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  • TSPC ने मैक्लुस्कीगंज में फायरिंग की ज़िम्मेदारी ली, प्रेस विज्ञप्ति में दी धमकी

    TSPC ने मैक्लुस्कीगंज में फायरिंग की ज़िम्मेदारी ली, प्रेस विज्ञप्ति में दी धमकी

    टीएसपीसी ने मुंडाधौड़ा गांव में गोलीबारी की जिम्मेदारी ली

    रांची: बीते गुरुवार की सुबह मुंडाधौड़ा गांव में हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी उग्रवादी संगठन टीएसपीसी ने स्वीकार की है। संगठन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटना को अंजाम देने की बात कही है। प्रेस विज्ञप्ति में संगठन के सदस्य ऋषिकेश द्वारा इस जिम्मेदारी का दावा किया गया है।

    घटना का विवरण

    प्रेस विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि यह घटना गुरुवार की सुबह लगभग 6 बजे मुंडाधौड़ा क्षेत्र में लिपटर और पिपरवार के कांटा घर के निकट हुई। इस गोलीबारी में वसुदेव गंगू के घायल होने की सूचना है। संगठन ने यह भी कहा है कि यह कार्य एन.के. और पिपरवार-अशोका क्षेत्र में सक्रिय डियो होल्डर, लिपटर, ट्रांसपोर्टर और डंप कमिटी द्वारा संगठन की अनदेखी के कारण किया गया।

    संगठन की चेतावनी

    टीएसपीसी ने कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत ट्रांसपोर्टर, डंप कमिटी, ट्रक और हाइवा मालिकों, ड्राइवरों और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे संगठन से बात किए बिना कार्य करते हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    फायरिंग की घटना के दौरान का माहौल

    गौरतलब है कि गुरुवार की सुबह मुंडाधौड़ा गांव में दहशत का माहौल बन गया जब अज्ञात अपराधियों ने स्थानीय निवासी नसीम खान के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की। यह घटना सुबह लगभग 6:05 बजे हुई, जिसमें अपराधी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए थे और नसीम खान के घर के बाहर चार राउंड गोली चलाई। बाद में वे मौके से फरार हो गए। फायरिंग के दौरान अपराधियों ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि “पैसा नहीं दोगे तो इसी तरह होता रहेगा”, जिससे इस घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

    नसीम खान का बयान

    नसीम खान, जो पेशे से ड्राइवर हैं, ने कहा कि उनका किसी के साथ कोई स्पष्ट विवाद नहीं है। अचानक हुई इस फायरिंग से उनके परिवार में डर का माहौल उत्पन्न हो गया है और गांव के लोग भी सहमे हुए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की जानकारी मिलते ही मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है और फायरिंग के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और प्रेस विज्ञप्ति की सत्यता की भी पुष्टि की जा रही है। फिलहाल, इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

  • पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    हजारीबाग अस्पताल में हंगामा, पोस्टमार्टम में देरी पर धरना

    हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर शनिवार को बड़ा हंगामा हुआ। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने समर्थकों और मृतक के परिजनों के साथ अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

    रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हत्या

    बीती रात रामनवमी के जुलूस के दौरान कटकमसांडी प्रखंड के गोदखर गांव के निवासी राम कुमार साव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।

    परिजनों का आरोप, डॉक्टर के आने में देरी

    परिजनों का कहना है कि सुबह 9 बजे डॉक्टर आने वाले थे, लेकिन दो घंटे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। इसी कारण विधायक प्रदीप प्रसाद भड़क उठे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद पोस्टमार्टम में देरी हो रही है।

    पैसे मांगने का गंभीर आरोप

    धरने के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के लिए मृतक के परिजनों से पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और गरीबों को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    अस्पताल की व्यवस्था पर विधायक की कड़ी आलोचना

    विधायक ने कहा कि बड़े अधिकारी केवल बयान देने के लिए आते हैं, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं होता। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होते और इलाज भी पैसे के आधार पर होता है। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।

    अधीक्षक का जांच और कार्रवाई का आश्वासन

    मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकूलन पूर्ति मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के देर से आने की जांच की जाएगी और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पैसे मांगने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

    धरना खत्म, पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू

    अधीक्षक के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आरंभ की गई। घटना के बाद गोदखर गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

  • चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    सरायकेला-खरसावां में हाथी का उत्पात

    सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के कांगलाटांड़, सालडीह और भालूककोचा गांव में शुक्रवार रात को एक जंगली हाथी ने जमकर तबाही मचाई। यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर अचानक गांव में घुस आया और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान हाथी ने घरों में रखा धान और चावल भी खा लिया, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    रातभर दहशत में रहे ग्रामीण

    हाथी के गांव में प्रवेश करते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भय के कारण लोग अपने घरों में ही कैद रहे। बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात सहमे रहे और किसी अनहोनी का डर उन्हें जगाए रखा। इस प्रकार पूरा गांव रातभर दहशत के माहौल में गुजरा।

    ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

    इस घटना के दौरान वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों को स्थिति को संभालने के लिए खुद आगे आना पड़ा। लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से बाहर खदेड़कर जंगल की ओर भेजा। हालांकि, इस दौरान उनकी जान को खतरा बना रहा।

    वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश

    ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद कोई भी टीम समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंची, जबकि प्रभावित गांव वन विभाग कार्यालय से कुछ ही किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई की गई होती, तो नुकसान कम किया जा सकता था।

    जरूरी संसाधनों की कमी

    ग्रामीणों ने बताया कि हाथी को भगाने के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे पटाखे, टॉर्च और मोबिल आदि की उपलब्धता नहीं थी। मजबूर होकर ग्रामीणों को खुद ही जोखिम उठाकर हाथी को भगाना पड़ा।

    मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इलाके में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

    बढ़ता मानव-वन्यजीव टकराव

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग को मिलकर ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नुकसान को रोका जा सके।

  • झारखंड में येलो अलर्ट जारी! जानें 5 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम…

    झारखंड में येलो अलर्ट जारी! जानें 5 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में इन दिनों भारी बारिश जारी है, जिसका असर कई जिलों पर पड़ा है। भारतीय मौसम विभाग ने 5 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। इस अवधि में अधिक बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मौसम के बदलाव का कारण

    विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता के चलते ये बारिश हो रही है। हाल के दिनों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला है, जिससे न केवल खेती, बल्कि सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। नदियों का जल स्तर बढ़ जाने के कारण बाढ़ जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

    येलो अलर्ट का महत्व 🚨

    येलो अलर्ट से यह संकेत मिलता है कि मौसम में बदलाव के प्रति सर्तक रहने की आवश्यकता है। लोगों को घर से बाहर निकलते समय सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है। बाहर जाने पर उचित कपड़े पहनने और जरूरत के सामान साथ रखने की सलाह दी जा रही है।