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  • न्यायालय ने शुल्क विवाद में सख्त रुख अपनाया, वकीलों पर 50,000 रुपये का जुर्माना

    न्यायालय ने शुल्क विवाद में सख्त रुख अपनाया, वकीलों पर 50,000 रुपये का जुर्माना

    केरल हाई कोर्ट का वकीलों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना

    नई दिल्ली। केरल उच्च न्यायालय ने वकीलों के आचरण को लेकर कड़ा संदेश देते हुए दो अधिवक्ताओं पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इन वकीलों ने अपने पूर्व मुवक्किलों से बकाया फीस वसूलने के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले में अदालत के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने अनुचित ठहराया।

    कानूनी प्रक्रिया का सम्मान आवश्यक

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बेकू कुरियन थॉमस ने स्पष्ट किया कि कोई भी वकील अपनी फीस वसूलने के लिए न्यायिक प्रक्रिया में रुकावट नहीं डाल सकता। अदालत ने कहा कि ऐसा व्यवहार न केवल गलत है, बल्कि यह कानूनी पेशे की गरिमा को भी प्रभावित करता है।

    रिट याचिका का उपयोग अनुचित

    कोर्ट ने यह भी बताया कि यदि वकीलों की फीस बकाया है, तो उन्हें इसके लिए सिविल कोर्ट का सहारा लेना चाहिए। उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर कर कार्यवाही को रोकना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि वकील अपने क्लाइंट पर दबाव बनाने या उन्हें ब्लैकमेल करने का अधिकार नहीं रखते।

    नियुक्ति के बाद हस्तक्षेप की गंभीरता

    अदालत ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि वकीलों ने अपनी नियुक्ति समाप्त होने के बाद भी मामले में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया। न्यायालय के अनुसार, यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।

    कार्यवाही में देरी का मामला

    जानकारी के अनुसार, वकीलों द्वारा दायर याचिका के कारण भूमि अधिग्रहण से जुड़ी कार्यवाही कई महीनों तक रुकी रही। वकीलों का कहना था कि उन्होंने वर्षों तक केस लड़ा, लेकिन उन्हें उचित फीस नहीं मिली और बिना उनकी एनओसी के नया वकील नियुक्त कर लिया गया।

    मुवक्किलों के आरोप

    वहीं, मुवक्किलों ने अदालत में कहा कि वकीलों को पर्याप्त भुगतान किया गया था, लेकिन वे लगातार अनुचित मांगें कर रहे थे। इसी कारण उन्हें नया वकील नियुक्त करना पड़ा।

    अदालत की चेतावनी

    उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि वकीलों का आचरण पूरे पेशे की प्रतिष्ठा का निर्धारण करता है। यदि उनके कार्यों के कारण न्याय में देरी होती है या मुवक्किलों को नुकसान पहुंचता है, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • ट्रंप का दावा: बातचीत के बाद ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिन हमला, लेकिन ईरानी मीडिया ने किया खंडन।

    ट्रंप का दावा: बातचीत के बाद ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिन हमला, लेकिन ईरानी मीडिया ने किया खंडन।

    ट्रंप का दावा, ईरानी पावर प्लांट्स पर हमले का निर्णय बातचीत के बाद लिया गया

  • IPL में सहभागिता के लिए खिलाड़ियों को पास करना होगा फिटनेस टेस्ट, श्रीलंका क्रिकेट का महत्वपूर्ण निर्णय

    IPL में सहभागिता के लिए खिलाड़ियों को पास करना होगा फिटनेस टेस्ट, श्रीलंका क्रिकेट का महत्वपूर्ण निर्णय

    आईपीएल 2026: श्रीलंका क्रिकेट का नया निर्णय

    आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से होने जा रही है, जिसमें श्रीलंका के कई अनुभवी खिलाड़ी भाग लेते नजर आएंगे। इस बीच, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने आगामी आईपीएल सीजन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    फिटनेस परीक्षण का अनिवार्य होना

