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  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद अनबन पर दिया स्पष्टीकरण

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के निधन के बाद अनबन पर दिया स्पष्टीकरण

    धर्मेंद्र के निधन पर हेमा मालिनी का भावनात्मक बयान

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने उनके परिवार और प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र को लंदन में आयोजित 79वें BAFTA Awards में मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जहां उनके साथ वैल किल्मर, रॉबर्ट डुवैल, रॉब रेनर और Tom Stoppard जैसे अंतरराष्ट्रीय-icons का भी नाम शामिल था।

    हेमा मालिनी की भावनाएँ

    इस अवसर पर हेमा मालिनी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में अपनी भावनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा, “यह पल बेहद खास था और धर्मेंद्र इसके हकदार थे। वह केवल एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक इंसान भी थे।” हेमा ने आगे कहा, “उन जैसा कोई और नहीं होगा। हमें BAFTA अवॉर्ड मिलने पर गर्व और खुशी महसूस हो रही है।”

    परिवार में एकता की बात

    हेमा ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए बताया कि उनकी आधी जिंदगी धर्मेंद्र के साथ बीती और वह उनके जीवन के साथी थे। “हमने जो अनुभव साझा किए, वे दर्शकों के लिए हमेशा यादगार रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग धर्मेंद्र के साथ काम करते थे, वे उनके यादों को संजोए हुए हैं और लगातार परिवार से मिलते रहते हैं।

    बच्चों के बीच की स्थिति

    हाल ही में सनी देओल और बॉबी देओल के बीच अनबन की चर्चाएँ थीं। लेकिन ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर ईशा और अहाना ने अपने भाई सनी का समर्थन किया, जिससे इन अफवाहों पर विराम लगा। हेमा ने स्पष्ट किया, “पापा के लिए हम सब कुछ करेंगे। परिवार में कोई नकारात्मकता नहीं है।”

    धर्मेंद्र का प्यार और समर्थन

    हेमा ने साथ ही यह बताया कि धर्मेंद्र ने उन्हें हाल ही में एक फिल्म देखने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं जा सकीं। उन्होंने धर्मेंद्र के प्रति अपने प्रेम को याद करते हुए कहा, “धरमजी प्यार, ताकत और मानवीय मूल्यों का प्रतीक थे।” उन्होंने यह भी कहा, “हम इन पलों को सार्वजनिक रूप से क्यों दिखाएं? लोगों को समझना चाहिए कि हम सभी ठीक हैं।”

    अभिनय के प्रति प्रतिबद्धता

    फिल्म और अभिनय के प्रति अपनी सोच पर बात करते हुए हेमा ने कहा कि यदि अच्छा रोल मिलता है, तो वह काम करेंगी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र हमेशा चाहते थे कि वह नृत्य करती रहें और शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहें। धर्मेंद्र को पारंपरिक भारतीय कलाओं को बनाए रखने का गर्व था, और हेमा ने इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

    इस प्रकार, हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के BAFTA सम्मान पर अपनी भावनाएं साझा करने के साथ-साथ परिवार में एकता बनाए रखने का भरोसा भी दिया है।

  • अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ का पहले सोमवार पर 73% गिरावट के साथ धक्का

    मुंबई: अगस्त्य नंदा की पहली फिल्म ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष कर रही है। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह युद्ध ड्रामा 1 जनवरी 2026 को दर्शकों के सामने आई थी। फिल्म में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम परफॉर्मेंस है, जिसने दर्शकों की भावनाओं को छू लिया है। हालांकि, फिल्म की कमाई में काफी गिरावट आई है।

    अगस्त्य नंदा की ‘इक्कीस’ को पांचवे दिन सामना करना पड़ा झटका

    ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, ‘इक्कीस’ ने अपने पहले सोमवार को महज 1.35 करोड़ रुपये कमाए। यह चौथे दिन की 5 करोड़ रुपये की कमाई से लगभग 73% की बड़ी गिरावट है। अब तक फिल्म की कुल नेट कमाई भारत में लगभग 21.50 करोड़ रुपये हो चुकी है। पहले दिन फिल्म ने 7 करोड़, दूसरे दिन 3.5 करोड़, तीसरे दिन 4.65 करोड़ और चौथे दिन 5 करोड़ रुपये कमाए थे।

    वीकेंड पर अच्छी शुरुआत के बाद, वर्किंग डेज में दर्शकों की संख्या में कमी आई। फिल्म की कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की बसंतर की लड़ाई पर आधारित है। अगस्त्य नंदा ने प्रारंभिक उम्र में परम वीर चक्र पाने वाले सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है। उनके साथ जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया (अक्षय कुमार की भांजी) और अन्य कलाकार भी हैं।

    पहले सोमवार पर कमाई में आई 73% की गिरावट

    दर्शकों और समीक्षकों ने फिल्म की भावनात्मक संवेदनशीलता, अभिनय, और युद्ध के मानवीय पहलुओं की सराहना की है। कई समीक्षक इसे एक एंटी-वार फिल्म कह रहे हैं, जो दर्शकों के जज्बातों को छूती है। हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर ‘इक्कीस’ को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। ‘धुरंधर’ ने अपने 32वें दिन में 4.50 करोड़ रुपये कमाए, जो ‘इक्कीस’ की कमाई से तीन गुना अधिक है।

    ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटर में लाने में रही असफल

    ‘धुरंधर’ की कुल कमाई अब 776 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है और यह नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है। नए साल की पहली बड़ी रिलीज होने पर भी, ‘इक्कीस’ दर्शकों को थिएटरों तक लाने में असफल रही है। फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में थोड़ी रिकवरी की संभावनाएं हैं, लेकिन ‘धुरंधर’ की सफलता के सामने यह काफी चुनौतीपूर्ण प्रतीत हो रहा है। धर्मेंद्र सर की अंतिम फिल्म को बड़े पर्दे पर देखना एक गहन और भावुक अनुभव है।

  • अमिताभ बच्चन ने केबीसी सेट पर धर्मेन्द्र को याद कर रोए

    अमिताभ बच्चन ने केबीसी सेट पर धर्मेन्द्र को याद कर रोए

    अमिताभ बच्चन का भावुक पल: धर्मेंद्र की याद में ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ पर आंसू

    नई दिल्ली: अभिनेता अमिताभ बच्चन हाल ही में ‘कौन बनेगा करोड़पति 17’ के सेट पर भावुकता के क्षणों का सामना करते दिखे। जब उन्होंने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को याद किया, तो उनकी आंखें भर आईं। शो की शुरुआत में ही बिग बी की आंखों में आंसू थे और उनकी आवाज भी भरी हुई लग रही थी। उन्होंने धर्मेंद्र को केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि अपने दोस्त, परिवार सदस्य और प्रेरणास्त्रोत के रूप में संबोधित किया।

