पाकिस्तान का प्रदर्शन

    आईसीसी टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की टीम सुपर-8 राउंड तक ही पहुँच पाई और बेहतर रन रेट के आधार पर न्यूजीलैंड से पीछे रहकर प्रतियोगिता से बाहर हो गई। विशेष रूप से, श्रीलंका के खिलाफ खेले गए महत्वपूर्ण मैच में टीम को मामूली अंतर से जीत मिली थी। टीम की कमान सलमान अली आगा के हाथ में थी, लेकिन लगातार हो रही आलोचनाओं के बीच माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

    अलीम डार का इस्तीफा

    सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों ने महसूस किया कि कोच हर पहलू में अधिक हस्तक्षेप कर रहे थे, जिससे कप्तान की भूमिका को काफी सीमित किया गया। इसी बीच, PCB की चयन समिति के सदस्य अलीम डार ने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। हालांकि, उनकी इस्तीफे की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसी जानकारी है कि हेसन को तुरंत हटाने की संभावना कम है, और बोर्ड पहले पूरे मामले की जांच करेगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें चेतावनी दी जा सकती है। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि सरफराज अहमद को नए कोच के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

    कप्तान की भूमिका में कमी

    मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, कोच माइक हेसन टीम के हर महत्वपूर्ण निर्णय में सीधे तौर पर हस्तक्षेप कर रहे थे। इससे कप्तान सलमान अली आगा की भूमिका सीमित हो गई, जिससे टीम के भीतर असहजता का माहौल बन गया।

    कप्तान और कोच की बातचीत

    टी20 वर्ल्ड कप के दौरान एक मैच के समय कोच और कप्तान के बीच हुई बातचीत में हेसन स्पष्ट रूप से नाराज नजर आए। हालांकि, टीम प्रबंधन ने इस घटना के बाद किसी भी विवाद से इनकार किया था।

  • भारत से हार पर मोहसिन नकवी को जिम्मेदार ठहराया: मोहम्मद यूसुफ ने उठाए सवाल

    भारत से हार पर मोहसिन नकवी को जिम्मेदार ठहराया: मोहम्मद यूसुफ ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 में ग्रुप स्टेज के मैच चल रहे हैं। 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले में भारत की टीम ने पाकिस्तान को 61 रन से शिकस्त दी, जिसके बाद पाकिस्तानी क्रिकेट में हलचल मच गई है।

    अब पाकिस्तान के लिए सुपर 8 में पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है, और नामीबिया के खिलाफ अगला मैच उनके लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति में है। इसी बीच, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद यूसुफ ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की है।

    अंक तालिका में गिरावट

    भारत से मिली हार का असर पाकिस्तान की नेट रन रेट पर भी पड़ा है। अब टीम अंक तालिका में पीछे हो गई है और नामीबिया के खिलाफ होने वाला अगला मुकाबला निर्णायक बन गया है। क्रिकेट प्रशंसकों में निराशा का माहौल है, जहाँ कई पूर्व खिलाड़ी टीम की रणनीति और चयन पर प्रश्न उठा रहे हैं। कोलंबो में हारी हुई यह स्थिति केवल एक मैच की हार नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को भी उजागर करती है।

    मोहम्मद यूसुफ की नाराजगी

    पूर्व महान क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान क्रिकेट से राजनीतिक दबाव और निजी स्वार्थ हटाए नहीं जाएंगे, तब तक टीम अपनी पुरानी पहचान वापस नहीं पा सकेगी। यूसुफ ने यह भी कहा कि यह हमारे क्रिकेट के इतिहास का सबसे भयानक दौर है, और इसके लिए उनका दिल दुखता है। उन्होंने नाकाबिल लोगों को टीम और प्रबंधन से हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    मोहसिन नकवी के विवादास्पद निर्णय