    श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने निर्णय लिया है कि सभी खिलाड़ियों को आईपीएल के 19वें सीजन में भाग लेने के लिए अनिवार्य रूप से फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। यह कदम खिलाड़ियों की उपलब्धता और प्रदर्शन में सुधार के लिए उठाया गया है।

    अनुभवी खिलाड़ियों का योगदान

    इस वर्ष के आईपीएल में श्रीलंका के अनुभवी क्रिकेटर्स के योगदान की उम्मीद की जा रही है। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव से टीम को मजबूती मिलेगी।

    टीम की तैयारी

    आईपीएल 2026 में भाग लेने वाली टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों की फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस निर्णय को लिया है।

  • जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले सेमीफाइनल की स्थिति स्पष्ट होगी, अहमदाबाद का निर्णय भारत के लिए महत्वपूर्ण

    जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले सेमीफाइनल की स्थिति स्पष्ट होगी, अहमदाबाद का निर्णय भारत के लिए महत्वपूर्ण

    भारत में महाकुंभ: टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण का महत्वपूर्ण दिन

    नई दिल्ली. **आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप** के सुपर-8 चरण में गुरुवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण होगा। इस दिन दो प्रमुख मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मैच में **भारत** का सामना **जिम्बाब्वे** से होगा, जबकि दूसरे मैच में **वेस्टइंडीज** का मुकाबला **दक्षिण अफ्रीका** से होगा। ये मुकाबले सेमीफाइनल की संभावनाओं को काफी हद तक स्पष्ट कर देंगे।

    भारत बनाम जिम्बाब्वे: सभी या कुछ नहीं

    चेन्नई में होने वाले इस मुकाबले में भारतीय टीम को जिम्बाब्वे की चुनौती का सामना करना होगा। भारत की हालिया हार, जिसमें उसे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन से पराजित होना पड़ा, ने उसकी स्थितियों को नाजुक बना दिया है। वर्तमान में, भारत का नेट रन रेट -3.80 पर आ चुका है, इसीलिए सिर्फ जीत आवश्यक नहीं है, बल्कि एक बड़े अंतर से जीत भी जरूरी है।

    टीम की चिंता का मुख्य कारण उसका टॉप ऑर्डर रहा है। **अभिषेक शर्मा** और **तिलक वर्मा** अपनी फॉर्म में नहीं हैं, जबकि **ईशान किशन** अकेले ही जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं। कप्तान **सूर्यकुमार यादव** को अपनी **स्ट्राइक रेट** में सुधार लाना होगा। गेंदबाजी में भारत की स्थिति मजबूत है; **जसप्रीत बुमराह** शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और **अर्शदीप सिंह**, **हार्दिक पंड्या**, और **वरुण चक्रवर्ती** ने भी अच्छा साथ दिया है। भारत के लिए यह स्पष्ट है कि जिम्बाब्वे को हराना और बड़े अंतर से जीत हासिल करना अनिवार्य है।

    वेस्टइंडीज बनाम दक्षिण अफ्रीका

    अहमदाबाद में **वेस्टइंडीज** और **दक्षिण अफ्रीका** के बीच भिड़ंत होगी। दोनों टीमें सुपर-8 में अब तक अपराजित हैं। वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रन से हराकर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का परिचय दिया है, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भारत को हराकर अपनी संतुलित गेंदबाजी का प्रमाण पेश किया है। यह मैच सेमीफाइनल की दौड़ में महत्वपूर्ण साबित होगा।

    भारत के लिए अहम भूमिका अहमदाबाद की महाकुंभ में

    दिलचस्प बात यह है कि भारत का भविष्य सिर्फ उसके अपने मैच पर निर्भर नहीं है। यदि दक्षिण अफ्रीका वेस्टइंडीज को हरा देती है, तो भारतीय टीम की राह थोड़ी आसान हो जाएगी। लेकिन अगर वेस्टइंडीज बिहार जाती है, तो भारत के लिए समीकरण और जटिल हो सकते हैं। इस प्रकार, चेन्नई और अहमदाबाद दोनों मुकाबले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

