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  • अतीक-अशरफ  की हत्या के बाद प्रयागराज की सड़कों पर छाई वीरानी, दुकानें बंद

    अतीक-अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज की सड़कों पर छाई वीरानी, दुकानें बंद

    पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू, प्रयागराज में इंटरनेट बंद
    प्रयागराज। कल देर रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद आज सुबह से यूपी हाई अलर्ट पर है। प्रदेश के सभी जिलों में धारा 144 लागू की गयी है। प्रयागराज में इंटरनेज बंद है और सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। वहां की सभी बाजार बंद है और सड़कों पर वीरानी छायी है। थोड़ी-थोड़ी देर में पुलिस की गाड़ी की सायरन सड़कों पर छायी वीरानी को तोड़ रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी समेत वरिष्ठ अफसरों को प्रयागराज जाने के निर्देश दिये हैं। सीएम ने राज्य के सभी जिलों से हर 2 घंटे पर लॉ एंड आर्डर सिचुएशन पर अपडेट मांगा है। सीएम के सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिये गये हैं।


    कड़ी सुरक्षा में हुआ शवों का पोस्टमार्टम
    कड़ी सुरक्षा के बीच अतीक अहमद और अशरफ के शवों का आज पोस्टमार्टम कराया गया। मोर्चरी में 5 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। मजिस्ट्रेट के सामने इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी हुई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उन्हें प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जा सकता है। अतीक-अशरफ हत्याकांड की जांच 3 सदस्यीय न्यायिक आयोग करेगी।

  • अतीक-अशरफ के कातिलों का है पुराना क्राइम रिकॉर्ड

    अतीक-अशरफ के कातिलों का है पुराना क्राइम रिकॉर्ड


    मीडियाकर्मी बनकर आये थे हमलावर

    प्रयागराज। गांडीव रिपोर्टर
    माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों अपराधियों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। मीडियाकर्मी बनकर घटनास्थल पर पहुंचे ये तीनों यूपी के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। अतीक हत्याकांड में शामिल सनी हमीरपुर, अरुण उर्फ कालिया कासगंज और लवलेश तिवारी बांदा जिले का रहने वाला है। इन तीनों हमलावरों की माली हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके पास टर्की मेड महंगी जिगाला पिस्टल कहां से आ गयी। यह पिस्टल इंडिया में बैन है।


    सनी सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज है 15 केस: सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है। वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281ए है। उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं। उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है। सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है। सनी के तीन भाई थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा भाई पिंटू घर पर रहता है और चाय की दुकान चलाता है। भाई ने बताया कि वह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं, वो बचपन में ही घर से भाग गया था।

  • अतीक-अशरफ की हत्या के बाद UP में हाई अलर्ट

    अतीक-अशरफ की हत्या के बाद UP में हाई अलर्ट

    प्रयागराज के काल्विन हॉस्पिटल में जांच कराने के दौरान माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों को पांच दिनों की रिमांड पर लाया गया था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही थी। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के पास दोनों की हत्या कर दी गई।

    लवलेश का हमसे लेना-देना नहीं था-पिता

    हत्याकांड के शूटर लवलेश तिवारी के पिता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि लवलेश का हमसे लेना-देना नहीं था। पांच से छह दिन पहले लवलेश बांदा स्थित घर आया था। पहले भी वो कभी-कभी घर आता था। पहले भी वो एक मामले में जेल गया था। लवलेश नशा करता है।

    मायावती ने उठाए हत्याकांड पर सवाल

    मायावती ने कहा कि देश भर में चर्चित इस अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय घटना का माननीय सुप्रीम कोर्ट अगर स्वंय ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो बेहतर। वैसे भी उत्तर प्रदेश में ’’कानून द्वारा कानून के राज’’ के बजाय, अब इसका इण्काउण्टर प्रदेश बन जाना कितना उचित? सोचने की बात।

    यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह-मायावती

    अतीक और अशरफ की हत्या पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सवाल खड़े गए हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि गुजरात जेल से अतीक अहमद और बरेली जेल से लाए गए उनके भाई अशरफ की प्रयागराज में कल रात पुलिस हिरासत में ही खुलेआम गोली मारकर हत्या हुई, उमेश पाल जघन्य हत्याकांड की तरह ही, यूपी सरकार की कानून-व्यवस्था व उसकी कार्यप्रणाली पर अनेकों गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है।

    अतीक और अशरफ हत्याकांड में परिवार की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा

    सूत्रों के हवाले से खबर है कि अतीक और अशरफ हत्याकांड में परिवार की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दोनों भाइयों की हत्या करने वाले आरोपियों के पुलिस पूछताछ कर रही है। अशरफ और अतीक हत्याकांड की न्यायिक जांच होगी।

    घटना को लेकर अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा का बयान

    इस हत्याकांड के समय अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा भी मौके पर मौजूद थे। घटना के संबंध में उन्होंने कहा कि पुलिस अतीक और अशरफ को चिकित्सा जांच के लिए ले जा रही थी। जैसे ही हम अस्पताल परिसर में दाखिल हुए तो गोलियों की आवाजें सुनाई दीं।

  • बिग ब्रेकिंग : अतीक अहमद और अशरफ की हत्या

    बिग ब्रेकिंग : अतीक अहमद और अशरफ की हत्या

    प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है.

    अतीक अहमद को मेडिकल के लिए ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर हमला हुआ है. पुलिस की गाड़ियों पर फायरिंग की गई है. इस हमले में अतीक और अशरफ की मौत हो गई है. मेडिकल कॉलेज के पास अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की गई है. जिस वक्त ये हमला हुआ उस वक्त दोनों को जांच के लिए ले जाया जा रहा था. दोनों के शवों को मेडकल कॉलेज के अंदर ले जाया गया है. मौके पर जय श्रीराम के नारे जरूर सुने गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

    जानकारी के मुताबिक प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसका नाम मान सिंह है. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

    इस दौरान हैरान करने वाली बात यह रही कि सभी हमलावरों ने मौके से भागने का प्रयास नहीं किया, बल्कि जय श्रीराम के नारे लगाते हुए पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सूचना मिलते ही भारी पुलिसबल भी मौके पर पहुंचा है. पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर दी है. बता दें कि इससे पहले गुरुवार को यूपी के झांसी में यूपी एसटीएफ (UP STF) ने अतीक अहमद के बेटे असद (Asad) का एनकाउंटर कर दिया था. इसी के साथ शूटर गुलाम को भी ढेर किया गया था. एसटीएफ की टीम पिछले डेढ़ महीने से असद अहमद और गुलाम को ट्रेस कर रही थी. यह एनकाउंटर यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की अगुवाई में हुआ था. असद पर पांच लाख का इनाम था. Asad और शूटर मो. गुलाम के पास से एक ब्रिटिश Bull Dog Revolver और Walhther Pistol बरामद की गई थी.

  • बेटे असद के जनाजे में अतीक का शामिल हो पाना मुश्किल

    बेटे असद के जनाजे में अतीक का शामिल हो पाना मुश्किल

    अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का गुरुवार की दोपहर यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया. एसटीएफ की झांसी के पारीछा डैम के पास असद और गुलाम से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों मारे गए. उमेश पाल मर्डर केस में ही दोनों वांछित अपराधी थे, जिनके ऊपर यूपी पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.

    अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का गुरुवार की दोपहर यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया. एसटीएफ की झांसी के पारीछा डैम के पास असद और गुलाम से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों मारे गए. उमेश पाल मर्डर केस में ही दोनों वांछित अपराधी थे, जिनके ऊपर यूपी पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था. उमेश पाल 2005 में हुए राजू पाल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे.

    उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. माना जा रहा है कि असद के शव को देखने के लिए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पहुंच सकती हैं. ऐसे में उसके सरेंडर की भी चर्चा है. शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है. शाइस्ता वेश बदलकर जनाजे में शामिल हो सकती है. पुलिस ने शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए तैयारी कर ली है. उस पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में तैनात करने की तैयारी है. उधर, अतीक अहमद ने पुलिस को दिए बयान में मान लिया है कि उसने ही जेल से उमेश पाल के हत्याकांड की साजिश रची थी.

    असद का शव अतीक के पुस्तैनी घर में रखा जाएगा

    असद के शव को अतीक के पुस्तैनी घर के आगे कसारी-मसारी के कब्रिस्तान और गुलाम को तेलियरगंज के कब्रिस्तान में भारी सुरक्षा के बीच सुपुर्दे खाक कर दिया जाएगा. असद के शव को पहले घर पर रखा जाएगा उसके बाद उसका जनाज़ा भारी भीड़ के साथ कसारी मसारी के कब्रिस्तान ले जाया जाएगा. इस कब्रिस्तान में अतीक के पिता हाजी फ़िरोज़ अहमद और उसकी मां की भी कब्र है. उसी कब्र के नज़दीक असद के शव को दफन किया जाएगा. लोगों की भीड़ इकट्ठा ना हो इसके लिए चकिया इलाके के आसपास और कब्रिस्तान के नजदीक बैरिकेडिंग की गई है.

