इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता, इजरायली हमलों के बीच वैश्विक ध्यान केंद्रित
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नेपाल में पेट्रोल-डीजल संकट: सरकार का बड़ा फैसला, अब सप्ताह में दो छुट्टियां।
नेपाल सरकार ने ईंधन संकट के मद्देनजर सप्ताह में दो छुट्टियाँ घोषित कीं
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इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, अमेरिका ने कहा होर्मुज स्ट्रेट खोलना उसके वश में नहीं।
इंटेलिजेंस रिपोर्ट का बड़ा खुलासा, अमेरिका ने माना होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण असंभव
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अमेरिका और इजराइल की जमीन पर युद्ध की तैयारी: ईरान के खिलाफ ट्रम्प-नेतन्याहू की असली योजना क्या?
अमेरिका और इज़राइल ईरान के खिलाफ जमीनी युद्ध की तैयारी में, ट्रंप-नेटन्याहू की रणनीति क्या है
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‘ये तो पागलपन है’ – ट्रंप की होर्मुज नीति पर अमेरिकी सांसदों ने उठाए सवाल, युद्ध खर्च पर भी चिंता।
ट्रंप की होर्मुज नीति पर अमेरिकी सांसदों ने उठाए गंभीर प्रश्न, बताया पागलपन
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कोविड-19 के मामले 20 देशों में बढ़ रहे हैं, अमेरिका सहित, BA.3.2 वेरिएंट का प्रभाव
कोरोना वायरस के BA.3.2 वैरिएंट के चलते 20 देशों में मामले बढ़ रहे हैं
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पीएम मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा की, जिनतू पटवारी ने अमेरिकी व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताया
जितू पटवारी का बड़ा बयान: अमेरिका से हुई ट्रेड डील किसान विरोधी
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को किसानों के लिए हानिकारक बताया है। पटवारी का कहना है कि यह डील भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। वर्तमान में किसान सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं।
केंद्र सरकार पर हमला
पटवारी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सख्त शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ट्रेड डील का एलान किया, तो उन्होंने माला पहनी, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि भविष्य में कुछ सकारात्मक होने वाला है। लेकिन असलियत यह है कि किसान सबसे ज्यादा ठगा गया है। कृषि से जुड़ी सामग्री और ड्राईफ्रूट्स पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि भारत से कृषि उत्पादन का निर्यात करने पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।
प्रवक्ताओं की पदमुक्ति पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस के अन्य प्रवक्ताओं को पदमुक्त किए जाने के विषय में उन्होंने कहा कि जल्द ही मीडिया की एक नई टीम बनाई जाएगी। जो व्यक्ति इस टीम का हिस्सा नहीं बनेगा, उन्हें अन्य दायित्व सौंपे जाएंगे। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास बहुत कार्य है और हर व्यक्ति को कार्य दिया जाएगा।
AICC के निर्देशों का पालन
जीतू पटवारी ने जिलों की कार्यकारिणी के आकार को लेकर AICC के निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पहले ही यह तय किया गया था कि जिलों की टीम छोटी होगी, और अब इस पर अमल किया जाएगा। छिंदवाड़ा में पहले से ही गठित जंबो टीम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह निर्णय पहले से लिया गया था।
कृषि उत्पादों पर चिंता जताई गई
पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के चलते किसानों के हितों से समझौता हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई तो देशभर में विरोध प्रदर्शन होगा।
किसानों के अधिकारों की रक्षा की मांग
सचिन यादव ने दावा किया कि इस डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस डील में किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी और किसान मिलकर इसका विरोध करेंगे।
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भारतीय ट्रक चालक ने अमेरिका में कई कारों को टक्कर मारी, तीन की मौत
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
दक्षिणी कैलिफोर्निया में भयावह सड़क हादसा 🚨
अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में एक गंभीर सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा 21 वर्षीय भारतीय युवक जसनप्रीत सिंह की गलती से हुआ है, जो अवैध रूप से अमेरिका में निवास कर रहा था। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि जसनप्रीत नशे की हालत में एक ट्रक चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
घटना का विवरण
यह भीषण घटना सैन बर्नार्डिनो काउंटी फ्रीवे पर हुई, जब जसनप्रीत सिंह का सेमी-ट्रक धीमी गति से चल रही गाड़ियों से टकरा गया। ट्रक के डैशकैम में यह दृश्य कैद हुआ, जिसमें ट्रक एक एसयूवी से टकराते हुए नजर आया। परिणामस्वरूप, तीन व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस विभाग की जांच में यह पता चला कि जसनप्रीत ने ब्रेक नहीं लगाए और नशे की स्थिति में गाड़ी चलाई। कैलिफोर्निया हाईवे पेट्रोल के अधिकारी रोड्रिगो जिमेनेज ने बताया कि जसनप्रीत को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ मेडिकल परीक्षण में उसकी नशे की स्थिति की पुष्टि हुई।
इमिग्रेशन स्थिति
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने यह भी साझा किया है कि जसनप्रीत सिंह के पास अमेरिका में वैध इमिग्रेशन स्टेटस नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, वह 2022 में दक्षिणी सीमा पार करके अमेरिका में दाखिल हुआ था, और ‘नजरबंदी के विकल्प’ नीति के तहत उसे देश में छोड़ दिया गया था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने उसके खिलाफ इमिग्रेशन डिटेनर जारी किया है।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल मानव जीवन की दुर्भाग्यपूर्ण हानि है, बल्कि यह नशे में गाड़ी चलाने के गंभीर परिणामों की ओर भी इशारा करती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमेरिका ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, आधुनिक मिसाइलों की आपूर्ति से किया इंकार
