टैग: corruption case

  • हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले में नया खुलासा, मुख्य आरोपी शंभू को मिला नोटिस आलीशान मकान के लिए

    हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले में नया खुलासा, मुख्य आरोपी शंभू को मिला नोटिस आलीशान मकान के लिए

    हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले का नया खुलासा

    हजारीबाग में ट्रेजरी घोटाले से संबंधित एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। मुख्य आरोपी शंभू कुमार के बारे में पता चला है कि उसने खासमहाल जमीन पर एक भव्य मकान का निर्माण कराया है। इस मामले में प्रशासन ने उसे नोटिस जारी किया है, जिसके अंतर्गत जमीन की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    आलीशान मकान का निर्माण

    शंभू कुमार द्वारा निर्मित यह आलीशान मकान खासमहाल क्षेत्र में स्थित है। यह निर्माण कार्य कई कानूनी और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया है। प्रशासन इसे अवैध मानते हुए कार्रवाई करने के लिए तत्पर है।

    प्रशासन की कार्रवाई

    नोटिस जारी करने के साथ ही प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। शंभू कुमार पर आरोप है कि उसने सरकारी धन का दुरुपयोग करते हुए इस प्रकार के निर्माण कार्य को अंजाम दिया है।

    घोटाले का प्रभाव

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है, बल्कि इससे हजारीबाग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियानों को भी चोट पहुंची है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले की जांच से अन्य संदिग्ध मामलों का भी पर्दाफाश हो सकता है।

  • पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिमी सिंहभूम में लेबर कार्ड के नाम पर अवैध वसूली का मामला

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लेबर कार्ड (ई-श्रम कार्ड) के माध्यम से लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है। एक पीड़िता, सुप्रिया निषाद, जो बड़ा नीमडीह की निवासी हैं, ने उपायुक्त चंदन कुमार को इस संबंध में शिकायत दी है।

    पीड़िता ने बताया कि 30 मार्च को उन्हें लेबर कार्ड के तहत सिलाई मशीन खरीदने के लिए 7000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद, शोभा देवी नामक एक बिचौलिए ने उन्हें फोन करके परेशान करना शुरू कर दिया और 1500 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि वह अधिकारियों से कहकर उनका लेबर कार्ड बंद करवा देगी। साथ ही, पीड़िता पर सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाकर जेल भेजने की भी धमकी दी गई। बिचौलिए ने कहा कि इस पैसे का कुछ हिस्सा अधिकारियों को भी देना होगा। इस प्रकार, कार्ड बनाते समय भी अवैध वसूली की गई थी।

    उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा है कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है। यदि जांच में इस तरह की वसूली की पुष्टि होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

    डालसा की सहायता से 40 साल बाद मिला बिछड़ा परिवार

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के सदर अस्पताल में सोमवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब 40 वर्षों के बाद एक पिता को उनका बेटा मिला। यह सफलता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों द्वारा संभव हुई।

    2 अप्रैल को मदन साहू नामक एक वृद्ध को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) से जुड़े पीएलवी प्रमिला पात्रो, रेणु देवी और सूरज कुमार ठाकुर ने न केवल उनका इलाज करवाया, बल्कि उनके परिवार को खोजने का भी प्रयास किया। वृद्ध की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे स्वयं की देखभाल भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन डालसा की टीम ने हर संभव प्रयास किया।

    जांच के दौरान यह पता चला कि मदन साहू का मूल निवास ओडिशा है। 40 वर्ष पहले, उन्होंने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। जब उनकी पहली पत्नी का बेटा, कुनू साहू, चाइबासा पहुंचा, तो उसने अपने पिता को देखकर भावुक होकर लिपट गया। अपने पिता को देखकर उसने उन्हें भगवान मानते हुए अपने साथ घर ले जाने का निर्णय लिया।

    इस प्रयास में विनीता सांडिल, उमर सिद्दीकी, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • रांची SBI धोखाधड़ी: पूर्व प्रबंधक और पत्नी पर ED ने 5.40 करोड़ की चार्जशीट दाखिल की

    रांची SBI धोखाधड़ी: पूर्व प्रबंधक और पत्नी पर ED ने 5.40 करोड़ की चार्जशीट दाखिल की

    ईडी ने 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में चार्जशीट दाखिल की

    रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से संबंधित 5.40 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले के मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनकी पत्नी नीतू कुमारी उर्फ नीतू देवी के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। यह चार्जशीट 26 मार्च को रांची की विशेष अदालत में प्रस्तुत की गई। इससे पहले, ईडी ने 17 मार्च को आरोपितों से संबंधित 97.92 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था।

    जांच के विवरण

    जांच के अनुसार, मनोज कुमार ने जनवरी 2013 से सितंबर 2020 के बीच विभिन्न शाखाओं में काम करते हुए एक सुनियोजित तरीके से बैंकिंग धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने मृत और निष्क्रिय पेंशनभोगियों, निरक्षर किसानों के केसीसी खातों और अन्य खातों से अवैध लेन-देन कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। यह घोटाला साहिबगंज और दुमका की कई शाखाओं से संबंधित है, जहां ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

    धन का उपयोग और संपत्तियों की जब्ती

    ईडी के अनुसार, इस फर्जीवाड़े से अर्जित धन को मनोज कुमार ने अपने परिवार और सहयोगियों के खातों के माध्यम से घुमाया और बाद में इसे संपत्ति खरीदने में निवेश किया। उनकी पत्नी नीतू कुमारी पर भी आरोप है कि उन्होंने अपने बैंक खाते के जरिए इस अवैध धन के लेन-देन में सहयोग किया। सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई इस जांच में यह भी पाया गया कि मनोज कुमार ने आय से अधिक संपत्ति भी प्राप्त की। छापेमारी के दौरान 10 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। जब्त की गई संपत्तियों में साहिबगंज में एक आवासीय मकान और पटना के बेली रोड इलाके में दो फ्लैट शामिल हैं। वर्तमान में इन संपत्तियों की स्थायी जब्ती की प्रक्रिया जारी है और मामला अदालत में विचाराधीन है।

  • भारतीय रेलवे: रिश्वत मामले के बाद श्रेया सिंह ने शुचि सिंह की जगह ली सीनियर डीसीएम पद

    भारतीय रेलवे: रिश्वत मामले के बाद श्रेया सिंह ने शुचि सिंह की जगह ली सीनियर डीसीएम पद

    रांची रेलवे में प्रशासनिक फेरबदल

    झारखंड की राजधानी रांची में रेलवे प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। वरिष्ठ डिप्टी कमर्शियल मैनेजर (DCM) शुचि सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। इस निर्णय के पीछे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई कार्रवाई को माना जा रहा है। नए सीनियर DCM के रूप में श्रेया सिंह की नियुक्ति की गई है, जो इस क्षेत्र में अपने अनुभव और क्षमताओं के लिए जानी जाती हैं।

    सीबीआई की कार्रवाई का प्रभाव

    सीबीआई द्वारा की गई जांच और कार्रवाई के बाद यह प्रशासनिक बदलाव किया गया। रेलवे के भीतर चल रही गतिविधियों और संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से रेलवे प्रशासन में सुधार होगा और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

    श्रेया सिंह की प्रोफाइल

    नव नियुक्त सीनियर DCM श्रेया सिंह ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वे अपने कार्यकाल के दौरान अपनी उत्कृष्टता के लिए पहचान बना चुकी हैं। अब उन्हें उम्मीद है कि वे रेलवे के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने में सफल होंगी।

    भविष्य की दिशा

    इस बदलाव के बाद रेलवे प्रशासन की गतिविधियों में नए दृष्टिकोण और रणनीतियों की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम रेलवे के विकास के लिए सकारात्मक साबित होगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि श्रेया सिंह अपने नए पद पर किस प्रकार के सुधार लेकर आती हैं।

  • बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला: ACB ने किया गिरफ्तारी

    रांची: झारखंड के रांची जिले के बुंडू प्रखंड में **भ्रष्टाचार** से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को **एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB)** ने 25,000 रुपये की **रिश्वत** लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया है।

    खुफिया योजना के तहत गिरफ्तारी

    ACB को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि जगन्नाथ गोप एक नागरिक से रिश्वत की मांग कर रहा है। इस शिकायत के आधार पर एसीबी ने पूरी योजना बनाने का निर्णय लिया और एक जाल बिछाया। जैसे ही जगन्नाथ ने तय राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर रोक लिया।

    पूछताछ जारी, विभाग में हड़कंप

    गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को ACB कार्यालय में ले जाया गया, जहां उसके साथ पूछताछ की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ACB मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है। इस घटना ने विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।