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  • IPL 2026: युजवेंद्र चहल ने की फिटनेस के लिए शराब छोड़ने की घोषणा

    IPL 2026: युजवेंद्र चहल ने की फिटनेस के लिए शराब छोड़ने की घोषणा

    नई दिल्ली: IPL 2026 की तैयारी जोरों पर है। लीग की शुरुआत 28 मार्च से होने वाली है, जबकि इसमें खेलने के लिए सभी टीमें तैयारियों में जुटी हैं। इसी बीच, भारत के प्रमुख स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। पंजाब किंग्स के लिए खेलने वाले चहल ने दक्षिण अफ्रीका के महान क्रिकेटर एबी डी विलियर्स के साथ एक हालिया पॉडकास्ट में अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि वह आगामी आईपीएल सत्र के लिए शराब का सेवन छोड़ चुके हैं।

    IPL 2026 से पहले शराब छोड़ी

    युजवेंद्र चहल ने आईपीएल 2026 के लिए अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने शराब पीना बंद कर दिया है। चहल का कहना है, “मैंने शराब नहीं पिया है और इस प्रक्रिया में मुझे छह महीने से अधिक हो गए हैं। अब, जब मैं 35 वर्ष का हूं, तो मैं चाहता हूं कि मैं अधिक सक्रिय रहूं और अपनी टीम के लिए 150 प्रतिशत प्रयास करूं। एक वरिष्ठ खिलाड़ी के रूप में, मैं चाहता हूं कि आईपीएल में मेरे साथ खेलने वाले खिलाड़ी मुझसे कुछ सीखें।”

    खुद से निराश थे चहल

    चहल ने आगे कहा कि पिछले सत्र में उनकी व्यक्तिगत प्रदर्शन से वह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने एबी को बताया कि, “मैं खुद से थोड़ी निराशा महसूस कर रहा था। केकेआर के खिलाफ मैच के दौरान मेरी पसली में चोट लग गई थी, और इसके बाद मेरी उंगली के जोड़ में भी चोट आई। इसलिए सेमीफाइनल और फाइनल में मैं अपनी सही लेग-स्पिन गेंदबाजी नहीं कर पाया। इस साल, मैं अपने शरीर की देखभाल करने को प्राथमिकता दे रहा हूं।”

    IPL 2025 में था औसत प्रदर्शन

    पिछले आईपीएल सत्र पर नजर डालें तो चहल का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। IPL 2025 में उन्होंने पंजाब किंग्स के लिए 14 मैच खेले, जिनमें से 13 पारियों में उनकी औसत 26.87 और इकॉनमी 9.55 रही, जिसमें उन्होंने केवल 16 विकेट लिए।

  • फाइनल से पहले तेज गेंदबाज ने न्यूजीलैंड को चुनौती दी

    फाइनल से पहले तेज गेंदबाज ने न्यूजीलैंड को चुनौती दी

    नई दिल्ली: आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पूर्व, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने न्यूजीलैंड के बारे में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि न्यूजीलैंड इस बार फाइनल में जीतने में असफल रहता है, तो उसे ‘चोकर्स’ का लेबल मिल सकता है। स्टेन का मानना है कि भारत के घरेलू मैदान पर उसे हराना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।

    रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को पराजित करके फाइनल में अपनी जगह बनाई है। यह न्यूजीलैंड का टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा फाइनल है।

    ‘चोकर्स का टैग मिल सकता है’

    स्टेन ने कहा कि सामान्यतः ‘चोकर्स’ शब्द का उपयोग दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए किया जाता है, लेकिन आंकड़ों के अनुसार, न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका की तुलना में अधिक वर्ल्ड कप फाइनल खेले हैं। यदि न्यूजीलैंड इस बार भी जीतने में असफल होता है, तो उसे ‘चोकर्स’ का टैग अवश्य दिया जाना चाहिए। टीम 2019 के वनडे वर्ल्ड कप, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप, और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुँची थी, लेकिन तीनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।

    ‘भारत को हराना आसान नहीं’

    डेल स्टेन ने एबी डिविलियर्स के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान यह भी कहा कि न्यूजीलैंड के प्रशंसक उनकी बात का बुरा न मानें, लेकिन इस बार जीत जरूरी है। उन्होंने हलके-फुल्के मजाक में कहा कि अगर न्यूजीलैंड इस बार भी फाइनल में हार जाता है, तो वह आधिकारिक तौर पर उन्हें ‘चोकर्स’ का टैग दे देंगे। हालांकि, उन्हें न्यूजीलैंड की टीम पसंद है, लेकिन भारत को हराना आसान नहीं होगा।

    ‘असाधारण प्रदर्शन की जरूरत’

