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  • आज सुप्रीम कोर्ट में होगी हल्द्वानी मामले की सुनवाई

    आज सुप्रीम कोर्ट में होगी हल्द्वानी मामले की सुनवाई

    एक और शाहीनबाग…

    गफूर बस्ती के 5000 लोगों का भाग्य आज होगा तय

    गांडीव स्पेशल

    दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर बसा गफूर बस्ती का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। बस्ती के प्रभावित 5000 परिवारों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बस्ती को उजाड़ने से बचाने की गुहार लगाई है। इस याचिका पर आज गुरुवार को सुनवाई होनी है, जिसमें इन 5000 परिवारों के भाग्य का फैसला होना है।

    उत्तराखंड हाइकोर्ट के फैसले पर उजाड़ी जा रही है बस्ती

    ज्ञात हो कि उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर वर्षों से अतिक्रमण कर हजारों लोग रह रहे हैं। रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाल ही में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए।

    इस ठंड में मैं कहां जाऊंगी ?
    सड़कों पर बिलख रहे हैं लोग।

    शाहीनबाग की तरह हो रहा है जोरदार विरोध प्रदर्शन

    दिल्ली में शाहीनबाग बस्ती को उजाड़े जाने के विरोध में लंबे समय तक एक धर्म विशेष के लोगों ने जिस तरह से प्रदर्शन किया था, धरना दिया था, वही हालात वर्तमान में हल्द्वानी के गफूर बस्ती में दिख रहा है। एक वर्ग विशेष के लोग प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। जोरदार प्रदर्शन हो रहा है। अब सारा मामला सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई पर टिका हुआ है।

    विरोध प्रदर्शन में बच्चे भी है शामिल।
    कैंडल मार्च निकालकर कर रहे हैं विरोध।
    शाहीन बाग की तरह धरने पर बैठी है महिलाएं।
  • सड़क चौड़ीकरण को लेकर रातू रोड के कई दुकानों और मकानों पर चला बुलडोजर


    एनएचएआई ने जमीन अधिग्रहण कर मालिकों को दे चुका है मुआवजा व नोटिस

    रांची। सड़क चौड़ीकरण को लेकर आज रातू रोड में कई दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चला। आज पिस्का मोड़ के समीप जिन दुकानों और मकानों को ध्वस्त किया गया। उन्हें एनएचएआई की ओर से पहले ही मुआवजा दिया जा चुका है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से रांची-लोहरदगा रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसके लिए सड़क के बगल की जमीन अधिग्रहण की गई है। जिसके एवज में जमीन मालिकों को मुआवजे का भूगतान भी कर दिया गया है। मुआवजा मिलने के बावजूद बहुत से दुकानदार और मकान मालिक अधिग्रहित भूमि नहीं छोड़ रहे थे। जिस कारण आज यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के कार्य में तेजी लायी गई है। जिस कारण अब अधिग्रहित भूमि को साफ करने का काम किया जा रहा है।

    पहले ही दी जा चुकी है नोटिस
    आज जितने भी दुकान और मकानों का अगला हिस्सा तोड़ा गया है। उन्हें एनएचएआई की ओर से पहले ही अधिग्रहित भूमि खाली करने का नोटिस दिया गया था। नोटिस मिलने के बाद भी लंबे समय तक ली गई जमीन मालिकों ने खाली नहीं की। जिस कारण आज विभाग की ओर से जेसीबी लगाकर तोड़ा गया।

    तोड़फोड़ शुरू होते ही मची अफरा तफरी
    आज सुबह रातू रोड में पिस्का मोड़ के आगे जैसे ही जेसीबी से दुकानों और मकानों को तोड़ना शुरू हुआ। पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई। सड़क से गुजर रहे लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि क्यो तोड़फोड़ किया जा रहा है। तोड़फोड़ की कार्रवाई को देखने के लिए सड़क से गुजर रहे लोग रूककर जमा हो गए। जिस कारण कुछ देर के लिए सड़क जाम की स्थिति बन गई।

    नापी से अधिक एरिया टूटने पर शोर शराबा
    अधिग्रहित जमीन लेने के क्रम में जेसीबी से मार्क की हुई स्थान तक ही तोड़ा जा रहा था। इस बीच यदि मार्किंग की हुई जगह से एक-दो फीट भी अधिक टूट जाता था, तो लोग हंगामा और शोर शराबा करने लगते थे। अधिकारियों से तुरंत बनाने की मांग करते थे। अधिकारियों ने समझाया कि मार्किंग से अधिक जगह पर टूट फूट होने पर मरम्मत कर दिया जाएगा। तब लोग शांत हुए।