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  • सालगिरह से पहले झारखंड जगुआर ने 24 वीरों की शहादत को किया याद, परिवारों को दिया मान।

    सालगिरह से पहले झारखंड जगुआर ने 24 वीरों की शहादत को किया याद, परिवारों को दिया मान।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड राज्य का विशेष तामझाम और गौरवशाली अध्याय है जब झारखंड जगुआर (STF) 19 फरवरी 2026 को अपने 18वें स्थापना दिवस का आयोजन करेगा। पिछले 18 वर्षों से यह टीम राज्य में उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई और शांति बनाए रखने की दिशा में कई कदम उठाते आ रही है।

    24 शहीद जवानों का बलिदान

    इन 18 वर्षों में नक्सल विरोधी अभियानों में 24 वीर जवानों और अधिकारियों ने अपने कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन शहीदों के साहस की बदौलत झारखंड में सुरक्षा और शांति का वातावरण बना रहा है।

    परिजनों का सम्मान

    शहीदों के परिवारों को उनके गृह जिलों में जाकर सम्मानित किया गया। विभिन्न जिलों में रहने वाले परिवारों को शॉल और भेंट देकर उनके त्याग के लिए आभार व्यक्त किया गया। पुलिस अधिकारियों ने शहीदों के परिवारों से मिलकर उनका हालचाल जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि झारखंड जगुआर (STF) हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगी और हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहेगी।

    शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और साहस को श्रद्धांजलि

    STF ने शहीद जवानों के अदम्य साहस, निष्ठा, और बलिदान को नमन करते हुए यह संदेश दिया कि उनके संघर्ष और समर्पण को सदैव याद रखा जाएगा।

    इस प्रकार, झारखंड जगुआर (STF) ने अपने गठन के 18 वर्षों में न सिर्फ उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया है।

  • स्थापना दिवस के राजकीय कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी राष्ट्रपति

    स्थापना दिवस के राजकीय कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी राष्ट्रपति

    रांची। मोरहाबादी ग्राउंड में होने वाले झारखंड स्थापना दिवस के राजकीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल नहीं होंगी। श्रीमती मुर्मू 15 दिसंबर को रांची आएंगी, लेकिन मोरहाबादी की जगह खूंटी और उलीहातू में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के झारखंड दौरे में बदलाव हुआ है। राज्य स्तर पर मोराबादी में आयोजित हो रहे राजकीय समारोह में उनके शामिल होने की प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही थी, लेकिन महामहिम के कार्यक्रम में हुए बदलाव को देखते हुए अब नए सिरे से तैयारी शुरू कर दी गई है। राष्ट्रपति अब सिर्फ खूंटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर वापस रांची एयरपोर्ट लौटेंगी और जबलपुर के लिए रवाना हो जाएंगी।