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  • रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन पर बीजेपी ने उठाए सवाल

    झारखंड में बजट के केवल 85% खर्च होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के नेता प्रतुल शाह देव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शेष 15% बजट का खर्च न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

    प्रतुल शाह देव का बयान

    प्रतुल शाह देव ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आवंटित धन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च नहीं होता है, तो यह दर्शाता है कि सरकार अपने दायित्वों को निभाने में असमर्थ है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताया और सरकार से इस विषय पर स्पष्टता की मांग की।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    हालांकि, राज्य सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि बजट का खर्च समय-समय पर किया जाता है और कुछ योजनाओं के लिए धन की आवश्यकता के अनुसार खर्च किया जाना आवश्यक होता है। सरकार ने दावे किए हैं कि कई योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया है, जो भविष्य में खर्च किया जाएगा।

    भविष्य की योजनाएँ

    राज्य सरकार ने यह भी बताया कि वे विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

  • झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड में आयोगों और निगमों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज

    रांची: झारखंड राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े बोर्ड, निगम और आयोगों के पदों को भरने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे के बाद सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के नामों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक में इन पदों के लिए नामों पर सहमति बनी है, और प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा चुका है। अब उनकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

    राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलें

    राज्य सूचना आयोग में सुनवाई का कार्य 8 मई 2020 से ठप पड़ा हुआ है, जब तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इस कारण आयोग में 5000 से अधिक अपीलें लंबित हैं, जो जल्द निपटने की आवश्यकता है।

    लोकायुक्त का पद रिक्त

    इसी तरह, लोकायुक्त का पद भी जून 2021 से खाली है, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का निधन हुआ। इन पदों की नियुक्ति के बाद इन संस्थानों में कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य में महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सहित 40 से अधिक अन्य पद भी रिक्त पड़े हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस विषय पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार बिना हाईकोर्ट के निर्देश के कोई कदम नहीं उठाती। वहीं, कांग्रेस ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया है कि सभी आयोगों का गठन जल्द ही किया जाएगा।

  • पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने BJP जॉइन किया, 2036 ओलंपिक्स की जिम्मेदारी मिली

    पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने BJP जॉइन किया, 2036 ओलंपिक्स की जिम्मेदारी मिली

    पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने हाल ही में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें युवाओं और खेल के क्षेत्र में काम करने का स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान किया है। पेस ने बताया कि उन्हें 2036 ओलंपिक खेलों के लिए भारत की दावेदारी से संबंधित जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    ओलंपिक की मेज़बानी के लिए प्रतिबद्धता

    पेस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका लक्ष्य एक सशक्त टीम के साथ मिलकर भारत को 2036 ओलंपिक की मेज़बानी दिलाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत ओलंपिक की मेज़बानी करता है, तो इससे देश की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिलेगी और खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा।

    राष्ट्रमंडल खेलों में योगदान की इच्छा

    लिएंडर पेस ने आगे कहा कि वह 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी में भी योगदान देने की इच्छा रखते हैं, विशेष रूप से अहमदाबाद में होने वाले संभावित आयोजन के लिए। इसके साथ ही, उन्होंने अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाओं को सुधारने पर जोर दिया।

    बंगाली पहचान और खेल के प्रति जुनून

    अपने आपको ‘बंगाली बॉय’ बताते हुए, पेस ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इनडोर टेनिस स्टेडियम और अन्य खेल सुविधाओं की कमी है। उनका सपना है कि आने वाले 20 वर्षों में वे देश के 25 करोड़ बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं और उन्हें खेलों से जोड़ें।

    मजबूत खेल संस्कृति की आवश्यकता

    पेस ने भारत को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत खेल संस्कृति अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे आर्थिक रूप से मजबूत देश ओलंपिक में सबसे अधिक पदक जीतते हैं।

    पेस के अनुसार, भारत को खेलों के बुनियादी ढांचे, ट्रेनिंग और जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों की तैयारी में निवेश करना होगा। उनका मानना है कि खेल और खेल शिक्षा भारत को एक नई दिशा में ले जा सकते हैं, और युवा खिलाड़ियों का विकास देश के ओलंपिक सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • झारखंड भाजपा 6 अप्रैल को 47वां स्थापना दिवस मनाने की तैयारी में, जानें विवरण।

    झारखंड भाजपा 6 अप्रैल को 47वां स्थापना दिवस मनाने की तैयारी में, जानें विवरण।

    रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड में 6 अप्रैल को अपना 47वां स्थापना दिवस मनाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तिथिवार विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है और सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक वैकल्पिक राजनीतिक दल है जो राष्ट्रनीति के सिद्धांतों पर काम करती है। उन्होंने पार्टी की यात्रा को भारतीय जनसंघ से लेकर आज के विशाल संगठन तक की उपलब्धियों के साथ जोड़ा और कार्यकर्ताओं के त्याग तथा समर्पण को इसकी नींव बताया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा में वृद्धि का उल्लेख किया गया।

    5 अप्रैल को स्वच्छता अभियान

    इस कार्यक्रम के अंतर्गत 5 अप्रैल को सभी बूथ, मंडल, जिला एवं प्रदेश कार्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और उन्हें सजाया जाएगा। 6 और 7 अप्रैल को कार्यकर्ता अपने घरों, बूथों और कार्यालयों में पार्टी का नया ध्वज फहराएंगे। जिला मुख्यालयों पर झंडोत्तोलन किया जाएगा और दोपहर 12 से 4 बजे तक स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें पार्टी की विकास यात्रा पर चर्चा की जाएगी। 8 और 9 अप्रैल को सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन होगा, जबकि 10 से 12 अप्रैल तक गांव व बस्ती चलो अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर स्वच्छता अभियान, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, बुद्धिजीवियों से संवाद और केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे।

  • चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हुए टेनिस सितारे लिएंडर पेस

    चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हुए टेनिस सितारे लिएंडर पेस