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के निर्णय पहले भी कई विवादों में रहे हैं। एशिया कप 2025 ट्रॉफी संबंधी विवाद और भारत के खिलाफ संभावित बहिष्कार ने खेल और राजनीति के रिश्ते को और जटिल बना दिया है। आलोचकों का मानना है कि इन निर्णयों ने टीम की तैयारी को प्रभावित किया। टी20 विश्व कप से पहले पाकिस्तान को एक बहिष्कार का ऐलान करना पड़ा था, लेकिन आईसीसी के दबाव के चलते उन्हें अपना निर्णय बदलना पड़ा। इस असमंजस ने टीम का ध्यान भटका दिया, जिससे उनकी स्थिति और भी कमजोर हुई।

    आगे की राह की कठिनाई

    अब पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को मजबूत करना है। नामीबिया के खिलाफ जीत ही केवल उनकी उम्मीदों को बनाए रख सकती है। हालांकि, असली सुधार मैदान से अधिक प्रशासनिक ढांचे में बदलाव से ही होगा। यदि यह हालात नहीं बदलते हैं, तो संकट और गहरा हो सकता है।

  • T20 विश्व कप 2026: ICC और PCB के बीच बैक चैनल बातचीत, पाकिस्तान के पलटी का क्या होगा?

    T20 विश्व कप 2026: ICC और PCB के बीच बैक चैनल बातचीत, पाकिस्तान के पलटी का क्या होगा?

    नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाले ग्रुप मैच का बहिष्कार करने का पाकिस्तान सरकार का निर्णय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा हलचल पैदा कर दिया है। इस कदम से न केवल टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है, बल्कि आर्थिक नुकसान की संभावना भी बढ़ गई है। आईसीसी ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ संवाद तेज कर दिया है और लंबे समय तक प्रभावों के बारे में गंभीर चेतावनी दी है।

    आर्थिक नुकसान की संभावनाएं

    एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बहिष्कार से विश्व क्रिकेट को 250 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसका असर प्रसारण अधिकार, विज्ञापन और टिकट बिक्री पर पड़ेगा। इस वजह से, आईसीसी ने स्थिति को गंभीरता से लिया है और इसके समाधान के लिए प्रयास कर रही है।

    आईसीसी की बैक-चैनल बातचीत

    सूत्रों के मुताबिक, आईसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच बैक-चैनल संवाद जारी है। कुछ अन्य क्रिकेट बोर्ड भी आईसीसी के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। उद्देश्य है कि किसी प्रकार आपसी सहमति बनाई जाए और टूर्नामेंट की संरचना को नुकसान न पहुंचे।

    आईसीसी की कड़ी चेतावनी

    आईसीसी ने अपने बयान में कहा है कि चयनात्मक भागीदारी वैश्विक खेल के मौलिक सिद्धांत के खिलाफ है। सभी योग्य टीमों से उम्मीद की जाती है कि वे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खेलें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस निर्णय के दीर्घकालिक परिणाम पाकिस्तान के क्रिकेट भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं।

    भारत के साथ ग्रुप-A में पाकिस्तान

    पाकिस्तान ग्रुप ए में भारत, नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका के साथ है। पाकिस्तान के सभी मुकाबले श्रीलंका में आयोजित किए जाएंगे, जहां भारत भी टूर्नामेंट का सह-मेजबान है। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड आईसीसी के आग्रह पर अपने निर्णय में बदलाव करता है या स्थिति और जटिल हो जाती है।

  • पाकिस्तान क्रिकेट में हंगामा, सुलैमान कादिर पर आरोप लगे

    पाकिस्तान क्रिकेट में हंगामा, सुलैमान कादिर पर आरोप लगे

    नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व प्रसिद्ध लेग स्पिनर अब्दुल कादिर के पुत्र सुलेमान कादिर वर्तमान में एक गंभीर आरोप का सामना कर रहे हैं। सुलेमान पर अपनी ही घरेलू सहायिका द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

    आरोपी की हिरासत

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद सुलेमान कादिर को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की व्यापक जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल आरोपी या उसके परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    फार्म हाउस में घटी घटना