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
अमेरिका ने पाकिस्तान को आधुनिक मिसाइलों की आपूर्ति से किया इनकार
अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका देते हुए आधुनिक मिसाइलों की डिलीवरी से मना कर दिया है। अमेरिका के आधिकारिक बयान के अनुसार, पाकिस्तान को कुछ हथियार उपकरण दिए जाएंगे, लेकिन नए हथियारों की सप्लाई नहीं की जाएगी। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार, अमेरिका पाकिस्तान को एडवांस्ड मीडिया रेंज एअर टू एअर मिसाइल (AMRAAM) देने वाला था, लेकिन अब इस पर स्पष्टता दी गई है कि ऐसा कुछ नहीं होगा।
अमेरिकी दूतावास का बयान
अमेरिकी दूतावास ने अपने बयान में बताया कि “30 सितंबर को एक युद्ध विभाग ने विभिन्न देशों को हथियार उपकरणों की आपूर्ति की बात कही थी। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइलों के वितरण की बात की गई है, लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। पाकिस्तान की मौजूदा सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है।”
पाकिस्तान के कई मीडिया चैनल्स ने दावा किया था कि अमेरिका के युद्ध विभाग ने पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइलों की बिक्री की स्वीकृति दी है। कहा गया कि अमेरिका की रेथियोन कंपनी पाकिस्तान को ये मिसाइलें भेजेगी, जिसे पाकिस्तान की वायु सेना की क्षमताओं में वृद्धि के रूप में देखा गया। अब अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसकी ऐसी कोई योजना नहीं है।
पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध
पाकिस्तान को वर्ष 2007 में अमेरिका से 700 AMRAAM मिसाइलें मिली थीं, जिन्हें एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए खरीदा गया था। यह उस समय का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर था। नई डील की चर्चा ऐसे समय में शुरू हुई जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर ने सितंबर में व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी।
इस तरह के घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में अभी भी कई जटिलताएँ बनी हुई हैं।
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भारत ने EU को दिया दो टूक जवाब, कहा अमेरिका और तुर्की भी थे रूसी सैन्य अभ्यास में शामिल
📌 गांडीव लाइव डेस्क:
भारत की भागीदारी से “जापद 2025” अभ्यास को लेकर पश्चिमी देशों की चिंता खारिज
भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस में आयोजित बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास “जापद 2025” में भारत की भागीदारी पर पश्चिमी राष्ट्रों की चिंताओं को ठुकरा दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बताया कि इस अभ्यास में भारत के अलावा विभिन्न देशों ने भी सहभागिता की, जबकि अमेरिका, तुर्की और जर्मनी जैसे NATO सदस्य देशों ने पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया।
65 सदस्यीय भारतीय दल का योगदान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों का एक 65 सदस्यीय दल रूस के निजनी क्षेत्र स्थित मुलिनो ट्रेनिंग ग्राउंड में इस अभ्यास में भाग लेने के लिए रवाना हुआ। यह अभ्यास सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने, सहक्रियता को सुधारने और विभिन्न सेनाओं के बीच युद्ध कौशल और तकनीक के आदान-प्रदान के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
NATO देशों की पर्यवेक्षक भूमिका 🌍
जायसवाल ने बताया कि कई अन्य देशों ने भी पर्यवेक्षक के रूप में इस अभ्यास में भागीदारी की। इन देशों में NATO सदस्य अमेरिका, तुर्की और हंगरी शामिल हैं। रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, बेलारूस रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि इस अभ्यास में कुल 23 देशों के पर्यवेक्षक शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से अमेरिका, तुर्की और जर्मनी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, कई अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे यूनियन स्टेट, कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) और कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) ने भी अपने पर्यवेक्षक भेजे।
EU की चिंताओं का भारतीय विदेश मंत्रालय का जवाब
हाल ही में, यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काया कैलास ने कहा था कि रूस के साथ भारत के सैन्य अभ्यास और तेल खरीद, EU-भारत संबंधों में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इस पर MEA प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत की स्थिति पहले से निर्धारित है। उन्होंने कहा, “हमारे रक्षा संबंध और सैन्य अभ्यास विभिन्न देशों के साथ होते हैं। तेल खरीद के मामलों में भी हमने अपनी नीति स्पष्ट की है।”
नई रणनीतिक EU-India साझेदारी का एजेंडा 📈
भारत और यूरोपीय संघ ने हाल ही में नई रणनीतिक साझेदारी की योजना को साझा किया है। प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच 17 सितम्बर को हुई बातचीत में इस पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों नेताओं ने आपसी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
यूरोपीय आयोग और उच्च प्रतिनिधि ने “न्यू स्ट्रैटेजिक EU-India एजेंडा” पेश किया है, जिसका उद्देश्य पारस्परिक समृद्धि, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस एजेंडे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए पूर्ण रूप से सक्षम है। दोनों पक्ष वर्तमान में संतुलित और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहे हैं तथा सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर कार्यरत हैं।


