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  • मैसी के सामने AQI का मामला, AAP ने कहा- ‘रेखा गुप्ता ने दिल्ली को शर्मसार किया’

    मैसी के सामने AQI का मामला, AAP ने कहा- ‘रेखा गुप्ता ने दिल्ली को शर्मसार किया’

    अर्जेंटीना के लियोनेल मैस्सी का दिल्ली दौरा

    अर्जेंटीना के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मैस्सी ने अपने भारत दौरे के दौरान सोमवार को दिल्ली में कदम रखा। इस अवसर पर अरुण जेटली स्टेडियम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मैस्सी के साथ दो अन्य दिग्गज फुटबॉलर रोड्रिगो डी पॉल और लुइस सुआरेज़ भी शामिल हुए। स्टेडियम में हजारों प्रशंसकों की भीड़ जुटी, जिन्होंने इन खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री का स्वागत और विवाद

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ICC के अध्यक्ष जय शाह ने इस कार्यक्रम में खिलाड़ियों का स्वागत किया। रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर इसे “दिल्ली में मैसी मोमेंट” के रूप में उल्लेखित किया। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस इवेंट को लेकर मुख्यमंत्री गुप्ता पर आरोप लगाया और उन्हें दिल्ली की बदनामी का जिम्मेदार ठहराया।

    AAP का आरोप

    AAP ने इस कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम में एक वीडियो साझा किया, जिसमें मैस्सी को देखने आए दर्शक जब मुख्यमंत्री मंच पर आईं, तो “AQI.. AQI..” के नारे लगाने लगे। इस पर पार्टी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिर करवाई दुनिया के सामने दिल्ली की फ़ज़ीहत।”

    जय शाह का शानदार स्वागत

    कार्यक्रम के दौरान, ICC के अध्यक्ष जय शाह ने तीनों खिलाड़ियों को भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की, जिन पर उनके पसंदीदा नंबर भी लिखे गए थे। मैस्सी को 10 नंबर, सुआरेज़ को 9 और डी पॉल को 7 नंबर की जर्सी दी गई। इसके साथ ही, शाह ने मैस्सी को ऑटोग्राफ वाला क्रिकेट बैट भी भेंट किया और उन्हें आगामी T20 वर्ल्ड कप के लिए आमंत्रित किया।

    मैस्सी का भारत दौरा

    मैस्सी का G.O.A.T. इंडिया टूर 2025 कोलकाता से शुरू हुआ था, जिसके बाद वह हैदराबाद और मुंबई होते हुए नई दिल्ली पहुंचे। उनके साथ उनके टीम के साथी लुईस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद रहे। इसके बाद, वे गुजरात के जामनगर के लिए रवाना हुए, जहां वह वनतारा का दौरा करेंगे।

  • क्या AAP के प्रमुख नेताओं ने MCD उपचुनावों में भाजपा को आसानी दी है

    क्या AAP के प्रमुख नेताओं ने MCD उपचुनावों में भाजपा को आसानी दी है

    दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में उपचुनाव: त्रिकोणीय लड़ाई

    नई दिल्ली: दिल्ली के नगर निगम के 12 वार्ड क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच टकराव हो रहा है। 27 साल बाद सत्ता में लौटी भाजपा ने इस उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकी है, और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद प्रचार में जुटी हुई हैं।

    आप के नेतृत्व का ध्यान केंद्रित

    वहीं, आम आदमी पार्टी के बड़े नेता इस उपचुनाव से दूरी बनाए हुए हैं। पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, आतिशी, संजय सिंह और राघव चड्ढा अभी तक चुनावी प्रचार में नजर नहीं आए हैं। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और उनकी टीम चुनाव का मोर्चा संभाल रही है, परंतु शीर्ष नेतृत्व की गैर-मौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    वार्डों की स्थिति

    उपचुनाव होने वाले 12 वार्डों में से 9 सीटें भाजपा के पास थीं, जबकि 3 सीटें आम आदमी पार्टी ने 2022 के MCD चुनाव में जीती थीं। ये सीटें अब खाली हो गई हैं क्योंकि तीन पार्षद 2025 के विधानसभा चुनाव में विधायक बन चुके हैं।

    प्रचार का स्वरूप

    चांदनी महल, चांदनी चौक, और दिचाऊं कलां जैसे वार्डों में प्रचार का दायरा स्थानीय नेताओं के पास है, जबकि पार्टी के बड़े नेता मैदान में नहीं हैं। उपचुनाव को लेकर आप की रणनीति पर पत्रकार नवनीत शरण का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व के इस दूरी बनाए रखने से पार्टी को नुकसान हो सकता है।

    बड़े नेताओं की अनुपस्थिति

    अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जैसे नेता चुनाव प्रचार में न भाग लेकर पंजाब पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जबकि संजय सिंह उत्तर प्रदेश में ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ यात्रा निकाल रहे हैं।

    सामाजिक मीडिया पर सक्रियता का अभाव

    दिल्ली में हो रहे उपचुनाव के संबंध में शीर्ष नेताओं की सोशल मीडिया पर भी कोई सक्रियता नहीं दिखाई दे रही है। पार्टी के अन्य नेता स्थानीय स्तर पर प्रचार कर रहे हैं, लेकिन शीर्ष नेतृत्व का समर्थन न होना आश्चर्यजनक है।

    भविष्य की चुनौती

    दिल्ली की राजनीति पर नज़र रखने वाले पत्रकार आनंद राणा के अनुसार, 27 साल बाद आई भाजपा सरकार की परीक्षा है। अगर आम आदमी पार्टी उपचुनाव न जीत पाई, तो इसका सीधा असर केजरीवाल की राजनीति पर पड़ेगा।

    केजरीवाल की पंजाब पर ध्यान

    अंततः यह स्पष्ट होता है कि ऐतिहासिक महत्व के इस उपचुनाव में भाजपा और आप दोनों के लिए मौका और चुनौती है। जबकि पार्टी नेतृत्व का ध्यान पंजाब पर केंद्रित है, दिल्ली में उपचुनाव के नतीजे उनके राजनीतिक भविष्य को तय कर सकते हैं।