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  • अर्जुन रामपाल की अगली सीरीज ‘बिलेनियर’ में कार्यरत होंगे प्रसिद्ध निर्देशक

    अर्जुन रामपाल की अगली सीरीज ‘बिलेनियर’ में कार्यरत होंगे प्रसिद्ध निर्देशक

    अर्जुन रामपाल की फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता

    फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, और इस सफलता में अभिनेता अर्जुन रामपाल का महत्वपूर्ण योगदान है। फिल्म में उन्होंने मेजर इकबाल का जटिल और खतरनाक किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया है। उनकी भूमिका ने फिल्म को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

    अर्जुन रामपाल के आगामी प्रोजेक्ट्स

    ‘धुरंधर 2’ की सफलता के चलते अर्जुन रामपाल के पास कई नए प्रोजेक्ट्स की पेशकश आई है। यह अभिनेता अब एक नई सीरीज ‘बिलेनियर’ पर काम करने जा रहे हैं। इस सीरीज का निर्देशन एक प्रसिद्ध निर्देशक करेंगे, जो निश्चित रूप से इस प्रोजेक्ट को और भी खास बनाएगा।

    फिल्म और सीरीज के बारे में

    अर्जुन रामपाल की फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने दर्शकों का दिल जीत लिया है और अब वह ‘बिलेनियर’ में नए किरदार के साथ नजर आएंगे। यह सीरीज उनके करियर के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है और दर्शकों को उनके अभिनय का एक और नायाब नमूना देखने को मिलेगा।

  • निर्देशक मुकेश छाबड़ा ने ‘इक्कीस’ की समीक्ष की, धर्मेंद्र पर यह कहा

    निर्देशक मुकेश छाबड़ा ने ‘इक्कीस’ की समीक्ष की, धर्मेंद्र पर यह कहा

    मुकेश छाबड़ा की शानदार समीक्षा: फिल्म ‘इक्कीस’

    डेस्क। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इन दिनों फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद चर्चा में हैं। हाल ही में, उन्होंने फिल्म ‘इक्कीस’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने फिल्म और इसके मुख्य अभिनेता धर्मेंद्र के बारे में अपनी राय साझा की। यह विशेष स्क्रीनिंग 29 दिसंबर को मुंबई में आयोजित की गई, जिसमें सलमान खान, सनी देओल, बॉबी देओल और रेखा जैसे सितारे मौजूद थे।

    धर्मेंद्र की अदाकारी पर छाबड़ा के विचार

    मुकेश छाबड़ा ने एक्स प्लेटफॉर्म पर फिल्म की सराहना की और धर्मेंद्र के लिए विशेष टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “मैंने अभी ‘इक्कीस’ देखी। यह फिल्म एक पवित्र हृदय से बनाई गई है। इसकी ईमानदार कहानी आपके दिमाग में लंबे समय तक रहती है। धर्मेंद्र सर, यह शानदार फिल्म है। अगर यह आपकी आखिरी फिल्म है, तो यह एक दिल टूटने वाली बात है। आपने हमें भावनात्मक और महत्वपूर्ण चीज़ें दी हैं। आपका याद किया जाएगा।”

    फिल्म की महत्वपूर्ण विशेषताएँ

    छाबड़ा ने आगे लिखा, “जयदीप अहलावत का अभिनय शानदार है। मैं उनके काम से खुश हूं। अगस्त्य नंदा और सिमर भाटिया भी अच्छे लग रहे हैं, उनकी स्क्रीन पर केमिस्ट्री प्रशंसनीय है। अगस्त्य की मासूमियत स्क्रीन पर झलकती है। विवान शाह और सिकंदर खेर ने भी बेहतरीन काम किया है। सबसे ऊपर, श्रीराम राघवन इसे निर्देशित कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र के मास्टर हैं।”

    कहानी का सारांश

    फिल्म ‘इक्कीस’ 1 जनवरी, 2026 को रिलीज होने वाली है और यह एक युद्ध ड्रामा है। इसे श्रीराम राघवन द्वारा निर्देशित किया गया है और यह 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित है। यह फिल्म सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी को उजागर करती है।

  • फिल्म इंडस्ट्री की पहली मुस्लिम महिला डायरेक्टर की प्रेरणादायक यात्रा

    फिल्म इंडस्ट्री की पहली मुस्लिम महिला डायरेक्टर की प्रेरणादायक यात्रा

    भारत की पहली महिला डायरेक्टर: फात्मा बेगम का योगदान

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में आज महिला डायरेक्टर्स की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन क्या आपको पता है कि भारत की पहली महिला डायरेक्टर कौन थीं? आइए जानते हैं उनके बारे में जो इस इंडस्ट्री की एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं।

    फात्मा बेगम का प्रारंभिक जीवन

    फात्मा बेगम का जन्म 1892 में गुजरात के सूरत शहर में हुआ था। यह वह समय था जब महिलाओं को सिनेमा इंडस्ट्री में जगह मिलना मुश्किल था। फात्मा ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और उर्दू नाटकों में अभिनय किया। धीरे-धीरे, उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।

    फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू

    30 वर्ष की आयु में फात्मा ने अपनी पहली फिल्म में अभिनय किया। यह फिल्म **वीर अभिमन्यु** थी, जो 1922 में रिलीज हुई। उस समय, फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए कोई खास स्थान नहीं था। फात्मा ने अपने अभिनय से सुर्खियाँ बटोरी और एक रात में स्टार बन गईं।

    फिल्म प्रोडक्शन का सफर

    फात्मा बेगम ने 1928 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी **फात्मा फिल्म्स** की शुरुआत की। यह भारतीय सिनेमा में एक नई दिशा की शुरुआत थी, क्योंकि वह पहली महिला थीं जिन्होंने खुद का प्रोडक्शन हाउस स्थापित किया। बाद में, कंपनी का नाम बदलकर **विक्टोरिया-फात्मा फिल्म्स** रख दिया गया।

    डायरेक्टिंग की शुरुआत

    फात्मा बेगम की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म **बुलबुल-ए-परिस्तान** थी, जिसे अर्देशिर ईरानी ने प्रोड्यूस किया। यह फिल्म तकनीकी दृष्टि से उन्नत थी और इसमें विशेष प्रभावों का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आज इस फिल्म का कोई प्रिंट उपलब्ध नहीं है।

    महिलाओं के लिए लीड रोल्स

    फात्मा ने कई फिल्मों को डायरेक्ट किया और महिलाओं को मुख्य भूमिकाओं में कास्ट किया। उनके काम में **गॉडेस ऑफ लव**, **हीर रांझा**, और **चन्द्रावली** जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों ने उस वक्त के सामाजिक मानदंडों को चुनौती दी।

    अंतिम फिल्म और विविधता

    फात्मा की आखिरी फिल्म **गॉडेस ऑफ लक** 1929 में रिलीज हुई थी। उनके बाद, फिल्म स्टूडियो को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे काम रुक गया। फिर भी, फात्मा ने अपने अभिनय करियर को 1940 तक जारी रखा, जिसमें उन्होंने 30 से अधिक फिल्मों में काम किया।

    निधन

    फात्मा बेगम का निधन 1983 में 91 साल की उम्र में हुआ। उन्होंने अपने तीन बच्चों को भी फिल्मों में अभिनय का मौका दिया। फात्मा का जीवन भारतीय सिनेमा में महिलाओं की भूमिका को आकार देने में महत्वपूर्ण रहा है।

  • निर्देशक संजय गुप्ता का बयान, ‘ध्रुवा’ की प्रशंसा पर मिली गालियाँ

    निर्देशक संजय गुप्ता का बयान, ‘ध्रुवा’ की प्रशंसा पर मिली गालियाँ

    संजय गुप्ता ने ‘धुरंधर’ पर की प्रशंसा, लेकिन मिले विरोध

    मुंबई। फिल्म निर्देशक संजय गुप्ता, जिन्हें ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है, ने हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ की। उन्होंने इसे ‘वन-मैन शो’ करार दिया और आदित्य धर की कड़ी मेहनत की सराहना की। लेकिन इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर विवाद

    गुप्ता के ट्वीट पर कई नेटिजन्स ने उन्हें सवालों के घेरे में लिया कि वे किस प्रोपेगेंडा की बात कर रहे हैं। आलोचनाओं का सामना करते हुए, गुप्ता ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि ‘धुरंधर’ के बारे में ट्वीट करने पर मुझे इतने सारे गालियाँ मिल रही हैं। मेरा आशय यह नहीं है कि फिल्म में कोई प्रोपेगेंडा है। दोस्तों, अपनी जिंदगी जियो।”

    संजय का मूल ट्वीट

    संजय गुप्ता ने अपने पहले ट्वीट में लिखा था, “मैंने आखिरकार ‘धुरंधर’ देखी और मुझे यह बहुत पसंद आई। मेरे लिए यह पूरी तरह से वन-मैन शो था। वह आदमी हैं आदित्य धर फिल्म्स। मुझे प्रोपेगेंडा में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं इसे आईमैक्स में देखने में बहुत मजा आया, विशेष रूप से इसका म्यूजिक। बहुत बढ़िया। पूरी टीम को ढेर सारी बधाई।”

  • टाइगर श्रॉफ एक्शन मोड में, कॉमेडी फिल्म निर्देशक से जुड़ेंगे खतरनाक स्टंट्स के लिए

    टाइगर श्रॉफ एक्शन मोड में, कॉमेडी फिल्म निर्देशक से जुड़ेंगे खतरनाक स्टंट्स के लिए

