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  • IPL 2026: आकाश चोपड़ा ने RCB के पहले मैच की तीन चुनौतियाँ बताई

    IPL 2026: आकाश चोपड़ा ने RCB के पहले मैच की तीन चुनौतियाँ बताई

    आईपीएल 2026 की शुरुआत और आरसीबी की चुनौतियाँ

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च को होने जा रही है, जिसमें पहले मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। यह मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले आरसीबी के सामने कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने की चुनौती है। टीम की चोटों और संयोजन को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ आकाश चोपड़ा ने तीन प्रमुख सवाल उठाए हैं, जिनका समाधान आरसीबी को तुरंत करना होगा। यही निर्णय उनके खिताब की रक्षा के अभियान को प्रारंभ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

    पडिक्कल या वेंकटेश अय्यर?

    आरसीबी की बल्लेबाजी इस बार भी मजबूत दिखाई दे रही है, लेकिन ओपनिंग स्लॉट को लेकर कोचिंग स्टाफ को दुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आकाश चोपड़ा के अनुसार, देवदत्त पडिक्कल पिछले सीजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं, इसलिए उन्हें टीम में शामिल करना स्वाभाविक होगा। वहीं, वेंकटेश अय्यर एक ऑलराउंड विकल्प प्रदान करते हैं, जो टीम के संतुलन को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। आरसीबी को यह तय करना होगा कि स्थिरता महत्वपूर्ण है या अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प।

    चार विदेशी खिलाड़ी, क्या होगा कॉम्बिनेशन?

    इस सीजन में आरसीबी का विदेशी संयोजन एक बड़ा सवाल बना हुआ है। आकाश चोपड़ा ने बताया कि रोमारियो शेफर्ड, फिल सॉल्ट और टिम डेविड लगभग टीम में जगह बना चुके हैं। चौथे स्लॉट की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि जोश हेजलवुड फिट होते हैं या नहीं। यदि वे उपलब्ध नहीं होते, तो टीम डफी को मौका दे सकती है। यह चयन पावर-हिटिंग और डेथ बॉलिंग के संतुलन पर सीधा असर डालेगा।

    यश दयाल की जगह कौन?

    यश दयाल की अनुपस्थिति ने आरसीबी की भारतीय पेस अटैक पर दबाव बढ़ा दिया है। अब दो विकल्प सामने हैं – रसीक सलाम और मंगेश यादवआकाश चोपड़ा के अनुसार, नेट्स में जो खिलाड़ी अधिक प्रभावशाली दिखेगा, वही टीम में शामिल किया जाएगा। हालांकि, उनकी राय में मंगेश यादव के डेब्यू की संभावनाएँ अधिक हैं, क्योंकि उनकी गति और नियंत्रण टीम को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।

    टीम संयोजन डांवाडोल

    कई खिलाड़ियों की फिटनेस ने आरसीबी की तैयारियों को प्रभावित किया है। हेजलवुड और अन्य गेंदबाजों की उपलब्धता टीम के संतुलन पर असर डाल रही है। इस सीजन आरसीबी को बेंच स्ट्रेंथ पर भरोसा दिखाने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। टीम प्रबंधन को शुरुआती मैचों में संयम और दूरदर्शिता बनाए रखनी होगी।

    खिताब बचाव की चुनौती और उम्मीदें

    पिछले सीजन की चैंपियन आरसीबी इस बार भी मजबूत नजर आ रही है, लेकिन शुरुआती निर्णय उनके अभियान की दिशा निर्धारित करेंगे। आकाश चोपड़ा के अनुसार, यदि आरसीबी सही संयोजन के साथ मैदान में उतरती है, तो टीम दोबारा खिताब जीतने की क्षमता रखती है। पहला मैच उनके आत्मविश्वास और गति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

  • उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज पर अश्विन ने कहा- वैध, आकाश चोपड़ा ने उठाया प्रश्न

    उस्मान तारिक के स्टॉप एंड पॉज पर अश्विन ने कहा- वैध, आकाश चोपड़ा ने उठाया प्रश्न

    उस्मान तारिक का अनोखा गेंदबाजी एक्शन: विशेषज्ञों की राय

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों अपने विशेष स्टॉप एंड पॉज और साइड आर्म गेंदबाजी एक्शन के कारण चर्चा का विषय बने हुए हैं। विशेषकर कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उनके एक्शन पर बहस तेज हो गई है। कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने इसे संदिग्ध बताया है, वहीं भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनका समर्थन किया है और इसे वैध करार दिया है।

    तारिक का प्रभाव और आंकड़े

    उस्मान तारिक का अंतरराष्ट्रीय करियर अभी शुरुआत में है, लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से एक अलग पहचान बनाई है। चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उन्होंने 11 विकेट लिए हैं, वहीं अपने पेशेवर टी20 करियर में 42 मैचों में उनके नाम 70 विकेट दर्ज हैं। खासकर धीमी पिचों पर उनकी गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन जाती है। अमेरिका के बल्लेबाज मिलिंद कुमार जैसे खिलाड़ी भी उनकी गेंदों पर परेशानी का सामना करते दिखाई दिए हैं। प्रेमदासा की धीमी सतह पर भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

    प्रतिक्रियाएँ और विशेषज्ञों की टिप्पणियाँ

    तात्कालिक गेंदबाजी एक्शन पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने सवाल उठाते हुए इसे अवैध बताया। इसके विपरीत, अश्विन ने सामाजिक मीडिया पर अपनी राय स्पष्ट की है कि किसी भी गेंदबाज के एक्शन की वैधता का अंतिम निर्णय आईसीसी के बॉलिंग एक्शन टेस्टिंग सेंटर में ही होगा। अश्विन ने 15 डिग्री नियम का हवाला देते हुए कहा कि गेंदबाज अपनी कोहनी को निर्धारित सीमा से अधिक सीधा नहीं कर सकता। उनके अनुसार, मैदान पर अंपायर के लिए इसे सही तरीके से आंकना लगभग असंभव होता है, और जब तक वैज्ञानिक जांच में एक्शन गलत साबित नहीं हो जाता, तब तक इसे अवैध नहीं कहा जा सकता।

    खेल की रणनीति या नियमों का उल्लंघन?

    अश्विन ने यह भी कहा कि यदि तारिक क्रीज पर रुककर गेंद फेंकते हैं और यही उनका नियमित एक्शन है, तो इसे नियमों के अंतर्गत सही माना जाएगा। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज के ट्रिगर मूवमेंट का इंतजार करना या लय में बदलाव करना क्रिकेट की रणनीति का हिस्सा है, न कि नियमों का उल्लंघन।

    प्रसन्ना अघोरम का समर्थन

    दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रदर्शन विश्लेषक प्रसन्ना अघोरम ने भी तारिक का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से वह ‘चकिंग’ नहीं कर रहे हैं और उनके एक्शन को पहले भी प्रमाणित किया गया है। अघोरम को पूरा भरोसा है कि यदि दोबारा जांच की जाती है, तो भी उनका एक्शन स्वीकार्य रहेगा।

    आकाश चोपड़ा का तकनीकी सवाल

    हालांकि, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक तकनीकी पहलू पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पॉज पर कोई समस्या नहीं है, लेकिन यदि रन-अप से विशिष्ट गति उत्पन्न नहीं हो रही है, तो बिना हाथ मोड़े कुछ गेंदों पर 20-25 किमी प्रति घंटे की अतिरिक्त गति का उत्पन्न होना कैसे संभव है? उनका सवाल तकनीकी जिज्ञासा को दर्शाता है।

    अनिल चौधरी का नजरिया

    पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने भी तारिक के एक्शन को नियमों के अनुकूल बताया है। उन्होंने कहा कि भले ही उनका एक्शन साइड ऑन और थोड़ा अलग नजर आता है, लेकिन चूंकि वे हर गेंद को लगभग एक समान तरीके से डालते हैं, इसलिए इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता।

    निष्कर्ष

    यह स्पष्ट है कि उस्मान तारिक का अनोखा गेंदबाजी एक्शन क्रिकेट जगत में बहस को जन्म दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों की राय इसे नियमों के दायरे में ही बनाए रखती है। अब देखना यह है कि उनका प्रदर्शन मैदान पर इस चर्चा को किस दिशा में ले जाता है।

  • हार्दिक, राहुल और अक्षर पटेल के साथ हुई नाइंसाफी?