    फिल्म ‘इक्कीस’ की चर्चा

    KBC 17 के इस विशेष एपिसोड में, अमिताभ बच्चन ने धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ का उल्लेख किया। फिल्म के प्रचार के लिए, पूरी स्टार कास्ट को मंच पर आमंत्रित किया गया था। फिल्म में अमिताभ की पोती अगस्त्य नंदा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं।

    धर्मेंद्र की अनमोल विरासत

    शो पर अमिताभ ने भावुकता के साथ बताया कि ‘इक्कीस’ केवल एक साधारण फिल्म नहीं है, बल्कि यह धर्मेंद्र की ओर से दर्शकों के लिए एक अनमोल विरासत है। उन्होंने आगे कहा कि एक सच्चा कलाकार अपने अंतिम सांस तक अपनी कला से जुड़ा रहना चाहता है, और धर्मेंद्र ने इसे सिद्ध कर दिखाया। बिग बी ने उन्हें अपना मित्र, परिवार और आदर्श मानते हुए श्रधेांजलि अर्पित की।

    यादें और आशीर्वाद का अहसास

    जब अमिताभ धर्मेंद्र की याद कर रहे थे, तो उनकी आवाज कांपने लगी। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र का एहसास कभी खत्म नहीं होता; वह हमेशा यादों और आशीर्वाद के रूप में जीवित रहते हैं। बिग बी के साथ उनके रिश्ते भी बेहद अच्छे थे, जो आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।

    ‘शोले’ की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा

    इस दौरान, अमिताभ ने ‘शोले’ से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु में जब इस फिल्म की शूटिंग हो रही थी, तब एक सीन में धर्मेंद्र ने उन्हें इतनी मजबूती से पकड़ा था कि वह दृश्य बेहद वास्तविक लग रहा था। बिग बी ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र किसी पहलवान से कम नहीं थे, और उनकी यह विशेषताएं उन्हें अन्य सितारों से अलग बनाती हैं।

  • निर्देशक मुकेश छाबड़ा ने ‘इक्कीस’ की समीक्ष की, धर्मेंद्र पर यह कहा

    निर्देशक मुकेश छाबड़ा ने ‘इक्कीस’ की समीक्ष की, धर्मेंद्र पर यह कहा

    मुकेश छाबड़ा की शानदार समीक्षा: फिल्म ‘इक्कीस’

    डेस्क। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्होंने फिल्म ‘इक्कीस’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने फिल्म और इसके मुख्य अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में अपनी राय साझा की। यह विशेष स्क्रीनिंग 29 दिसंबर को मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें सलमान खान, सनी देओल, बॉबी देओल और रेखा जैसे सितारे मौजूद थे।

    धर्मेंद्र की अदाकारी पर छाबड़ा के विचार

    मुकेश छाबड़ा ने एक्स प्लेटफॉर्म पर फिल्म की सराहना की और धर्मेंद्र के लिए विशेष टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “मैंने अभी ‘इक्कीस’ देखी। यह फिल्म एक पवित्र हृदय से बनाई गई है। इसकी ईमानदार कहानी आपके दिमाग में लंबे समय तक रहती है। धर्मेंद्र सर, यह शानदार फिल्म है। अगर यह आपकी आखिरी फिल्म है, तो यह एक दिल टूटने वाली बात है। आपने हमें भावनात्मक और महत्वपूर्ण चीज़ें दी हैं। आपका याद किया जाएगा।”

    फिल्म की महत्वपूर्ण विशेषताएँ

    छाबड़ा ने आगे लिखा, “जयदीप अहलावत का अभिनय शानदार है। मैं उनके काम से खुश हूं। अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया भी अच्छे लग रहे हैं, उनकी स्क्रीन पर केमिस्ट्री प्रशंसनीय है। अगस्त्य की मासूमियत स्क्रीन पर झलकती है। विवान शाह और सिकंदर खेर ने भी बेहतरीन काम किया है। सबसे ऊपर, श्रीराम राघवन इसे निर्देशित कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र के मास्टर हैं।”

    कहानी का सारांश

    फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी, 2026 को रिलीज होने वाली है और यह एक युद्ध ड्रामा है। इसे श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित किया गया है और यह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। यह फिल्म सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी को उजागर करती है।

  • धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार में बढ़ी दूरियां, शोभा डे का खुलासा

    धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार में बढ़ी दूरियां, शोभा डे का खुलासा

    मुंबई: बॉलीवुड के महान अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने न केवल फिल्म उद्योग को शोक में डुबो दिया, बल्कि उनकी व्यक्तिगत जीवन की चर्चा भी तेज कर दी है। अंतिम विदाई के दौरान कई प्रार्थना सभाओं ने धर्मेंद्र के दो परिवारों के बीच के रिश्तों को फिर से उजागर किया है।

    इस मामले पर प्रसिद्ध लेखिका शोभा डे की प्रतिक्रिया ने चर्चाओं को और भड़काया है। उन्होंने हेमा मालिनी की भूमिका और उनके संयम पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।

    प्रार्थना सभाओं की अलग पहचान

    धर्मेंद्र के निधन के बाद, उनके बेटे सनी और बॉबी देओल ने मुंबई के एक होटल में प्रार्थना सभा का आयोजन किया। दूसरी ओर, हेमा मालिनी ने अपने घर पर गीता पाठ आयोजित किया, लेकिन वह होटल में नहीं गईं। बाद में, दिल्ली में हेमा द्वारा की गई प्रार्थना सभा में सनी और बॉबी भी शामिल नहीं हुए। यह अलग-अलग आयोजन परिवार के बीच की दूरी को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

    हेमा को नजरअंदाज करने का आरोप

    शोभा डे ने अपनी बात रखते हुए कहा कि धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर के परिवार ने हेमा मालिनी को पूरी तरह से नजरअंदाज किया। उन्होंने मोजो स्टोरी से बातचीत में कहा कि परिस्थितियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो हेमा को जानबूझकर अलग रखा गया हो। इस बात ने भावनात्मक दृष्टि से स्थिति को और कठिन बना दिया।

    रिश्ते की भावनाएँ

    शोभा डे ने कहा कि हेमा ने धर्मेंद्र के साथ लगभग 45 साल का समय बिताया है। इस रिश्ते को उन्होंने गहरे प्यार और प्रतिबद्धता के साथ निभाया। ऐसे में इस कठिन समय में अलग-थलग महसूस करना किसी के लिए भी बहुत ही दर्दनाक हो सकता है। उनके अनुसार, ऐसे यादें और भावनाएं आसानी से भुलाई नहीं जा सकतीं।