    पुलिस ने रात में ही शुरू की बैरिकेडिंग

    अतीक अहमद के बेटे असद और गुलाम के शवों को भारी सुरक्षा के बीच झांसी से प्रयागराज रवाना किया गया. करीब 25 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में असद और गुलाम के शव को प्रयागराज लाया जा रहा है. आज प्रयागराज में धूमनगंज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में असद को दफन किया जाएगा. पुलिस ने चकिया तिराहे से कब्रिस्तान तक बैरिकेडिंग के लिए रात से ही तैयारी शुरू कर दी थी. इन तैयारियों के बावजूद असद के जनाजे में अतीक के शामिल होने पर सस्पेंस अभी भी बना है. अतीक ने इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी है जिसपर आज सुनवाई है.

    अतीक की याचिका पर आज होगी सुनवाई

    अतीक अहमद ने असद के जनाजे में शामिल होने के लिए अतीक की अर्जी पर कोर्ट में आज सुनवाई होगी. अतीक ने पिता के रूप में असद के जनाजे में शामिल होने के लिए अर्जी दी है. अतीक के वकीलों ने बताया कि 14 अप्रैल को अवकाश होने की वजह से बेंच को इस मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं था. इसलिए आज इस पर सुनवाई होगी. वकीलों की ओर से बताया गया कि जब अतीक के पिता फिरोज अहमद की मौत हुई थी, उस समय भी अतीक जेल में ही बंद था और उन्हें पिता के जनाजे में शामिल होने के लिए अनुमति दी गई थी.

    असद का शव देखने पहुंच सकती है अतीक की पत्नी

    पुलिस को इनपुट मिले हैं कि असद के शव को देखने के लिए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पहुंच सकती हैं. ऐसे में उसके सरेंडर की भी चर्चा है. शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है. शाइस्ता वेश बदलकर जनाजे में शामिल हो सकती है. पुलिस ने शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए तैयारी कर ली है. उस पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में तैनात करने की तैयारी है. उधर, अतीक अहमद ने पुलिस को दिए बयान में मान लिया है कि उसने ही जेल से उमेश पाल के हत्याकांड की साजिश रची थी.

    देर रात प्रयागराज से शव रवाना किए गए

    पोस्टमार्टम के 24 घंटे बाद आज रात करीब डेढ़ बजे झांसी से दोनों की बॉडी प्रयागराज लाया जा रहा है. दो वाहनों में असद और गुलाम की बॉडी को ले जाया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की गाड़ियां भी शव वाहन के साथ चल रही हैं. असद और शूटर गुलाम के शव परिजनों के बजाय रिश्तेदारों को सौंपे गए हैं. पुलिस का कहना है कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

    असद और गुलाम के शव परिजनों को सौंपे गए

    माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके गुलाम की बॉडी को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है. जानकारी के मुताबिक दोनों की बॉडी को प्रयागराज ले जाया जा रहा है. प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में मौजूद कब्रिस्तान में अतीक के बेटे असद की कब्र खोदी गई है. अतीक के माता-पिता की कब्र के पास ही बेटे असद को भी दफनाया जाएगा.

  • ‘अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया…’ : अतीक का भाई अशरफ

    ‘अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया…’ : अतीक का भाई अशरफ

    माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस दोनों को अलग-अलग में गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. इस दौरान असद के एनकाउंटर के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया.

    उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया.

    इस दौरान एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया. मेडिकल जांच के बाद यहां से पुलिस दोनों को एक ही गाड़ी बैठाकर धूमनगंज थाने वापस ले गई. यहां असद को लेकर मीडिया द्वारा किए गए सवाल पर अशरफ ने जवाब दिया. उसने कहा कि वो अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया. इस दौरान उसके चेहरे पर भतीजे असद को खोने का गम साफ दिखाई दे रहा था.

    उधर, अतीक के मददगारों पर पुलिस तेजी से शिकंजा कस रही है. ये बात सामने आई है कि फतेहपुर में माफिया अतीक के करीबियों के यहां छापेमारी भी चल रही है. उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए असलहों के संबंध में फतेहपुर के पनी और चौधराना इलाके के दर्जनों घरों में कार्रवाई जारी है. माफिया अतीक के तीन करीबियों को हिरासत में भी लिया गया है, जिनसे पुलिस असलहों के बारे में जानकारी जुटा रही है. सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अतीक के करीबियों से पुलिस माफिया और उसके भाई से सामना कराएगी.

