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  • सेराइकेला शिक्षा समाचार: MBNS इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में रामनवमी महोत्सव का शानदार आयोजन

    सेराइकेला शिक्षा समाचार: MBNS इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में रामनवमी महोत्सव का शानदार आयोजन

    राम नवमी महोत्सव का आयोजन चांडिल में

    चांडिल: एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने बुधवार को चांडिल स्थित एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में राम नवमी महोत्सव का आयोजन धूमधाम और श्रद्धा के साथ किया। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम संस्थान के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत

    कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक विधि-विधान और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें नृत्य, नाटक और अन्य प्रस्तुतियां शामिल थीं। छात्रों ने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों को प्रभावशाली तरीके से मंचित किया, जिससे उपस्थित दर्शकों में भावनाओं का संचार हुआ।

    मुख्य अतिथि का संबोधन

    इस अवसर पर विवेक कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों—सत्य, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा—को अपने जीवन में अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने संस्थान के इन प्रयासों की सराहना की, जो विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक मूल्यों को विकसित करते हैं।

    छात्रों की भागीदारी

    कार्यक्रम में छात्रों की भागीदारी अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने न केवल अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया, बल्कि टीम वर्क और अनुशासन का भी परिचय दिया। नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं नाट्य प्रस्तुतियों ने सामाजिक और नैतिक संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

    शिक्षकों का उत्साहवर्धन

    संस्थान के प्राचार्य और अन्य शिक्षकों ने भी इस अवसर पर छात्रों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत बनाते हैं।

    कार्यक्रम का समापन

    कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की गई। पूरे महोत्सव का माहौल भक्ति, उत्साह और आनंद से परिपूर्ण रहा।

    एमबीएनएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा आयोजित यह राम नवमी महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और छात्र प्रतिभा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

  • चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    सरायकेला-खरसावां में हाथी का उत्पात

    सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के कांगलाटांड़, सालडीह और भालूककोचा गांव में शुक्रवार रात को एक जंगली हाथी ने जमकर तबाही मचाई। यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर अचानक गांव में घुस आया और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान हाथी ने घरों में रखा धान और चावल भी खा लिया, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    रातभर दहशत में रहे ग्रामीण

    हाथी के गांव में प्रवेश करते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भय के कारण लोग अपने घरों में ही कैद रहे। बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात सहमे रहे और किसी अनहोनी का डर उन्हें जगाए रखा। इस प्रकार पूरा गांव रातभर दहशत के माहौल में गुजरा।

    ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

    इस घटना के दौरान वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों को स्थिति को संभालने के लिए खुद आगे आना पड़ा। लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से बाहर खदेड़कर जंगल की ओर भेजा। हालांकि, इस दौरान उनकी जान को खतरा बना रहा।

    वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश

    ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद कोई भी टीम समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंची, जबकि प्रभावित गांव वन विभाग कार्यालय से कुछ ही किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई की गई होती, तो नुकसान कम किया जा सकता था।

    जरूरी संसाधनों की कमी

    ग्रामीणों ने बताया कि हाथी को भगाने के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे पटाखे, टॉर्च और मोबिल आदि की उपलब्धता नहीं थी। मजबूर होकर ग्रामीणों को खुद ही जोखिम उठाकर हाथी को भगाना पड़ा।

    मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इलाके में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

    बढ़ता मानव-वन्यजीव टकराव

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग को मिलकर ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नुकसान को रोका जा सके।