    पाकिस्तानी मीडिया और दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 23 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। महिला ने बताया कि उसे सफाई के काम के लिए बुलाया गया था। वह सुबह लगभग 10 बजे ‘ग्रीन सिटी’ गेट पर पहुंची, जहां से सुलेमान ने उसे अपनी कार में लेकर अब्दुल कादिर क्रिकेट एकेडमी के निकट स्थित अपने फार्म हाउस नंबर-2 में ले गया। वहीं पर इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया गया।

    सुलेमान कादिर की पहचान

    41 वर्षीय सुलेमान कादिर खुद भी क्रिकेट में नाम कमा चुके हैं। उन्होंने 2005 से 2013 के बीच 26 फर्स्ट क्लास और 40 लिस्ट-ए मुकाबले खेले हैं। वर्तमान में, वह लाहौर में एक क्रिकेट एकेडमी का संचालन करते हैं, जहाँ वे युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं।

    क्रिकेट界 में उठा विवाद

    सुलेमान के पिता अब्दुल कादिर को विश्व के प्रमुख लेग स्पिनरों में माना जाता है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 67 टेस्ट और 104 वनडे मैच खेलते हुए अपनी छाप छोड़ी है। 1980 के दशक में लेग स्पिन को फिर से जीवित करने में उनका बड़ा योगदान रहा। वर्ष 2019 में उनका निधन हुआ था। यह मामला उनके नाम से जुड़ने के कारण क्रिकेट जगत में काफी चर्चित हो गया है।

  • पाकिस्तान क्रिकेट में सेलेक्टर आज़हार अली का इस्तीफा, जानें कारण

    पाकिस्तान क्रिकेट में सेलेक्टर आज़हार अली का इस्तीफा, जानें कारण

    पाकिस्तान क्रिकेट में अभूतपूर्व बदलाव की लहर

    नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व टेस्ट कप्तान और प्रसिद्ध बल्लेबाज़ अजहर अली ने अचानक राष्ट्रीय चयन समिति और नेशनल क्रिकेट अकादमी के युवा विकास विभाग के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया।

    यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब बोर्ड ने अन्य पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को पाकिस्तान शाहीन और अंडर-19 टीमों की संचालन जिम्मेदारी सौंप दी। लगातार हो रहे बदलावों के कारण अजहर ने ऐसा कदम उठाया है।

    अजहर अली का इस्तीफे का कारण

    सूत्रों की माने तो अजहर अली ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपना इस्तीफा PCB को सौंपा, जिसे बोर्ड ने स्वीकार कर लिया। 97 टेस्ट मैच खेल चुके अजहर ने पिछले साल चयनकर्ता और युवा विकास प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था, लेकिन अब वे बोर्ड के संचालन से नाखुश हैं।

    बोर्ड के कार्यशैली से असंतोष

    सूत्रों का कहना है कि अजहर को बोर्ड की कागजी कार्यवाही और तानाशाह परंपराओं से काफी समस्या हो रही थी। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि युवा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को लेकर उनके सुझावों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

    अजहर के लिए सबसे बड़ा झटका तब लगा जब बिना उनकी सलाह के सरफराज अहमद को शाहीन और अंडर-19 टीमों की जिम्मेदारी सौंप दी गई, जिससे उन्हें लगा कि उनकी मुख्य जिम्मेदारियों को उनसे छीन लिया गया है।

    सरफराज को मिली नई शक्ति

    काफी समय से सरफराज अहमद बोर्ड के मेंटर और सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। अब उन्हें पाकिस्तान शाहीन और अंडर-19 टीमों का संपूर्ण नियंत्रण सौंपा गया है। उनकी ज़िम्मेदारी में कोचों की प्रदर्शन समीक्षा, चयन, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना और विदेशी दौरों पर जाना शामिल है।

    पीसीबी में पूर्ववृत्तियों की पुनरावृत्ति

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कई पूर्व खिलाड़ियों और विदेशी कोचों को या तो कार्यकाल के मध्य में हटाया गया या उनहें खुद जाना पड़ा। हाल ही में महिला टीम के मुख्य कोच मोहम्मद वसीम का अनुबंध विश्व कप के खराब प्रदर्शन के बाद नवीनीकरण नहीं किया गया था।