    टाइगर श्रॉफ की नई फिल्म: एक्शन के साथ कॉमेडी का ट्विस्ट

    डेस्क: बॉलीवुड सुपरस्टार जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ ने कम समय में ही अपने लिए एक खास पहचान बना ली है। फिल्म इंडस्ट्री में उनके करियर को लगभग दस साल हो चुके हैं और युवा दर्शकों के बीच उनकी एक प्रभावशाली फैन फॉलोइंग है। टाइगर को एक्शन फिल्मों में विशेष रुचि है, और उनकी कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, साल 2025 उनके लिए कुछ खास नहीं रहा। उनकी चर्चित फिल्म ‘बागी 4’ ने दर्शकों को प्रभावित करने में असफलता पाई।

    बागी 4: सीमित सफलता

    ‘बागी 4’ का बजट लगभग 80 करोड़ रुपये था, लेकिन इस फिल्म ने केवल 65-67 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन किया, जिससे यह इस फ्रेंचाइजी की अब तक की सबसे विफल फिल्म बन गई। इसके बावजूद, टाइगर ने हार नहीं मानी और एक्शन फिल्मों के प्रति अपनी रुचि बनाए रखी है।

    नए प्रोजेक्ट की पहचान

    टाइगर श्रॉफ के नए प्रोजेक्ट के बारे में सुनने में आया है कि वे एक सफल कॉमेडी निर्देशक, मिलाप जावेरी के साथ फिल्म बनाने की योजना बना रहे हैं। मिलाप ने ‘मस्ती’ जैसी हिट छायांकन की है, और जबकि उनकी चौथी फिल्म को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन पिछले भागों को बहुत सराहा गया था।

    फिल्म की तैयारी

    सूत्रों के अनुसार, टाइगर श्रॉफ वर्तमान में इस फिल्म के विषय पर चर्चा कर रहे हैं और उन्होंने इसकी कहानी को पसंद किया है। फिल्म की निर्माण प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है, और यदि सब कुछ सुचारु रूप से चलता है, तो इस फिल्म की शूटिंग 2026 की पहली तिमाही में शुरू होने की संभावना है।

  • दबंग में सलमान की आंखों के बैग्स पर 8 लाख रुपये खर्च, निर्देशक का बड़ा खुलासा

    दबंग में सलमान की आंखों के बैग्स पर 8 लाख रुपये खर्च, निर्देशक का बड़ा खुलासा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    दबंग फिल्म में सलमान खान की आंखों के नीचे बैग्स हटाने के लिए किए गए 8 लाख रुपये खर्च

    बॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘दबंग’ के निर्देशक अभिषेक कश्यप ने हाल ही में फिल्म के दौरान सलमान खान से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों का खुलासा किया है। कश्यप के अनुसार, फिल्म शooting के दौरान सलमान खान स्टंट्स करने में हिचकिचाते थे। इसके अलावा, उनकी आंखों के नीचे के बैग्स को साफ करने के लिए भी उन्होंने वीएफएक्स पर बड़ी रकम खर्च की।

    कश्यप ने बताया कि दबंग के निर्माण के दौरान सलमान की आंखों के नीचे बैग्स को हटाने के लिए लगभग 8 लाख रुपये खर्च किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान असली चेहरे को दिखाने के बजाय डिजिटल तरीके से इसे सुधारने का प्रयास कर रहे थे। इसके साथ ही, फिल्म की शूटिंग में देर से भुगतान को लेकर भी सलमान की आलोचना की गई, जिसके कारण उन्हें कर्ज लेने की स्थिति में आना पड़ा।

    स्टंट करते समय डर 🎬

    कश्यप ने बताया कि ‘दबंग’ के एक चेज़ सीन के दौरान बारिश और कीचड़ की वजह से सलमान का स्टंट करने से इनकार कर दिया। उन्हें डर था कि वह भीड़ के सामने फिसल सकते हैं। कश्यप ने यह भी बताया कि सलमान को कुछ मुश्किल स्टंट करने में शारीरिक सीमाओं का सामना करना पड़ा, जिसके चलते बॉडी डबल्स का सहारा लिया गया।

    सलमान की फिटनेस और डिजिटल सुधार 💪

    निर्देशक ने साझा किया कि उस समय सलमान खान जब 40 की उम्र में थे, तब उनकी स्टंट करने की क्षमता काफी कम थी। वह पूरी तरह सुरक्षित रहना चाहते थे, इसी लिए मुश्किल दृश्यों में बॉडी डबल्स का उपयोग किया जाता था। कश्यप ने यह भी बताया कि सलमान के ऐब्स और अन्य शारीरिक दृश्यों को डिजिटल तरीके से बेहतर बनाया गया था।

    अन्य खुलासे और विवाद ⚠️

    कश्यप ने याद दिलाया कि पहले एक वीएफएक्स ब्रेकडाउन रील में सलमान के ऐब्स को पेंटेड दिखाया गया था, जिसे बाद में हटा दिया गया, लेकिन वह कभी-कभी ऑनलाइन नजर आ जाता है। हाल ही में, सलमान ने अपनी फ़िल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ के प्रचार के दौरान भीड़ के सामने अपनी चेस्ट दिखाते हुए कहा, ‘क्या आपको लगता है कि यह वीएफएक्स की मदद से है?’