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  • नगर निकाय चुनाव की प्रचार गतिविधियाँ शुरू, गली-गली शुरू हुई वोटिंग की प्रतिस्पर्धा।

    नगर निकाय चुनाव की प्रचार गतिविधियाँ शुरू, गली-गली शुरू हुई वोटिंग की प्रतिस्पर्धा।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की तैयारी परवान चढ़ी

    रांची: नगर निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित होते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार से उम्मीदवार जनता के बीच सक्रिय रूप से उतरने लगे हैं। शहर के गली-मोहल्लों में चुनावी माहौल बन चुका है, जहां पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने का काम सक्रिय हो गया है। लाउडस्पीकर पर प्रचार की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे प्रत्याशी अपने संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने में जुटे हैं।

    घर-घर जाकर संपर्क की रणनीति

    चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क, नुक्कड़ सभाएं, रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार का काम तेज कर दिया है। मेयर और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अपने क्षेत्रों में मतदाताओं के समीकरण को समझने में लगे हैं। कौन सा मोहल्ला निर्णायक हो सकता है, इसका बारीकी से अध्ययन कर प्रचार की रणनीति बनाई जा रही है। प्रत्याशियों का विश्वास है कि इस बार जनता उन्हें मतदान का अवसर प्रदान करेगी।

    ई-रिक्शा और ऑटो का चुनावी प्रचार में महत्व 🚗

    इस बार बड़े वाहनों के बजाय ई-रिक्शा और ऑटो को प्राथमिकता दी जा रही है। इन छोटे वाहनों की खासी विशेषता है कि ये संकीर्ण गलियों और आवासीय क्षेत्रों में आसानी से पहुंच सकते हैं। कम लागत और व्यापक पहुंच के कारण ये प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन गए हैं। एक ई-रिक्शा या ऑटो को पूरे दिन के लिए 800 से 1500 रुपये में बुक किया जा रहा है, जिस पर लाउडस्पीकर लगाकर निरंतर प्रचार चलाया जा रहा है।

    लाउडस्पीकर के शोर से छात्रों की बाधा 🎓

    चुनावी प्रचार के साथ उत्साह का माहौल है, लेकिन स्कूलों में चल रही बोर्ड एवं अन्य परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए यह चुनौती भी पेश कर रहा है। गली-मोहल्लों में बजने वाले लाउडस्पीकर छात्रों और अभिभावकों के लिए समस्या बन गए हैं। खासकर सुबह और शाम के समय, जब बच्चे पढ़ाई एवं रिवीजन कर रहे होते हैं, तब प्रचार का शोर चिंता बढ़ा रहा है। कई अभिभावक इस मुद्दे पर नाराजगी जताकर शांतिपूर्ण प्रचार की अपील कर रहे हैं।

    चुनावी सामग्री की छपाई में बढ़ती मांग

    चुनाव चिन्ह मिलने के बाद प्रचार सामग्री की छपाई में तेजी आ गई है। प्रिंटिंग प्रेसों में पंपलेट, हैंडबिल और प्रचार कार्ड के लिए भारी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। प्रेस संचालकों के अनुसार पिछले 48 घंटों में ऑर्डर कई गुना बढ़ गए हैं। छोटे वार्डों से लेकर नगर निगम क्षेत्रों तक, प्रत्याशी हजारों की संख्या में पंपलेट एवं कार्ड छपवा रहे हैं, ताकि हर घर तक अपनी पहचान पहुंचाई जा सके।

    चुनाव की गर्मी की दस्तक

    कुल मिलाकर, चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ नगर निकाय चुनाव की जंग अब पूरी तरह जनता के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। हर गली, मोहल्ला और वोट की अहमियत में वृद्धि हुई है। आने वाले दिनों में प्रचार और भी तेज होगा, जिससे शहर की सड़कों से संकीर्ण गलियों तक चुनावी रंग बिखरेगा।

  • जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- बिहार चुनाव में सभी सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार।

    जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- बिहार चुनाव में सभी सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    आगामी विधानसभा चुनावों में शंकराचार्य का बड़ा बयान 🗳️

    बिहार के बांका स्थित मदुसूदन मंदिर बौसी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने घोषणा की कि उनका संगठन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगा।

    गौ माता की रक्षा पर जोर 🐄

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “जो अधिकारी गौ माता की रक्षा करते हैं, वही मतदाता हमें समर्थन देंगे। पहले जब हम सरकार में नहीं थे, तब गौ माता के संरक्षण की बातें होती थीं, लेकिन वर्तमान में स्थिति अलग है। आज गौ माता की हत्या की जा रही है, और सरकार उन लोगों से चंदा ले रही है जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन चुनावों में स्थिति एक समान रही है, लेकिन गौ माता की शिकार जारी है।

    नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी 🇳🇵

    स्वामी ने हाल ही में नेपाल में लोकतंत्र के बजाय राजतंत्र की वकालत की। उनका मानना है कि जब नेपाल का शासन राजतंत्र था, तो वहां कोई गंभीर समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा कि चीन के समर्थन ने नेपाल में लोकतंत्र स्थापित किया, लेकिन इसके बाद जनता की असंतोष बढ़ गया है।

    हिंदू समुदाय की अनदेखी पर चिंता 😟

    वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामी ने भारतीय राजनीति में हिंदू समुदाय के प्रति भेदभाव की बात की। उनका कहना था कि 100 करोड़ हिंदुओं की समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है, जबकि अल्पसंख्यकों के लिए अनेक योजनाएँ बनाई जा रहीं हैं। उन्होंने वोटिंग में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर डाला।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने गौ हत्या पर कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा का समर्थन किया।

    इस प्रकार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान ने बिहार की राजनीतिक और धार्मिक चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है। उनके समर्थक इसे आगामी चुनावों के प्रति जागरूकता और मतदान में संलग्नता का सशक्त संदेश मानते हैं।