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  • झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड में साइबर क्राइम का नया मामला

    झारखंड में एक नया साइबर क्राइम का मामला सामने आया है, जहां युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर ठगी की जा रही थी। इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम दाऊद अहमद बताया जा रहा है।

    युवाओं को ठगी का शिकार बनाया गया

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव देकर उन्हें विदेश भेजने का झांसा देता था। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया जाता था और उनसे पैसे की मांग की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया काफी संगठित तरीके से की जा रही थी, जिससे कई लोग ठगी का शिकार बने।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    पुलिस ने सूचना मिलने के बाद दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया। उसे मुंबई से पकड़ा गया, जहां वह अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने इस मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों से बचा जा सके।

    जागरूकता की आवश्यकता

    यह घटना इस बात का संकेत है कि युवाओं को नौकरी के झांसे में आने से पहले सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने सभी से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदेहास्पद प्रस्ताव को नजरअंदाज करें और किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

  • साइबर धोखाधड़ी: मोबाइल पर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही जिला परिषद सदस्य के खाते से निकले तीन लाख रुपये

    साइबर धोखाधड़ी: मोबाइल पर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही जिला परिषद सदस्य के खाते से निकले तीन लाख रुपये

    दुमका में साइबर ठगी का मामला

    झारखंड के दुमका जिले में एक जिला परिषद सदस्य से साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है। इस घटना में पीड़ित व्यक्ति के खाते से तीन लाख रुपये की राशि चुराई गई। यह राशि संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने के बाद निकाली गई, जो मोबाइल पर प्राप्त हुआ था।

    घटना का विवरण

    पीड़ित ने बताया कि उसे एक मोबाइल संदेश के माध्यम से एक लिंक प्राप्त हुआ था। जब उसने इस लिंक पर क्लिक किया, तो उसके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए राशि निकाल ली गई। इस ठगी के बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक को सूचित किया और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया।

    साइबर सुरक्षा के उपाय

    इस घटना ने एक बार फिर से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और संदिग्ध संदेशों की पहचान करना सीखना चाहिए। साथ ही, बैंक खाते की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से पासवर्ड बदलने और दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

    स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

    स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और साइबर ठगी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस संबंध में जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे, ताकि लोग इस तरह की ठगी से बच सकें।

  • रांची अपराध समाचार: डार्क वेब से एलएसडी मंगाने पर आरोपियों ने रिमांड में किया बड़ा खुलासा

    रांची अपराध समाचार: डार्क वेब से एलएसडी मंगाने पर आरोपियों ने रिमांड में किया बड़ा खुलासा

    रांची में नशे के कारोबार का बड़ा खुलासा

    झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने डार्क वेब के माध्यम से एलएसडी (लिसर्जिक एसिड डाइएथाइलामाइड) की खरीद-फरोख्त करने के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने रिमांड के दौरान इस बात का खुलासा किया कि वे नशीले पदार्थों को विदेश से मंगवाते थे। यह जानकारी न केवल रांची बल्कि पूरे राज्य में नशे के व्यापार को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त की हैं, जो इस अवैध कारोबार के नेटवर्क को उजागर करने में मदद कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने डार्क वेब का इस्तेमाल कर नशे के पदार्थों की आपूर्ति की थी, जो कि एक संगठित अपराध का हिस्सा है।

    समाज पर प्रभाव

    इस तरह के मामलों से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पुलिस का यह प्रयास न केवल नशीले पदार्थों के कारोबार को नियंत्रित करने में सहायक है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को इस प्रकार के नशे से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • झारखंड अपराध: गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 19.85 लाख की साइबर ठगी, तीन हिरासत में।

    झारखंड अपराध: गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 19.85 लाख की साइबर ठगी, तीन हिरासत में।

    झारखंड में साइबर अपराध: 19.85 लाख रुपये की ठगी के मामले में तीन गिरफ्तार

    रांची। झारखंड में एक और **साइबर अपराध** का मामला प्रकाश में आया है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने **गूगल** पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर 19.85 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में हजारीबाग जिले के निवासी रवि कुमार साव, सूरज कुमार ठाकुर और सागर कुमार यादव शामिल हैं। इन्हें ठगी में उपयोग किए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों के साथ पकड़ लिया गया है।

    फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिये ठगी का मामला

    सीआईडी की डीएसपी नेहा बाला ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर तीन नवंबर 2025 को साइबर क्राइम थाना, रांची में कांड संख्या 141/25 दर्ज किया गया था। शिकायत में उल्लेख है कि पीड़ित ने गूगल सर्च इंजन पर **गेल इंडिया कस्टमर केयर** का नंबर खोजा था, लेकिन उसमें साइबर अपराधियों ने एक फर्जी नंबर डाला हुआ था। पीड़ित इसके झांसे में आकर इस नंबर पर संपर्क किया, और गैस कनेक्शन दिलाने के नाम पर उससे 19 लाख 85 हजार 73 रुपये की ठगी कर ली गई।

    व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया फर्जी लिंक

    शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक **फर्जी लिंक** भेजा। जब पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी की, तो उसके बैंक खाते से बड़ी रकम अवैध रूप से ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस का कहना है कि यह सभी घटनाएँ सुनियोजित तरीके से की गई थीं, जिसमें तकनीकी साधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया।

    गिरफ्तारी और आगे की जांच

    इस मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना, रांची की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपितों की पहचान की। इसके पश्चात, हजारीबाग पुलिस के सहयोग से तीनों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इनका संबंध किसी अन्य **साइबर ठगी** के मामलों से भी है।

    लोगों से सावधानी बरतने की अपील

    सीआईडी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर देखकर तुरंत भरोसा न करें। सुरक्षित रहने के लिए, संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्रोत से ही नंबर की जानकारी प्राप्त करें।

  • इमरजेंसी कॉल के नाम पर निकाल लिए 10 हज़ार

    इमरजेंसी कॉल के नाम पर निकाल लिए 10 हज़ार

    जनवरी 2023 में पुणे की 24 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इंस्टाग्राम पर एक लड़के से चैट शुरू की। उसने खुद को अमीर और अमेरिका में सेटल्ड बताया। दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए, फिर कॉल और वॉट्सऐप पर बात होने लगी। लड़के ने लड़की को गोल्ड और डायमंड की ज्वेलरी गिफ्ट में भिजवाई।

    लड़के ने कहा कि गिफ्ट कस्टम में अटका है, इसलिए वो कस्टम ड्यूटी भेज दे। लड़की ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद गिफ्ट के ट्रांसफर चार्ज और इधर-उधर के बहाने से 11 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। आखिरकार लड़की को एहसास हुआ कि वो एक स्कैम का शिकार हो गई है। उसने 7 फरवरी को पुणे के वाकड़ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है।

    धोखाधड़ी करने वाले अब बैंक डिटेल्स, OTP जैसे पुराने तरीके नहीं, बल्कि मिस्ड कॉल, बिजली बिल, पार्सल जैसे नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं।