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  • सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    झारखंड में अफीम खेती का मामला: एनसीबी की नई रिपोर्ट

    रांची: झारखंड में अफीम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बावजूद तस्करों की गतिविधियाँ फिर से बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में प्राप्त सैटेलाइट चित्रों से यह स्पष्ट हुआ है कि कई जिलों में अफीम की फसल न केवल सुरक्षित है, बल्कि अब यह तैयार भी हो रही है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा दी गई है, जिसने इस मामले की रिपोर्ट राज्य के संबंधित एजेंसियों को भेजी है।

    एनसीबी का सीआईडी को अलर्ट

    एनसीबी ने झारखंड सीआईडी को पत्र भेजकर सैटेलाइट चित्रों के आधार पर तात्कालिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन चित्रों में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहाँ अवैध रूप से अफीम की खेती हो रही है। अब इन स्थानों का ग्राउंड वेरिफिकेशन करके फसल को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सैटेलाइट इमेज का खुलासा

    एनसीबी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि ये सैटेलाइट चित्र नई दिल्ली में स्थित सहायक निदेशक के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। इन्हें जिप फाइल के रूप में तैयार कर ईमेल के जरिए झारखंड भेजा गया है। अक्षांश और देशांतर के आधार पर इन स्थानों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अफीम की खेती के प्रमुख जिले

    सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, झारखंड के कई जिलों में अफीम की खेती का कार्य जारी है। चतरा जिले से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, जहाँ 10 विभिन्न स्थानों पर खेती के संकेत मिले हैं। इसके अतिरिक्त, खूंटी में 4, हजारीबाग में 3, लातेहार और वेस्ट सिंहभूम में 2-2 स्थानों पर अफीम की खेती पाई गई है। रांची और पतरातू में भी 1-1 स्थान पर इस प्रकार की गतिविधियों के संकेत मिले हैं। यह दर्शाता है कि राज्य में अफीम का तंत्र अभी भी सक्रिय है।

    जमीनी स्थिति और सख्ती

    सरकार और प्रशासन की ओर से अफीम उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सैटेलाइट इमेज से यह स्पष्ट हो गया है कि परिस्थितियाँ अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। तस्कर नए तरीकों का उपयोग करके खेती को बचाने में सफल हो रहे हैं।

    जल्द होने वाली कार्रवाई

    एनसीबी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि चिन्हित स्थानों का शीघ्र सत्यापन कर अवैध फसल को नष्ट किया जाए। इसके साथ ही, इस कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट एनसीबी को भेजने के लिए भी कहा गया है।