    लिएंडर पेस ने भाजपा में शामिल होकर राजनीतिक पारी की शुरुआत की

    नई दिल्ली: भारतीय टेनिस के मशहूर खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़कर राजनीति में कदम रखा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले यह निर्णय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। पेस, जो भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं, के इस कदम को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता सुकांता मजुमादर भी उपस्थित थे। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेजी से गर्मा रहा है, और सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।

    किरण रिजिजू की प्रतिक्रिया

    इस मौके पर किरेन रिजिजू ने कहा, “लिएंडर पेस का भाजपा में शामिल होना ऐतिहासिक है। पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास किया है।” लिएंडर पेस ने इसे अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन बताया और कहा, “यह मेरे लिए एक बड़ा अवसर है, जहां मैं खेल और युवाओं की सेवा कर सकूंगा। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और नितिन नबीन का धन्यवाद करना चाहता हूं।”

    युवाओं के लिए नए प्रयास

    लिएंडर पेस ने अपने करियर में भारत के लिए कई ओलंपिक पदक और ग्रैंड स्लैम जीते हैं, और अब वह राजनीति में नई जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार हैं। उनका भाजपा से जुड़ना यह दर्शाता है कि पार्टी खेल जगत के प्रमुख चेहरों को अपने साथ जोड़कर अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहती है। पेस ने कहा, “मैंने 40 वर्षों तक देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का।” उन्होंने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की सराहना करते हुए कहा, “खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहलों में से एक हैं।”

    बंगाल में खेल सुविधाओं की कमी

    पेस ने पश्चिम बंगाल में खेल सुविधाओं की कमी पर भी बात की। उन्होंने कहा, “भारत सबसे युवा देश है, और हमें अगले 20-25 वर्षों में खेल शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। 1986 में बंगाल में खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत कम था, और आज भी इंडोर टेनिस कोर्ट की कमी है। हमें युवाओं को खेल शिक्षा के माध्यम से प्रेरित करना होगा। मेरा सपना है कि भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए समान अवसर वाली स्कॉलरशिप कार्यक्रम शुरू किया जाए।”

    पार्टी की उम्मीदें

    भाजपा को उम्मीद है कि पेस की लोकप्रियता युवा और खेल प्रेमी मतदाताओं पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पेस चुनावी मैदान में उतरेंगे या नहीं, लेकिन उनकी छवि और अनुभव पार्टी के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकते हैं।

    पेस परिवार की पृष्ठभूमि

    लिएंडर पेस का जन्म 17 जून 1973 को कोलकाता में हुआ था। उनके दिवंगत पिता वेस पेस ने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और उनकी मां जेनिफर पेस ने 1980 एशियन बास्केटबॉल टीम की अगुआई की थी। वेस पेस का पिछले वर्ष निधन हो गया था।

    ओलंपिक में कांस्य पदक की उपलब्धि

    लिएंडर पेस ने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पुरुष टेनिस के एकल वर्ग में कांस्य पदक जीता था, और वह व्यक्तिगत ओलंपिक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। उन्हें 1996-97 में खेल रत्न अवार्ड, 1990 में अर्जुन अवार्ड, 2001 में पद्म श्री और 2014 में पद्म भूषण से नवाजा गया था।

    ग्रैंड स्लैम की उपलब्धियाँ

    हालांकि पेस ने पुरुष एकल में कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीता, लेकिन पुरुष युगल में उनके नाम आठ ग्रैंड स्लैम ट्रॉफीज हैं। उन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता, साथ ही 1999, 2001 और 2009 में फ्रेंच ओपन, 1999 में विंबलडन और 2006, 2009 और 2013 में यूएस ओपन का खिताब भी जीता। वह मिक्स्ड डबल्स में 10 ग्रैंड स्लैम खिताब भी जीत चुके हैं।

  • झारखंड भाजपा समाचार: प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पीएम मोदी से मिलकर दी बधाई

    झारखंड भाजपा समाचार: प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पीएम मोदी से मिलकर दी बधाई

    प्रधानमंत्री से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात

    रांची: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक औपचारिक मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री को उनके शासन में 8,931 दिन पूरे होने पर बधाई दी और शुभकामनाएं दी। इस बैठक में आदित्य साहू ने प्रधानमंत्री से कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

    विकास और संगठन संबंधी चर्चा

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि उनके मार्गदर्शन में देश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। आदित्य साहू की यह बैठक झारखंड में भाजपा की रणनीतियों को मजबूत करने और राज्य में विकासात्मक एजेंडे को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

    राज्य में विकासात्मक गतिविधियों पर जोर

    बैठक के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और विकास से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई। यह मुलाकात झारखंड में भाजपा के विकास कार्यों को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • राज्यसभा के अमीर सांसद का खुलासा: 5,300 करोड़ रुपये की संपत्ति

    राज्यसभा के अमीर सांसद का खुलासा: 5,300 करोड़ रुपये की संपत्ति

    नई दिल्ली में चुनाव सुधारों पर जोर

    चुनाव सुधारों से संबंधित एक गैर-सरकारी संगठन, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने हाल ही में राज्यसभा सांसदों की संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में 233 में से 229 सांसदों के हलफनामों का विश्लेषण किया गया है, जो कई चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत करते हैं।

    आपराधिक मामलों में शामिल सांसद

    रिपोर्ट के अनुसार, 229 सांसदों में से 73 सांसदों (लगभग 32%) ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें से 36 सांसदों (16%) को गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ सांसदों पर हत्या, हत्या के प्रयास, और महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामले दर्ज हैं।

    विभिन्न राजनीतिक दलों के आंकड़ों में, भारतीय जनता पार्टी के 99 सांसदों में से 27, कांग्रेस के 28 सांसदों में से 12, टीएमसी के 13 सांसदों में से 4, और आम आदमी पार्टी के 10 सांसदों में से 4 ने आपराधिक मामलों का खुलासा किया है।

