बीसीसीआई का नया सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: खिलाड़ियों की ग्रेडिंग पर विवाद
नई दिल्ली। T20 वर्ल्ड कप के दौरान बीसीसीआई ने अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची जारी की, जिसमें कई खिलाड़ियों के ग्रेड में बदलाव करने का फैसला किया गया। इस घोषणा से क्रिकेट जगत में हलचले मच गई हैं, खासकर A+ कैटेगरी को समाप्त करने और कई प्रमुख खिलाड़ियों को निम्न ग्रेड में रखने के निर्णय पर। यह सवाल उठ रहा है कि क्या कुछ खिलाड़ियों के साथ अन्याय हुआ है?
ग्रेड-A में शामिल खिलाड़ी
नए कॉन्ट्रैक्ट में ग्रेड-A में **शुभमन गिल**, **जस्प्रीत बुमराह** और **रवींद्र जडेजा** का नाम शामिल किया गया है। गिल, जो टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई है। वहीं बुमराह और जडेजा को भारतीय क्रिकेट की मजबूत आधारशिला माना जाता है। लेकिन इसी बीच कुछ सवाल भी उठने लगे हैं।
ग्रेड-B में विवादित नाम
बात करें ग्रेड-B की, तो इसमें **हार्दिक पांड्या**, **केएल राहुल** और **कुलदीप यादव** जैसे प्रसिद्ध खिलाड़ियों का नाम है। केएल राहुल ने कई बार दबाव में टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं, वहीं कुलदीप यादव तीनों फॉर्मेट में प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं। उनके ग्रेड-B में रहना पूर्व खिलाड़ियों और फैंस के लिए हैरानी का विषय बना हुआ है।
अक्षर पटेल और अन्य संभावनाएँ
विशेष रूप से **अक्षर पटेल** पर चर्चा हो रही है। उन्होंने तीनों फॉर्मेट में खेला है और टी20 टीम के उप-कप्तान रह चुके हैं, फिर भी उन्हें ग्रेड-C में रखा गया है। इसी तरह, **अर्शदीप सिंह**, जो T20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा थे और अब वनडे में भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, को भी ग्रेड-C में रखा गया है।
पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
पूर्व क्रिकेटर **आकाश चोपड़ा** ने इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इतने अच्छे प्रदर्शन के बाद भी अक्षर पटेल को ग्रेड-C मिलना आश्चर्यचकित करता है। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि ग्रेड-A में जडेजा और गिल के होने पर हार्दिक, राहुल और कुलदीप को क्यों नहीं रखा गया।
बीसीसीआई की इस सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सूची ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और उनके ग्रेडिंग के मानदंडों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड इन आलोचनाओं का क्या जवाब देता है।