    बेटियों के साथ भावनात्मक चुनौती

    लेखिका ने यह भी कहा कि हेमा की इस शादी से दो बेटियाँ हैं, और यह घटनाक्रम उनके लिए भी एक बड़ा भावनात्मक झटका हो सकता है। इसके बावजूद, हेमा ने अपने दर्द को सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं किया और किसी प्रकार की शिकायत या विवाद से दूरी बनाए रखी। यह उनके संयम का प्रतीक है।

    गरिमा की प्राथमिकता

    शोभा डे के अनुसार, हेमा मालिनी ने इन भावनात्मक पलों का उपयोग अपने लाभ के लिए नहीं किया। उन्होंने हमेशा गरिमा को प्राथमिकता दी और प्रतिस्पर्धा से दूर रहीं। शोभा ने कहा कि धर्मेंद्र के जीवन में दो परिवार रहे, लेकिन हेमा ने हमेशा संतुलन और सम्मान का रास्ता चुना, जो उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी ताकत है।

  • ‘इक्कीस’ की रिलीज टली, करण जौहर ने धर्मेंद्र पर दी श appreciation

    ‘इक्कीस’ की रिलीज टली, करण जौहर ने धर्मेंद्र पर दी श appreciation

    करण जौहर ने प्रकट की धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ के प्रति भावनाएं

    मुंबई: बॉलीवुड के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता करण जौहर ने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। करण का मानना है कि धर्मेंद्र जी को एक बार फिर स्क्रीन पर देखना सभी प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों के लिए बेहद खास अवसर होगा। यह फिल्म धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म है, जिसे अब पोस्टह्यूमस रिलीज किया जाएगा।

    ‘इक्कीस’: एक युद्ध नाटकीयता पर आधारित कहानी

    ‘इक्कीस’ एक वॉर ड्रामा है, जिसका निर्देशन प्रख्यात फिल्म निर्माता श्रीराम राघवन कर रहे हैं। फिल्म का आधार 1971 के भारतीय-पाकिस्तानी युद्ध में शहीद हुए भारत के सबसे युवा परम वीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी है। अरुण केवल 21 वर्ष की आयु में शहीद हुए, जिसे देखते हुए फिल्म का टाइटल ‘इक्कीस’ रखा गया है। मुख्य भूमिका में अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा का अभिनय होगा, जो अपने थिएटर डेब्यू के लिए तैयार हैं।

    धर्मेंद्र का किरदार और करण का बयान

    धर्मेंद्र जी फिल्म में अरुण के पिता ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल का किरदार निभा रहे हैं। करण जौहर ने अपनी प्रोडक्शन फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “मैं ‘इक्कीस’ देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। यह फिल्म हम सभी के लिए बेहद खास है। धर्मेंद्र जी के प्रति हमारा इतना सम्मान और प्यार है। उनका निधन हमारे लिए एक बड़ा नुकसान है। उन्हें आखिरी बार पर्दे पर देखना फैंस के लिए एक अनमोल खुशी के बराबर होगा।”

    धर्मेंद्र का निधन: एक युग का अंत

    करण ने आगे बताया कि उन्हें अगस्त्य नंदा और अनन्या पांडे जैसे युवा कलाकारों के प्रति व्यक्तिगत लगाव है। धर्मेंद्र जी का निधन 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में हुआ। बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले धर्मेंद्र ने छह दशकों में 300 से अधिक फिल्में कीं। उन्होंने ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’ जैसी क्लासिक फिल्मों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनकी आखिरी रिलीज फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ थी, लेकिन ‘इक्कीस’ उनकी अंतिम परफॉर्मेंस के रूप में याद की जाएगी।

    ‘इक्कीस’ की नई रिलीज तिथि

    फिल्म की रिलीज डेट पहले 25 दिसंबर 2025 थी, लेकिन अब इसे 1 जनवरी 2026 के लिए निर्धारित किया गया है। इस बदलाव का कारण बॉक्स ऑफिस पर चल रही अन्य बड़ी फिल्मों की सफलता है, जिससे ‘इक्कीस’ को बेहतर स्क्रीन और शोज मिल सकेंगे। फिल्म में जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और अक्षय कुमार की भांजी सिमर भाटिया भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘इक्कीस’ न केवल एक वीर सैनिक की कहानी है, अपितु यह धर्मेंद्र जी को श्रद्धांजलि भी प्रस्तुत करेगी। फैंस के लिए यह फिल्म भावुक पलों से भरी होगी।

  • धर्मेंद्र की फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज तिथि में परिवर्तन हुआ

    धर्मेंद्र की फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज तिथि में परिवर्तन हुआ

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज में हुआ बदलाव

    मुंबई। फिल्म ‘इक्कीस’ को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम प्रदर्शनी के रूप में देखा जा रहा है। धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था, जिसके बाद उनके प्रशंसक इस फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

    रिलीज की नई तारीख पर विचार

    इस विशेष फिल्म को पहले 25 दिसंबर को रिलीज किया जाना था, लेकिन इसमें बदलाव किए जाने की संभावना है। धर्मेंद्र के फैंस के लिए यह फिल्म एक संजीवनी के समान है, क्योंकि यह उन्हें अपने प्रिय अभिनेता को एक बार फिर से बड़े पर्दे पर देखने का मौका प्रदान करेगी। फिल्म की नई रिलीज तारीख की आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है।

    फिल्म के बारे में जानकारियाँ

    ‘इक्कीस’ को लेकर प्रशंसा और उत्साह का माहौल है। इसके माध्यम से धर्मेंद्र ने अपने फ़िल्मी करियर का एक शानदार अंत किया। जैसा कि फिल्म के विषय पर चर्चा जारी है, दर्शक इसकी कहानी और अदाकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

  • सनी देओल ने ‘बॉर्डर 2’ टीजर लॉन्च पर पापा धर्मेंद्र को किया याद

    सनी देओल ने ‘बॉर्डर 2’ टीजर लॉन्च पर पापा धर्मेंद्र को किया याद

    सनी देओल की भावुकता ने छाया ‘बॉर्डर 2’ के टीजर लॉन्च पर

    मुंबई में आयोजित ‘बॉर्डर 2’ के टीजर लॉन्च इवेंट में बॉलीवुड के एक्शन हीरो सनी देओल का भावुक होना देखने को मिला। यह उनका पिता, दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन के बाद पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था, और सनी इस इवेंट में ठीक 22 दिन बाद पहुंचे।

    टीजर लॉन्च के दौरान जब सनी से फिल्म का प्रसिद्ध डायलॉग बोलने के लिए कहा गया, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने अपनी गहरी आवाज में बोलते हुए कहा, “आवाज कहां तक जानी चाहिए?” दर्शकों ने एक साथ चिल्लाते हुए उत्तर दिया, “लाहौर तक!” सनी ने इसे दुहराया, लेकिन इस पल में उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने चुपचाप आंसू पोछे और फिर दर्शकों की ओर देखा।

