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  • जावेद अख्तर ने अमिताभ की अनुपस्थित से मिस्टर इंडिया की प्रेरणा ली

    जावेद अख्तर ने अमिताभ की अनुपस्थित से मिस्टर इंडिया की प्रेरणा ली

    मिस्टर इंडिया: एक अनोखी कहानी की उत्पत्ति

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्मों में से एक, **मिस्टर इंडिया** का आइडिया एक साधारण घटना से शुरू हुआ। यह कहानी उस समय की है जब महानायक **अमिताभ बच्चन** एक फिल्म के मुहूर्त शॉट पर समय पर नहीं पहुँच सके। यह छोटी-सी घटना लेखक **जावेद अख्तर** के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी, जिसने भविष्य में हिंदी सिनेमा को एक अद्वितीय सुपरहीरो फिल्म दी।

    एक फिल्म की शूटिंग से उपजी कल्पना

    फिल्म के मुहूर्त समारोह के दिन, जब अमिताभ बच्चन को लीड एक्ट्रेस के साथ पहला शॉट देना था, वे तय समय पर नहीं पहुँच सके। इस दौरान पूरी यूनिट इंतजार कर रही थी। टीम ने एक दिलचस्प समाधान निकाला और एक ऑडियो टेप चलाया, जिससे दर्शकों को लगा कि हीरो वहां मौजूद है। यह दृश्य **जावेद अख्तर** के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं था। उन्होंने सोचा कि क्या हो अगर कोई कैरेक्टर हो जो दिखाई न दे, लेकिन उसकी मौजूदगी का एहसास हो? इसी विचार से **मिस्टर इंडिया** का जन्म हुआ।

    फिल्म का निर्माण और प्रमुख भूमिकाएँ

    इस कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी **शेखर कपूर** ने संभाली। फिल्म के लिए कई अभिनेताओं पर विचार किया गया, मगर अंततः यह किरदार **अनिल कपूर** को मिला, जिन्होंने इसे अमर बना दिया। फिल्म में **श्रीदेवी** की चुलबुली अदाकारी और उनका लोकप्रिय गीत “हवा हवाई” दर्शकों के दिलों में बस गया। वहीं, खलनायक **मोगैम्बो** के रूप में **अमरीश पुरी** ने ऐसा प्रभाव छोड़ा कि उनका संवाद “मोगैम्बो खुश हुआ” आज भी लोगों की ज़ुबान पर है।

    कमाई और प्रभाव

    साल **1987** में रिलीज हुई **मिस्टर इंडिया** को उस समय की सबसे महंगी फिल्मों में से एक माना जाता था। फिल्म का बजट लगभग 3.8 करोड़ रुपये था, जो उस दौर में एक बड़ा जोखिम था। हालांकि, रिलीज के बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता प्राप्त की और लगभग 10 करोड़ रुपये की कमाई की।

    विशेष प्रभावों का जादू

    फिल्म केवल अपनी कमाई के लिए नहीं, बल्कि अपने अद्वितीय स्पेशल इफेक्ट्स, मनोरंजक कहानी, और यादगार संगीत के लिए भी जानी जाती है। आज भी जब हिंदी सिनेमा की बेहतरीन और आइकॉनिक फिल्मों का जिक्र होता है, तो **मिस्टर इंडिया** का नाम शीर्ष पर होता है। यह फिल्म वास्तव में उस साधारण घटना से शुरू हुई थी, जिसने बॉलीवुड में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया।

  • अमिताभ बच्चन के टोटके ने भारत को टी-20 वर्ल्ड कप दिलाया

    अमिताभ बच्चन के टोटके ने भारत को टी-20 वर्ल्ड कप दिलाया

    टी-20 वर्ल्ड कप 2026: भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर रचा इतिहास

    नई दिल्ली। भारत ने 2026 के टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 96 रनों से हराकर एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस महत्वपूर्ण जीत के बाद बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अमिताभ ने अपने ट्वीट में बताया कि उनकी जीत के पीछे एक खास टोटका भी था। उन्होंने लिखा, “कहा था नहीं देखूंगा तो जीत जाएंगे, हो गया।”