    समीकरण की समझ

    भारत का मैच शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा। इससे पहले अहमदाबाद में वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच का परिणाम सामने आ जाएगा। अगर वेस्टइंडीज जीतती है, तो भारत को सभी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अपने दोनों मैच जीतने के साथ-साथ यह भी प्रार्थना करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका अपने अगले(match) में जिम्बाब्वे से हार जाए।

    यदि दक्षिण अफ्रीका जीत जाती है, तो भारत की अगली भिड़ंत वेस्टइंडीज से होगी। इस स्थिति में, यह मुकाबला प्री सेमीफाइनल के समान होगा, इससे जो भी टीम जीतेगी, वह सेमीफाइनल में पहुंचेगी। लेकिन यदि वेस्टइंडीज जीतती है, तो भारत को यह भी प्रार्थना करनी होगी कि जिम्बाब्वे दक्षिण अफ्रीका को हरा दे।

    इन दोनों मुकाबलों के परिणाम से ग्रुप 1 की सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी।

  • पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ खेलने पर सहमति जताई

    पाकिस्तान ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ खेलने पर सहमति जताई

    भारत और पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मुकाबला

    नई दिल्ली: पाकिस्तान ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के साथ खेलने के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में आयोजित किया जाएगा। यह निर्णय लाहौर में हुई एक बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश ने आईसीसी के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें से कुछ को मान लिया गया है।

    बांग्लादेश को मिली मुआवजा

    बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर किया गया था। लाहौर में हुई बैठक में बांग्लादेश ने मांग की कि उन्हें बाहर होने के बावजूद मुआवजा दिया जाए। इस पर आईसीसी ने सहमति जताई है। बांग्लादेश को अंडर-19 वर्ल्ड कप और महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेज़बानी मुआवजे के रूप में दी जा सकती है।

    पाकिस्तान की राजस्व हिस्सेदारी की मांग

    दूसरी ओर, पाकिस्तान ने आईसीसी के राजस्व में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा समय में पाकिस्तान की हिस्सेदारी 5.75 प्रतिशत है, जो लगभग 34-35 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर है। आईसीसी ने इस मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

    भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज पर स्थिति

    नहीं होगी भारत-पाकिस्तान सीरीज
    भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है। पाकिस्तान ने इस श्रृंखला के पुनरारंभ की मांग की थी, लेकिन आईसीसी ने इसे ठुकरा दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद का स्पष्ट कहना है कि किसी भी दो देशों के बीच श्रृंखला आयोजनों का अधिकार उसके क्षेत्राधिकार में नहीं आता।

    हाइब्रिड मॉडल पर सहमति

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हाइब्रिड मॉडल के तहत न्यूट्रल वेन्यू, यानी श्रीलंका में खेले जाने की तैयारी है। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के बीच 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी के समय हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी थी, जिसके अंतर्गत भारत-पाक मुकाबले न्यूट्रल वेन्यू पर आयोजित होते रहे हैं।

  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया T20 विश्व कप से पहले नया कप्तान नियुक्त कर सकता है

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया T20 विश्व कप से पहले नया कप्तान नियुक्त कर सकता है

    एलिसा हीली का क्रिकेट से संन्यास

    ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज **एलिसा हीली** ने हाल ही में सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। हीली ने बताया कि वह मार्च में भारत के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के बाद क्रिकेट को अलविदा कह देंगी। उनके इस निर्णय ने कंगारू टीम और प्रबंधन को काफी चौंका दिया है। अब **क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया** को **महिला टी20 वर्ल्ड कप** के लिए नए कप्तान की तलाश करनी होगी, जो जून में खेला जाएगा।

    नए कप्तान की तलाश

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने नए कप्तान की खोज शुरू कर दी है। **ESPN क्रिकइंफो** की रिपोर्ट के अनुसार, **ताहलिया मैक्ग्रा** और **एश्ले गार्डनर** वर्तमान में टी20 टीम की कप्तानी के लिए सबसे प्रमुख उम्मीदवार माने जा रहे हैं। बोर्ड जल्द ही इन दोनों में से किसी एक को नई कप्तानी का पद सौंप सकता है। हीली ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह भारत के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगी, जिससे बोर्ड को जल्द ही निर्णय लेना होगा।