    यह भावनात्मक क्षण हॉल में मौजूद सभी लोगों को छू गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और फैंस सनी की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं। ‘बॉर्डर 2’ 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जो 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग पर आधारित है। इस बार सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं, और उनके साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी जैसे युवा सितारे भी नजर आएंगे।

    टीजर का अनावरण विजय दिवस पर

    फिल्म का टीजर आज विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर जारी किया गया, जिसमें युद्ध, सैनिकों की बहादुरी और देशभक्ति का अनूठा चित्रण किया गया है। टीजर में सनी का पुराना आइकॉनिक गन वाला सीन भी दर्शकों को याद दिलाया गया, जो उन्हें ‘गदर’ जैसी एक्साइटमेंट प्रदान कर रहा है। इवेंट में सनी जीप चलाते हुए शामिल हुए, जो फिल्म के विषय के अनुरूप थी। वरुण धवन और अहान शेट्टी भी उनके साथ थे, हालांकि दिलजीत दोसांझ इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।

    बॉर्डर 2 का रिलीज़ डेट

    निर्देशक अनुराग सिंह और प्रोड्यूसर्स भूषण कुमार ने इस फिल्म को भारतीय सेना को समर्पित किया है। टीजर में आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के दृश्य शामिल हैं, साथ ही सैनिकों के परिवारों की भावनाओं को भी दर्शाया गया है। बैकग्राउंड में ‘हिंदुस्तान मेरी जान’ गाना बजता है, जो सुनने वालों को झकझोर देता है। फैंस का मानना है कि सनी देओल असल ज़िंदगी में भी हीरो हैं। ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।

  • धर्मेंद्र ने प्रेम प्रसंग के चलते एक दिन में 12 बीयर की बोतलें पीं

    धर्मेंद्र ने प्रेम प्रसंग के चलते एक दिन में 12 बीयर की बोतलें पीं

    धर्मेंद्र का निधन: हिंदी सिनेमा का ही-मैन अलविदा कह गया

    मुंबई। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने आज, 24 नवंबर को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने 8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने की तैयारी की थी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उनका निधन हो गया। धर्मेंद्र ने लगभग छह दशकों तक भारतीय सिनेमा पर राज किया। वे न केवल अपनी फिल्मों के लिए बल्कि अपनी जीवंत पर्सनल लाइफ के लिए भी जाने जाते थे।

    धर्मेंद्र की शराब पीने की आदत

    धर्मेंद्र हमेशा से एक जिंदादिल इंसान रहे हैं। उनकी पहली कमाई से उन्होंने शराब का सेवन शुरू किया था, और वो इसे अपनी जवानी में अपना दोस्त मानते थे। उन्होंने एक बार कबूल किया था कि एक दिन में उन्होंने 12 बीयर की बोतल पी ली थी। यह किस्सा फिल्म शोले की शूटिंग के दौरान का है, जब उन्होंने पीछे बैठकर चुपचाप शराब पीने का सोचा था। जब प्रोडक्शन स्टाफ को पता चला तो वे हैरान रह गए। धर्मेंद्र ने बताया कि उस दिन उनकी प्यास सबसे ज्यादा थी।

    जिंदगी के बारे में उनकी सोच

    धर्मेंद्र ने शराब की लत के बारे में भी खुलकर बात की थी। उन्होंने स्वीकारा कि एक समय ऐसा था जब नशे ने उन्हें पूरी तरह से जकड़ लिया था। उन्होंने एक घटना को साझा करते हुए कहा कि नशे में उन्होंने अपने पिता का कॉलर पकड़ लिया था, जिसका उन्हें बुरा अफसोस था। धर्मेंद्र ने बताया कि जिंदगी ने उन्हें अपने अनुभवों से सिखाया है और कठिनाइयों के बीच ही उन्होंने जीवन के असली सबक सीखे।

    कविता और धर्मेंद्र की रचनात्मकता

    धर्मेंद्र को कविताएँ लिखने का भी बहुत शौक था। वे अक्सर अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया पर अपनी कविताएँ साझा करते रहते थे। उनकी मस्ती भरी शख्सियत और ईमानदार व्यक्तित्व ने उन्हें और भी खास बना दिया था।

    शराब पीने की आदत और उसके मनोवैज्ञानिक पहलू

    बहुत से लोग दुख के समय शराब या बीयर का सेवन करते हैं, क्योंकि ऐसा करने से वे अपनी चिंताओं और नकारात्मक विचारों से ध्यान हटा लेते हैं। यह आदत केवल एक साधारण प्रक्रिया नहीं है, इसके पीछे कई मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और जैविक कारण हैं।

    शराब की लत के कारणों को समझना

    शराब की लत लगना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई कारक शामिल होते हैं। इस पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है कि यह किन कारणों से उत्पन्न होती है।

  • फिल्म शोले में सबसे महंगी फीस वाले अभिनेता की पहचान हुई

    फिल्म शोले में सबसे महंगी फीस वाले अभिनेता की पहचान हुई

    1975 में प्रदर्शित हुई **शोले** भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित कृति मानी जाती है। अब इस फिल्म के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, इसे एक बार फिर से सिनेमाघरों में बड़े पर्दे पर पेश किया जा रहा है। ओटीटी प्लेटफार्म पर निरंतर देखी जाने वाली इस फिल्म को फिर से देखने का अवसर दर्शकों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी अवसर पर फिल्म की स्टार कास्ट को प्राप्त फीस के बारे में दिलचस्प जानकारियां सामने आई हैं, जो उस समय की फिल्म उद्योग की स्थिति को दर्शाती हैं।

    धर्मेंद्र का फीस रिकॉर्ड

    **शोले** का कुल बजट लगभग तीन करोड़ रुपये था। फिल्म में वीरू का मुख्य किरदार निभाने वाले **धर्मेंद्र**, उस समय सबसे अधिक फीस लेने वाले अभिनेता माने जाते थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें इस फिल्म में काम करने के लिए लगभग 1.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जो उस समय काफी बड़ी राशि थी।

    संजीव कुमार की फीस

    ठाकुर बलदेव सिंह का प्रभावशाली पात्र निभाने वाले **संजीव कुमार** को इस फिल्म के लिए 1.25 लाख रुपये का माननीय पारिश्रमिक मिला था। यह गौर करने योग्य है कि वे उस समय के एक अन्य प्रमुख अभिनेता **अमिताभ बच्चन** से अधिक फीस प्राप्त करने वाले कलाकारों में शामिल थे।

    अमिताभ बच्चन का लीड रोल

    **जय** के किरदार में दिखे **अमिताभ बच्चन** को **शोले** के लिए लगभग 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उस समय, वे एक उभरते हुए स्टार थे, लेकिन उनकी फीस **संजीव कुमार** से कम रही। फिर भी, जय का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शुमार है।

    हीरोइनों और गब्बर की फीस

    फिल्म में **बसंती** का किरदार निभाने वाली **हेमा मालिनी** को 75 हजार रुपये और **राधा** के किरदार में **जया बच्चन** को 35 हजार रुपये मिले थे। वहीं, गब्बर सिंह के रूप में **अमजद खान** ने केवल 50 हजार रुपये में एक ऐसा किरदार अदा किया, जो भारतीय सिनेमा का एक प्रतीकात्मक विलेन बन गया।

    12 हजार में बना आइकॉनिक रोल

    फिल्म के कई यादगार किरदार बहुत कम फीस पर निभाए गए। **सांबा** के पात्र को निभाने वाले **मैक मोहन** को मात्र 12 हजार रुपये मिले थे। इसी तरह, **कालिया** के लिए **विजू खोटे** को 10 हजार रुपये और **इमाम साहब** का रोल निभाने वाले **एके हंगल** को केवल 8 हजार रुपये दिए गए थे।

  • दिल्ली में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के लिए प्रेयर मीट आयोजित की, कई सांसद शामिल

    दिल्ली में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के लिए प्रेयर मीट आयोजित की, कई सांसद शामिल

    दिल्ली में धर्मेंद्र के लिए श्रद्धांजलि सभा

    दिल्ली में गुरुवार को हेमा मालिनी ने अपने पति और बॉलीवुड के बड़े सितारे धर्मेंद्र के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।

    विशेष पूजा और श्रद्धांजलि सभा

    हेमा मालिनी ने धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ एक विशेष पूजा और श्रद्धांजलि सभा की योजना बनाई। इस आयोजन में कई वक्ताओं ने धर्मेंद्र के जीवन और उनके फिल्मों में योगदान को याद किया। मौजूद लोग भावुक नजर आ रहे थे और उन्होंने फूलों के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    राजनीतिक हस्तियों की भागीदारी

    सभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल हुए, जिन्होंने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। उन्होंने धर्मेंद्र की सामाजिक कार्यों और उनकी मानवता को भी याद किया। इस मौके पर उनकी बेटी ईशा देओल और बहन आहाना भी भावुक रूप से उपस्थित रहीं।

    फिल्मी सितारों की श्रद्धांजलि

    कंगना रानौत और अन्य कई कलाकारों ने भी इस अवसर पर धर्मेंद्र के योगदान को याद किया। ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर एक दिल छूने वाला वीडियो साझा किया, जिसमें उनके पिता के फिल्मी करियर के प्रमुख क्षणों को प्रदर्शित किया गया था। इस वीडियो में धर्मेंद्र के अभिनय को बखूबी दर्शाया गया।

    ईशा देओल का भावुक संदेश

    ईशा देओल ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता को ‘डार्लिंग पापा’ कहकर भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि अपने पिता की शिक्षाएं और प्रेम को वो हमेशा अपने दिल में संजोकर रखेंगी। उनके शब्दों में पिता और बेटी के बीच के गहरे रिश्ते का एहसास होता है।

    धर्मेंद्र की विरासत और नई फिल्म

    धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर को हुआ था। उन्हें उनकी कई बेहतरीन फिल्मों जैसे ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘आया सावन झूम के’ और ‘अनुपमा’ के लिए याद किया जाएगा। उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ में वे पोस्टह्यूमसली नजर आएंगे, जिसका निर्देशन श्रीराम राघवन कर रहे हैं। यह फिल्म 25 दिसंबर को रिलीज होगी।

  • अनिल शर्मा ने बताया धर्मेंद्र की एक अधूरी इच्छा

    अनिल शर्मा ने बताया धर्मेंद्र की एक अधूरी इच्छा

    अनिल शर्मा की धर्मेंद्र के साथ खास यादें

    मुंबई। फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा का देओल परिवार के साथ गहरा संबंध रहा है। उन्होंने धर्मेंद्र, सनी और बॉबी देओल के साथ कई सफल फ़िल्में तैयार की हैं। हाल ही में, अनिल ने बताया कि वह देओल परिवार के साथ एक नई फिल्म पर काम कर रहे थे, लेकिन अब वह प्रोजेक्ट बंद हो गया है। उन्होंने धर्मेंद्र की एक ख्वाहिश का जिक्र किया, जो उन्होंने अपने अंतिम मिलन पर अनुरोध की थी।

    धर्मेंद्र की खास रिक्वेस्ट

    एक यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए, अनिल ने बताया कि वह सितंबर में बॉबी देओल के घर पर धर्मेंद्र से मिले थे। उस दिन कई लोग धर्मेंद्र से मिलने आए थे। अनिल ने कहा, “धर्मेंद्र जी मुझसे मिले और मुझसे गले मिले। उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्या कर रहा हूं।”

    धर्मेंद्र से किया था वादा

    अनिल ने साझा किया कि धर्मेंद्र ने उनसे एक बार नहीं, बल्कि तीन बारお願い की थी। उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र जी ने कहा, ‘यार अनिल बेटा, मेरे लिए एक बहुत कमाल का रोल लिख। मुझे कुछ करना है अभी, कैमरा मेरी महबूबा है।’” अनिल ने वादा किया कि वह उनके लिए एक बेहतरीन रोल लिखेंगे, लेकिन उन्हें इस बात का अहसास नहीं था कि उनकी यह आखिरी मुलाकात होगी। अनिल ने कहा, “मुझे लगा था कि वह 90 साल की उम्र तक जिएंगे और कैमरे के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं होगा।”

  • धर्मेंद्र के प्रशंसकों के लिए ‘शोले द फाइनल कट’ का ट्रेलर रिलीज

    धर्मेंद्र के प्रशंसकों के लिए ‘शोले द फाइनल कट’ का ट्रेलर रिलीज

    फिल्म ‘शोले’ की 4K रिस्टोर्ड वर्जन की वापसी

    बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म ‘शोले’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों के बीच लौटने के लिए तैयार है। यह 1975 में प्रदर्शित हुई थी और अब इसका 4K रिस्टोर्ड वर्जन ‘शोले: द फाइनल कट’ 12 दिसंबर 2025 से देशभर में सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा। फिल्म का ट्रेलर आज लॉन्च किया गया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया है।

    ट्रेलर ने किया जादू

    जैसे ही ट्रेलर सामने आया, पुराने प्रशंसकों की आँखों में स्नेह के आँसू आ गए, जबकि नए दर्शक इस बात से हैरान हैं कि एक 50 साल पुरानी फिल्म आज भी इतनी प्रभावशाली और ताज़ा क्यों लगती है। 4K रिज़ॉल्यूशन में रीमास्टर्ड दृश्य, डॉल्बी एटमॉस 5.1 सराउंड साउंड और नए कलर ग्रेडिंग के साथ गब्बर का मशहूर डायलॉग ‘ये रामगढ़ वाले अपनी छोरियों को कौन बचाएगा रे?’ एक बार फिर से दर्शकों को रोमांचित कर रहा है।