    अमिताभ बच्चन का क्रिकेट के प्रति अंधविश्वास

    अमिताभ बच्चन, जो क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं, उनके पास मैचों को लेकर एक खास अंधविश्वास है। उनका मानना है कि अगर वह तनावपूर्ण मुकाबला लाइव देखेंगे, तो टीम इंडिया पर दबाव पड़ेगा, जिसके चलते हार भी हो सकती है। बिग बी ने यह टोटका 2007 से फॉलो करना शुरू किया था। 2011 के वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने मैच देखा और भारत की जीत का अनुभव किया, जिसके बाद उनका यह टोटका और भी मजबूत हो गया।

    टोटके के विस्तृत विवरण

    अमिताभ के अंधविश्वास सिर्फ़ मैच देखने तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने अपने ब्लॉग और इंटरव्यू में बताया है कि वे बैठने के तरीकों, जूते पहनने और किस पैर को ऊपर रखना चाहिए, जैसी चीज़ों पर भी ध्यान देते हैं। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लगातार जीतने पर उन्होंने लिखा, “जब मैं मैच नहीं देखता, तो हम जीतते हैं।” फैंस इसे मजेदार तरीके से लेते हैं और मानते हैं कि यह उनका अंधविश्वास ही टीम इंडिया की जीत का राज बन गया है।

    सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

    टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में अमिताभ बच्चन ने मैच नहीं देखा, और उनके इस ‘बलिदान’ ने उन्हें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया। उनके प्रशंसकों ने उनके इस ट्वीट को देशभक्ति और हास्य दोनों के दृष्टिकोण से सराहा। कई लोगों ने मजेदार टिप्पणी करते हुए कहा कि बिग बी का मैच न देखना अब देश सेवा का एक रूप बन गया है।

    क्रिकेट का खेल और अंधविश्वास

    बिग बी का यह टोटका यह दर्शाता है कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह भावना और अंधविश्वास का भी मैदान है। उनका कहना है कि मैच देखते समय उनकी धड़कनें तेजी से बढ़ जाती हैं, इसलिए वे टीवी पर न जाकर टीम के लिए शुभकामनाएँ भेजते हैं। इस बार भी उनका टोटका सफल रहा और टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया।

    यह कहानी यह स्पष्ट करती है कि बॉलीवुड और क्रिकेट का रिश्ता केवल मनोरंजन तक ही नहीं बल्कि कभी-कभी अंधविश्वास भी जीत की राह को आसान बना सकता है। अमिताभ बच्चन ने साबित कर दिया कि उनका टोटका टीम इंडिया के लिए खुशी का संदेश बन सकता है।

  • अर्जुन-सानिया की शादी में सितारों की धूम, अभिषेक-ऐश्वर्या भी शामिल

    अर्जुन-सानिया की शादी में सितारों की धूम, अभिषेक-ऐश्वर्या भी शामिल

    मुंबई: क्रिकेट के मशहूर खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने आज, 5 मार्च 2026, को अपनी साथी सानिया चंदोक के साथ विवाह के बंधन में बंध गए। यह भव्य समारोह मुंबई के स्ट. रेजिस होटल, लोअर परेल में आयोजित हुआ, जहां क्रिकेट, बॉलीवुड और बिजनेस जगत की कई प्रमुख शख्सियतें उपस्थित रहीं। यह दिन न सिर्फ परिवार के लिए विशेष था, बल्कि कई मशहूर नामों की उपस्थिति ने इसे यादगार बना दिया।

    अर्जुन और सानिया की शादी में सितारों की भरमार

    अर्जुन तेंदुलकर, जो मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल खेलते हैं, और सानिया चंदोक, जो एक सफल उद्यमिता की प्रतीक हैं और उद्योगपति रवि घई की पोती हैं, ने अगस्त 2025 में सगाई की थी। शादी से पहले जामनगर में प्री-वेडिंग फंक्शंस का आयोजन अंबानी परिवार द्वारा किया गया था, जबकि मेहंदी और संगीत कार्यक्रम मुंबई के महालक्ष्मी रेसकोर्स पर शानदार तरीके से संपन्न हुए। मुख्य शादी समारोह आज स्ट. रेजिस में हुआ, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

