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  • DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तैयारी

    चैन्‍नई। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस बार मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की अगुवाई में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने सहयोगी पार्टी कांग्रेस से केवल 32 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है, जबकि विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं।

    डीएमके और कांग्रेस के बीच तकरार

    डीएमके ने कांग्रेस को कम सीटें देने का फैसला लिया है, जिसके कारण दोनों पार्टियों के बीच मतभेद उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस संख्या को अपर्याप्त मानते हुए इससे असहमति जताई है। पिछले चुनावों में इन दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिख रही है।

    टीवीके के साथ संभावित गठबंधन

    वहीं, डीएमके ने तामिलनाडु की एक अन्य पार्टी, टीवीके (तमिल मिल्ली काड़ी) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी बातचीत की है। इस नई सियासी दिशा के साथ, डीएमके वोटर आधार को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य चुनावी सफलता के लिए एक व्यापक गठबंधन तैयार करना है।

  • गाजा में आज दोपहर संघर्षविराम समझौता लागू, इज़रायली बलों ने वापसी शुरू की।

    गाजा में आज दोपहर संघर्षविराम समझौता लागू, इज़रायली बलों ने वापसी शुरू की।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गाजा में युद्धविराम की घोषणा, स्थिति में सुधार की उम्मीद

    गाजा में पिछले दो वर्षों से चल रहा युद्ध शुक्रवार दोपहर को थम गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 20 सूत्रीय योजना के तहत, स्थानीय समयानुसार इस दिन युद्धविराम समझौता लागू हो गया है। इजरायल की सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि हमास के साथ यह समझौता शुरू हो गया है और उनके सैनिक अब सहमति प्राप्त स्थलों पर लौट रहे हैं।

    संघर्ष का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

    इजरायल और हमास के बीच यह संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 से जारी था। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती हिंसा ने इलाके में अस्थिरता और मानव संकट को और बढ़ा दिया था। अब युद्धविराम के बाद, यह आशा की जा रही है कि यह शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

    इजराइल की सेना का बयान

    इजरायली सेना ने बताया है कि गाजा से उनके सैनिकों की वापसी शुरू हो चुकी है। हालांकि, समझौते की शर्तें और कार्यान्वयन के विवरण अभी तक स्पष्ट नहीं है। इस समझौते के तहत, इजरायली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की परस्पर रिहाई का निर्णय भी लिया गया है।

    गोलाबारी और आरोप

    इसके बावजूद, यह समझौता शुक्रवार को लागू होते ही इजरायली सेना ने पहले से ही गाजा में हमले किए थे। फिलिस्तीनियों ने आरोप लगाया है कि इजरायल युद्धविराम समझौते के बावजूद संघर्ष जारी रखने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, गाजा में भारी बमबारी और हवाई हमले की सूचनाएँ आई हैं, जिससे स्थिति और भयानक हो सकती है।

    नागरिकों पर असर

    इस संघर्ष में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और नागरिकों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ा है। युद्धविराम का असर वर्तमान में अस्थिर प्रतीत हो रहा है, क्योंकि गाजा क्षेत्र में गोलाबारी और हिंसा की घटनाएँ जारी हैं।

    इजरायली सेना ने आश्वासन दिया है कि वे युद्धविराम के सभी पहलुओं का पालन करेंगे और स्थिति को सामान्य करने का प्रयास करेंगे।

  • भारत-मोरक्को ने रक्षा समझौता किया, समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद-रोधी सहयोग पर रोडमैप बनाया

    भारत-मोरक्को ने रक्षा समझौता किया, समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद-रोधी सहयोग पर रोडमैप बनाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    भारत और मोरक्को के बीच नए सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर

    भारत और मोरक्को ने हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत के बाद एक सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और शांति बनाए रखने के अभियानों में सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप पर सहमति बनाई।

    सैन्य सहयोग का संस्थागत ढांचा

    इस समझौते से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आधिकारिक ढांचा स्थापित होगा, जिसमें प्रशिक्षण, आदान-प्रदान और औद्योगिक संबंधों को शामिल किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह बैठक बहुत उपयोगी रही और पिछले कुछ सालों में भारत और मोरक्को के संबंध काफी मजबूत हुए हैं।

    अहम क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ

    इस समझौते का उद्देश्य सैन्य शिक्षा, संयुक्त युद्धाभ्यास, और रक्षा उद्योग में सहयोग को बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्रालय ने इस बातचीत के दौरान भारत और मोरक्को की पुरानी मित्रता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    भारतीय दूतावास में नए रक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना

    राजनाथ सिंह द्वारा राबात स्थित भारतीय दूतावास में एक नए रक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। उन्होंने मोरक्को को भारत की रक्षा उद्योग की क्षमताओं, विशेष रूप से ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीकों के बारे में भरोसा दिलाया।

    भारत में मोरक्कन रक्षा मंत्री का निमंत्रण

    दोनों पक्षों ने हिंद महासागर और अटलांटिक कॉरिडोर की सामरिक अहमियत के अनुसार समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। उल्लेखनीय है कि यह राजनाथ सिंह की मोरक्को की यात्रा, किसी भारतीय रक्षा मंत्री की इस देश के लिए पहली यात्रा है, जो भारत और मोरक्को के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भारत और मोरक्को के बीच बढ़ते संबंधों की ओर यह एक और कदम है, जो भविष्य में दोनों देशों के लिए सहयोग के नए अवसर खोल सकता है।