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  • गायक जुबीन गर्ग की हत्या के मामले में चार लोगों पर आरोप लगे, SIT ने दाखिल की चार्जशीट

    गायक जुबीन गर्ग की हत्या के मामले में चार लोगों पर आरोप लगे, SIT ने दाखिल की चार्जशीट

    जुबीन गर्ग की मौत पर नई जानकारी: SIT ने चार आरोपियों पर हत्या का आरोप लगाया

    डेस्क। गायक जुबीन गर्ग की रहस्यमय मृत्यु की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने हाल ही में गुवाहाटी की अदालत में एक चार्ज शीट दायर की है। इस चार्ज शीट में जुबीन के सचिव सिद्धार्थ शर्मा और महोत्सव आयोजक श्यामकानु महंत सहित चार व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, गर्ग के बैंड के दो सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंत भी इस आरोपित सूची में शामिल हैं।

    मौत के रहस्यमय हालात

    गर्ग की मौत 19 सितंबर को सिंगापुर में उत्तर पूर्व भारत महोत्सव के दौरान समुद्र में तैरते समय हुई। इस घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया और उनके चाहने वालों में गहरा दुख व्याप्त है। इस महोत्सव का आयोजन श्यामकानु महंत कर रहे थे। गर्ग के चचेरे भाई और एक निलंबित असम पुलिस अधिकारी संदीपान गर्ग पर इस मामले में गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।

    सुरक्षा अधिकारियों पर भी कार्रवाई

    इसी बीच, गर्ग के दो निजी सुरक्षा अधिकारियों नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य के खिलाफ भी बीएनएस की धारा 31सी के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उन पर सौंपी गई धनराशि या संपत्ति के दुरुपयोग के संबंध में है, जो आपराधिक विश्वासघात को दर्शाता है।

    SIT की गिरफ्तारी और जांच प्रगति

    विशेष डीजीपी एम पी गुप्ता के मार्गदर्शन में एसआईटी ने अब तक इस मामले में कुल सात लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही, 300 से अधिक गवाहों से भी बयान लिए गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पत्रकारों से कहा कि एसआईटी ने आरोप पत्र दाखिल करके असम की जनता से किया गया वादा पूरा कर लिया है।

    सरमा ने बताया, “हमने जुबीन गर्ग को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी ली थी और यह सुनिश्चित किया कि आरोप पत्र को समय पर अदालत में प्रस्तुत किया जाए।” यह मामला अब सभी की निगाहों में है और इसके आगे के कदम देखने के लिए सभी इच्छुक हैं।

  • अमेरिका ने की ₹8.8 मिलियन H1-B वीजा की शुरुआत

    अमेरिका ने की ₹8.8 मिलियन H1-B वीजा की शुरुआत

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    अमेरिका में H-1B वीजा फीस में बढ़ोतरी 📨

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा की फीस को 6 लाख से बढ़ाकर 88 लाख रुपये कर दिया है। यह नया शुल्क 21 सितंबर 2025 से प्रभावी होगा। इस निर्णय के बाद, H1-B वीजा धारकों और नए आवेदकों के बीच कई चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं, खासकर यह जानने के लिए कि ये नई फीस किस पर लागू होगी और किन्हें रियायत मिलेगी।

    भारतीय पेशेवरों पर असर 💼

    इस निर्णय का सबसे अधिक असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ेगा, क्योंकि लगभग 70% H1-B वीजा धारक भारत से हैं। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस विषय पर उठ रही शंकाओं को दूर करने की कोशिश की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केरोलीन लीविट का कहना है कि 1 लाख डॉलर का शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा। मौजूदा वीजा धारक इस नई फीस से प्रभावित नहीं होंगे।

    विशेष रियातें और प्रतिबंध 🚨

    भारत से तेजी से अमेरिका जाने वाले व्यक्तियों को 1 लाख डॉलर का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है, यदि वे रविवार से पहले अमेरिका पहुंच जाते हैं। इसके अलावा, यदि कोई कंपनी या उसका कर्मचारी अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हित या सार्वजनिक भलाई से संबंधित है, तो गृह सुरक्षा सचिव शुल्क में छूट प्रदान कर सकते हैं।

    कंपनियों पर अतिरिक्त बोझ ⚖️

    ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई कंपनी विदेश से किसी कर्मचारी को H-1B वीजा पर बुलाना चाहती है, तो उसे पहले 88 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। यह नियम वीजा धारकों के लिए नहीं, बल्कि उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों के लिए है।

    बेरोजगारी की स्थिति 📉

    H1-B वीजा से अमेरिका जाने वाले कर्मचारियों में भारतीयों की संख्या अधिक होने के कारण, कंपनियों के लिए अत्यधिक फीस बढ़ने से नई नियुक्तियों में कटौती की आशंका बढ़ गई है। इसके परिणामस्वरूप, भारत में बेरोजगारी की दर में वृद्धि हो सकती है।

    H-1B वीजा का महत्व

    H-1B वीजा एक विशेष कार्य वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेश से पेशेवरों जैसे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कंप्यूटर प्रोग्रामरों को काम पर रखने की अनुमति देता है। इसकी अवधि 3 वर्ष है, जिसे 6 वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

    इस प्रकार, इस नए शुल्क से कई बदलावों और चिंताओं का सामना करना पड़ सकता है, विशेषकर भारतीय पेशेवरों के लिए।