    बॉलीवुड के कई प्रमुख सितारे इस खास मौके पर मौजूद थे। शाहरुख खान अपनी पत्नी गौरी खान और बेटी सुहाना खान के साथ आए, और उनका पारंपरिक लुक बेहद आकर्षक लगा। शाहरुख ने मीडिया के साथ खुश होकर पोज भी दिए और सभी को बधाई दी। बच्चन परिवार का भी इस मौके पर समर्पण देखने को मिला, जहां अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने सीधे अंदर जाने का विकल्प चुना।

    अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन ने बाहर आकर खुशी से पोज दिए। उनका जोड़ा हमेशा की तरह स्टाइलिश और खूबसूरत नजर आया। शादी में फरहान अख्तर, आशुतोष गोवारिकर और उनकी पत्नी सुनीता गोवारिकर भी शामिल हुए, जबकि संगीतकार शंकर महादेवन अपनी पत्नी के साथ आए और समारोह की रौनक बढ़ाई।

    क्रिकेट से जुड़ी कई हस्तियां भी इस समारोह का हिस्सा बनीं, जैसे एमएस धोनी, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान, इरफान पठान आदि। गोविंदा की भतीजी आरती सिंह और उनके पति दीपक चौहान भी इस भव्य आयोजन में नजर आए।

  • अमिताभ बच्चन का ट्वीट: धरती गोल, लेकिन वफादार व्यक्ति कहां?

    अमिताभ बच्चन का ट्वीट: धरती गोल, लेकिन वफादार व्यक्ति कहां?

    सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन का रहस्यमय ट्वीट

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज, अमिताभ बच्चन, हमेशा ही अपनी सोशल मीडिया गतिविधियों और फैंस के साथ संवाद के लिए चर्चित रहते हैं। हाल ही में, उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक अजीब और दार्शनिक ट्वीट किया, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। बिग बी ने लिखा, “वफादार लोग दुनिया के हर कोने में मिलते हैं, लेकिन अफसोस, धरती गोल है।”

    फैंस की प्रतिक्रियाएँ

    जलसा के बाहर फैंस के साथ अमिताभ का जुड़ाव

    अमिताभ बच्चन, सोशियल मीडिया के अलावा, अपने मुंबई स्थित घर जलसा के बाहर हर रविवार को फैंस से मिलने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, उन्होंने बताया कि वह अब हर रविवार को जलसा गेट पर फैंस से नहीं मिलेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काम जोश के साथ जारी है, लेकिन रविवार का ब्रेक आवश्यक है। फैंस के लिए यह खबर थोड़ी निराशाजनक थी, परंतु उन्होंने इसे समझते हुए स्वीकार कर लिया।

    अमिताभ का विचारशील व्यक्तित्व

    बिग बी का यह ट्वीट उनके अनुभव और जीवन दृष्टिकोण का प्रतिक है। यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल नहीं हुआ, बल्कि उपयोगकर्ताओं ने इसे साझा, कमेंट और मीम्स के माध्यम से मनाया। इस ट्वीट ने फैंस को उनके जीवन और सोच की एक झलक दी है।

    अमिताभ बच्चन का यह ट्वीट दर्शाता है कि वह केवल अपनी फिल्मों या प्रमोशनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने निजी विचारों और दार्शनिक दृष्टिकोण को भी फैंस के साथ साझा करना पसंद करते हैं।

    यह वायरल ट्वीट अमिताभ बच्चन के व्यक्तित्व के अद्भुत पहलुओं को उजागर करता है, जहाँ गहरी सोच, हास्य का अद्भुत संयोग और फैंस के प्रति उनकी निकटता स्पष्ट है।