    संपत्ति का आंकड़ा

    रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि 31 सांसद (लगभग 14%) की संपत्ति 100 करोड़ रुपये से अधिक है। राज्यसभा के एक सांसद की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये आंकी गई है। आम आदमी पार्टी के सांसदों की औसत संपत्ति सबसे अधिक है, जो 574.09 करोड़ रुपये है। इसके बाद YSR कांग्रेस पार्टी (522.63 करोड़ रुपये) और समाजवादी पार्टी (399.71 करोड़ रुपये) का स्थान है।

    राज्यसभा के सबसे अमीर सांसद

    रिपोर्ट के अनुसार, Bandi Parthasarathi राज्यसभा के सबसे अमीर सांसद हैं, जिनकी घोषित संपत्ति लगभग 5,300 करोड़ रुपये है। दूसरे स्थान पर राजेंद्र गुप्‍ता (5,053 करोड़ रुपये) और तीसरे पर Ayodhya Rami Reddy Alla (2,577 करोड़ रुपये) हैं।

    सबसे कम संपत्ति वाले सांसद

    संपत्ति के मामले में सबसे कम रैंकिंग प्राप्त सांसद Sant Balbir Singh हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 3 लाख रुपये बताई गई है। इसके बाद महाराजा संजाोबा लेइशेंबा (लगभग 5 लाख रुपये) और प्रकाश चिक बरैक (करीब 9 लाख रुपये) का स्थान है।

    रिपोर्ट का विश्लेषण

    ADR की यह रिपोर्ट यह दर्शाती है कि देश की उच्च सदन में एक ओर अरबपतियों की अच्छी खासी मौजूदगी है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में सांसद आपराधिक मामलों का भी सामना कर रहे हैं। यह रिपोर्ट राजनीति, संपत्ति और आपराधिक पृष्ठभूमि के बीच के जटिल संबंधों को उजागर करती है।

  • डीजे प्रतिबंध पर विरोध: झारखंड विधानसभा में जय श्रीराम के नारे, मंत्री के बयान ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

    डीजे प्रतिबंध पर विरोध: झारखंड विधानसभा में जय श्रीराम के नारे, मंत्री के बयान ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

    झारखंड विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन

    झारखंड विधानसभा में हाल ही में “जय श्रीराम” के नारों के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम घटित हुआ। डीजे पर प्रतिबंध के खिलाफ भाजपा और आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन राज्य की राजधानी रांची में स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित किया गया।

    मंत्री की प्रतिक्रिया

    इस प्रदर्शन से संबंधित, राज्य के मंत्री ने आगाह किया कि डीजे के उपयोग पर रोक लगाने के पीछे शांति व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विरोध प्रदर्शन जारी रहता है, तो संबंधित कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस बयान ने स्थिति को और गरम कर दिया है, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल देखने को मिली है।

    प्रदर्शनकारियों की मांगें

    प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाई और डीजे पर प्रतिबंध को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उनका कहना था कि धार्मिक और सांस्कृतिक समारोहों में डीजे का उपयोग एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    राज्य की राजनीतिक स्थितियाँ

    इस विवाद ने झारखंड की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दिया है। भाजपा और आजसू ने इसे अपने समर्थन में एक अवसर के रूप में देखा है, जबकि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की है। इसके चलते, राजनीतिक टीकाकारों के बीच इस मुद्दे पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • बीजेपी वरुण गांधी को सब्र के लिए कौन सा बड़ा इनाम देने की योजना बना रही है

    बीजेपी वरुण गांधी को सब्र के लिए कौन सा बड़ा इनाम देने की योजना बना रही है

    वरुण गांधी की राजनीतिक संभावनाएँ

    नई दिल्ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बाद से अफवाहों का बाजार गर्म है। निर्दलीय चुनाव लड़ने की बातें भी चल रही हैं, लेकिन वरुण गांधी ने इस मुद्दे पर ना तो पार्टी के खिलाफ कोई टिप्पणी की है और ना ही बगावती तेवर अपनाए हैं। उनकी हालिया पीएम नरेंद्र मोदी के साथ परिवार के संग मुलाकात नए सियासी चर्चाओं का केंद्र बन गई है। वरुण ने इस मुलाकात के बाद एक ट्वीट में लिखा, “आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है। आपकी भेंट ने यह विश्वास और भी प्रगाढ़ किया है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।” क्या यह संकेत है कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वरुण गांधी को महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है?

    परिवारिक संबंधों का महत्व

    वरुण को टिकट न मिलने का मामला अब पुरानी बात बन चुका है। असल सवाल यह है कि पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अब क्या बदलाव आने वाला है? वरुण की मां, मेनका गांधी, पिछली बार सुल्तानपुर सीट से चुनाव हार गई थीं, जिसके बाद से दोनों, वरुण और मेनका, राजनीतिक चर्चा से दूर रहे। हालांकि, अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वरुण या उनकी पत्नी यामिनी गांधी को चुनावी प्रचार में सक्रिय किया जा सकता है।

    यामिनी गांधी का राजनीतिक背景

    कम ही लोग जानते होंगे कि यामिनी रॉय चौधरी, वरुण की पत्नी, एक बंगाली परिवार से हैं और उनके परिवारों के बीच पुरानी मित्रता रही है। यामिनी एक कवयित्री भी हैं, और उनके परदादा चितरंजन दास तथा वरुण के परदादा पंडित जवाहरलाल नेहरू अच्छे मित्र थे। चितरंजन दास स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता थे और उनके परिवार का संबंध ढाका से था। यह संबंध भाजपा को पश्चिम बंगाल में एक नया कनेक्शन प्रदान कर सकता है। यामिनी फिलहाल राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति बंगाल चुनाव के समय महत्व रख सकती है।

    वरुण गांधी का राजनीतिक अनुभव

    वरुण गांधी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं और पश्चिम बंगाल के प्रभारी भी रह चुके हैं। इस दौरान, उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा के साथ मिलकर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वरुण लगातार तीन बार पीलीभीत और सुल्तानपुर से सांसद बने। पिछले चुनाव में, भाजपा ने उनका टिकट काटकर जितिन प्रसाद को दिया, जो बाद में विजयी होकर मंत्री बने।

    राजनीतिक खामोशी का प्रभाव

    इस बीच, चर्चा थी कि वरुण ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए पर्चा खरीद लिया था, लेकिन संभवतः उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए। इस खामोशी के बावजूद, वह सोशल मीडिया पर भी कम सक्रिय रहे हैं। अब, संभव है कि उन्हें इस सियासी चुप्पी का इनाम मिल सकता है।

  • भाजपा ने ओडिशा में चार में से तीन राज्यसभा सीटें जीतीं, विपक्ष से एक छीनी

    भाजपा ने ओडिशा में चार में से तीन राज्यसभा सीटें जीतीं, विपक्ष से एक छीनी

    ओडिशा में भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में हासिल की जीत

    भुवनेश्वर। ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन राज्यसभा सीटों पर विजय प्राप्त की है। विधायकों की संख्या के हिसाब से भाजपा की दो सीटों पर जीत सुनिश्चित थी, जबकि विपक्षी पार्टी बीजेडी (बीजू जनता दल) की एक सीट भी सुरक्षित मानी जा रही थी। भाजपा ने तीसरी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे का समर्थन किया। विपक्षी विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने भाजपा को यह सीट भी पाने में मदद की।

    मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने इस जीत की घोषणा करते हुए मीडिया में अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आज ओडिशा राज्य के लिए एक विशेष दिन है। हमारे द्वारा प्रस्तुत सभी तीन उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में सफल रहे हैं। भाजपा के उम्मीदवार मनमोहन सामल, सुजीत कुमार, और दिलीप रे ने अत्यधिक बहुमत से जीत हासिल की है।”

    विपक्ष की क्रॉस वोटिंग

    मुख्यमंत्री मांझी ने क्रॉस वोटिंग के लिए विपक्षी विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस और बीजेडी के विधायकों ने विकास के मार्ग पर ओडिशा को आगे बढ़ाने के लिए इन तीन उम्मीदवारों के पक्ष में भारी बहुमत से मतदान किया है। ये सभी राज्य की समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

    भाजपा के बढ़ते प्रभाव की कहानी

    भाजपा ने चार विधानसभा सीटों के लिए दो उम्मीदवार प्रस्तुत किए थे, और एक सीट के लिए दिलीप रे को समर्थन दिया था। विधायकों की संख्या के अनुसार, भाजपा की दो सीटों का जीतना तय किया गया था, वहीं बीजेडी के लिए भी एक सीट सुरक्षित मानी जा रही थी। चौथी सीट को लेकर स्थिति तनावपूर्ण थी, जिसमें बीजेडी को कांग्रेस और वाम दल का समर्थन प्राप्त था। हालांकि, भाजपा ने तीन कांग्रेस और दो बीजेडी विधायकों को प्रभावित कर स्थिति को पलटने में सफल रही।

    क्रॉस वोटिंग के मामले में खुलासे

    वोटिंग के दौरान, कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने क्रॉस वोटिंग की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के तीन विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। इसी तरह, बीजेडी विधायक देवी रंजन त्रिपाठी ने भी खुले तौर पर बगावत स्वीकार की कि उन्होंने दिलीप रे को वोट दिया। इस पर एक और विधायक सौविक बिस्वाल की पत्नी ने भी जानकारी दी कि उनके पति ने पार्टी लाइन से भटकते हुए वोट दिया।

  • भाजपा के अलावा अन्य दलों से गठबंधन की इच्छा व्यक्त की

    भाजपा के अलावा अन्य दलों से गठबंधन की इच्छा व्यक्त की

    चंद्रशेखर आजाद का यूपी राजनीति में बड़ा दांव

    नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक पिच पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने रविवार को बाराबंकी के हैदरगढ़ में पार्टी के स्थापना दिवस और कांशीराम की जयंती के अवसर पर आयोजित जनसभा में मीडिया से बात करते हुए 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में अन्य दलों के साथ गठबंधन करने का प्रस्ताव रखा, बशर्ते भाजपा को छोड़कर।

    गठबंधन के निर्णय की प्रक्रिया

    चंद्रशेखर ने बताया कि गठबंधन का अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मेरा भाजपा से वैचारिक विरोध है, इसलिए प्रदेश इकाई जो भी निर्णय लेगी, वह मुझे स्वीकार्य होगा।” इस बयान को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लिए एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।

    कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता

    जनसभा में चंद्रशेखर ने राज्य में अपराध और बढ़ती हत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर चौराहे पर यमराज’ वाले बयान पर कड़ा हमला किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “जब अपराधी भाजपा से जुड़े होते हैं तो यमराज छुट्टी पर चले जाते हैं।”

    धमकियों का मुकाबला करने की प्रतिबद्धता

    सोशल मीडिया पर उन्हें मिली धमकियों और रास्ते में उनके वाहन पर हुए पथराव की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, “शायद उन्हें मालूम नहीं कि मेरा नाम चंद्रशेखर ‘रावण’ है। मैं डरने वाला नहीं हूं। बाबा साहब के संविधान की शक्ति के साथ आज मैं आपके बीच खड़ा हूं।”

    संघर्ष और भविष्य के संकल्प

    अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कांशीराम के संघर्षों को याद करते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने नगीना में बिना बड़े गठबंधन के जीत का उदाहरण देते हुए दलित और पिछड़ा वर्ग की जागरूकता को रेखांकित किया।

    जनसभा का आयोजन और सुरक्षा इंतजाम

    जनसभा में बड़ी संख्या में लोग और भीम आर्मी के अनुशासित कार्यकर्ता उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस तैनात थी, वहीं भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने सुरक्षा का मोर्चा संभाला। चंद्रशेखर आजाद भाजपा को छोड़कर किसी भी दल के साथ गठबंधन के लिए तैयार हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर उनकी आलोचना स्पष्ट रूप से सुनाई दी। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभाने का लक्ष्य रखती है।