    हार्दिक, राहुल और अक्षर पटेल के साथ हुई नाइंसाफी?

    बीसीसीआई का नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: खिलाड़ियों की ग्रेडिंग पर विवाद

    नई दिल्ली। T20 वर्ल्ड कप के दौरान बीसीसीआई ने अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची जारी की, जिसमें कई खिलाड़ियों के ग्रेड में बदलाव करने का फैसला किया गया। इस घोषणा से क्रिकेट जगत में हलचले मच गई हैं, खासकर A+ कैटेगरी को समाप्त करने और कई प्रमुख खिलाड़ियों को निम्न ग्रेड में रखने के निर्णय पर। यह सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ खिलाड़ियों के साथ अन्याय हुआ है?

    ग्रेड-A में शामिल खिलाड़ी

    नए कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड-A में **शुभमन गिल**, **जस्प्रीत बुमराह** और **रवींद्र जडेजा** का नाम शामिल किया गया है। गिल, जो टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई है। वहीं बुमराह और जडेजा को भारतीय क्रिकेट की मजबूत आधारशिला माना जाता है। लेकिन इसी बीच कुछ सवाल भी उठने लगे हैं।

    ग्रेड-B में विवादित नाम

    बात करें ग्रेड-B की, तो इसमें **हार्दिक पांड्या**, **केएल राहुल** और **कुलदीप यादव** जैसे प्रसिद्ध खिलाड़ियों का नाम है। केएल राहुल ने कई बार दबाव में टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं, वहीं कुलदीप यादव तीनों फॉर्मेट में प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके ग्रेड-B में रहना पूर्व खिलाड़ियों और फैंस के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है।

    अक्षर पटेल और अन्य संभावनाएँ

    विशेष रूप से **अक्षर पटेल** पर चर्चा हो रही है। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में खेला है और टी20 टीम के उप-कप्तान रह चुके हैं, फिर भी उन्हें ग्रेड-C में रखा गया है। इसी तरह, **अर्शदीप सिंह**, जो T20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और अब वनडे में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, को भी ग्रेड-C में रखा गया है।

    पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

    पूर्व क्रिकेटर **आकाश चोपड़ा** ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अक्षर पटेल को ग्रेड-C मिलना आश्चर्यचकित करता है। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि ग्रेड-A में जडेजा और गिल के होने पर हार्दिक, राहुल और कुलदीप को क्यों नहीं रखा गया।

    बीसीसीआई की इस सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके ग्रेडिंग के मानदंडों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड इन आलोचनाओं का क्या जवाब देता है।

  • आकाश चोपड़ा ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम चुनी

    आकाश चोपड़ा ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम चुनी

    नई दिल्ली: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन फरवरी और मार्च में भारत और श्रीलंका के संयुक्त मेज़बानी में किया जाएगा। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी।

    भारतीय टीम भी 7 फरवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। वर्ल्ड कप के लिए टीम का ऐलान जल्द ही होने वाला है, लेकिन उससे पहले पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने अपनी संभावित टीम का चयन किया है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का ऐलान कब होगा?

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान 20 दिसंबर 2025 को किया जा सकता है। मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, चयन समिति इसी दिन टीम के स्क्वॉड का चयन कर सकती है।

    आकाश चोपड़ा ने अपनी टीम का चयन किया

    आकाश चोपड़ा ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी संभावित टीम का चयन किया है। उन्होंने सलामी बल्लेबाज़ के रूप में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल को टीम में शामिल किया है। चोपड़ा का मानना है कि गिल ओपनिंग करेंगे और वे उपकप्तान भी रहेंगे।

    चोपड़ा ने संजू सैमसन को बैकअप विकेटकीपर और ओपनर के रूप में रखा है। उनका मानना है कि 2024 टी20 वर्ल्ड कप की तरह इस बार भी संजू को शायद खेलने का मौका न मिले।

    रिंकू सिंह और मोहम्मद सिराज बाहर रह सकते हैं

    चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि रिंकू सिंह को 2024 टी20 वर्ल्ड कप में नहीं चुना गया था और इस बार भी उनके बाहर रहने की संभावना है। इसके अलावा, टीम प्रबंधन ने मोहम्मद सिराज को भी नहीं रखा है। रिंकू की जगह वॉशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता दी जा सकती है। यशस्वी जायसवाल को भी इस टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।