  • अमिताभ बच्चन ने जलसा की परंपरा को किया बदल, कहा संडे का ब्रेक आवश्यक

    अमिताभ बच्चन ने जलसा की परंपरा को किया बदल, कहा संडे का ब्रेक आवश्यक

    अमिताभ बच्चन का फैंस से मिलने का रविवार का रिश्ता हुआ स्थगित

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन हमेशा से अपने प्रशंसकों के लिए बेहद खास रहे हैं। उनका सफर केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशंसकों के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों ने भी उन्हें लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है। हर रविवार को मुंबई स्थित उनके घर ‘जलसा’ के बाहर अपने फैंस से मिलना उनके लिए एक परंपरा बन चुका था, जिस पल वे उपस्थित रहते, वहाँ सैकड़ों प्रशंसक एकत्र होते थे।

    22 फरवरी का विशेष रविवार

    हालांकि, 22 फरवरी का यह रविवार कुछ खास नहीं रहा। अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि इस बार वे अपने फैंस से नहीं मिल सकेंगे। उन्होंने टम्बलर पर एक पोस्ट में लिखा कि काम के चलते उनकी ऊर्जा और समय में बदलाव आया है, जिससे वे फैंस से मुलाकात नहीं कर पाएंगे। बिग बी ने कहा कि उन्हें इस रविवार का ब्रेक लेना आवश्यक हो गया है, पर जल्द ही वे फिर से फैंस से मिलने का अवसर पाएंगे।

    काम के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान

    अमिताभ बच्चन ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि “काम कुछ जोश के साथ चल रहा है, लेकिन समय की कमी के कारण मैं फैंस से नहीं मिल पाया। इसलिए ट्रैवल के लिए ऊर्जा बचाकर रखें और जल्द ही मिलेंगे।” इस बयान से पता चलता है कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को महत्व दिया है।

    खास प्रशंसक से मुलाकात

    हालांकि, उनके पड़ोसी निर्मित जेसरानी को अमिताभ बच्चन से एक विशेष मुलाकात का अवसर मिला। निर्मित ने इंस्टाग्राम पर साझा किया कि 8 फरवरी को वे बिग बी से मिले और सुपरस्टार ने उन्हें ऑटोग्राफ और फोटो वाली टी-शर्ट दी। यह क्षण उनके लिए बहुत यादगार साबित हुआ।

    फैंस की निराशा समझने योग्य

    बिग बी का यह निर्णय फैंस के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है, लेकिन उनकी व्यस्तताओं और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है। इस सालों पुरानी परंपरा के बावजूद, अमिताभ बच्चन ने अपनी निजी प्राथमिकताओं को महत्व दिया है। अब प्रशंसकों को प्रतीक्षा करनी होगी और उस अगले अवसर का स्वागत करना होगा, जब बिग बी फिर से जलसा के गेट पर उनसे मिलेंगे।

  • अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    मुंबई: अगस्त्य नंदा की पहली फिल्म ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह युद्ध ड्रामा 1 जनवरी 2026 को दर्शकों के सामने आई थी। फिल्म में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम परफॉर्मेंस है, जिसने दर्शकों की भावनाओं को छू लिया है। हालांकि, फिल्म की कमाई में काफी गिरावट आई है।

    अगस्त्य नंदा की ‘इक्कीस’ को पांचवे दिन सामना करना पड़ा झटका

    ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, ‘इक्कीस’ ने अपने पहले सोमवार को महज 1.35 करोड़ रुपये कमाए। यह चौथे दिन की 5 करोड़ रुपये की कमाई से लगभग 73% की बड़ी गिरावट है। अब तक फिल्म की कुल नेट कमाई भारत में लगभग 21.50 करोड़ रुपये हो चुकी है। पहले दिन फिल्म ने 7 करोड़, दूसरे दिन 3.5 करोड़, तीसरे दिन 4.65 करोड़ और चौथे दिन 5 करोड़ रुपये कमाए थे।

    वीकेंड पर अच्छी शुरुआत के बाद, वर्किंग डेज में दर्शकों की संख्या में कमी आई। फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की बसंतर की लड़ाई पर आधारित है। अगस्त्य नंदा ने प्रारंभिक उम्र में परम वीर चक्र पाने वाले सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है। उनके साथ जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया (अक्षय कुमार की भांजी) और अन्य कलाकार भी हैं।

