टैग: BAFTA

  • BAFTA पुरस्कार विजेता मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ की री-रिलीज तारीख घोषित

    BAFTA पुरस्कार विजेता मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ की री-रिलीज तारीख घोषित

    मुंबई:  BAFTA अवॉर्ड की विजेता मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ एक बार फिर दर्शकों के बीच जाएगी। फरहान अख्तर ने इसकी री-रिलीज की तिथि की घोषणा की है, जिससे दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह फिल्म बेस्ट चिल्ड्रेंस और फैमिली फिल्म श्रेणी में BAFTA अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन कर चुकी है।

    फिल्म ‘बूंग’ फिर से सिनेमाघरों में

    ‘बूंग’ भारत की पहली फिल्म है, जिसने BAFTA में यह सम्मान प्राप्त किया। 79वें BAFTA अवॉर्ड्स में, 22 फरवरी 2026 को लंदन में, इसने महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धा में, जैसे कि Lilo & Stitch, Zootopia 2 (या Zootropolis 2) और फ्रेंच एनिमेटेड फिल्म Arco, को पछाड़ते हुए जीत हासिल की।

    फिल्म की कहानी मणिपुर में रहने वाले एक छोटे बच्चे और उसकी एकल माता के चारों ओर घूमती है, जो अपने पिता की अचानक गुमशुदगी से जूझ रहे हैं। यह फिल्म निर्दोषता, परिवार के प्यार, साहस और उम्मीद की सुंदर कहानी पेश करती है, जो सभी आयु के दर्शकों के लिए विशेष है। लक्ष्मीप्रिया देवी द्वारा निर्देशित यह डेब्यू फिल्म, फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित है।

    ‘अनुत्कर्षता, प्यार और साहस की यात्रा’

    इस फिल्म की सीमित रिलीज पहले सितंबर 2025 में कुछ खास सिनेमाघरों (मुख्यतः PVR Inox में) में की गई थी, लेकिन BAFTA जीत के बाद इसे पूरे भारत में व्यापक रिलीज मिल रही है। फरहान अखhtar ने सोशल मीडिया पर इस फिल्म के नए पोस्टर के साथ लिखा, ‘अनुत्कर्षता, प्यार और साहस की यात्रा। भारत की पहली BAFTA पुरस्कार विजेता फिल्म 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में देखी जा सकेगी।’ यह घोषणा 27 फरवरी 2026 को की गई थी और अब दर्शक 6 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    BAFTA जीत ने न केवल मणिपुरी और पूर्वोत्तर सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई है, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं की कहानियों को मुख्यधारा में लाने का एक बड़ा अवसर भी प्रदान किया है। ‘बूंग’ का यह री-रिलीज वर्जन अधिक स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा, जिससे अधिक दर्शक इस दिल छू लेने वाली कहानी का आनंद ले सकेंगे।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद अनबन पर दिया स्पष्टीकरण

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद अनबन पर दिया स्पष्टीकरण

    धर्मेंद्र के निधन पर हेमा मालिनी का भावनात्मक बयान

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने उनके परिवार और प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र को लंदन में आयोजित 79वें BAFTA Awards में मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जहां उनके साथ वैल किल्मर, रॉबर्ट डुवैल, रॉब रेनर और Tom Stoppard जैसे अंतरराष्ट्रीय-icons का भी नाम शामिल था।

    हेमा मालिनी की भावनाएँ

    इस अवसर पर हेमा मालिनी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में अपनी भावनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा, “यह पल बेहद खास था और धर्मेंद्र इसके हकदार थे। वह केवल एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक इंसान भी थे।” हेमा ने आगे कहा, “उन जैसा कोई और नहीं होगा। हमें BAFTA अवॉर्ड मिलने पर गर्व और खुशी महसूस हो रही है।”

    परिवार में एकता की बात

    हेमा ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी आधी जिंदगी धर्मेंद्र के साथ बीती और वह उनके जीवन के साथी थे। “हमने जो अनुभव साझा किए, वे दर्शकों के लिए हमेशा यादगार रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धर्मेंद्र के साथ काम करते थे, वे उनके यादों को संजोए हुए हैं और लगातार परिवार से मिलते रहते हैं।

    बच्चों के बीच की स्थिति

    हाल ही में सनी देओल और बॉबी देओल के बीच अनबन की चर्चाएँ थीं। लेकिन ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर ईशा और अहाना ने अपने भाई सनी का समर्थन किया, जिससे इन अफवाहों पर विराम लगा। हेमा ने स्पष्ट किया, “पापा के लिए हम सब कुछ करेंगे। परिवार में कोई नकारात्मकता नहीं है।”

    धर्मेंद्र का प्यार और समर्थन

    हेमा ने साथ ही यह बताया कि धर्मेंद्र ने उन्हें हाल ही में एक फिल्म देखने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं जा सकीं। उन्होंने धर्मेंद्र के प्रति अपने प्रेम को याद करते हुए कहा, “धरमजी प्यार, ताकत और मानवीय मूल्यों का प्रतीक थे।” उन्होंने यह भी कहा, “हम इन पलों को सार्वजनिक रूप से क्यों दिखाएं? लोगों को समझना चाहिए कि हम सभी ठीक हैं।”

    अभिनय के प्रति प्रतिबद्धता

    फिल्म और अभिनय के प्रति अपनी सोच पर बात करते हुए हेमा ने कहा कि यदि अच्छा रोल मिलता है, तो वह काम करेंगी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हमेशा चाहते थे कि वह नृत्य करती रहें और शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहें। धर्मेंद्र को पारंपरिक भारतीय कलाओं को बनाए रखने का गर्व था, और हेमा ने इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

    इस प्रकार, हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के BAFTA सम्मान पर अपनी भावनाएं साझा करने के साथ-साथ परिवार में एकता बनाए रखने का भरोसा भी दिया है।