    पूर्व सलामी बल्लेबाज के अनुसार, सिराज की जगह हर्षित राणा को टीम में शामिल किया जाएगा। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप का नाम भी है। वहीं, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती भी अपनी जगह बनाने में सफल रहेंगे।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए आकाश चोपड़ा की संभावित टीम

    आकाश चोपड़ा द्वारा चयनित टीम में शामिल हैं: अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, हर्षित राणा।

  • आकाश चोपड़ा ने रुतुराज गायकवाड़ के कम स्कोर पर दी प्रतिक्रिया

    आकाश चोपड़ा ने रुतुराज गायकवाड़ के कम स्कोर पर दी प्रतिक्रिया

    रुतुराज गायकवाड़ का समर्थन: आकाश चोपड़ा की टिप्पणी

    नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने रुतुराज गायकवाड़ के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने टीम प्रबंधन को स्पष्ट रूप से कहा है कि गायकवाड़ की नाकामियों के लिए उसे जज नहीं किया जाना चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि रुतुराज जिस भूमिका में रन बना रहे हैं, वह अब नहीं खेल रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में गायकवाड़ ने चौथे स्थान पर बल्लेबाजी की, लेकिन 14 गेंदों पर केवल 8 रन बना सके। रांची में यह मैच खेला गया, जहां वे श्रेयस अय्यर की चोट के कारण उनकी जगह पर आए।

    गायकवाड़ की पारी का संदर्भ

    रुतुराज गायकवाड़ की पारी का अंत तब हुआ जब डेवाल्ड ब्रेविस ने एक शानदार कैच लिया। घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गायकवाड़ इस मैच में असफल रहे, लेकिन आकाश चोपड़ा ने उनके समर्थन में बयान दिया। उन्होंने टीम प्रबंधन की आलोचना करते हुए कहा कि गायकवाड़ एक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज हैं और उन्हें इस स्थिति में नहीं आंकना चाहिए। चोपड़ा ने कहा कि उन्हें सही अवसर दिए जाने चाहिए और यदि वे असफल होते हैं, तो उन्हें तुरंत टीम से बाहर नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनका मुख्य काम ओपनिंग करना है।

    आकाश चोपड़ा की यूट्यूब टिप्पणी

    आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैं समझ नहीं पा रहा कि यह क्या हो रहा है। रुतुराज गायकवाड़ ने कभी भी ODI में नंबर 4 पर बैटिंग नहीं की है। जब आप उसे उस पोजिशन पर भेजते हैं और वह डेवाल्ड ब्रेविस के कैच पर आउट होता है, तो यह ठीक नहीं है। जब वह आउट हुए, मैंने कहा कि उसे तीन पूरे मौके दिए जाएं। उसे असफलता के आधार पर जज नहीं किया जाना चाहिए। ओपनिंग की भूमिका में ही उसकी असली क्षमता सामने आएगी।”

    टीम में नए खिलाड़ियों की भूमिका

    चोपड़ा ने ऋषभ पंत की अनुपस्थिति और वॉशिंगटन सुंदर को प्राथमिकता देने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “ऋषभ पंत एक मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जो आम तौर पर 4 या 5 नंबर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें नहीं चुना गया। इसके बजाय, आप ऐसे खिलाड़ियों को मौका देते हैं जिन्होंने उन पोजिशनों पर कभी नहीं खेला।”

  • भारत के WTC फाइनल में पहुंचना अब चमत्कार पर निर्भर: आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी

    भारत के WTC फाइनल में पहुंचना अब चमत्कार पर निर्भर: आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी

    नई दिल्ली: भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने घर में 0-2 की टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा है। गुवाहाटी में खेले गए दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत को 408 रनों से हराकर 25 वर्षों बाद भारत में श्रृंखला जीतने का सपना पूरा किया।

    वर्तमान स्थिति

    इस हार के बाद भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) के फाइनल में पहुंचने की संभावना काफी कम हो गई है। पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने स्पष्ट किया है कि अब भारत का फाइनल में पहुंचना एक चमत्कार सा होगा।