    पहले सोमवार पर कमाई में आई 73% की गिरावट

    दर्शकों और समीक्षकों ने फिल्म की भावनात्मक संवेदनशीलता, अभिनय, और युद्ध के मानवीय पहलुओं की सराहना की है। कई समीक्षक इसे एक एंटी-वार फिल्म कह रहे हैं, जो दर्शकों के जज्बातों को छूती है। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर ‘इक्कीस’ को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। ‘धुरंधर’ ने अपने 32वें दिन में 4.50 करोड़ रुपये कमाए, जो ‘इक्कीस’ की कमाई से तीन गुना अधिक है।

    ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटर में लाने में रही असफल

    ‘धुरंधर’ की कुल कमाई अब 776 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है और यह नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। नए साल की पहली बड़ी रिलीज होने पर भी, ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटरों तक लाने में असफल रही है। फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में थोड़ी रिकवरी की संभावनाएं हैं, लेकिन ‘धुरंधर’ की सफलता के सामने यह काफी चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। धर्मेंद्र सर की अंतिम फिल्म को बड़े पर्दे पर देखना एक गहन और भावुक अनुभव है।

  • अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य ने कहा, ‘मेरा सरनेम नंदा है’

    अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य ने कहा, ‘मेरा सरनेम नंदा है’

    मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन के नाती और नवोदित सितारे अगस्त्य नंदा ने अपनी पहली थिएट्रिकल फिल्म ‘इक्कीस’ के साथ चर्चा में हैं। इस फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है और यह 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसमें अगस्त्य ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सबसे छोटे परम वीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है। इस फिल्म में उनके साथ धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत और सिमर भाटिया जैसे जाने-माने कलाकार भी हैं।

    मेरा सरनेम नंदा है…

    हाल ही में एक इंटरएक्टिव सेशन के दौरान, अगस्त्य ने अपने डायरेक्टर श्रीराम राघवन और को-स्टार सिमर भाटिया के साथ बातचीत की। इस दौरान उनसे बच्चन परिवार के दबाव के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, “मैं इस दबाव को बिल्कुल नहीं लेता, क्योंकि यह मेरी लेगेसी नहीं है। मेरा सरनेम नंदा है और मैं अपने पिता को गर्वित करने पर ध्यान केंद्रित करता हूं। यही मेरी विरासत है जिसे मैं गंभीरता से आगे ले जाना चाहता हूं।” अगस्त्य ने यह भी कहा कि वो अपने परिवार के अन्य सदस्य जो अभिनेता हैं, उनके काम की प्रशंसा करते हैं, लेकिन उनकी नकल नहीं कर सकते।

    फिल्म इक्कीस के बारे में

    फिल्म ‘इक्कीस’ को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन अगस्त्य की परफॉर्मेंस की काफी सराहना हो रही है। उनके दादा अमिताभ बच्चन ने भी इस फिल्म को देखकर उनकी तारीफ की है। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म शुरुआती दिनों में ठीक-ठाक कमाई कर रही है और युद्ध ड्रामा के शौकीनों को अपनी ओर खींच रही है। अगस्त्य की इस ईमानदारी को सोशल मीडिया पर प्रशंसा मिल रही है, जिससे यह साफ हो जाता है कि वे अपने अभिनय करियर को गंभीरता से ले रहे हैं।

  • KBC 17 में दूसरा करोड़पति बना CRPF इंस्पेक्टर, बिना लाइफलाइन जीते 1 करोड़

    KBC 17 में दूसरा करोड़पति बना CRPF इंस्पेक्टर, बिना लाइफलाइन जीते 1 करोड़

    मुंबई: ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ ने एक बार फिर एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब शो को अपना दूसरा करोड़पति मिला। रांची के निवासी और सीआरपीएफ इंस्पेक्टर बिप्लब बिस्वास ने ज्ञान, आत्मविश्वास और संयम का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

    बिलकुल अद्वितीय बात यह रही कि उन्होंने प्रारंभिक प्रश्नों में किसी लाइफलाइन का सहारा नहीं लिया। उनके शांत स्वभाव और गहरे ज्ञान ने न केवल दर्शकों बल्कि शो के होस्ट अमिताभ बच्चन को भी प्रभावित किया।