  • अतीक अहमद और अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में कहां ले जा रही है यूपी पुलिस ?

    अतीक अहमद और अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में कहां ले जा रही है यूपी पुलिस ?

    दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ी में बैठाया गया.

    उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी यूपी पुलिस अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ को कौशांबी लेकर पहुंची है. ये पूरी कार्रवाई उमेश पाल मर्डर केस में हो रही है. दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ी में बैठाया गया था. प्रयागराज पुलिस दोनों को कौशांबी के पुरामुफ्ती थाने लेकर आई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक के शार्प शूटर अब्दुल कवि के ठिकानों से भी पुलिस को काफी हथियार मिले थे. अब्दुल कौशांबी का ही रहने वाला है. विधायक राजूपाल हत्याकांड में वांटेड अब्दुल कवि ने 5 अप्रैल को CBI कोर्ट में सरेंडर किया था.

    खबर है कि अतीक अहमद और उसके भाई को पुलिस फतेहपुर भी लेकर जा सकती है. इंडिया टुडे से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी पुलिस ने फतेहपुर में अतीक अहमद के करीबियों के यहां छापेमारी की है. ये छापेमारी उमेश पाल मर्डर में इस्तेमाल हथियारों की खोजबीन के लिए की गई है. 13 अप्रैल को प्रयागराज कोर्ट ने अतीक और उसके भाई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. पुलिस दोनों से उमेश पाल हत्याकांड को लेकर पूछताछ करने वाली है.

    यूपी पुलिस ने फतेहपुर में अतीक के तीन करीबियों को भी हिरासत में लिया है. पुलिस ने फतेहपुर के पनी और चौधराना इलाके में कई घरों में छापेमारी की है. सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए तीन लोगों को अतीक और अशरफ के सामने लाया जाएगा. फिर पूछताछ की जाएगी.

    26 अप्रैल तक यूपी में रहेगा अतीक

    उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा हो चुकी है. 28 मार्च को कोर्ट ने अतीक के भाई अशरफ अहमद सहित सात आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया है. 13 अप्रैल को उमेश पाल हत्याकांड केस में कोर्ट में उसे पेश किया गया था. साथ ही उसके भाई खालिद आजिम उर्फ अशरफ की भी पेशी थी. मर्डर केस में अशरफ सहित अतीक के परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं. 13 अप्रैल को ही अतीक के बेटे असद अहमद की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. यूपी पुलिस ने दावा किया कि झांसी में असद और उसके सहयोगी गुलाम को एनकाउंटर में मार दिया गया. 24 फरवरी से यूपी पुलिस असद की तलाश कर रही थी.

    अतीक और अशरफ को 26 अप्रैल तक प्रयागराज की नैनी जेल में रखा जाएगा. रिमांड खत्म होने के बाद अशरफ को बरेली जेल में और अतीक को साबरमती जेल में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा.

  • कोर्ट से निकलते वक्त वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    कोर्ट से निकलते वक्त वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    माफिया अतीक के लिए आज का दिन बेहद मुश्किलों भरा रहा, एक तरफ यूपी एसटीएफ ने उसके बेटे और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया, दूसरी तरफ कोर्ट ने उसकी सात दिनों की रिमांड भी मंजूर कर दी। जिस प्रयागराज में कभी अतीक के नाम का सिक्का चला करता था, आज जब वह कोर्ट में सुनवाई के बाद निकला तो उसके ऊपर जूते चप्पल और बोतलें फेंकी गईं। पिछले दिनों पुलिस टीम ने अदालत से जारी बी वारंट को जेल में तामील कराया था।

    जालौन में गुड्डू मुस्लिम के घर की घेराबंदी

    एसटीएफ की एक टीम ने जालौन में गुड्डू बमबाज के घर की घेराबंदी कर रखी है।

    सीएम योगी ने की STF की तारीफ

    पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी के एनकाउंटर के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक की। CM योगी ने यूपी STF के साथ ही DGP, स्पेशल DG लॉ एंड ऑर्डर और पूरी टीम की तारीफ की। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने मुठभेड़ की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस पूरे मामले पर CM के सामने रिपोर्ट रखी गई है।

    वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    माफिया अतीक अहमद पर कोर्ट के बाहर वकीलों ने जूतें फेंके, साथ ही नारेबाजी की।

    बेटे के एनकाउंटर की खबर सुनकर बेहोश हुआ माफिया

    कोर्ट में बेटे असद के एनकाउंटर की खबर सुनकर माफिया अतीक अहमद बेहोश हो गया।

    यूपी के डिप्टी सीएम ने STF को दी बधाई

    सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी STF को बधाई देते हुए कहा- यूपी STF को बधाई देता हूँ, श्री उमेश पाल एडवोकेट और पुलिस के जवानों के हत्यारों को यही हश्र होना था!