    भावुकता का विशेष पहलू

    जय-वीरू की बाइक पर वो ऐतिहासिक एंट्री, ठाकुर का बदला, बसंती का ठुमका और समोसे वाला सीन सब कुछ इस री-रिलीज में यूं प्रतीत हो रहा है मानो ये सब अभी-अभी फिल्माया गया हो। इस री-रिलीज का विशेष भावुक पहलू यह है कि यह हाल ही में दिवंगत हुए दो महान कलाकारों – धर्मेंद्र और असरानी को श्रद्धांजलि है। उनके हाव-भाव और कॉमिक टाइमिंग इस 4K वर्जन में नये सिरे से जीवन्त हो उठे हैं।

    निर्देशक का सपना और तकनीकी पहलू

    निर्देशक रमेश सिप्पी के बेटे रोहन सिप्पी ने साझा किया, ‘मेरे पिता हमेशा कहते थे कि ‘शोले’ उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। 50वीं सालगिरह के इस अवसर पर हमने दुनिया की सबसे उन्नत रिस्टोरेशन तकनीक का प्रयोग किया है। पुराने नेगेटिव को स्कैन करके हर फ्रेम को सहेजा गया है। RD बर्मन का बैकग्राउंड स्कोर भी दोबारा मिक्स किया गया है।’

    फिल्म की लोकप्रियता और टिकट बुकिंग

    इससे पहले, ‘शोले’ को 2005 में 30 साल पूरे होने पर री-रिलीज किया गया था, और 2014 में इसका 3D वर्जन आया। अब, 50वीं वर्षगांठ पर ‘द फाइनल कट’ को प्रशंसक एक शानदार उपहार मान रहे हैं। टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है और कई मल्टीप्लेक्स में पहले दिन के शो हाउसफुल हो गए हैं। जय और वीरू की केमिस्ट्री, अमजद खान का गब्बर और हेमा मालिनी की बसंती अब भी पूरी ताकत के साथ दर्शकों को लुभा रही है।

  • धर्मेंद्र की अंतिम कविता ने फैंस को किया भावुक; वीडियो में देखें संपूर्ण माहौल

    धर्मेंद्र की अंतिम कविता ने फैंस को किया भावुक; वीडियो में देखें संपूर्ण माहौल

    धर्मेंद्र: बॉलीवुड का अमर ‘ही-मैन’ अब नहीं रहे

    बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र, जिन्हें हम प्यार से ‘ही-मैन’ के नाम से जानते हैं, 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गए। उनका निधन अस्पताल से छुट्टी मिलने के केवल 12 दिन बाद हुआ, जिसने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया। उनका 90वां जन्मदिन 8 दिसंबर को आना था, लेकिन दुखद रूप से किस्मत ने उन्हें इससे पहले ही हमसे छीन लिया। उम्र से संबंधित बीमारियों ने उनकी जिंदगी का अंत कर दिया। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार पवन हंस श्मशान में किया गया, जहां उनके परिवार के सदस्य, जैसे सनी देओल, बॉबी देओल, हेमा मालिनी, और ईशा देओल, ने उन्हें अंतिम बार विदाई दी।

    आखिरी कविता का जादू

    अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, और करण जौहर जैसे दिग्गज सितारों ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी। उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ के निर्माताओं ने 28 नवंबर को एक विशेष वीडियो जारी किया, जिसमें धर्मेंद्र द्वारा लिखी गई उनकी अंतिम कविता शामिल है। यह पंजाबी कविता, ‘आज भी जी करदा है, पिंड अपने नूं जानवा…’ में गाँव की यादों को बड़ी गहराई से व्यक्त किया गया है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं।

    वीडियो में अद्भुत भावनाएँ

    इस वीडियो में दर्शाया गया है कि कैसे उनका किरदार अपने गाँव लौटता है, पुराने दोस्तों से मिलता है, और बचपन की गलियों में खो जाता है। यह रोमांटिक नॉस्टैल्जिया इतना सच्चा है कि देखने वालों को लगता है मानो धर्म जी खुद अपनी कहानी सुना रहे हों। ‘इक्कीस’ में जयदीप अहलावत मुख्य भूमिका में हैं, जो कर्ण कोल्हापुरी के जीवन पर आधारित एक युद्ध नाटक है। इस वीडियो के एक दृश्य में धर्मेंद्र और दिवंगत असरानी की जोड़ी को साथ में हंसते हुए दिखाया गया है, जो ‘शोले’ से उनकी यादों को ताजा करता है। यह दृश्य दर्शकों के लिए अलविदा का एक भावनात्मक संदेश है।

    धर्म जी की कविता: जिंदगी का अक्स

    निर्माताओं का कहना है, ‘धर्म जी की यह कविता उनकी जिंदगी का आईना है, जो पिंड की मिट्टी से जुड़े रहने का संदेश देती है।’ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जहाँ प्रशंसक अपनी भावनाएँ साझा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘यह कविता नहीं, दिल की पुकार है। RIP ही-मैन, आप अमर हो।’ शाहरुख खान ने ट्वीट किया है, ‘धर्म जी, आपकी सादगी और ताकत हमेशा याद रहेगी।’ वहीं, हेमा मालिनी ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मेरे साथी, तुम्हारी यह आखिरी रचना सबसे खूबसूरत है।’

    धर्मेंद्र का फिल्मी करियर

    धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है, ‘फूल और पत्थर’ से लेकर ‘रॉकी और रानी’ तक। ‘शोले’ का वीरू और ‘चुपके चुपके’ का प्रोफेसर जैसे हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। धर्मेंद्र ने राजनीति में भी कदम रखा, लेकिन उनकी जड़ें हमेशा पिंड से जुड़ी रहीं। उन्होंने लुधियाना के नसराली गाँव से मुंबई में कदम रखा था, और उनकी मिट्टी का प्यार आखिर तक उनके दिल में बसा रहा। इस वीडियो को देखकर लगता है कि जैसे धर्म जी ने अपनी जिंदगी की किताब के आखिरी पन्ने पर सबसे प्यारी शायरी लिख दी हो।

