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  • जमशेदपुर: जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने सिटी एसपी से मिलकर चोरी और किन्नरों की मनमानी पर उठाई आपत्ति।

    जमशेदपुर: जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने सिटी एसपी से मिलकर चोरी और किन्नरों की मनमानी पर उठाई आपत्ति।

    जमशेदपुर: जिला मारवाड़ी सम्मेलन की सिटी एसपी के साथ मुलाकात

    जिलाध्यक्ष मुकेश मित्तल के नेतृत्व में जिला मारवाड़ी सम्मेलन का एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को जमशेदपुर के सिटी एसपी से मुलाकात की। यह एक औपचारिक चर्चा थी जिसमें शहर की सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, साथ ही एक ज्ञापन भी प्रस्तुत किया गया।

    चोरी की घटनाओं पर चिंता

    प्रतिनिधिमंडल ने सोनारी थाना क्षेत्र में हो रही चोरियों का गंभीरता से उल्लेख किया। मुकेश मित्तल ने बताया कि इन घटनाओं ने निवासियों में असुरक्षा का माहौल पैदा किया है। सम्मेलन ने अपील की कि हाल की चोरी की घटनाओं का शीघ्र पता लगाया जाए और अपराधियों को सजा दिलाई जाए। इसके अतिरिक्त, प्रभावित क्षेत्रों में रात के समय गश्त को बढ़ाने की मांग भी की गई है।

    किन्नर समुदाय की मांगें

    बैठक में किन्नर समुदाय के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन ने बताया कि समुदाय खास मौकों पर, जैसे जन्म, विवाह और गृह प्रवेश, में अत्यधिक राशि की मांग करता है, जिससे आम जनता पर दबाव बढ़ता है। सम्मेलन ने सर्वसम्मति से इन अवसरों के लिए अधिकतम राशि 3100 निर्धारित करने का प्रस्ताव पारित किया। प्रशासन से अनुरोध किया गया कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

    सिटी एसपी का आश्वासन

    सिटी एसपी ने प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए पुलिस सक्रिय कदम उठा रही है और शीघ्र सकारात्मक परिणाम सामने लाए जाएंगे। उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर भी प्रशासनिक स्तर से उचित कदम उठाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर जिला महासचिव प्रदीप मिश्रा, संयुक्त महासचिव आकाश शाह, उपाध्यक्ष दिलीप गोयल और अन्य लोग भी उपस्थित थे।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    रतलाम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का इस्तीफा

    रतलाम: मध्यप्रदेश के रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान हाल ही में किया गया था।

    सियासी अटकलें शुरू

    हर्ष विजय गहलोत के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में विभिन्न अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण पारिवारिक प्रतिबद्धता और विधानसभा क्षेत्र में व्यस्तता बताया है। इस स्थिति ने भोपाल से रतलाम तक राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है।

    पूर्व विधायक की पृष्ठभूमि

    गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, जो 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अगस्त 2025 में उन्हें रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन अब उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष न मिलने के कारण भी उनका इस्तीफा संभव है।

    ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा और प्रभाव

    पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर को मध्यप्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की थी। यह घोषणा दो साल के कार्यकाल पूरा होने पर की गई। हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, जिस पर कांग्रेस का कहना है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है।

    व्यक्तिगत कारणों का प्रभाव

    गहलोत ने अपने इस्तीफे में उल्लेख किया है कि वे लगातार विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और पारिवारिक समस्याओं के कारण जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं। उनके इस्तीफे ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल को जन्म दिया है।

  • अभिनेता गौरव देवासी बने राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष

    अभिनेता गौरव देवासी बने राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष

    गौरव देवासी को राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया

    गौरव देवासी, जो राजस्थान के उभरते फिल्म अभिनेता हैं, को हाल ही में राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। उनके इस नियुक्ति की घोषणा होते ही स्थानीय फिल्म जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद, आस-पास के कलाकारों, तकनीशियनों और फिल्म कर्मियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने नई भूमिका के लिए बधाई प्राप्त की और विश्वास व्यक्त किया कि देवासी के नेतृत्व में स्थानीय प्रतिभाओं को और अधिक अवसर मिलेंगे।

    स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का उद्देश्य

    गौरव देवासी ने बताया कि राष्ट्रीय करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान में फिल्मी गतिविधियों को उज्ज्वल करना है। इस संगठन का लक्ष्य है कि बॉलीवुड, हॉलीवुड फिल्मों और टीवी सीरियल्स की शूटिंग के दौरान स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन का मानेट है कि कलाकारों को उचित पारिश्रमिक और बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रदेश के कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

    राजस्थान में फिल्म निर्माण को नई दिशा

    देवासी ने संभावना व्यक्त की कि महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जो संगठन कलाकारों के अधिकारों की रक्षा कर रहे हैं, वह अब राजस्थान में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। उनका उद्देश्य यह है कि प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मान और अवसर मिले। उन्होंने इस संगठन के गठन को स्थानीय युवाओं को फिल्म उद्योग से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण बताया, जिससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उत्त्पन्न होंगे।

    सकारात्मक माहौल का निर्माण

    एसोसिएशन का गठन विशेष रूप से राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। कलाकारों का मानना है कि गौरव देवासी की इस भूमिका से प्रदेश के फिल्म उद्योग में एक नई एकजुटता और सकारात्मक माहौल बनेगा। उनकी नई जिम्मेदारी ने स्थानीय कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार किया है, जिससे फिल्म निर्माण की गतिविधियों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

  • कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पटना: बिहार चुनाव के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां जोरशोर से प्रचार में जुटी हैं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी के अंदर से नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। छपरा में, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू ने टिकट वितरण से असंतोष जाहिर करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

    छपरा में राजनीतिक हलचल

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, बच्चू प्रसाद बीरू ने न केवल अपने पद से इस्तीफा दिया है, बल्कि पार्टी की सदस्यता भी त्याग दी है। उन्हें माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे में उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। चुनावी माहौल में जिलाध्यक्ष का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

    पार्टी के भीतर जारी इन अंतर्विरोधों से आगामी चुनाव में उनकी स्थिति पर असर पड़ सकता है। पार्टी को इस समय एकजुट होकर अपने सदस्यों को बेहतर तरीके से समन्वयित करना आवश्यक होगा।

    वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, यह स्पष्ट है कि बिहार में चुनावी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और सभी पार्टियों को अपने-अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा।