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  • बॉक्स ऑफिस पर सफलता, लेकिन धुरंधर 2 को कोर्ट में जवाब देना होगा

    बॉक्स ऑफिस पर सफलता, लेकिन धुरंधर 2 को कोर्ट में जवाब देना होगा

    फिल्म धुरंधर 2 कानूनी विवाद में फंसी

    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता का आनंद ले रही फिल्म धुरंधर 2 अब कानूनी झगड़ों में उलझ गई है, जिसने फिल्म उद्योग में हलचल मचा दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को आदेश दिया है कि वे अपनी कमाई का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें, क्योंकि यह मामला आर्थिक दावों से संबंधित है और भविष्य में यह आंकड़े निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    त्रिदेव फिल्म से जुड़ा विवाद

    यह विवाद 1989 की प्रसिद्ध फिल्म त्रिदेव से संबंधित है। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने आरोप लगाया है कि धुरंधर 2 के गाने “रंग दे लाल ओए ओए” में उनके हिट गीत “तिरछी टोपी वाले” का बिना अनुमति उपयोग किया गया है। इस कॉपीराइट उल्लंघन को लेकर फिल्म के निर्माताओं ने कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद गुरुवार को सुनवाई हुई।

    कोर्ट का मध्यस्थता का आदेश

    दिल्ली हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते का अवसर दिया है और मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि दोनों पक्ष सुलह करने के लिए तैयार हैं, तो पहले बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जानी चाहिए। इसके साथ ही, कोर्ट ने निर्देश दिया कि फिल्म के रिलीज के बाद से अब तक की पूरी कमाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।

    फिल्म की कमाई पर असर

    कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आपसी सहमति से मामला हल नहीं होता है, तो यही वित्तीय रिकॉर्ड भविष्य में मुआवजे या अन्य कानूनी निर्णय में महत्वपूर्ण साबित होगा। इस प्रकार, फिल्म की कमाई इस विवाद से सीधे जुड़ गई है और निर्माताओं के लिए यह मामला सिर्फ रचनात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक चुनौती भी बन गया है।

    अगली सुनवाई की तारीख

    अगली महत्वपूर्ण तारीख 22 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जब दोनों पक्ष मध्यस्थता केंद्र में उपस्थित होंगे। इसके बाद, कोर्ट में अगली सुनवाई 6 मई को होगी, जहां इस पूरे विवाद की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

    धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन

    फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। रिलीज के 23 दिनों में, धुरंधर 2 ने भारत में ग्रॉस 1255.23 करोड़ रुपये और नेट 1048.42 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं, विदेशों में इसके कलेक्शन ने 410 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है, जिससे इसका कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1665.23 करोड़ रुपये हो गया है।

    फिल्म की स्टार कास्ट

    इस स्पाई थ्रिलर फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे सितारे शामिल हैं। दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह विवाद बातचीत के माध्यम से सुलझता है या इसका असर फिल्म की कमाई और भविष्य पर पड़ता है।

  • जमशेदपुर: विवेक कंस्ट्रक्शन और श्रमिकों के बीच वेतन संघर्ष, त्रिपक्षीय वार्ता असफल रही।

    जमशेदपुर: विवेक कंस्ट्रक्शन और श्रमिकों के बीच वेतन संघर्ष, त्रिपक्षीय वार्ता असफल रही।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जमशेदपुर: विवेक कंस्ट्रक्शन और श्रमिकों के बीच वेतन विवाद का समाधान नहीं हो रहा

    जमशेदपुर में टाटा स्टील से संबंधित विवेक कंस्ट्रक्शन कंपनी के 50 मजदूरों और प्रबंधन के बीच लंबित वेतन, नोटिस पे और छंटनी मुआवजे के मुद्दे पर मंगलवार को श्रम विभाग में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रम विभाग के अधिकारी सतेन्द्र सिंह ने की। कामगारों का प्रतिनिधित्व जोहार झारखंड श्रमिक महासंघ के नेता राजीव पाण्डेय कर रहे थे।

    प्रस्ताव पर असहमति व्यक्त की गई

    बैठक में प्रबंधन ने कुल 10.74 लाख रुपये के भुगतान की पेशकश की, जबकि श्रमिकों ने 50 लाख रुपये की मांग की। कामगारों ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रबंधन का प्रस्ताव ना केवल वास्तविक बकाया का सही प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि यह सरकारी दरों एवं श्रम कानूनों के अनुरूप भी नहीं है। इस कारण से उन्होंने इस प्रस्ताव को अपूर्ण और अस्वीकार योग्य बताते हुए असहमति दर्ज कराई। श्रम विभाग ने मामले की अगली सुनवाई 6 मार्च को निर्धारित की है। कामगारों ने उम्मीद जताई है कि अगली बैठक में न्यायसंगत समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

  • कamal Haasan ने Jana Nayagan कानूनी विवाद में प्रमाणन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    कamal Haasan ने Jana Nayagan कानूनी विवाद में प्रमाणन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

