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  • रणजी ट्रॉफी 2025-26: मुंबई में मैच के दौरान मास्क पहनकर उतरे सरफराज खान

    रणजी ट्रॉफी 2025-26: मुंबई में मैच के दौरान मास्क पहनकर उतरे सरफराज खान

    मुंबई और दिल्ली के बीच रणजी ट्रॉफी मैच का अद्वितीय नजारा

    मुंबई: रणजी ट्रॉफी 2025-26 का रोमांचक सीजन जारी है, जिसमें मुंबई और दिल्ली के बीच एक महत्वपूर्ण टकराव हो रहा है। इस मुकाबले के पहले दिन क्रिकेट के मैदान पर एक अनोखी स्थिति उत्पन्न हुई। सामान्यतः खिलाड़ी हेलमेट, पैड और ग्लव्स पहनते हैं, लेकिन इस मैच में मुंबई के कुछ खिलाड़ियों ने मास्क पहनकर फील्डिंग की।

    निर्माण कार्य के चलते बढ़ा प्रदूषण

    स्टेडियम के आसपास निर्माण कार्य जारी था, जिसके कारण हवा में धूल और मिट्टी का स्तर काफी बढ़ गया था। खिलाड़ियों ने अपनी सेहत की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मास्क पहनने का निर्णय लिया। क्रिकेट के एतिहासिक क्षणों में इस प्रकार का दृश्य कम ही देखने को मिलता है, जिससे यह चर्चा का विषय बन गया।

    दिल्ली की बल्लेबाजी में कमी

    मैच के प्रारंभिक दिन दिल्ली के बल्लेबाजों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। हालांकि, ओपनर सनत सांगवान ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाया और टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने संयम और समझदारी से खेलते हुए मुंबई के गेंदबाजों का मजबूती से सामना किया। लेकिन उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने अच्छा योगदान नहीं दिया।

    प्रियांश आर्या और आयुष बडोनी जैसे प्रमुख खिलाड़ी इस समय इंडिया ए के साथ टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटे हुए हैं, जिसके कारण दिल्ली की बल्लेबाजी में खासी कमी देखी गई। नतीजतन, दिल्ली की टीम अपनी पहली पारी में केवल 221 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

    मोहित अवस्थी का गेंदबाजी कमाल

    मुंबई के लिए गेंदबाजी में मोहित अवस्थी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने दिल्ली के मध्य क्रम और निचले बल्लेबाजों को झकझोरते हुए कुल 5 विकेट लिए। इसके अलावा तुषार देशपांडे और शम्स मुलानी ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी की, दोनों ने 2-2 विकेट हासिल किए। इन गेंदबाजों की वजह से मुंबई ने दिल्ली को बड़े स्कोर पर पहुंचने से रोका।

    मुंबई की शुरुआत में मुश्किलें

    वहीं, मुंबई की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। ओपनर आकाश आनंद केवल 4 रन बनाकर आउट हो गए। दिन के अंत तक मुंबई ने 1 विकेट के नुकसान पर 13 रन बनाए थे। अंतिम क्षणों में तुषार देशपांडे को नाइटवॉचमैन के रूप में भेजा गया, जिन्होंने आखिरी तीन गेंदें खेलकर दिन का खेल समाप्त किया। पहले दिन के खेल के बाद मुंबई अब भी दिल्ली से 208 रन पीछे है। अब दूसरे दिन दिल्ली की टीम का प्रयास यही होगा कि वे दबाव बनाए रखें और जल्दी विकेट हासिल करें।

  • 21 टेस्ट का अनुभव रखने वाले खिलाड़ी से गई कप्तानी, देवदत्त पडिककल बने कर्नाटका के नए कप्तान; केएल राहुल लौटे

    21 टेस्ट का अनुभव रखने वाले खिलाड़ी से गई कप्तानी, देवदत्त पडिककल बने कर्नाटका के नए कप्तान; केएल राहुल लौटे

    कर्नाटक क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव, नया कप्तान नियुक्त

    नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लीग चरण के अंतिम मुकाबले से पहले कर्नाटक क्रिकेट टीम में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पंजाब के खिलाफ होने वाले अहम मैच से पहले टीम की कमान देवदत्त पडिक्कल को सौंपी गई है, जबकि मयंक अग्रवाल से कप्तानी की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। मयंक अग्रवाल को टीम से बाहर नहीं किया गया है और वह इस मैच के लिए चुनी गई टीम का हिस्सा रहेंगे।

    मयंक अग्रवाल का अनुभव

    मयंक अग्रवाल हाल के दिनों में भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका अनुभव अनमोल माना जाता है। उन्होंने भारत के लिए 21 टेस्ट मुकाबले खेल रखे हैं, जिससे उनका घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव टीम के लिए लाभकारी हो सकता है। यद्यपि मौजूदा रणजी सीजन में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है, उन्होंने 9 पारियों में 298 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बल्लेबाज के रूप में बनाए रखने का निर्णय लिया है।

    केएल राहुल की वापसी

    कर्नाटक टीम में केएल राहुल की वापसी एक महत्वपूर्ण विकास है। केएल राहुल ने 2018 के बाद से रणजी मैचों में भाग नहीं लिया है और इस दौरान वे केवल दो मुकाबलों में खेल सके हैं। अनुभवी बल्लेबाज के रूप में उनकी मौजूदगी कर्नाटक की बल्लेबाजी को मजबूती दे सकती है।

    देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन

    नए कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने इस सीजन की शुरुआत जोरदार तरीके से की थी। पहले रणजी मैच में उन्होंने 96 और 15 रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद वे अन्य मुकाबलों में नहीं नजर आए। विजय हजारे ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने कर्नाटक को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 9 पारियों में 725 रन बनाए, जिससे वे टूर्नामेंट में दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। हालाँकि, रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के खिलाफ खेले गए पिछले मैच में वे दोनों पारियों में बिना रन बनाए लौटे थे।

    करुण नायर की अनुपस्थिति

    कर्नाटक की बल्लेबाजी को रविचंद्रन अश्विन की वापसी से मजबूती मिली है। चोट के कारण पिछले मैच से बाहर रहने के बाद उन्होंने टीम में वापसी की है। वहीं, करुण नायर इस मुकाबले में शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि मध्य प्रदेश के खिलाफ मैच के दौरान उनकी उंगलियों में गंभीर चोट लग गई थी और वे अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं।

    कर्नाटक के लिए महत्वपूर्ण मुकाबला

    कर्नाटक की तेज गेंदबाजी का नेतृत्व प्रसिद्ध कृष्णा करेंगे। यह उनके लिए इस सीजन का पहला मुकाबला होगा, और पिछले सीजन में उन्होंने केवल दो मैच खेले थे। मध्य प्रदेश के खिलाफ मिली हार के बाद, कर्नाटक के लिए पंजाब के खिलाफ यह मैच बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

    ग्रुप बी में कर्नाटक 21 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश क्रमशः 24 और 22 अंकों के साथ आगे हैं। एक खास बात यह है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश का अंतिम मैच आपस में होगा, जिससे कर्नाटक की आगे की राह इस मैच के परिणाम पर निर्भर करेगी।