टैग: हेमंत की चौपाल

  • JMM महाधिवेशन में ऐतिहासिक फैसले: हेमंत सोरेन बनें अध्यक्ष

    JMM महाधिवेशन में ऐतिहासिक फैसले: हेमंत सोरेन बनें अध्यक्ष

    रांची (Jharkhand Political News): झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 13वें दो दिवसीय महाधिवेशन ने झारखंड की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। मंगलवार को पार्टी ने एकमत से हेमंत सोरेन को पार्टी अध्यक्ष घोषित किया, जबकि पार्टी के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रतीक शिबू सोरेन को संस्थापक संरक्षक के पद पर नियुक्त किया गया।

    👉 महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस महाधिवेशन में “कार्यकारी अध्यक्ष” का पद स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया, जिससे पार्टी के संविधान में बड़ा बदलाव दर्ज हुआ।


    🗳️ महाधिवेशन में पेश हुए 16 राजनीतिक प्रस्ताव – ये रहे मुख्य मुद्दे:

    वरिष्ठ विधायक स्टीफन मरांडी ने अधिवेशन में 16 राजनीतिक प्रस्तावों को पढ़ा और सभी को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

    प्रस्तावों की मुख्य बातें:

    • वक्फ संशोधन बिल का विरोध
    • जातिगत जनगणना की मांग
    • ओबीसी को 27% आरक्षण देने की मांग
    • 1932 आधारित स्थानीय नीति पर जोर
    • परिसीमन के विरुद्ध प्रस्ताव

    इन प्रस्तावों के ज़रिए झामुमो ने एक बार फिर खुद को झारखंडी हितों का प्रतिनिधि बताया है।


    🧓 शिबू सोरेन पहुंचे व्हीलचेयर पर, फिर भी बोले दिल से…

    पार्टी के संस्थापक नेता शिबू सोरेन (गुरुजी) अपने खराब स्वास्थ्य के बावजूद व्हीलचेयर पर महाधिवेशन में शामिल हुए।
    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद उन्हें कार्यक्रम स्थल पर लेकर आए।

    हेमंत ने अपने भाषण में कहा:

    “झामुमो सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में हमारे नेता और कार्यकर्ताओं ने जो बलिदान दिया है, वह कभी नहीं भुलाया जा सकता।


    🧾 क्या है इस बदलाव का मतलब?

    • कार्यकारी अध्यक्ष पद खत्म होने के बाद अब पार्टी की कमान पूर्ण रूप से हेमंत सोरेन के हाथों में आ गई है।
    • शिबू सोरेन को संरक्षक बनाए जाने से पार्टी को वैचारिक मार्गदर्शन मिलेगा।

    यह भी पढ़े : JMM में इतिहास रचने जा रही हैं कल्पना सोरेन!


    👥 किस-किस ने लिया हिस्सा?

    महाधिवेशन में कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:

    • गांडेय विधायक कल्पना सोरेन
    • विधायक बसंत सोरेन
    • मंत्री हफीजुल हसन
    • और अन्य जिलों के प्रतिनिधि

    🗣️ निष्कर्ष: JMM ने दिखाई एकता और शक्ति

    यह महाधिवेशन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक राजनीतिक और वैचारिक मजबूती का मंच बना। पार्टी ने यह साफ कर दिया है कि वह आदिवासी, मूलवासी और झारखंडी जनता के हितों के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।