    400 से अधिक टेस्ट विकेट लेने वाले स्टेन ने कहा कि फाइनल में भारत का पलड़ा भारी दिखता है। उनके अनुसार, भारत अपने घरेलू मैचों में एक मजबूत टीम है, और न्यूजीलैंड को उसे हराने के लिए असाधारण प्रदर्शन करना होगा। स्टेन का यह भी मानना है कि भारत तब ही हार सकता है जब टीम से कुछ बड़ा गलत हो जाए।

    न्यूजीलैंड का यात्रा

    न्यूज़ीलैंड ने 2000 में आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी जीतने के बाद कई बार फाइनल तक का सफर तय किया है। लेकिन इनमें से केवल एक बार वह खिताब जीतने में सफल रहा है, जब उसने 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत को हराया था। अब देखना यह है कि अहमदाबाद में होने वाले फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड अपना इतिहास बदलने में सफल होता है या भारत एक और आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम करता है।

  • हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक ने बनाया इतिहास, इंग्लैंड के दूसरे कप्तान बने तेज शतक लगाने वाले

    हैरी ब्रूक का शानदार शतक, इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराया

    नई दिल्ली: इंग्लैंड के कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में एक दमदार शतक लगाकर नया इतिहास रच दिया। यह मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में सम्पन्न हुआ, जहां ब्रूक ने पांचवे स्थान पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इस पारी ने इंग्लिश टीम के कप्तान के रूप में उनकी क्षमता को और भी उजागर किया।

    ब्रूक ने केवल 66 गेंदों में नाबाद 136 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और 9 छक्के लगाए। उल्लेखनीय है कि उन्होंने महज 57 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया, जो बतौर कप्तान इंग्लैंड के लिए सबसे तेज वनडे शतक बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इयोन मोर्गन के नाम था, जिन्होंने 2019 में अफगानिस्तान के खिलाफ ऐसा किया था।

    धीमी शुरुआत, फिर रनों की बरसात

    ब्रूक की शुरुआत काफी सावधानी से हुई। एक समय वह 39 गेंदों पर 46 रन बना चुके थे। इसके बाद उन्होंने तेजी पकड़ी और अगले 27 गेंदों में ही 90 रन निपटा दिए। इंग्लैंड की पारी के अंतिम ओवरों में ब्रूक ने पूरी तरह से श्रीलंकाई गेंदबाजों को मात दी। आखिरी 69 रनों में से 68 रन उन्होंने अकेले ही बनाए, जिससे गेंदबाज पूरी तरह से बेबस दिखाई दिए।

    आखिरी 10 ओवरों में अकेले ठोके 101 रन

    मैच के अंतिम 10 ओवरों में उन्होंने अकेले 101 रन बनाए। जबकि 40 ओवर के रूप में उनका स्कोर साधारण दिख रहा था, लेकिन 50 ओवर तक आते-आते उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट्स की बारिश कर दी। इस प्रकार, ब्रूक का नाम उन बल्लेबाजों की सूची में जुड़ गया है, जिन्होंने डेथ ओवरों में असाधारण प्रदर्शन किया है।

    डिविलियर्स का रिकॉर्ड अब भी कायम

    वनडे क्रिकेट में 41 से 50 ओवर के बीच सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब भी एबी डिविलियर्स के नाम है, जिन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ इस फेज में 121 रन बनाए थे। रोहित शर्मा और जोस बटलर जैसे दिग्गज भी इस सूची में शामिल हैं। अब हैरी ब्रूक ने भी इस विशेष क्लब में अपनी जगह बना ली है।

    रूट और ब्रूक की बड़ी साझेदारी

    ब्रूक ने जो रूट के साथ चौथे विकेट के लिए 113 गेंदों में 191 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान रूट ने 47 गेंदों में 46 रन बनाए और अंत में 108 गेंदों पर नाबाद 111 रन बनाए। जैकब बेथेल ने भी 65 रन का योगदान दिया। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 357 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

  • मोहम्मद सिराज के टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चयन पर एबी डिविलियर्स की प्रतिक्रिया

    मोहम्मद सिराज के टी20 वर्ल्ड कप 2026 में चयन पर एबी डिविलियर्स की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को आगामी टी20 विश्व कप टीम में शामिल नहीं किया गया है, इस पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डी विलियर्स ने अपनी बात रखी है। उन्होंने सिराज को “बदकिस्मत” बताते हुए कहा कि चयन में संतुलन एक महत्वपूर्ण कारण है।

    मोहम्मद सिराज ने पिछले 16 महीनों में भारत के लिए कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला। जून 2024 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें निरंतर खेलने का अवसर नहीं मिला। हालांकि, टेस्ट और वनडे में उनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है, विशेषकर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में वह भारत के प्रमुख गेंदबाजों में से एक थे।