  • धनबाद समाचार: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के लिए केंद्र सरकार ने 45 दिन का नया नियम लागू किया।

    धनबाद समाचार: ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग के लिए केंद्र सरकार ने 45 दिन का नया नियम लागू किया।

    धनबाद में नया LPG गैस बुकिंग नियम

    केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए नया दिशा-निर्देश लागू किया है। अब ग्रामीण उपभोक्ताओं को गैस बुक करने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा। यह नियम इस साल की शुरुआत में लागू किया गया है और इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

    ग्रामीण उपभोक्ताओं पर प्रभाव

    इस नए नियम के तहत, उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत की गैस बुक करने में अधिक समय लेना पड़ सकता है, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं। इससे विशेष रूप से उन लोगों को कठिनाई होगी जो जल्दी में गैस की आवश्यकता महसूस करते हैं।

    सरकारी उद्देश्य

    केंद्र सरकार का मानना है कि इस कदम से गैस की काला बाजारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और विभाजन को खत्म किया जा सकेगा। हालांकि, इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को संदिग्धता का सामना करना पड़ सकता है।

    उपभोक्ताओं की राय

    स्थानीय उपभोक्ता संगठनों ने इस नए नियम पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह निर्णय ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को और अधिक जटिल बना देगा। उपभोक्ता चाहते हैं कि सरकार इस मामले में पुनः विचार करे।

  • जमशेदपुर: घाघीडीह मारपीट में नया मोड़, भाजपा नेता पर लगाया संपत्ति कब्जाने का गंभीर आरोप

    जमशेदपुर: घाघीडीह मारपीट में नया मोड़, भाजपा नेता पर लगाया संपत्ति कब्जाने का गंभीर आरोप

    जमशेदपुर में घाघीडीह मारपीट मामला: भाजपा नेता पर गंभीर आरोप

    जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र के घाघीडीह में भाजपा मंडल अध्यक्ष आनंद कुमार के साथ हुई मारपीट के मामले में नया मोड़ आया है। दूसरे पक्ष के अमित कुमार ने भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह घटना एक प्रायोजित साजिश थी, जिसका उद्देश्य उनकी करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा करना था।

    किराया न देने और घर खाली न करने का आरोप

    अमित कुमार के अनुसार, आनंद कुमार पहले उनके यहाँ काम करते थे। पारिवारिक परेशानियों के चलते, 2021 में अमित ने मानवता के नाते उन्हें अपने घर में रहने के लिए जगह दी थी। अब अमित का आरोप है कि आनंद न तो घर का किराया दे रहे हैं और न ही घर खाली कर रहे हैं। इसके अलावा, आनंद की पत्नी के नाम पर अवैध बिजली कनेक्शन लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

    मारपीट की घटना की साजिश

    अमित ने बताया कि घाघीडीह स्थित संपत्ति की कीमत करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये है। आनंद कुमार इस संपत्ति के लालच में उन्हें क्षेत्र से बेदखल करना चाहते हैं। अमित का कहना है कि आनंद ने कुछ लोगों को इकट्ठा करके उनकी गाड़ी पर हमला किया। जब अमित अपने परिवार के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों का सामना करने गए, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।

    भाजपा पद का दुरुपयोग

    अमित कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि आनंद कुमार पार्टी के मंडल अध्यक्ष पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और उनके पास पूरा मंडल होने की धौंस दिखाते हैं। इस मामले की शिकायत अमित ने रांची स्थित भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं जैसे आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी को लिखित रूप में की है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि ऐसे व्यक्ति की जगह किसी योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी जाए।

    सुरक्षा और न्याय की मांग

    अमित ने स्पष्ट किया कि यह विवाद जमीन और मकान के कब्जे को रोकने के उद्देश्य से खड़ा किया गया था। फिलहाल, यह मामला अदालत में चल रहा है। अमित ने परसुडीह थाना प्रभारी से मिलकर अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आशा जताई है कि प्रशासन और विधायिका के माध्यम से उन्हें अपनी संपत्ति वापस मिलेगी।

  • जमशेदपुर: भाजपा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह पर जानलेवा हमला, हेलमेट से जान बचाई, छह टांके लगे।

    जमशेदपुर: भाजपा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह पर जानलेवा हमला, हेलमेट से जान बचाई, छह टांके लगे।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जमशेदपुर में भाजपा मंडल अध्यक्ष रंजीत सिंह पर जानलेवा हमला ⚔️

    जमशेदपुर के उलीडीह थाना क्षेत्र में एक बार फिर से बढ़ते अपराध का मामला सामने आया है। यहाँ भाजपा मंडल के अध्यक्ष रंजीत सिंह पर उनके घर के पास जान से मारने की मंशा से हमला किया गया। घटना मानगो क्षेत्र की है, जहाँ रंजीत सिंह को गंभीर चोट आई, लेकिन उनके हेलमेट ने उनकी जान बचा ली। इस हमले में उन्हें अपने हाथ में गंभीर चोट आई, जिसके चलते एमजीएम अस्पताल में उन्हें 6 टांके लगाने पड़े।

    हमला करते समय बच्ची को ले जा रहे थे रंजीत

    रंजीत सिंह ने बताया कि बुधवार की शाम वह अपनी छोटी बेटी के साथ बाइक पर अपने पिता के घर जा रहे थे। जैसे ही वे अपने फ्लैट से बाहर निकले, एक अज्ञात व्यक्ति ने उन पर अचानक हमला किया। उस व्यक्ति के हाथ में एस्बेस्टस का एक टुकड़ा था, जिसने रंजीत के सिर पर वार किया। सौभाग्य से, हेलमेट पहनने के कारण उनकी जान बच गई, हालांकि इस हमले में उनका हाथ कट गया।

    भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश

    इस घटना के बाद रंजीत सिंह को तुरंत एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमले की जानकारी मिलते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार को भाजपा के जिला अध्यक्ष और अनेक कार्यकर्ता उलीडीह थाना पहुंचे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। रंजीत सिंह ने भी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

    पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा की मांग

    भाजपा जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से हमलावर की जल्द गिरफ्तारी की अपील की है। रंजीत सिंह का कहना है कि वह हमलावर को नहीं पहचानते और उनका किसी से कोई निजी दुश्मनी भी नहीं है। उलीडीह थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है और जल्द ही हमलावर को पकड़ा जाएगा।


    इस प्रकार की घटनाएँ न केवल सुरक्षा के मामले में चिंता का विषय हैं, बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। इन घटनाओं का समय पर समाधान होना आवश्यक है, ताकि सुरक्षा की भावना बहाल हो सके।

  • BJP ने तीन निलंबित विधायकों को शामिल करके कांग्रेस को किया नुकसान

    BJP ने तीन निलंबित विधायकों को शामिल करके कांग्रेस को किया नुकसान

    गुवाहाटी में भाजपा का परिवार बढ़ा

    गुवाहाटी. असम में विधानसभा चुनावों के चलते भाजपा का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, कांग्रेस की पूर्व राज्य इकाई के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। अब इस क्रम में तीन निलंबित कांग्रेस विधायकों—कमलाख्या डे पुरकायस्थ, बसंत दास, और शशिकांत दास—ने भी सत्ताधारी दल में शामिल होने का निर्णय लिया है।

    भाजपा में शामिल होने का उद्देश्य

    भाजपा में शामिल होते समय पूर्व कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य असम और राष्ट्र की सुरक्षा है। असम का नागरिक होने के नाते हमें भाजपा के साथ आना चाहिए और देश को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा की नीति में सहयोग देना चाहिए। यदि कांग्रेस ने अपनी विचारधारा में बदलाव नहीं किया, तो वह रिक्त हो जाएगी।”

    मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

    इस भाजपा में शामिल होने की प्रक्रिया पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आज भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। उनके अनुसार, यह कांग्रेस विधायकों का भाजपा में आना पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों की श्रद्धा को दर्शाता है।

    सीट शेयरिंग पर मुख्यमंत्री का बयान

    सीएम सरमा ने सीट शेयरिंग के संदर्भ में बताया कि हाल ही में असम गण परिषद, बोडोलैंड पीपुल्स फोरम और राभा हासोंग जौथा संग्राम समिति के साथ बातचीत समाप्त हो गई है। इस मामले पर आधिकारिक घोषणा में कुछ दिनों का समय लग सकता है, क्योंकि केंद्रीय संसदीय समिति से मंजूरी प्राप्त करनी है।

    केंद्रीय मंत्री का बयान

    केंद्रीय मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के लोग, विशेष रूप से कांग्रेस के सदस्य, भाजपा में शामिल हो रहे हैं। यह हमारी विचारधारा के प्रति उनके समर्थन को दिखाता है और इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा की लोकप्रियता हर हिस्से में बढ़ रही है।

  • भाजपा ने राज्यसभा के लिए नामों की घोषणा, नितिन और नवीन शामिल

    भाजपा ने राज्यसभा के लिए नामों की घोषणा, नितिन और नवीन शामिल

    राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने घोषित किए नाम

    नई दिल्ली। 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण में भाजपा ने 9 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इस सूची में बिहार से नितिन नवीन का नाम शामिल है, जिन्हें बिहार से राज्यसभा भेजने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है।

    भाजपा की उम्मीदवारों की सूची

    भाजपा द्वारा जारी की गई सूची में विभिन्न राज्यों के लिए कुल 9 नाम शामिल हैं। इस सूची में बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार, असम से तेराश गोवाला और जेगेन मोहन, ओडिशा से मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, और हरियाणा से संजय भाटिया के नाम शामिल हैं।

    उपेन्द्र कुशवाहा ने उम्मीदार की घोषणा

    राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए एनडीए की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार बनने के लिए नामित किया गया है। पार्टी के प्रवक्ता नितिन भारती ने बताया कि यह निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व के परामर्श के बाद लिया गया है। कुशवाहा 5 मार्च को बिहार विधानसभा में अपना नामांकन करेंगे, जिसमें एनडीए के सभी दलों के नेता उपस्थित रहेंगे।

    राज्यों में चुनावी स्थिति

    निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन राज्यों में राज्यसभा के चुनाव आयोजित होने हैं, उनमें महाराष्ट्र (7 सीटें), ओडिशा (4 सीटें), तेलंगाना (2 सीटें), तमिलनाडु (6 सीटें), छत्तीसगढ़ (2 सीटें), पश्चिम बंगाल (5 सीटें), असम (3 सीटें), हरियाणा (2 सीटें), हिमाचल प्रदेश (1 सीट) और बिहार (5 सीटें) शामिल हैं। सभी सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक होगा, जिसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना की जाएगी।

    नितिन नवीन की होली पर शुभकामनाएं

    भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने होली के अवसर पर कहा कि यह त्योहार बिहार में परिवार और कार्यकर्ताओं के साथ मनाने का विशेष महत्व रखता है। उन्होंने सभी बिहारवासियों को होली की शुभकामनाएं दी और कहा कि यह पर्व अच्छाई की जीत और बुराई की हार का प्रतीक है। उन्होंने बिहार का ध्यान विकास की दिशा में आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

  • जुगसलाई में गिरिराज सिंह का रोड शो: भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में बोले- “एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे”

    जुगसलाई में गिरिराज सिंह का रोड शो: भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में बोले- “एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे”

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गिरिराज सिंह का जुगसलाई में रोड शो 🚩