  • भारतीय बल्लेबाज को प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार, ICC का बड़ा फैसला

    भारतीय बल्लेबाज को प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार, ICC का बड़ा फैसला

    शेफाली वर्मा को मिला प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड

    नई दिल्ली। शेफाली वर्मा ने हाल के समय में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अत्यधिक प्रशंसा प्राप्त की है। उन्हें आईसीसी द्वारा नवंबर 2025 के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड दिया गया है। अपनी ऊर्जा और दमदार बल्लेबाजी के लिए जानी जाने वाली शेफाली वर्मा ने तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है।

    महिला वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन

    शेफाली वर्मा को महिला वर्ल्ड कप 2025 में प्रदर्शन करने का अवसर उस समय मिला जब प्रतिका रावल चोटिल हो गईं। उन्होंने अपने इस अवसर का पूरा लाभ उठाया, विशेषकर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल में। इस मुकाबले में उन्होंने 78 गेंदों में 87 रन बनाए, जिसमें उनके द्वारा लगाए गए 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। इसके साथ ही, उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल का प्रदर्शन किया, 7 ओवर में 36 रन देकर 2 विकेट चटकाए। उनकी इस उत्कृष्टता के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का सम्मान भी मिला।

    शेफाली वर्मा की प्रतिक्रिया

    फाइनल के दौरान टीम की जीत में योगदान देने को लेकर शेफाली वर्मा ने कहा कि वह अत्यंत आभारी हैं कि वह वर्ल्ड कप जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि का हिस्सा बनीं। प्लेयर ऑफ द मंथ चुने जाने पर उन्होंने अपने अनुभव को सम्मानित बताया और इस पुरस्कार को अपने टीम के साथियों, कोचों, परिवार और सभी समर्थकों को समर्पित किया, जो उनके क्रिकेट सफर में हमेशा साथ रहे हैं।

  • शाहरुख ने खुलासा किया, आंद्रे रसेल को रिलीज करने का निर्णय KKR का था

    शाहरुख ने खुलासा किया, आंद्रे रसेल को रिलीज करने का निर्णय KKR का था

    कोलकाता नाइट राइडर्स में आंद्रे रसेल के भविष्य पर बड़ा फैसला

    कोलकाता नाइट राइडर्स के सीईओ वेंकी मैसूर ने हाल ही में टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी आंद्रे रसेल के रिटायरमेंट और उनकी स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रसेल को टीम से रिलीज करने का निर्णय खुद टीम के मालिक, **शाहरुख खान**, ने लिया था। यह निर्णय आगामी आईपीएल सीजन से पहले लिया गया है, जिससे कोलकाता नाइट राइडर्स की रणनीति में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम में बदलाव का उद्देश्य

    वेंकी मैसूर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आंद्रे रसेल को रिलीज करने के पीछे का मुख्य कारण टीम की नई दिशा और रणनीति है। रसेल एक अनुभवी ऑलराउंडर रहे हैं, लेकिन टीम की वर्तमान आवश्यकता के अनुसार नए खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करना आवश्यक था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रसेल को हाल ही में टीम में **पावर कोच** के रूप में नियुक्त करने पर विचार किया गया था, जिससे उनकी विशेषज्ञता से युवा खिलाड़ियों को लाभ मिल सके।

    आंद्रे रसेल का प्रभाव

    आंद्रे रसेल का करियर कोलकाता नाइट राइडर्स में उल्लेखनीय रहा है, जहां उन्होंने कई मैचों में अपनी प्रदर्शन能力 साबित की। उनका आउटफील्ड और बॉलिंग में योगदान हमेशा से टीम के लिए महत्वपूर्ण रहा है। हालांकि, अब जब वह टीम का हिस्सा नहीं होंगे, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि कोलकाता नाइट राइडर्स किस प्रकार नए खिलाड़ियों के साथ रणनीति तय करती है।