    टीम संतुलन का प्रभाव सिराज की अनुपस्थिति पर

    एबी डी विलियर्स का मानना है कि सिराज की अनुपस्थिति का सबसे बड़ा कारण टीम का संतुलन है। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह को पहले से चुन लिया गया था।

    टीम प्रबंधन ने ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान कर सकें। उनकी राय में हर्षित राणा को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि वह आवश्यकता पड़ने पर बल्लेबाजी में भी मदद कर सकते हैं, जबकि सिराज पूरी तरह से एक विशेषज्ञ गेंदबाज हैं।

    भारतीय टीम की स्पिन गेंदबाजी पर जोर

    डी विलियर्स ने यह भी बताया कि मौजूदा भारतीय टी20 टीम का ध्यान तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाजी पर अधिक है। यदि पावरप्ले में तेज गेंदबाज सफलता हासिल करते हैं, तो इसे एक बोनस के रूप में देखा जाता है। टीम की रणनीति मध्य ओवरों में स्पिन गेंदबाजों के माध्यम से मैच को नियंत्रित करने की है।

    हर्षित राणा के चयन पर विचार

    हालांकि, डी विलियर्स ने हर्षित राणा के चयन को समझने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने माना कि नए गेंद से राणा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव सीमित है। फिर भी, बुमराह और अर्शदीप के साथ कुछ ओवर डालकर वह टीम को संतुलन दे सकते हैं।

    2027 वनडे विश्व कप की योजनाओं में सिराज

    डी विलियर्स ने स्पष्ट किया कि सिराज भले ही टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन वह वनडे योजनाओं में बेहद महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार, सिराज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी में भारतीय टीम का एक मजबूत स्तंभ बने रहेंगे।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की तारीफ

    अंत में, एबी डी विलियर्स ने भारतीय गेंदबाजी की सराहना करते हुए इसे एक संतुलित और विजेता टीम जैसा बताया। अगर किसी मैच में बुमराह शांत रहते हैं, तो कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज मैच का रुख बदल सकते हैं। वहीं हार्दिक पंड्या मध्य ओवरों में अहम भूमिका निभाते हैं।

  • एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की कप्तानी की MS धोनी से की तुलना

    एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की कप्तानी की MS धोनी से की तुलना

    नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के पूर्व प्रसिद्ध बल्लेबाज एबी डी विलियर्स ने टेम्बा बवुमा की टेस्ट कप्तानी के बारे में एक दिलचस्प टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि बवुमा ने सबको चौंका दिया है और उनकी कप्तानी की शैली महेंद्र सिंह धोनी से बहुत मिलती-जुलती है।

    यह जानकारी भी महत्वपूर्ण है कि बवुमा ने अपनी कप्तानी में अब तक कोई भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। इसी वजह से डी विलियर्स ने उनकी कप्तानी की तुलना धोनी से की और उन्हें एक शांत कप्तान बताया।

    डी विलियर्स को विश्वास नहीं था

    2023 में जब बवुमा को दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया, तब एबी डी विलियर्स इस निर्णय को लेकर संशय में थे। उस समय दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम कठिन परिस्थिति में थी। बवुमा का बल्लेबाजी औसत भी लगभग 30 था, जिसके चलते कई लोगों को लगा कि यह एक जोखिम भरा कदम है।

    एबी ने यह स्वीकार किया कि पहले कुछ वर्षों तक वे भी इस फैसले पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, “मैं अपने दोस्तों से इस विषय पर लंबे समय से चर्चा कर रहा था। शुरू में, मुझे यह कहने में संकोच होता था कि मुझे यह निर्णय सही लग रहा है।”

    धोनी जैसी शांत कप्तानी

    डी विलियर्स ने बवुमा की तुलना सीधे-सादे एमएस धोनी से की। उन्होंने कहा कि बवुमा का कद भले ही छोटा है और स्वभाव शांत है, लेकिन ड्रेसिंग रूम में उनकी बातों को पूरा सम्मान मिलता है।

    उन्होंने कहा, “बवुमा कभी जोर से नहीं बोलते, वे शांत रहते हैं, लेकिन जब बोलते हैं, तो सभी सुनते हैं। यही स्थिति धोनी की भी थी। धोनी भी कम बोलते थे, लेकिन उनकी हर बात का महत्व होता था।”

    भारत को उसके घर में 2-0 से हराया

    हाल ही में, दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसकी जमीन पर टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया। यह किसी विदेशी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कोलकाता और गुवाहाटी की चुनौतीपूर्ण पिचों पर बवुमा ने पहले बल्ले से योगदान दिया और फिर कप्तानी करते हुए टीम को शानदार जीत दिलाई। दूसरे टेस्ट में टीम को 408 रनों के बड़े अंतर से जीत मिली।