    कमल हासन ने सेंसरशिप पर उठाए गंभीर सवाल

    डेस्क। अभिनेता विजय की नवीनतम फिल्म ‘जन नायकन’ कानूनी समस्याओं में उलझ गई है, जिसके कारण इसकी रिलीज की तारीख टल गई है। फिल्म को 09 जनवरी को प्रदर्शित किया जाना था, लेकिन सेंसर सार्टिफिकेट की बाधाओं के चलते यह संभव नहीं हो सका। अब इस मामले की सुनवाई पोंगल की छुट्टियों के बाद 21 जनवरी को होने वाली है। इस बीच, कमल हासन ने आज सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए फिल्म सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

    सोशल मीडिया पर मचाई हलचल

    कमल हासन ने एक्स प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत के संविधान का संदर्भ देते हुए कलाकारों के अधिकारों की बात की। उन्होंने सीधे किसी फिल्म का नाम न लेते हुए अपनी चिंताओं को व्यक्त किया। उनके इस बयान का वक्त विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ‘जन नायकन’ की रिलीज संकट में है। उन्होंने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से जुड़ी मौजूदा समस्याओं की पृष्ठभूमि में यह बयान दिया है।

    अभिव्यक्ति की आजादी पर जोर

    कमल हासन ने अपने विचार में कहा है कि, “भारत का संविधान तर्क के आधार पर अभिव्यक्ति की आजादी की गारंटी देता है, जिसका किसी भी रूप में हनन नहीं होना चाहिए। यह केवल एक फिल्म की बात नहीं है, बल्कि यह उस स्थान की बात है, जो हम एक संवैधानिक लोकतंत्र में कला और कलाकारों को देते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म निर्माण केवल एक व्यक्ति की मेहनत नहीं है, बल्कि यह अनेक लेखकों, तकनीशियनों और कलाकारों की सामूहिक कोशिश का परिणाम है।

    सेंसरशिप के दुष्प्रभाव

    कमल हासन ने आगे बताया कि कैसे सेंसरशिप प्रक्रिया क्रिएटिविटी को सीमित कर सकती है और इससे उद्योग में व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा, “जब स्पष्टता की कमी होती है, तब क्रिएटिविटी सीमित हो जाती है और आर्थिक गतिविधियां रुक जाती हैं।” उन्होंने तमिलनाडु और भारत के सिनेमा प्रेमियों की समझ, जुनून और परिपक्वता का जिक्र करते हुए कहा कि वे खुलेपन और सम्मान के पात्र हैं।

    संविधानिक मूल्यों की रक्षा की आवश्यकता

    कमल हासन ने फिल्म इंडस्ट्री से एकजुट होने का आह्वान किया, जिससे सार्थक और रचनात्मक संवाद किया जा सके। उन्होंने जोर दिया कि यह परिवर्तन क्रिएटिव आजादी की रक्षा करेगा और भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेगा। बता दें कि ‘जन नायकन’ के निर्माता वेंकट नारायण ने भी फिल्म की रिलीज में हो रही देरी के विवाद में एक वीडियो संदेश में कानूनी लड़ाई का जिक्र किया है।

  • भारत-चीन विवाद से ध्यान हटाकर टैरिफ युद्ध का विरोध करें; ट्रंप के बयान पर चीनी राजदूत का गुस्सा

    भारत-चीन विवाद से ध्यान हटाकर टैरिफ युद्ध का विरोध करें; ट्रंप के बयान पर चीनी राजदूत का गुस्सा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    भारत-चीन संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का आह्वान

    नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर भारत और चीन पर की जा रही आलोचना के बीच, चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने इन दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने का सुझाव दिया है। उन्होंने राजनीतिक शक्ति, वर्चस्ववाद, और व्यापार युद्धों का मिलकर सामना करने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है।

    चार प्रमुख बिंदु

    शू ने 76वीं चीनी राष्ट्रीय दिवस समारोह में एक चार बिंदुओं का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने कहा कि भारत और चीन को आपसी संबंध सुधारने के लिए पारस्परिक सम्मान, विश्वास, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, और साझा विकास के सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

    द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि

    उन्होंने उल्लेख किया कि जनवरी से अगस्त 2025 तक, भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.4% की वृद्धि के साथ 102 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है। शू ने कहा कि चीन भारत के साथ साझा हितों को विकसित करने के लिए तैयार है।

    भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी

    इस वर्ष, चीनी दूतावासों ने भारतीय नागरिकों को 2,65,000 से अधिक वीजा जारी किए हैं। शू ने कहा, “हम हर स्तर पर भारत के साथ मित्रता एवं सहयोग बढ़ाना चाहते हैं और आपसी समझ को और गहरा करना चाहते हैं।”

    आगामी बैठक की संभावना

    राजदूत ने हाल ही में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चीन दोनों नेताओं की साझा समझ के आधार पर भारत-चीन संबंधों को स्थिर और सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    ट्रंप द्वारा किया गया आरोप

    वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत और चीन पर आरोप लगाया कि दोनों देश रूस से ऊर्जा खरीदकर यूक्रेन युद्ध की वित्तीय सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “चीन और भारत का रूस से तेल खरीदना उनकी नीति के लिए नकारात्मक है। उन्हें तुरंत यह प्रक्रिया रोकनी चाहिए।”