  • धर्मेंद्र के निधन पर विवादियों पर गदर निर्देशक की नाराजगी

    धर्मेंद्र के निधन पर विवादियों पर गदर निर्देशक की नाराजगी

    धर्मेंद्र को लेकर अनिल शर्मा की भावुक बातें

    मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में ‘गदर’ फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने दिल को छू लेने वाली बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की मृत्यु के बाद देओल परिवार भले ही शोक में हो, लेकिन दुनियाभर से उन्हें प्रेम और सम्मान मिल रहा है। अनिल शर्मा का मानना है कि किसी औपचारिक सम्मान की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि धर्मेंद्र को विश्वस्तरीय प्यार मिला है।

    धरम जी का जश्न मनाने का अवसर

    अनिल शर्मा गुरुवार को मुंबई में होने वाली प्रेयर मीट में शामिल होंगे, जिसे वह धरम जी का उत्सव मानते हैं। उन्होंने कहा, “हम धरम जी का जश्न मना रहे हैं। पूरी दुनिया उन्हें सेलिब्रेट कर रही है। उनके द्वारा अर्जित सम्मान किसी औपचारिक पुरस्कार से कहीं अधिक है।”

    गर्भित सम्मान और यादें

    निर्देशक ने बताया कि प्राइवेट अंतिम संस्कार का निर्णय सही था। उन्होंने कहा, “भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया उन्हें सम्मान दे रही है। ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा और अमेरिका से देओल परिवार को फोन आ रहे हैं। लोग धरम जी को याद कर रहे हैं, उनके गाने गा रहे हैं और उनकी फिल्में देख रहे हैं। यह वास्तव में वर्ल्ड ऑनर है।”

    धर्मेंद्र की यादें

    अनिल शर्मा ने धर्मेंद्र के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जब मैं छोटा था और ‘द बर्निंग ट्रेन’ के सेट पर गया, तब पहली बार धरम जी से मिला। मैंने उनके पैर छुए, उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। उनकी मुस्कान और चमकती आंखें आज भी याद आती हैं। वे सोने जैसे इंसान थे।”

    धरम जी की विरासत

    अनिल शर्मा ने ‘गदर 2’ में भी धर्मेंद्र के साथ काम किया था। उनके अनुसार, उम्र चाहे कैसी भी हो, धरम जी का जोश और मेहनत वही थी जो 50 साल पहले थी। वह हमेशा सेट पर पहले आते थे और आखिरी में जाते थे। भले ही धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी फिल्में, डायलॉग्स, मुस्कान और बेइंतेहा प्यार हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।

  • पोते करण देवोल ने धर्मेंद्र की अस्थियाँ लेने के लिए पवन हंस श्मशान पहुँचे

    पोते करण देवोल ने धर्मेंद्र की अस्थियाँ लेने के लिए पवन हंस श्मशान पहुँचे

    धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार, फिल्म जगत ने दिया श्रद्धांजलि

    डेस्क। renowned अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया, जहां फिल्म उद्योग की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। यह दिन अदाकारी की दुनिया के लिए एक गहरा धक्का साबित हुआ।

    करण देओल ने दादा की अस्थियां उठाईं

    मंगलवार की सुबह, सनी देओल के बेटे करण देओल को अपने दादा की अस्थियां लेने पवन हंस श्मशान घाट पर देखा गया। करण देओल को कार में बैठे हुए देखा गया, उनके हाथ में लाल कपड़े से ढका हुआ अस्थि कलश था। दादा के निधन का गम उनके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

  • अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी

    अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी

    धर्मेंद्र का निधन: भारतीय सिनेमा का एक सुनहरा अध्याय समाप्त

    24 नवंबर 2025 को भारतीय सिनेमा जगत ने एक महान अभिनेता को खो दिया। 89 वर्षीय धर्मेंद्र का मुंबई में निधन हो गया, जो लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। ब्रेच कैंडी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनका जाना पूरे देश में दुख का माहौल पैदा कर गया।

    अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने दी श्रद्धांजलि

    धर्मेंद्र के निधन पर बॉलीवुड की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। अनुष्का शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “धर्मजी के जाने से दिल टूट गया। एक लीजेंड, जिनकी गर्मजोशी और टैलेंट ने भारतीय सिनेमा को नया रूप दिया। उनका लिगेसी हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा। ओम शांति।”

    वहीं विराट कोहली ने ट्विटर पर लिखा, “आज हमने एक लीजेंड खो दिया, जिन्होंने अपनी चार्मिंग मुस्कान और अद्वितीय टैलेंट से सबके दिल जीते। उनके परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत मिले।”

    धर्मेंद्र के योगदान और फिल्मी करियर

    धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को लुधियाना, पंजाब में हुआ। उन्होंने 1958 में ‘फूल और पत्थर’ फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, और ‘सत्याकाम’ जैसी आइकॉनिक फिल्मों में अदाकारी कर एक नई पहचान बनाई। इन फिल्मों में उनकी और हेमा मालिनी की जोड़ी बेहद लोकप्रिय हुई।

    उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर से उनके तीन बेटे हैं – सनी देओल, बॉबी देओल, और विजेता। वहीं, हेमा मालिनी से उनकी दो बेटियाँ हैं – ईशा और अहना। इसके अलावा, वे 2004 से 2009 तक सांसद के रूप में भी कार्यरत रहे।

    राजनीतिक जगत और फिल्म उद्योग से संवेदनाएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन को सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य राजनीतिक व्यक्तियों ने भी संवेदनाएं दीं।

    बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार, और अन्य सितारों ने श्रद्धांजलि दी, जिससे धर्मेंद्र के प्रति उनकी अपार श्रद्धा का प्रमाण मिलता है।

  • धर्मेंद्र ने 15 से अधिक पुरस्कारों के साथ Padma Bhushan जीता, अपने रिकॉर्ड को तोड़ा

    धर्मेंद्र ने 15 से अधिक पुरस्कारों के साथ Padma Bhushan जीता, अपने रिकॉर्ड को तोड़ा

    डिजिटल दुनिया में इमोशनल लहर: 89 साल की उम्र में निधन हुआ धर्मेंद्र का

    मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और ‘ही-मैन’ के नाम से विख्यात धर्मेंद्र (Dharmendra) का 24 नवंबर 2025 को निधन हो गया। 89 वर्ष की आयु में, उन्होंने मुंबई के जुहू में अपने घर पर अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे, और उनके 90वें जन्मदिन के सिर्फ 13 दिन पहले यह दुःखद ख़बर आई।

    धर्मेंद्र का असाधारण फिल्मी करियर

    धर्मेंद्र ने लगभग 60 वर्षों के अपने करियर में लगभग 300 फ़िल्मों में अभिनय किया। उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले, जिनमें पद्म भूषण शामिल है। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी प्रदान किए गए। हालांकि, बेस्ट एक्टर के लिए फिल्मफेयर अवार्ड के लिए उन्हें सात बार नामांकित किया गया, लेकिन किसी भी बार जीत नहीं पाए।