    टेस्ट सीरीज हार के बाद का हाल

    इस श्रृंखला की हार के साथ, भारत WTC 2025-27 की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। भारत का पॉइंट प्रतिशत घटकर केवल 48.15% रह गया है। इस चक्र में भारत को अब तक चार हार का सामना करना पड़ा है। भारत के पास अब केवल नौ टेस्ट बचे हैं; अगला मैच अगस्त 2026 में श्रीलंका के खिलाफ होगा। इसके बाद न्यूजीलैंड का दौरा और फिर 2027 में घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की महाकुंभ होगी।

    आकाश चोपड़ा की राय

    आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बेबाकी से कहा, “हम वर्तमान में टेबल में नंबर पांच पर हैं। मुझे नहीं लगता कि हम क्वालिफाई कर पाएंगे। यदि ऐसा हुआ, तो इसे चमत्कार ही कहा जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “श्रीलंका में, न्यूजीलैंड में और फिर घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सभी पांच मैच जीतना नामुमकिन सा लगता है। अभी हमारे पास 50% से भी कम अंक हैं, जो हमारी स्थिति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।”

    प्रमुख टीमें

    • ऑस्ट्रेलिया – 100% अंक
    • दक्षिण अफ्रीका – 75% अंक
    • श्रीलंका – 66.67% अंक
    • पाकिस्तान – 50% अंक
    • भारत – 48.15% अंक

    आगे की चुनौतियां

    फाइनल की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए भारत को अपने सभी नौ टेस्ट मैच जीतने होंगे। यदि एक भी ड्रॉ या हार होती है, तो उनकी राह और मुश्किल हो जाएगी। इसका मतलब होगा कि श्रीलंका में 100% अंक, न्यूजीलैंड में 100% अंक और फिर घर में ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराना आवश्यक है।

    भविष्य की चुनौतियाँ

    अगर भारत इस बार भी फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया, तो यह लगातार दूसरी बार होगा। पिछले WTC चक्र (2023-25) में भी भारत फाइनल नहीं पहुंच सका था। पहले दो चक्रों में भारत फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां काफी भिन्न हैं।

  • ऋतुराज गायकवाड़ की वापसी, फिर भी प्लेइंग 11 से बाहर रहेंगे साउथ अफ्रीका के खिलाफ

    ऋतुराज गायकवाड़ की वापसी, फिर भी प्लेइंग 11 से बाहर रहेंगे साउथ अफ्रीका के खिलाफ

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने साउथ अफ्रीका के विरुद्ध आयोजित होने वाली तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। यह श्रृंखला 30 नवंबर से शुरू होगी।

    ऋतुराज गायकवाड़ और यशस्वी जायसवाल पर नज़र

    ऋतुराज गायकवाड़ की टीम में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं। पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना है कि, भले ही ऋतुराज टीम में लौट रहे हैं, लेकिन उनकी प्लेइंग 11 में जगह बनाना मुश्किल होगा।

    जायसवाल को मिलेगी ओपनिंग का मौका

    ऋतुराज गायकवाड़ ने घरेलू क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। उनकी फॉर्म के चलते चयनकर्ता उन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते थे। हालांकि, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर की अनुपस्थिति से मिडिल ऑर्डर में जगह खाली है, लेकिन आकाश चोपड़ा का मानना है कि ओपनिंग की जिम्मेदारी रोहित शर्मा के साथ यशस्वी जायसवाल को सौंपने का सरलतम विकल्प होगा।

    चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “ऋतुराज ने इतने रन बनाकर अपने चयन को सुनिश्चित किया। अभिषेक शर्मा पर भी चर्चा हुई थी, लेकिन यशस्वी को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा। टीम में तो ऋतुराज हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे प्लेइंग 11 में शामिल होंगे। रोहित के साथ यशस्वी ओपनिंग करते दिखेंगे।”

    नितीश कुमार रेड्डी की भूमिका पर संदेह

    आकाश चोपड़ा ने नितीश कुमार रेड्डी की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “10 मैचों के बाद भी नितीश की भूमिका स्पष्ट नहीं है। कभी बल्लेबाजी कराते हैं कभी गेंदबाजी। जिस दिन बल्लेबाजी कराते हैं, उसी दिन गेंदबाजी नहीं होती। रन और विकेट दोनों की कमी देखते हुए जरूरी है कि टीम प्रबंधन उनकी भूमिका पर ध्यान दे।”