    जुगसलाई में भाजपा के लिए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक जोरदार रोड शो का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में सशक्त प्रचार करना था। गिरिराज सिंह ने इस मौके पर एकता का संदेश दिया और केंद्रीय योजनाओं की उपलब्धियों को भी उजागर किया।

    एकता और सुरक्षा का संदेश

    गिरिराज सिंह ने सभा में मौजूद मतदाताओं से कहा, “अगर हम एक रहेंगे, तो सुरक्षित रहेंगे।” उन्होंने भाजपा की योजनाओं को जनहित में बताया और स्थानीय जनता से अपील की कि वे आगामी चुनाव में भाजपा को वोट देकर मजबूत बनाएँ।

    केंद्रीय योजनाओं का ब्योरा 📋

    रोड शो के दौरान, गिरिराज सिंह ने विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का जिक्र किया, जो स्थानीय विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि कैसे ये योजनाएं जुगसलाई के लोगों के जीवन स्तर को उठाने में मदद करेंगी।

    इस प्रकार, गिरिराज सिंह का रोड शो ना सिर्फ भाजपा के समर्थन के लिए था, बल्कि एकता, विकास और सुरक्षा का संदेश भी लेकर आया है।

    निष्कर्ष

    जुगसलाई का यह रोड शो भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यकर्ता और समर्थक उत्साह से भरे हुए हैं, और चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।

  • राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद, भूपेन बोरा नीतियों पर असहमत, बीजेपी में शामिल होने की अटकलें

    राहुल गांधी के प्रयासों के बावजूद, भूपेन बोरा नीतियों पर असहमत, बीजेपी में शामिल होने की अटकलें

    असम की राजनीति में नया मोड़: भूपेन बोरा का भाजपा में शामिल होने का संकेत

    गुवाहाटी। असम की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना बन रही है। भूपेन बोरा ने हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपने इस्तीफे की घोषणा की है, जिसके बाद उनकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की चर्चाएँ तेज हो गई हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा का हिस्सा बन सकते हैं, और उनके साथ कुछ अन्य कांग्रेस नेता भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

    इस्तीफा और संभावित भाजपा में शामिल होना

    सोमवार को, बोरा ने कांग्रेस से अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा की। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। ऐसी खबरें हैं कि राहुल गांधी ने भी उनके स्थान पर रहने के लिए प्रयास किए, लेकिन भाजपा में शामिल होने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है।

    मुख्यमंत्री का स्वागत और घर वापसी का दावा

    मुख्यमंत्री सरमा ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व ने बोरा की संभावित सदस्यता को स्वीकृति दे दी है और उनका स्वागत किया जाएगा। सरमा ने इसे “घर वापसी” करार दिया, यह बताते हुए कि भाजपा वंशवादी राजनीति के बजाय कार्यकर्ता आधारित राजनीति में विश्वास रखती है।

    समर्थकों से चर्चा और निर्णय की प्रक्रिया

    बोरा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह अपने अंतिम निर्णय से पहले अपने समर्थकों और लखीमपुर के निवासियों से विचार विमर्श करेंगे। उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि वे पार्टी में रह सकते हैं, लेकिन उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं।

    टिकट विवाद और पुरानी रंजिशें

    बोरा ने यह भी आरोप लगाया कि समागुरी विधानसभा उपचुनाव के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम प्रस्तावित किया था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। यह सीट खाली होने पर रकीबुल हुसैन के पुत्र को उम्मीदवार बनाया गया, जो भाजपा के उम्मीदवार से हार गए।

    AIUDF के साथ गठबंधन पर असहमति

    बोरा ने 2021 विधानसभा चुनाव के लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के साथ कांग्रेस के गठबंधन का विरोध किया था। उन्होंने बार-बार पार्टी नेतृत्व को अपनी चिंताओं से अवगत कराया, लेकिन बाद में गठबंधन टूट गया। लोकसभा चुनाव में रकीबुल हुसैन ने AIUDF के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल को बड़े अंतर से हराया।

    भूपेन बोरा का अगला कदम असम की राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है। यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा और असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत होगा। सभी की निगाहें अब उनके अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं।

  • बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, न नेता न सहयोगी करते हैं विश्वास

    बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा, न नेता न सहयोगी करते हैं विश्वास

    कांग्रेस पार्टी में उठापटक, बीजेपी ने उठाए सवाल

    नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के लिए सोमवार का दिन कई समस्याओं से भरा रहा। प्रमुख नेता मणिशंकर अय्यर ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ आवाज उठाई, जबकि असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बोरा ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व पर उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है, उन्हें एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए यह कहा गया कि न तो पार्टी के नेता और न ही सहयोगी उन पर विश्वास करते हैं।

    भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

    कांग्रेस पार्टी में चल रही उथल-पुथल पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस चाहती है कि राहुल को हटाकर ममता को लाया जाए। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा का इस्तीफा भी इस स्थिति को दर्शाता है। मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि कांग्रेस केरल में हार रही है।” उनका यह बयान यह सिद्ध करता है कि न केवल गांधी परिवार के नेता बल्कि पार्टी के अन्य सदस्य भी राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेते हैं।

    आवाजें उठ रही हैं कांग्रेस के भीतर

    भूपेन बोरा ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया, वहीं कांग्रेस पार्टी ने मणिशंकर अय्यर के बयान को लेकर यह स्पष्ट किया कि वह अब पार्टी में नहीं हैं और उनके बयान को पार्टी से नहीं जोड़ा जा सकता। अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया में अय्यर का नाम लेते हुए कहा गया कि केवल मल्लिकार्जुन खरगे उन्हें पार्टी से निकाल सकते हैं।

    भाजपा का आक्रामक रुख

    कांग्रेस पार्टी की इस स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा ने हमले का कोई भी अवसर नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। मणिशंकर अय्यर ने उन्हें सार्वजनिक रूप से नकारा।” उन्होंने कहा कि अय्यर और अन्य नेता खुलकर राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

    कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान ने पार्टी में हलचल मचा दी, जिसमें उन्होंने पवन खेड़ा और शशि थरूर जैसे नेताओं पर निशाना साधा। इस संदर्भ में कांग्रेस पार्टी की मजबूत प्रतिक्रिया आई, जिसमें अय्यर की पार्टी से दूरी का उल्लेख किया गया। अय्यर ने कहा था कि राजनीति में उनकी स्थिति स्पष्ट है, वह नेहरू और राजीव से जुड़े हैं, लेकिन राहुल गांधी से नहीं।

  • मुंबई में 44 वर्षों बाद भाजपा की नेता रितु तावड़े बिन मुकाबला निर्वाचित होने के लिए तैयार

    मुंबई में 44 वर्षों बाद भाजपा की नेता रितु तावड़े बिन मुकाबला निर्वाचित होने के लिए तैयार

    मुंबई में भारतीय जनता पार्टी का महापौर बनने का कदम

    मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई में अपना पहला महापौर चुनने की प्रक्रिया में है, जिससे बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व समाप्त होने की संभावना है। भाजपा की पार्षद रितु तावड़े ने महापौर पद के लिए अपना नामांकन शनिवार को दाखिल किया। उनके खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं कराया, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय सा प्रतीत हो रहा है।

    सहयोगी पार्टियों का सहयोग

    भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना (शिंदे गुट) ने संजय घाडी को उपमहापौर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। तावड़े और घाडी ने मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, भाजपा मुंबई के अध्यक्ष अमित साटम, पूर्व शिवसेना सांसद राहुल शेवाले सहित कई नेताओं की उपस्थिति में महानगरपालिका सचिवालय में नामांकन भरा।

    औपचारिक प्रक्रिया की तारीख

    बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नामांकन की समय सीमा समाप्त होने तक केवल रितु तावड़े और संजय घाडी का ही नामांकन प्राप्त हुआ है। विपक्षी दलों ने कोई नामांकन नहीं किया है, लेकिन तय प्रक्रिया के अनुसार 11 फरवरी को चुनावी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

    उपमहापौर का कार्यकाल

    शिवसेना के सचिव संजय मोरे ने बताया कि वार्ड नंबर 5 के पार्षद संजय घाडी 15 महीनों के लिए उपमहापौर के रूप में कार्य करेंगे। घाडी पहले शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ पार्षद रहे हैं और हाल ही में एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं। शिवसेना उपमहापौर का कार्यकाल बांटकर अन्य पार्षदों को भी मौका देना चाहती है।

    रितु तावड़े का राजनीतिक सफर

    रितु तावड़े ने वर्ष 2012 में भाजपा का दामन थामा और उसी साल पार्षद बनीं। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा समिति की अध्यक्षता की और शिक्षा, बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सक्रियता दिखाई। घाटकोपर पूर्व (वार्ड 132) से दो बार पार्षद रह चुकीं तावड़े ने दुकानों में पुतलों के माध्यम से आपत्तिजनक कपड़ों के मुद्दे को उठाकर भी ध्यान आकर्षित किया।

    भाजपा का महत्वाकांक्षी दावा

    भाजपा मुंबई के अध्यक्ष अमित साटम ने कहा कि 44 वर्षों के अंतराल के बाद मुंबई को भाजपा का महापौर मिलने जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि महायुति बीएमसी को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का काम करेगी। साटम ने बताया कि उनके पास 118 पार्षदों का समर्थन है, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति ने यह सुनिश्चित किया है कि मुंबई को मराठी और हिंदू महापौर मिलेगा।

    बीएमसी में सत्ता संतुलन में बदलाव

    1997 से बीएमसी पर शासन कर रही शिवसेना (उबाठा) को इस बार 65 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) ने 29 सीटें प्राप्त की। कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को 8, मनसे को 6, राकांपा (अजित पवार गुट) को 3 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिलीं। इसके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में सफल रहे।

    महत्वपूर्ण है कि बीएमसी का पूर्व कार्यकाल समाप्त होने के बाद से 7 मार्च 2022 से प्रशासक शासन लागू है। देश के सबसे समृद्ध नगर निकायों में एक बीएमसी का 2025-26 का बजट 74,450 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जो कई राज्यों के बजट से भी अधिक है।

  • झारखंड-रांची निगम चुनाव: भाजपा ने रोशनी खलखो को मेयर पद का समर्थन, सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा का नामांकन वापस लिया।

    झारखंड-रांची निगम चुनाव: भाजपा ने रोशनी खलखो को मेयर पद का समर्थन, सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा का नामांकन वापस लिया।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची नगर निगम चुनाव में नया मोड़, भाजपा ने रोशनी खलखो को समर्थन दिया

    रांची में नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। भाजपा के मेयर उम्मीदवार सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा ने शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से मिलने के बाद अपना नामांकन वापस लेने का फैसला किया।

    महत्वपूर्ण निर्णय में संगठनात्मक हित शामिल

    भाजपा में इस निर्णय को संगठनात्मक हित और पार्टी की रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इन दोनों उम्मीदवारों ने कहा कि यह कदम पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद उठाया गया है। इसके साथ ही, भाजपा ने मेयर पद के लिए रोशनी खलखो को आधिकारिक समर्थन दिया है।

    इस समर्थन के बाद, मेयर चुनाव का मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुनील फकीरा कच्छप और राजेन्द्र मुंडा के चुनावी मैदान से हटने तथा रोशनी खलखो को भाजपा का समर्थन मिलने से चुनावी समीकरणों में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

    रोशनी खलखो की जीत की संभावनाएं

    विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो की जीत की राह अब और आसान हो सकती है। इस प्रकार के बदलाव से चुनावी परिदृश्य में नया हलचल उत्पन्न होने की संभावना है।

    यह घटनाक्रम रांची नगर निगम चुनाव में भाजपा की रणनीति को दर्शाता है और इसके परिणाम चुनावी मैदान पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।