    धर्मेंद्र के रिकॉर्ड और फिल्मography

    धर्मेंद्र के नाम कई सुपरहिट फ़िल्मों का रिकॉर्ड है। 1973 में, उन्होंने एक साल में आठ हिट फ़िल्में देकर एक रिकॉर्ड बनाया और फिर 1987 में यह संख्या बढ़ाकर नौ हिट फ़िल्मों का रिकॉर्ड स्थापित किया। आज तक किसी और अभिनेता ने इस रिकॉर्ड को न तो बनाया है और न ही तोड़ा। उनका फिल्मी सफर 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ फ़िल्म से शुरू हुआ था।

    धर्मेंद्र को मिले महत्वपूर्ण पुरस्कार

    • 1958 में फिल्मफेयर न्यू टैलेंट अवार्ड
    • 1964 में ‘मिलन की बेला’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए नामांकन
    • 1967 में ‘फूल और पत्थर’, 1972 में ‘मेरा गांव मेरा देश’, 1974 में ‘यादों की बारात’ और 1975 में ‘रेशम की डोरी’ के लिए बेस्ट एक्टर के लिए नामांकन
    • 1984 में ‘नौकर बीवी का’ में बेस्ट कॉमेडियन के लिए नामांकन
    • 1991 में ‘घायल’ को बेस्ट फिल्म का फिल्मफेयर अवार्ड
    • 1997 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
    • 2003 में सैंसुई व्यूअर्स चॉ이스 अवार्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट
    • 2005 में जी सिने अवार्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट
    • 2007 में पुणे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
    • 2007 में IIFA लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
    • 2007 में DBR एंटरटेनमेंट द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
    • 2008 में 10वें मुंबई एकेडमी ऑफ द मूविंग इमेज में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
    • 2009 में नासिक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
    • 2010 में बिग स्टार एंटरटेनमेंट अवार्ड्स में बिग स्टार एंटरटेनर का सम्मान
    • 2011 में अप्सरा फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड अवार्ड में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड
    • 2011 में फिल्म क्षेत्र में 50 साल पूरे करने के लिए सलाम महाराष्ट्र पुरस्कार
    • 2011 में भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कारों में ITA स्क्रॉल ऑफ ऑनर सम्मान
    • 2012 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण
    • 2017 में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद द्वारा डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर नोबेल पुरस्कार
  • धर्मेंद्र पहली पत्नी के साथ फार्महाउस में, बॉबी देओल ने कहा: पापा काफी…

    धर्मेंद्र पहली पत्नी के साथ फार्महाउस में, बॉबी देओल ने कहा: पापा काफी…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    धर्मेंद्र की व्यक्तिगत जिंदगी हमेशा चर्चा में बनी रहती है। उनके दो विवाह हुए हैं, प्रकाश कौर और हेमा मालिनी। हाल ही में धर्मेंद्र के बेटे बॉबी देओल ने अपने माता-पिता के जीवन के बारे में अपनी राय व्यक्त की है। बॉबी ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी टिप्पणी की है, जिसके चलते लोगों को लगता है कि धर्मेंद्र अकेलेपन का अनुभव कर रहे हैं।

    धर्मेंद्र और प्रकाश की साथ रहने की कहानी

    बॉबी ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके माता-पिता, धर्मेंद्र और प्रकाश कौर, वर्तमान में खंडाला स्थित अपने फार्महाउस में साथ रह रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरी मां भी वहीं हैं। दोनों खंडाला में रहकर काफी खुश हैं। पापा और मम्मी साथ रहते हैं और उन्होंने फार्महाउस में एक अद्भुत वातावरण बना लिया है। प्राकृतिक खूबसूरती के बीच रहकर वे बेहतर महसूस करते हैं।”

    धर्मेंद्र के भावनात्मक पोस्ट

    धर्मेंद्र के सोशल मीडिया पोस्ट अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। लोग सोचते हैं कि वह अकेलापन महसूस कर रहे हैं। इस पर बॉबी ने कहा, “पापा बहुत इमोशनल और एक्सप्रेसिव हैं। वह अपनी फीलिंग्स साझा करते हैं जो सभी के लिए सामान्य होती हैं। जब मैं उनसे पूछता हूं कि उन्होंने यह क्यों लिखा, तो वह कहते हैं कि वह अपने दिल की बात सुनते हैं।”

    बॉबी ने बताया कि परिवार के सदस्य उनसे नियमित रूप से मिलते हैं, लेकिन कभी-कभी वे अपने काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि धर्मेंद्र अकेलापन महसूस करते हैं।

    बॉबी का नया प्रोजेक्ट

    बॉबी अब अपकमिंग फिल्म “अल्फा” में नजर आएंगे, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ मुख्य भूमिका में होंगी।

    धर्मेंद्र और उनके परिवार की यह कहानी उनके फैंस के लिए दिलचस्पी का विषय है, जो यह दर्शाता है कि वे कैसे एक-दूसरे के साथ बिताते हैं और जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना करते हैं।

  • धर्मेंद्र की फिल्म ने बॉलीवुड के मशहूर लेखक को अपराधी बनने से रोका

    धर्मेंद्र की फिल्म ने बॉलीवुड के मशहूर लेखक को अपराधी बनने से रोका

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    Bollywood में डेब्यू से पहले नुकसान सहा था बॉबी देओल ने

    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल इस समय अपनी नई सीरीज “बैड्स ऑफ बॉलीवुड” के कारण चर्चा में हैं। इस सीरीज में वह अजय सिंह तलवार का किरदार निभा रहे हैं। कई सालों से मनोरंजन इंडस्ट्री का हिस्सा रहे बॉबी ने अपने करियर में कई मुश्किलें झेली हैं, खासकर जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी।

    चुनौतियों से भरा करियर

    बॉबी देओल, जो एक लोकप्रिय स्टारकिड हैं, ने अपने करियर की शुरुआती डेढ़ दशक में कई बाधाओं का सामना किया। वह हमेशा प्रोफेशनल चुनौती और व्यक्तिगत संघर्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते रहे हैं। उनकी मेहनत और धैर्य ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है।

    फिल्मों में विविधता

    बॉबी देओल ने न केवल एक्टर के रूप में बल्कि विभिन्न genres में भी मजबूत प्रस्तुतियां दी हैं। उनकी नई सीरीज में उनके प्रदर्शन को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। यह सीरीज न केवल मनोरंजन प्रदान कर रही है, बल्कि यह एक ऐसे समाज को भी दर्शाता है, जहां जीवंत पात्रों के माध्यम से कहानी सुनाई जाती है।

    इस प्रकार, बॉबी देओल की यात्रा ने यह साबित कर दिया है कि कठिनाइयों से निपटते हुए भी अपनी कला के प्रति समर्पित रहना ही सफलता की कुंजी है।