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  • IND vs NZ टी20 विश्व कप फाइनल में कप्तान सूर्यकुमार का निराशाजनक रिकॉर्ड

    IND vs NZ टी20 विश्व कप फाइनल में कप्तान सूर्यकुमार का निराशाजनक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: आंकड़े कभी-कभी चौंका देते हैं. टी20 अंतर्राष्ट्रीय में नंबर एक बल्लेबाज रहे सूर्यकुमार यादव के लिए फाइनल मैच किसी संकट से कम नहीं हैं। रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारतीय कप्तान बल्ले से पूरी तरह असफल रहे। सूर्या ने केवल एक गेंद खेली और बिना खाता खोले वापस चले गए। इस तरह उनके खिताबी मैचों में असफलताओं की सूची और लंबी हो गई।

    फाइनल में सूर्या का सांदीपन

    सूर्यकुमार यादव के फाइनल मुकाबलों का आंकड़ा देखकर किसी को भी हैरानी हो सकती है:

    • 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल (अहमदाबाद): 18 रन (28 गेंद) – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सुस्त पारी खेली।
    • 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (बारबाडोस): 3 रन (4 गेंद) – दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ त्वरित आउट।
    • 2025 एशिया कप फाइनल (दुबई): 1 रन (5 गेंद) – पाकिस्तान के खिलाफ शाहीन अफरीदी द्वारा आउट।
    • 2026 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (अहमदाबाद): 0 रन (1 गेंद) – न्यूजीलैंड के खिलाफ गोल्डन डक।

    38 गेंदों में महज 22 रन

    यह कहा जा सकता है कि पिछले चार बड़े फाइनल मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव ने 38 गेंदों में केवल 22 रन बनाए हैं, जिससे उनका औसत मात्र 5.5 रह गया है। टी20 के इस विशेषज्ञ बल्लेबाज का फाइनल में ऐसा प्रदर्शन टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    मैच का हाल

    2026 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के सामने 255 रन का विशाल लक्ष्य रखा। यह टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर है। अभिषेक शर्मा (52) और संजू सैमसन (89) ने बड़ी शुरुआत दिलाई। जब कप्तान सूर्यकुमार यादव बल्लेबाजी करने आए, तो उम्मीद थी कि वह रनों की बारिश करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिमी नीशम की गेंद पर वह बिना खाता खोले ही बोल्ड हो गए, जिससे पूरे स्टेडियम में खामोशी छा गई।

    बल्लेबाजी में संकट

    दिलचस्प बात यह है कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी की काफी सराहना होती है, जबकि उनकी बल्लेबाजी पर अनेक सवाल उठते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनकी कप्तानी ने भारत को जीत दिलाई, और उन्होंने कहा था कि फाइनल में दबाव रहेगा, पर यह दबाव उनकी खुद की बल्लेबाजी पर हावी हो गया। भारत ने उस मैच को जीतकर इतिहास रचा, लेकिन सूर्या के फाइनल के आंकड़े उन्हें हमेशा पीछा करते रहेंगी।