    चोपड़ा ने आगे कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भी नितीश की स्थिति चिंताजनक रही है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 150 ओवर में केवल 6 ओवर का मौका मिला और वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टी-20 में तो एक भी ओवर नहीं डाला। हार्दिक की अनुपस्थिति में नितीश को मौका मिलेगा, लेकिन उनकी सही भूमिका तय करना टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।

    केएल राहुल का कप्तान बनना

    यह श्रृंखला केएल राहुल की कप्तानी में खेली जाएगी। तीनों मैच रांची, रायपुर और विशाखापट्टनम में 30 नवंबर से 6 दिसंबर के बीच आयोजित होंगे। कई प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में यह श्रृंखला युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है।

  • IND vs SA: दूसरे टेस्ट में शुभमन गिल की जगह ऋतुराज गायकवाड़ को मौका मिलेगा

    IND vs SA: दूसरे टेस्ट में शुभमन गिल की जगह ऋतुराज गायकवाड़ को मौका मिलेगा

    शुभमन गिल की चोट के कारण ऋतुराज गायकवाड़ का नाम चर्चा में

    नई दिल्ली: भारतीय टीम और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला मुकाबला कोलकाता में हुआ, जिसमें दक्षिण अफ्रीका ने जीत हासिल की। अब दूसरा और अंतिम टेस्ट 22 नवंबर को गुवाहाटी के बारसापारा स्टेडियम में खेला जाएगा।

    इस मैच से पहले भारत के लिए एक बड़ी समस्या कप्तान शुभमन गिल की फिटनेस बनी हुई है। पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने सुझाव दिया है कि यदि गिल फिट नहीं हो पाते हैं, तो उनकी जगह ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में शामिल किया जाना चाहिए।

    शुभमन गिल की फिटनेस पर सवाल

    पहले टेस्ट के दौरान शुभमन गिल को गर्दन में चोट लगी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन डॉक्टरों ने बताया है कि उन्हें पूरी तरह से ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह लगेगा। ऐसे में 22 नवंबर को होने वाले दूसरे टेस्ट में उनके खेलने की संभावना बहुत कम है। सूत्रों के अनुसार, गिल गुवाहाटी तो जाएंगे, लेकिन प्लेइंग-11 में उनकी जगह सुनिश्चित नहीं है।

    टीम संतुलन के लिए दाएं हाथ का बल्लेबाज जरूरी

    आकाश चोपड़ा का मानना है कि यदि गिल नहीं खेलते हैं, तो टीम में साई सुदर्शन या देवदत्त पडिक्कल में से किसी एक को शामिल करने से बाएं हाथ के बल्लेबाज की संख्या बढ़ जाएगी। इससे बायेंस गड़बड़ हो सकता है, इसलिए एक दाएं हाथ का बल्लेबाज होना आवश्यक है।

    गायकवाड़ को बतौर विकल्प सुझाया गया

    आकाश चोपड़ा ने अपनी सोशल मीडिया चैनल पर कहा, “यदि शुभमन गिल नहीं खेलते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में शामिल करना चाहिए। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और टॉप ऑर्डर में खेलने के लिए उपयुक्त हैं।” चोपड़ा ने यह भी बताया कि टीम को एक ऐसे दाएं हाथ के बल्लेबाज की जरूरत है जो लंबी पारी खेल सके। ऋतुराज ने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में निरंतर अच्छा प्रदर्शन किया है, और यह टेस्ट क्रिकेट में उनके लिए डेब्यू करने का सही समय हो सकता है।

    ऋतुराज गायकवाड़ की फॉर्म

    ऋतुराज गायकवाड़ इस समय शानदार फॉर्म में हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने महाराष्ट्र के साथ बड़ी पारियां खेली हैं। उनकी तकनीकी मजबूती और स्पिन के खिलाफ खेलने की क्षमता उन्हें गुवाहाटी की पिच पर फायदेमंद बना सकती है, जहां स्पिन की अहम भूमिका रहने की संभावना है।