    फास्टेस्ट फिंगर से हॉट सीट तक का सफर

    एपिसोड की शुरुआत फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट से हुई, जिसमें बिप्लब बिस्वास ने सटीक उत्तर देकर सीधे हॉट सीट पर जगह बनाई। शुरुआती चरण से ही उनका आत्मविश्वास प्रकट हो रहा था। उन्होंने लगातार 10 प्रश्नों के सही उत्तर दिए और लाइफलाइन का एक भी उपयोग नहीं किया। उनके जवाबों में न तो जल्दबाजी थी, न ही घबराहट। हर प्रश्न पर उनकी सोच और तर्क दर्शकों को प्रभावित कर रहे थे।

    अमिताभ बच्चन हुए प्रभावित

    बिप्लब का खेल देखकर अमिताभ बच्चन इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने परिवार सहित अपने घर डिनर पर बुलाने का न्योता दिया। यह अवसर बिप्लब के लिए बहुत भावुक था। इसके बाद 12,50,000 रुपये के प्रश्न पर उन्होंने पहली बार ऑडियंस पोल लाइफलाइन का सहारा लिया और सही उत्तर देकर आगे बढ़े। बिग बी ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि यह खेल अनुशासन और ज्ञान का बेहतरीन मेल है।

    एक करोड़ का निर्णायक सवाल

    25 लाख के प्रश्न पर ‘संकेत सूचक’ और 50 लाख के प्रश्न पर 50-50 लाइफलाइन का उपयोग करते हुए बिप्लब एक करोड़ के प्रश्न तक पहुंचे। यह प्रश्न था- उस जहाज का नाम क्या था जिसने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को फ्रांस से अमेरिका पहुंचाया था। बिप्लब ने बिना देर किए विकल्प D, ‘Isere’ को चुना और यह भी बताया कि उन्हें जहाज के स्टीयरमैन का नाम भी मालूम है।

    करोड़पति बनने का ऐतिहासिक पल

    जैसे ही अमिताभ बच्चन ने उत्तर को सही प्रमाणित किया, पूरा स्टूडियो तालियों से गूंज उठा। बिप्लब बिस्वास ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ के दूसरे करोड़पति बन गए। उन्‍हें एक करोड़ रुपये के साथ एक कार भी पुरस्कार में मिली। यह क्षण न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवार और शुभचिंतकों के लिए भी गर्व का अनुभव था।

    सीआरपीएफ इंस्पेक्टर की प्रेरक कहानी

    बिप्लब बिस्वास सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में तैनात हैं। शो के दौरान उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी ड्यूटी के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे सुरक्षाबल कठिन हालात में देश की सेवा करते हैं। उनकी बातें अमिताभ बच्चन को भावुक कर गईं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।

    अब नजरें 7 करोड़ के सवाल पर

    एपिसोड यहीं समाप्त हुआ, लेकिन कहानी अभी बाकी है। बिप्लब अब रोलओवर कंटेस्टेंट के रूप में 7 करोड़ रुपये के सवाल के लिए लौटेंगे। दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या यह सीआरपीएफ इंस्पेक्टर शो का अगला बड़ा पड़ाव भी पार कर पाएंगे।

  • फिल्म शोले में सबसे महंगी फीस वाले अभिनेता की पहचान हुई

    फिल्म शोले में सबसे महंगी फीस वाले अभिनेता की पहचान हुई

    1975 में प्रदर्शित हुई **शोले** भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित कृति मानी जाती है। अब इस फिल्म के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, इसे एक बार फिर से सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर पेश किया जा रहा है। ओटीटी प्लेटफार्म पर निरंतर देखी जाने वाली इस फिल्म को फिर से देखने का अवसर दर्शकों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी अवसर पर फिल्म की स्टार कास्ट को प्राप्त फीस के बारे में दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं, जो उस समय की फिल्म उद्योग की स्थिति को दर्शाती हैं।

    धर्मेंद्र का फीस रिकॉर्ड

    **शोले** का कुल बजट लगभग तीन करोड़ रुपये था। फिल्म में वीरू का मुख्य किरदार निभाने वाले **धर्मेंद्र**, उस समय सबसे अधिक फीस लेने वाले अभिनेता माने जाते थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें इस फिल्म में काम करने के लिए लगभग 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जो उस समय काफी बड़ी राशि थी।