  • संजय राउत ने कहा, कांग्रेस के BMC चुनाव निर्णय पर MNS की भागीदारी जरूरी

    संजय राउत ने कहा, कांग्रेस के BMC चुनाव निर्णय पर MNS की भागीदारी जरूरी

    बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के फैसले पर संजय राउत की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि वह बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले पर विचार करने के लिए पार्टी के आलाकमान से चर्चा करेंगे। राउत ने संवाददाताओं से बताया कि विपक्षी महा विकास आघाड़ी में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का शामिल होना आवश्यक है, ताकि भाजपा को हराने में मदद मिल सके।

    कांग्रेस का निर्णय और शिवसेना का रुख

    संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस के बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में, कांग्रेस की मुंबई इकाई ने मनसे के साथ गठबंधन से इनकार किया था और स्वतंत्र रूप से नगर निकाय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का मानना है कि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी का हिस्सा बनना चाहिए।

    चुनाव के बाद का आत्मविश्वास

    राउत के अनुसार, यदि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है और वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने को तैयार हैं, तो उन्हें इस पर विचार करना चाहिए। हाल ही में हुए बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यीय सदन में 200 से अधिक सीटें जीतकर अपनी सत्ता बनाए रखी है, जबकि कांग्रेस केवल 6 सीटें ही जीत पाई।

    साथ बैठकों का आश्वासन

    संजय राउत ने कहा कि वह दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली जा रहे हैं और कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिवसेना और मनसे के बीच सकारात्मक चर्चा चल रही है और सीट बंटवारे पर बैठकें जारी हैं। राउत ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच बातचीत का सिलसिला बेहद अच्छा है।

    भाजपा पर आरोप

    इस बीच, राउत ने भाजपा पर पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में चुनावी संस्कृति को भ्रष्ट करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए इतनी बड़ी मात्रा में धन का उपयोग कभी नहीं किया गया।

    स्थानीय निकाय चुनाव का कार्यक्रम

    महाराष्ट्र में विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव मंगलवार को होने जा रहे हैं। हालांकि, बीएमसी और अन्य नागरिक निकायों के चुनावों का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएं।

  • अफगानिस्तान में कई पाठ्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया

    अफगानिस्तान में कई पाठ्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    तालिबान सरकार ने हाल ही में अफग़ानिस्तान के विश्वविद्यालयों से महिलाओं द्वारा लिखी गई किताबों के संचालन पर रोक लगा दी है। इस नए आदेश के तहत, मानवाधिकार और यौन उत्पीड़न से संबंधित विषयों की शिक्षा भी प्रतिबंधित कर दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार, लगभग 140 किताबें, जिनमें “सेफ्टी इन द केमिकल लैबोरेटरी” जैसी शीर्षक शामिल हैं, उन 680 पुस्तकों में से हैं जिन्हें शरिया कानूनों और तालिबान की नीतियों के खिलाफ मानकर बैन किया गया है।

    विश्वविद्यालयों को यह निर्देश भी दिया गया है कि अब उन्हें 18 विषयों की पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि ये विषय शरिया के सिद्धांतों और नजरियों के खिलाफ हैं। यह आदेश तालिबान के चार साल पहले सत्ता में लौटने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों की श्रृंखला में नया है।

    इस सप्ताह तालिबान के सर्वोच्च नेता के आदेश पर कम से कम 10 प्रांतों में फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम “अनैतिकता” को रोकने के लिए उठाया गया है। इस अवरोध ने महिलाओं और लड़कियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है, विशेष रूप से लड़कियों की छठी कक्षा से ऊपर की पढ़ाई पर प्रतिबंध लगाकर।

    अफगानिस्तान में शिक्षा और अधिकारों पर इस तरह के लगातार कड़े कदम वैश्विक समुदाय में चिंता का विषय बने हुए हैं।