  • बेटे के एनकाउंटर की खबर सुन कोर्ट में फूट-फूटकर रोया अतीक अहमद

    बेटे के एनकाउंटर की खबर सुन कोर्ट में फूट-फूटकर रोया अतीक अहमद

    यूपी एसटीएफ ने अतीक अहमद के बेटे असद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. झांसी में असद के साथ शूटर गुलाम भी एनकाउंटर में मारा गया. जब कोर्ट में पेशी के दौैरान अतीक को इसकी खबर मिली तो फूट-फूटकर रोने लगा. एनकाउंटर की खबर सुनकर अशरफ भी हैरान रह गया.

    यूपी एसटीएफ ने अतीक अहमद के बेटे असद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. झांसी में असद के साथ शूटर गुलाम भी एनकाउंटर में मारा गया है. प्रयागराज कोर्ट में अतीक अहमद की पेशी के दौरान जब उसको असद के एनकाउंटर की खबर मिली तो कोर्ट में ही फूट-फूटकर रो दिया. इसके अलावा अशरफ भी हैरान रह गया. उमेश पाल हत्याकांड में शूटर असद और गुलाम दोनों ही फरार चल रहे थे. यूपी पुलिस की ओर से दोनों के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम रखा गया था. झांसी में यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की नेतृत्व में हुए एनकाउंटर में दोनों को ढेर कर दिया गया है. दोनों के पास से आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं.

    पारीछा डैम इलाके में छिपे हुए थे दोनों

    बताया जा रहा है कि असद और मोहम्मद गुलाम झांसी में पारीछा डैम के पास छिपे हुए थे. पारीछा डैम झांसी में बड़ा गांव और चिरगांव थाना क्षेत्र के बीच में है. इसी इलाके में दोनों छिपकर बैठे हुए थे. पुलिस टीम अभी भी इलाके में कॉम्बिंग कर रही है. यूपी एसटीएफ ने झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में एनकाउंटर किया है. यह जगह कानपुर-झांसी हाईवे पर स्थित है. झांसी से कानपुर की ओर 30 किलोमीटर पहले लोकेशन पर एसटीएफ ने असद और गुलाम को मार गिराया.

    डिप्टी सीएम बोले- यही हश्र होना था

    वहीं असद के एनकाउंटर की खबर सुनकर प्रयागराज के उमेश पाल में खुशी का माहौल है. उमेश की मां ने उमेश को न्याय दिलाने के लिए सीएम योगी को धन्यवाद भी दिया. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एसटीएम को बधाई दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उमेश पाल एडवोकेट और पुलिस के जवानों के हत्यारों का यही हश्र होना था.

    उमेश मर्डर केस में ही थी अतीक की पेशी

    उमेश पाल हत्याकांड में ही आज अतीक अहमद और अशरफ को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट में लाने से पहले अतीक की तबीयत भी खराब हो गई थी. बताया गया कि अतीक का बीपी हाई था. अतीक को गुजरात की साबरमती जेल से बुधवार को ही यूपी लाया गया और अशरफ को बरेली जेल से प्रयागराज लाया गया है. यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा कि असद और गुलाम को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन इन्होंने STF की टीम पर फायर किया, उसके बाद एनकाउंटर में मार गिराया गया.

    24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या

    गौरतलब है कि 24 फरवरी को प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड में मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल जब अपने घर जा रहे थे, तभी गली के बाहर कार से निकलते वक्त उन पर फायरिंग हुई थी. इस दौरान बम भी फेंके गए थे. इस हमले में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर्स की मौत हो गई थी.

    मिट्टी में मिल चुका हूं: अतीक

    बता दें कि साबरमती से प्रयागराज लाते वक्त अतीक अहमद ने कहा था कि वह मिट्टी में मिल चुका है. वह अब रगड़ा जा रहा है. इस दौरान उसने अपनी पत्नी और बच्चों को परेशान नहीं करने की गुहार लगाई थी.