    संजीव कुमार की फीस

    ठाकुर बलदेव सिंह का प्रभावशाली पात्र निभाने वाले **संजीव कुमार** को इस फिल्म के लिए 1.25 लाख रुपये का माननीय पारिश्रमिक मिला था। यह गौर करने योग्य है कि वे उस समय के एक अन्य प्रमुख अभिनेता **अमिताभ बच्चन** से अधिक फीस प्राप्त करने वाले कलाकारों में शामिल थे।

    अमिताभ बच्चन का लीड रोल

    **जय** के किरदार में दिखे **अमिताभ बच्चन** को **शोले** के लिए लगभग 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उस समय, वे एक उभरते हुए स्टार थे, लेकिन उनकी फीस **संजीव कुमार** से कम रही। फिर भी, जय का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शुमार है।

    हीरोइनों और गब्बर की फीस

    फिल्म में **बसंती** का किरदार निभाने वाली **हेमा मालिनी** को 75 हजार रुपये और **राधा** के किरदार में **जया बच्चन** को 35 हजार रुपये मिले थे। वहीं, गब्बर सिंह के रूप में **अमजद खान** ने केवल 50 हजार रुपये में एक ऐसा किरदार अदा किया, जो भारतीय सिनेमा का एक प्रतीकात्मक विलेन बन गया।

    12 हजार में बना आइकॉनिक रोल

    फिल्म के कई यादगार किरदार बहुत कम फीस पर निभाए गए। **सांबा** के पात्र को निभाने वाले **मैक मोहन** को मात्र 12 हजार रुपये मिले थे। इसी तरह, **कालिया** के लिए **विजू खोटे** को 10 हजार रुपये और **इमाम साहब** का रोल निभाने वाले **एके हंगल** को केवल 8 हजार रुपये दिए गए थे।

  • 83 वर्षीय अमिताभ बच्चन के स्वास्थ्य में गिरावट आई

    83 वर्षीय अमिताभ बच्चन के स्वास्थ्य में गिरावट आई

    अमिताभ बच्चन ने साझा की अपनी स्वास्थ्य चुनौतियाँ

    मुंबई। 83 की उम्र में भी लगातार काम करना कोई आसान बात नहीं है। महानायक अमिताभ बच्चन अपनी सक्रियता और मेहनत के लिए काफी सराहे जाते हैं। वे अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखते हैं और हल्का-फुल्का वर्कआउट करते हैं। हालाँकि, हाल ही में उन्होंने खुद इस बात का जिक्र किया कि उम्र का असर अब उन पर दिखने लगा है।

    सोशल मीडिया पर सक्रियता

    अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और वे फेसबुक तथा ब्लॉग के माध्यम से अपने फैंस से जुड़े रहते हैं। अपने विचारों को साझा करने में उन्हें खुशी मिलती है और वे अपनी जिंदगी की छोटी-छोटी बातें भी फैंस के साथ साझा करते हैं। हाल ही में, उन्होंने बताया कि उनके व्यस्त शेड्यूल के कारण उन्हें पूरी रात काम करना पड़ा, जिससे सुबह 5 बजे वे अपने ब्लॉग को अपडेट करने बैठे।

    स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की

    हाल के दिनों में, अमिताभ के दिमाग में हलचल महसूस हो रही है, ऐसा उन्होंने शेयर किया। उनका कहना है कि उनके शरीर और दिमाग में एक तरह का असमानता अनुभव हो रहा है। लोग उनकी मेहनत की सराहना करते हैं, लेकिन इस उम्र में सामने आने वाली ये चुनौतियाँ कभी-कभी उन्हें परेशान करती हैं।

    धर्मेंद्र के निधन पर भावुक प्रतिक्रिया

    बिग बी ने हाल ही में अपने जिगरी दोस्त धर्मेंद्र के निधन पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा की थी। इसमें उन्होंने लिखा था कि एक वीर दिग्गज हमें छोड़कर चला गया है और उनका स्थान अब हमेशा के लिए खाली रहेगा। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त किया।

    स्वास्थ्य समस्याएँ और फैंस की चिंताएँ

    अमिताभ बच्चन ने अपने जीवन में कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया है, जिनमें सबसे प्रमुख फिल्म “कुली” का वो हादसा था, जब उनकी आंतें फट गई थीं। इसके साथ ही, उन्हें रीढ़ की हड्डी में टीबी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। एक टीवी शो में उन्होंने बताया था कि उनके लीवर का 75 प्रतिशत हिस्सा डेमेज हो चुका है। अब फैंस को उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता सताने लगी है।

  • धर्मेंद्र के प्रशंसकों के लिए ‘शोले द फाइनल कट’ का ट्रेलर रिलीज

    धर्मेंद्र के प्रशंसकों के लिए ‘शोले द फाइनल कट’ का ट्रेलर रिलीज

    फिल्म ‘शोले’ की 4K रिस्टोर्ड वर्जन की वापसी

    बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म ‘शोले’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों के बीच लौटने के लिए तैयार है। यह 1975 में प्रदर्शित हुई थी और अब इसका 4K रिस्टोर्ड वर्जन ‘शोले: द फाइनल कट’ 12 दिसंबर 2025 से देशभर में सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा। फिल्म का ट्रेलर आज लॉन्च किया गया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया है।

    ट्रेलर ने किया जादू

    जैसे ही ट्रेलर सामने आया, पुराने प्रशंसकों की आँखों में स्नेह के आँसू आ गए, जबकि नए दर्शक इस बात से हैरान हैं कि एक 50 साल पुरानी फिल्म आज भी इतनी प्रभावशाली और ताज़ा क्यों लगती है। 4K रिज़ॉल्यूशन में रीमास्टर्ड दृश्य, डॉल्बी एटमॉस 5.1 सराउंड साउंड और नए कलर ग्रेडिंग के साथ गब्बर का मशहूर डायलॉग ‘ये रामगढ़ वाले अपनी छोरियों को कौन बचाएगा रे?’ एक बार फिर से दर्शकों को रोमांचित कर रहा है।

    भावुकता का विशेष पहलू

    जय-वीरू की बाइक पर वो ऐतिहासिक एंट्री, ठाकुर का बदला, बसंती का ठुमका और समोसे वाला सीन सब कुछ इस री-रिलीज में यूं प्रतीत हो रहा है मानो ये सब अभी-अभी फिल्माया गया हो। इस री-रिलीज का विशेष भावुक पहलू यह है कि यह हाल ही में दिवंगत हुए दो महान कलाकारों – धर्मेंद्र और असरानी को श्रद्धांजलि है। उनके हाव-भाव और कॉमिक टाइमिंग इस 4K वर्जन में नये सिरे से जीवन्त हो उठे हैं।

    निर्देशक का सपना और तकनीकी पहलू

    निर्देशक रमेश सिप्पी के बेटे रोहन सिप्पी ने साझा किया, ‘मेरे पिता हमेशा कहते थे कि ‘शोले’ उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। 50वीं सालगिरह के इस अवसर पर हमने दुनिया की सबसे उन्नत रिस्टोरेशन तकनीक का प्रयोग किया है। पुराने नेगेटिव को स्कैन करके हर फ्रेम को सहेजा गया है। RD बर्मन का बैकग्राउंड स्कोर भी दोबारा मिक्स किया गया है।’

    फिल्म की लोकप्रियता और टिकट बुकिंग

    इससे पहले, ‘शोले’ को 2005 में 30 साल पूरे होने पर री-रिलीज किया गया था, और 2014 में इसका 3D वर्जन आया। अब, 50वीं वर्षगांठ पर ‘द फाइनल कट’ को प्रशंसक एक शानदार उपहार मान रहे हैं। टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है और कई मल्टीप्लेक्स में पहले दिन के शो हाउसफुल हो गए हैं। जय और वीरू की केमिस्ट्री, अमजद खान का गब्बर और हेमा मालिनी की बसंती अब भी पूरी ताकत के साथ दर्शकों को लुभा रही है।